छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

भ्रष्टाचार बना शिष्टाचार तो कार्रवाई कैसी ! अनियमितता करने वालों के हौसले बुलंद

 न्याय की आस लगाये बैठे हैं

  
कवर्धा   -   सरकार बदलने के पहले प्रधानमंत्री आवास योजना लगभग बंद सी हो गई थी। चुनावी घोषणा के अनुरूप नाम बदलकर वनांचल ग्रामीण क्षेत्र में जनमन आवास योजना से नाम जोड़ दिया गया और गरीबों को मिलने सिर के ऊपर छत आवास, रोजगार मुलक कार्य  निर्माण कार्यो में घोर लापरवाही बरती गई । सरकारी कर्मचारी जिन्हें कार्यो को पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई वह खुद ही ठेकेदार  बन गया अधूरे आवास निर्माण के हितग्राहियों ने जब शिकायत किया तो जिला प्रशासन ने उस रोजगार गारंटी योजना के कर्मचारियों को कार्रवाई नियमनुसार बर्खास्त करने के बजाय पंडरिया जनपद पंचायत में संलग्न कर दिया। आवास योजना निर्माण कार्य एवं उससे जुड़े सभी कार्य सुदूर वनांचल बैगा बाहुल्य ग्राम पंचायत कांदावानी में लगभग अधूरे से पड़े हुए हैं। अगर ग्रामीणों की बात सच है तो इस पंचायत से सटे हुए ग्राम गभोड़ा  में कुछ महीने पूर्व मानव अधिकार की टीम पहुंची थी किंतु क्या हुआ सार्वजनिक रूप से किसी को कोई पता नही है। यहां तो गठित जांच दल सिर्फ मुहूर्त देख रही है। भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बना लिया गया हैं! तभी तो 
 भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है । ऊपर से नीचे सभी दलदल में फंसे हैं।सुदूर वनांचल में गरीब बैगा विकास का कोई मापदंड नही है । 
    भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या और चिंताजनक बन गई है सरकार और जिला प्रशासन शिकायतों पर ठोस कदम उठाती नही है। कांदावानी के शिकायतकर्ताओं  को ही परेशान किया जा रहा है सकारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है। जिससे ग्रामीणों को बल मिल सकेगा ।
   हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ कार्रवाई हुई है इसे ही पर्याप्त मान लेना भी उचित नहीं है। बैगा बाहुल्य विशेष पिछड़ी जनजाति समूह निवासरत क्षेत्र में विकास पर कांटामारी हुई । वंचितों  को समुचित लाभ नही मिल सका । केंद्र सरकार अतिसंवेदनशील होकर जनमन योजना के तहत लाभ देने का प्रयास कर रही है। जनमन योजना मार्च 2026 तक चलाए जाने की बात कही गई है। इस योजना से जुड़े विकास कार्य सड़क,बिजली,पानी,शिक्षा,स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा आवास निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण होते दिखाई नही दे रहा है। पंडरिया ,कवर्धा,बोड़ला,सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत क्षेत्र से जुड़े रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी कर्मचारी जिला केंद्र,राज्य सरकार जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद भी जिले के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग स्टॉप का रोना रो मनरेगा जुड़े अधिकारियों से काम ले रहे हैं। तकनीकी सहायकों से विधायक , सांसद मद और जिला खनिज संस्थान न्यास से स्वीकृत कार्यों को करने के अलावा अन्य पंचायतों कार्य भी कर रहे हैं। जिसकी गुणवत्ता पर  बड़ी शिकायत है। 
     कांदावानी सुदूर वनांचल बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है। यहां निवास करने वाले 90 प्रतिशत बैगा हैं। अशिक्षा के मार झेल रहे पीढ़ियों को भी अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए  संघर्ष करना पड़ रहा है। शिक्षक अध्यापन कार्य कराने समय बे समय एदाकदा आते जाते हैं, बिजली पानी सड़क बहुत कठिन हो गया है। सूर्य के सहारे सोलर पैनल की लाइट जबतक बैट्री चार्ज रहती है रोशनी रहती है अंधेरे में रहना नियति बना लिए हैं। लोग वैज्ञानिक युग में  आसमान पर अपना आशियाना बनाने को सोच बना रहे हैं किंतु आजाद भारत के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा ग्राम पंचायत कांदावानी राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र मूलभूत सुविधा के लिए महरूम हैं। जिन आवासों को रिकॉर्ड में पूर्ण बताया जा रहा है अधूरा पड़ा हुआ है।
     आपको बताते चलें कि इस वनांचल क्षेत्र में धर्मांतरण से भी गरीब प्रभावित हैं ।

Leave Your Comment

Click to reload image