छत्तीसगढ़ / बालोद

शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद के भौतिक शास्त्र विभाग का त्रि-दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रवास संपन्न

 बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद के भौतिक शास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं व्यावहारिक ज्ञानवर्धन हेतु तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का गरिमामय आयोजन किया गया। यह अध्ययन प्रवास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरडी साहू के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विभाग के सहायक प्राध्यापक शैलेन्द्र आर्य एवं सुश्री ऋतू पिसदा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।


भ्रमण के प्रमुख आकर्षण : 

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर: भ्रमण के प्रथम चरण में दल ने बिलासपुर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय का दौरा किया। यहाँ विद्यार्थियों ने भौतिकी की आधुनिक प्रयोगशालाओं, 'एक्स-रे विवर्तन' (एक्सआरडी) और अन्य उच्च-स्तरीय शोध उपकरणों का अवलोकन किया। डॉ. साहू ने विद्यार्थियों को शोध के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु प्रेरित किया।

धार्मिक एवं ऐतिहासिक दर्शन (रतनपुर) : दल ने ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया देवी के दर्शन किए। यहाँ छात्रों ने मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास को समझा।

प्रकृति और अध्यात्म का संगम (अमरकंटक): यात्रा के दूसरे चरण में दल अमरकंटक पहुँचा। नर्मदा नदी के उद्गम स्थल का दर्शन करने के साथ-साथ विद्यार्थियों ने माई की बगिया, कपिल धारा और अमरकंटक के प्राचीन मंदिरों का भ्रमण किया। यहाँ के प्राकृतिक वातावरण में विद्यार्थियों ने पारिस्थितिकी तंत्र  का प्रत्यक्ष अनुभव किया।

कला और संगीत की नगरी (खैरागढ़) : भ्रमण के अंतिम पड़ाव में दल ने एशिया के गौरव 'इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय', खैरागढ़ का दौरा किया। यहाँ विद्यार्थियों ने वाद्य यंत्रों के निर्माण और ध्वनि तरंगों  के भौतिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझा।


विभागाध्यक्ष डॉ. आरडी साहू ने इस भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस टूर का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान को बाहरी दुनिया के अनुभवों से जोड़ना था। विद्यार्थियों ने विभिन्न संस्थानों की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी एकत्र की। इस यात्रा में विभाग के सभी प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र शामिल रहे।

प्राचार्य डॉ. जेके खलखो ने की सराहना :

इस शैक्षणिक गतिविधि की सफलता पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेके खलखो ने भौतिक शास्त्र विभाग की पूरी टीम की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि— "किताबी ज्ञान को धरातल पर अनुभव करना ही वास्तविक शिक्षा है। डॉ. आरडी साहू और उनकी टीम द्वारा किया गया यह प्रयास विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।"

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