आजीविका सेवा केंद्रों से महिलाओं को मिलेगी आत्मनिर्भरता की नई राह, ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में मजबूत कदम
दंतेवाड़ा, 27 जनवरी 2026
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत एकीकृत फार्मिंग क्लस्टर परियोजना के माध्यम से जिले में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा के विशेष मार्गदर्शन तथा बीपीएम श्री नितेश देवांगन एवं श्री धर्मेंद्र ठाकुर के सहयोग से चार आजीविका सेवा केंद्रों ,पोन्दूम, मेटापाल, भोगाम और मंगनार की स्थापना की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिला किसान ‘लखपति दीदी’ बनने की ओर अग्रसर होंगी। इन आजीविका सेवा केंद्रों का शुभारंभ ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। केंद्रों के माध्यम से कुल 11 ग्रामों की लगभग 1000 महिला किसानों की पहचान कर उन्हें कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को सब्जी बाड़ी, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा वनोपज संग्रहण जैसी गतिविधियों में प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
पोन्दूम आजीविका सेवा केंद्र के अंतर्गत ग्राम पोन्दूम, बड़े गोडरे एवं तोयलंका को शामिल किया गया है। मेटापाल केंद्र के अंतर्गत मेटापाल, मेन्डोली और कांवडगांव, भोगाम केंद्र के अंतर्गत भोगाम एवं कवलनार तथा मंगनार केंद्र के अंतर्गत मंगनार, कुपेर और पंडेवार ग्रामों को कवर किया गया है। इस परियोजना के सफल संचालन हेतु मा दंतेश्वरी महिला संकुल संगठन, बालूद को नोडल संस्था के रूप में चयनित किया गया है। परियोजना के तहत चयनित महिला किसानों में से प्रत्येक आजीविका सेवा केंद्र के लिए 6 से 24 महिला उद्यमियों का चयन किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से हितग्राहियों को खेती के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज एवं जैविक खाद, मुर्गी, बकरी एवं मछली पालन हेतु उन्नत नस्ल की ब्रीड, पशुओं के लिए चारा-दाना एवं वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, उत्पादित फसलों एवं अन्य उत्पादों के विपणन के लिए सामूहिक बाजार व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे महिलाओं को उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की दीदियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में एंकर ढलेश्वर सिन्हा, सीनियर सीआरपी प्रमिला मण्डावी, सोहन सेठिया, विकास नाग, कुमबती वेट्टी, पीआरपी गरिमा पांडेय, आशा कश्यप, सीएलएफ पदाधिकारी निकिता दीदी, मनकी दीदी, अंबिका दीदी एवं सुनीता दीदी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभागिता, उत्साह और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ किया गया।