छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

स्वच्छ पेयजल की दिशा में पीएचई विभाग की पहल, ग्राम पंचायत केलवा के चार गांवों में हैंडपंपों का क्लोरीनेशन

 एमसीबी । ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने तथा जलजनित बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत केलवा के ग्राम मुद्धोवा, खरला, कैलाशपुर एवं आमादमक में सार्वजनिक हैंडपंपों का व्यापक क्लोरीनेशन अभियान चलाया गया। अभियान के तहत सभी सार्वजनिक जल स्रोतों को निर्धारित मानकों के अनुरूप क्लोरीनेट कर पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार विभाग की तकनीकी टीम एवं हैंडपंप टेक्निशियनों ने प्रत्येक सार्वजनिक हैंडपंप में निर्धारित मानक के अनुसार 30 एमएल क्लोरीन का उपयोग कर क्लोरीनेशन किया। इस प्रक्रिया से पेयजल में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, बैक्टीरिया एवं संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं तकनीकी दल ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, जल संरक्षण तथा वर्षा ऋतु में जल जनित रोगों से बचाव के उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए सार्वजनिक जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल के संरक्षण में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए क्लोरीनेशन, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं जन जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना तथा जल जनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित कर स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है।

 

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