’कहानी सेवा की’ : प्रधानमंत्री की सोच से परिवर्तित हुआ बैगा परिवार का दैनिक जीवन
’कोरिया 21 सितंबर, 2026
कोरिया जिले के ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले आंगनसाय के लिए अपने पक्के मकान का सपना अब जनमन आवास बन जाने से साकार हो गया है। पहले सिर्फ दो कमरे के कच्चे मकान में असुरक्षित जीवन जीने वाले इस अनुसूचित जनजाति के बैगा परिवार के लिए देष के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक सोच ने बड़ा बदलाव ला दिया है। विषेष पिछड़ी जनजाति के इस परिवार के लिए अपना पक्का मकान होना एक बड़ी सुविधा बन गया है। कोरिया जिले दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित इस गांव में वनवासियों का पक्का मकान उनके सामाजिक बदलाव की कड़ी बन रहा है।
पूर्व की स्थिति
अविभाजित कोरिया जिले के जनपद पंचायत खड़गंवा का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी अब विभाजन के पष्चात कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत का हिस्सा है। यह बैगा परिवारों के रहने का पुरातन स्थान है। यहां के परिवार में जन्मे आंगनसाय के लिए उनके परिवार का कच्चा मकान विरासतन प्राप्त हुआ। केवल मजदूरी से अपना जीवन यापन करने वाले इस आदिवासी परिवार के लिए कच्चे मकान का रखरखाव ही एक बड़ा कार्य था। कच्चे मकान में हर मौसम उनके लिए परेषानियों का कारण बनकर आता था। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास ने इनकी एक बड़ी समस्या का निराकरण कर दिया है।
आवास से खुषियां
कच्चे घर में अपने पत्नी के साथ रहने वाले आंगनसाय के बच्चे बड़े होने के बाद उनसे अलग परिवारों के तौर पर रहने लगे। अवस्था बढ़ने के साथ उनकी पक्के मकान की आस भी कमजोर पड़ने लगी थी। मात्र एक एकड़ खेतों में परंपरागत वर्षा आधारित फसल से थोड़ा सा अनाज पाने वाले आंगनसाय के लिए रोजी-रोटी का संघर्ष ही कठिन था। ऐसे में प्रधानमत्री जनमन आवास योजना से मिले पक्के मकान ने इस आदिवासी परिवार की जीवनषैली में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब यह दंपत्ति दिनभर कड़ी मेहनत के बाद सुरक्षित छत के नीचे अपना जीवन जीने का आनंद ले रहे हैं।
सामाजिक पहचान है मकान
ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले बैगा परिवार के मुखिया आंगनसाय ने कहा कि यह पक्का मकान उनके लिए एक सामाजिक पहचान बनकर आया है। आंगनसाय ने बतलाया कि जनमन आवास बन जाने के बाद वह गांव में कुछ विशिष्ट परिवारों की श्रेणी में आ गए हैं जिनके पक्के मकान हैं। अपनी पत्नी के साथ पक्के आवास के लिए देश के प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए उन्होने कहा कि सपना सच हो गया हैै।