छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

राज्यपाल रमेन डेका के हाथों सम्मानित हुई व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़

 

राधेश्याम सोनवानी,
 
 गरियाबंद :- ,दिव्यांगजनों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़, माननीय रमेन डेका जी के करकमलों द्वारा दृष्टिबाधित बच्चों के लिए तैयार की गई  दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों का विमोचन और 3200 से अधिक ऑडियो बुक्स का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जिले के शासकीय रामबिशाल पाण्डेय उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय राजिम की व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़ को रसायन विज्ञान की 200 से अधिक आडियोबुक निर्माण के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सभी विषयों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरगुजिया कहानियां, छत्तीसगढ़ी एवं हिंदी में सामान्य ज्ञान, हल्बी, पंजाबी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में अलग-अलग प्लेलिस्ट, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों हेतु सरकारी योजनाओं तथा सहायता संसाधनों से संबंधित उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। यह समस्त सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। माननीय राज्यपाल रमेन डेका जी ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि ब्रेल पुस्तकों और ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ज्ञान के नए द्वार खोलना समावेशी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने इसे संवेदनशील सामाजिक दायित्व बताया और कहा कि वे अपने गृह राज्य असम में भी शिक्षकों को ऐसी पहल के लिए प्रेरित करेंगे। राज्यपाल ने बताया कि इन ऑडियो बुक्स को अन्य राज्यों तक भेजा जाएगा, ताकि यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बने। इस पुनीत प्रयास के लिए उन्होंने सभी शिक्षकों को बधाई दी। दृष्टिबाधित बच्चों तक सुलभ अध्ययन सामग्री पहुँचाने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत हुई। व्याख्याता गायकवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के पीछे प्रेरणा का स्रोत राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा (दुर्ग) को वर्ष 2024 में मिला सम्मान रहा। शिक्षिका ने 25 अक्टूबर 2024 से स्वयं ऑडियो बुक्स बनाना शुरू किया और 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 3200 से अधिक हो गई।के. शारदा और प्रीति शांडिल्य ने इससे भी मिलकर ब्रेल पुस्तकें तैयार कर छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों को 100-100 प्रतियां निःशुल्क उपलब्ध कराई थी। इस सराहनीय कार्य में योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। इसी तारतम्य में जिले के शिक्षक संतोष कुमार तारक और अनिल कुमार अवस्थी को सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी निर्माण के लिए राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।
 
समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में इस अभिनव के लिए जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर,  एपीसी मनोज केला, एपीसी पी विल्सन थॉमस, बीआरसीसी सुभाष शर्मा, संकुल समन्वयक भारती नामदेव, शाला विकास समिति अध्यक्ष सुजाता शर्मा, विवेक शर्मा राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी, सांसद प्रतिनिधि सोमनाथ पटेल, विधायक प्रतिनिधि खुशी साहू, शिक्षिका विजेता देवानी, प्राचार्य बी.एल. ध्रुव, प्रधानपाठक ए जी गोस्वामी, वरिष्ठ व्याख्याता सागर शर्मा एनसीसी अधिकारी, कमल सोनकर, गोपाल देवांगन, पूजा मिश्रा, शिखा महाड़िक, मधु गुप्ता, कंचन शर्मा, कैलाश साहू, सरिता साहू, नारायण लाल साहू, साक्षी जपे, जितेंद्र साहू, यशवंत साहू, संजयकुमार सिन्हा, जितेंद्र साहू, कुमूदनी साहू, पूरनलाल साहू, ईश्वरदास घृतलहरे, घनश्याम साहू, अभिषेक शुक्ला, लखन साहू, भुवनेश्वर मरकाम, मनीष अहीर, राधिका साहू, अशोक जंघल, अर्चना शर्मा, संदीप बनौधे एवं छात्र छात्राओं सहित जिले के शिक्षक समुदाय व गणमान्य नागरिकों ने बधाई प्रेषित की है।

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