छत्तीसगढ़ / बालोद

आरक्षक से डीएसपी तक का प्रेरक सफर : ओम प्रकाश सेन की कर्तव्यनिष्ठा ने रचा इतिहास

 बालोद। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर पुलिस सेवा में कदम रखने वाले ओम प्रकाश सेन ने मेहनत और समर्पण से एक मिसाल कायम की है। 2007 में आरक्षक के रूप में शुरू हुआ उनका सफर अब उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर पहुंच गया है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है।


गुरुर तहसील के ग्राम नवागांव निवासी ओम प्रकाश सेन को 30 मार्च 2026 को राज्य सरकार ने डीएसपी के पद पर प्रमोट किया। उनकी वीरता और निष्ठा के प्रमाणिक प्रमाण 2017 व 2021 में प्राप्त राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार हैं। जनसेवा में उनकी सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई है।

ओम प्रकाश ने इस सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुओं और वरिष्ठ अधिकारियों के आशीर्वाद को दिया। उनकी यह उपलब्धि न केवल परिवार का गौरव बढ़ा रही, बल्कि बालोद जिले के लिए भी सम्मानजनक है। क्षेत्रवासियों में उत्साह का संचार हो गया है।

बधाई स्वरूप ग्राम पंचायत तरौद के सरपंच धर्मेंद्र रामटेके, पंचायत सदस्य शंभू साहू, देवेंद्र शांडिल्य, जेपी यादव, जयंत किरी समेत नवागांव के मैदानी वरिष्ठजन व शुभचिंतक शामिल हैं। ओम प्रकाश का यह संघर्षपूर्ण यात्रा ग्रामीण युवाओं को संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई लक्ष्य असंभव नहीं। यह सफलता जिले की युवा पीढ़ी को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

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