बस्तर के गोंड जनजाति संस्कृति में अध्ययन करने पर हरीष चन्द्राकर को मिला पी-एच.डी. उपाधि
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
बस्तर के गोंड जनजाति संस्कृति में अध्ययन करने पर हरीष चन्द्राकर को मिला पी-एच.डी. उपाधि
हेमचन्द यादव विष्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.) सामाजिक विज्ञान संकाय के अन्तर्गत समाजषास्त्र विषय में हरीष कुमार चन्द्राकर को शीर्षक “बदलती परिस्थितियों में गोंड जनजाति की तत्वदृष्टि एवं जीवन दृष्टि का अध्ययन” (बस्तर संभाग के कोंडागाॅव जिले के विषेष संदर्भ में) अध्ययन करने पर पी-एच.डी. उपाधि मिला। समाजशास्त्र के विद्वान शोध निर्देशक डाॅ. अमरनाथ शर्मा प्राध्यापक, शासकीय नवीन महाविद्यालय बोरी, जिला-दुर्ग (छ.ग.) एवं समाजषास्त्र की विदुषी सह-निर्र्देिशका डॉ. सुचित्रा शर्मा प्राध्यापक समाजशास्त्र शास.वि.या.ता.स्वशासी स्नात. महाविद्यालय दुर्ग (छ.ग.) के मार्गदर्शन में शोध कार्य पूर्ण किया।
.राजनांदगांव जिले के ग्राम-भर्रेगांव निवासी हरीष कुमार चन्द्राकर अपने गांव के प्रथम पी-एच.डी. उपाधि धारक है। शोध कार्य को पूर्ण करने में अपने माता-पिता, परिवार, मित्रगण, गुरूजनों, कोण्डागांव के डाॅ. किरण नुरूटी प्राध्यापक समाजषास्त्र एवं अन्य प्राध्यापकगण, समाजषास्त्र के विद्यार्थी एवं उत्तरदाताओं ने भरपूर सहयोग किया। अंत में उन सभी शुभ चिन्तकों, स्नेहजनों, आत्मीय परिजनों के प्रति हृदय से आभार प्रकट किए जिन्होंने प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से शोध कार्य हेतु सहयोग प्रदान किया।