छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

सरकार अब दफ्तरों तक सीमित नहीं, गांव-गांव पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान : श्याम बिहारी जायसवाल

 एमसीबी । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर - संवाद से संपूर्ण समाधान” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस विशाल शिविर ने प्रशासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और त्वरित समाधान की नई मिसाल पेश की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को मौके पर ही राहत और समस्याओं का समाधान मिलने से शिविर जनविश्वास का केंद्र बन गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित समस्त सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह और जनभागीदारी का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के ग्रामीण सुबह से ही अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर शिविर स्थल पहुंचने लगे थे।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 01 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। ग्राम मझौली में आयोजित यह शिविर “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करता नजर आया, जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमन्त बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहान योजना, मनरेगा श्रमिक कार्ड, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, समाज कल्याण विभाग, आधार सेवा केन्द्र, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एग्रीकल्चर, आधार केवाईसी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, खनिज विभाग, वन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्रेडा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पीएमजीएसवाई, जल संसाधन विभाग, मत्स्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आयुष विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नेत्र विभाग, आयुष्मान कार्ड तथा राजस्व विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई, जिससे कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता का विशेष वातावरण देखने को मिला।

जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह हितग्राहियों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास चाबी, पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति स्थापित हुई है। आज सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” जनहित, संवेदनशीलता और जवाबदेही की मिसाल बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी सोच के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंच रही है, समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रही है। यही कारण है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण ही आज छत्तीसगढ़ को विकास और विश्वास की नई दिशा दे रहा है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा। अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, उसमें से कई आवेदनों को मौके पर ही त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदक की समस्या का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा, ताकि आमजन को समयबद्ध राहत मिल सके।

कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच जया सिंह मरावी, तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Leave Your Comment

Click to reload image