15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व नर्मदा कुण्ड में लगायेगें हजारों श्रद्धालु डुबकी, महाशिवरात्रि के दिन से लोरमी मेला प्रारंभ, आठ दिवसीय मेले का आयोजन
मुंगेली |
2026-02-13 18:38:59
15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व नर्मदा कुण्ड में लगायेगें हजारों श्रद्धालु डुबकी, महाशिवरात्रि के दिन से लोरमी मेला प्रारंभ, आठ दिवसीय मेले का आयोजन
लोरमी - 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि के दिन लोरमी के पावन स्थल शिवधाट नर्मदाकुण्ड में हजारों श्रद्धालुगण लगायेगे डुबकी। मेला आयोजन को लेकर नगरपालिका परिषद के द्वारा समिति का गठन किया गया
15 फरवरी रविवार से लोरमी में आठ दिवसीय मेला का होगा शुभारंभ, स्थलों पर लगने लगा है दुकानें सात दिनों तक रहेगा मेला की धूम। 15 से 22 फरवरी तक आठ दिवसीय मेला का होगा आयोजन।
लोरमी नगर में महाशिवरात्रि के पावन बेला में पावन स्थल शिवधाट में माॅ नर्मदा नदी का उद्गम है जिसमें महाशिवरात्रि के दिन हजारों श्रद्धालुगण सुबह 3 बजे से माॅ नर्मदा नदी के उदगम स्थल में बने कुण्ड में डुबकी लगाने के लिए पहॅूचते है नगर एवं आसपास के क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु यहाॅ डुबकी लगाने एवं शिवधाट में स्थित स्वयं भू भोलेनाथ जी का दर्शन कर पूजा अर्चना करते है, महाशिवरात्रि के दिन से लोरमी नगर का मेला प्रारंभ होता है। लोरमी नगरपालिका द्वारा इस बार आठ दिवसीय मेला का आयोजन की व्यवस्था कर तैयारी किया गया।
मेला का व्यवस्थित संचालन के लिए नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा ने मेला समिति का गठन किया है, जिसमे राजेन्द्र रिक्की सलुजा को संयोजक,
नपा उपाध्यक्ष डॉ अशोक जायसवाल को सह संयोजक, नपा सभापति विश्वास दुबे को सह संयोजक साथ ही सोहन जायसवाल, आरती अश्विनी ढीमर, शशांक वैष्णव, धनंजय दुबे को सदस्य बनाया गया है। मेला समिति संयोजक राजेन्द्र रिक्की सलुजा व समिति व नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदगण, अधिकारी के द्वारा प्रतिदिन जनप्रतिनिधियों के द्वारा प्रतिदिन जायजा लिया जा रहा है।
मेला को लेकर पूरा व्यवस्था लाईट, पानी, स्वास्थ विभाग, पुलिस विभाग आदि की पूरी तरह तैयारी चल रही है दुकानों के लिए व्यापारीयों को जगह बाॅट दिया गया इस मेले में आकर्षण का केन्द्र मौत का कुआ, हवाई झूला, टोरा-टोरा, ब्रेक डाॅस, ड्रेगन रेल अन्य कई आकर्षण का केंद्र होगा, मेले के आयोजन से लोरमीवासी में काफी खुशी का महौल है लोरमी मेला घुमने लोरमी सहित आसपास तखतपुर, मॅुगेली, कोटा, पण्डरिया से लोग पहॅूचते है बुधवार और रविवार लोरमी बाजार होने के कारण इस दिन मेला में काफी भीड रहता है कि लोगों को पैर रखने का जगह नहीं रहता।
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शिवधाट व राजाबाड़ा स्थित स्वयं भू भोलेनाथ है आस्था का केन्द्र -
शिवधाट में स्थित स्वयं भू भोलेनाथ व राजाबाड़ा के पास स्थित शिवमंदिर लोगों में काफी आस्था का केन्द्र महाशिवरात्रि के दिन विशेष रूप से श्रद्धालु पूजा अर्चना करते है महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालु बिल्वपत्र, बेलफल, दूध, मधुरस, धतूरा, धतूराफल, समीपत्र, सफेद पुष्प, गन्ने का रस, भांग आदि अर्पित कर पूजा अर्चना किया जाता है।
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ये शुभ फल -
महिलाओं के बीच महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर एक अलग मान्यता है, कहा जाता है कि महाषिवरात्रि के दिन पूजा उपवास करने से भगवान शिव और माता पार्वती उन पर खुष होती है। विवाहित महिलायें इस दिन व्रत व पूजा अराधना करती है, भगवान शिव उनके पति और परिवार से जुड़ी हर मनोकामना पूरी करते है। एवं उपवास रखने वाली कुंवारी कन्याओं को भगवान शिव जैसा वर मिलता है।
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महाशिवरात्रि के दिन कांवरिया जल अर्पित करते है -
महाशिवरात्रि के दिन लोरमी नगर एवं आसपास के कांवरिया समिति के द्वारा रात्रि में बेलपान जाकर वहाॅ के पवित्र जल को कांवर में भरकर लाते है लोरमी के शिवधाट और राजाबाड़ा स्थित शिवमंदिर में स्वयं भू भोलेनाथ को अर्पित करते है कांवरिया समिति के द्वारा जल अर्पित कर हर-हर महादेव की गूंज लगाते है।
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