छत्तीसगढ़ / सरगुजा

सेवा की कहानी : उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर लौकी की खेती से वासुदेव प्रधान ने बढ़ाई आमदनी

 एक हेक्टेयर में 250 से 300 क्विंटल उत्पादन, लागत के बाद लगभग 2.07 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

अम्बिकापुर 23 सितम्बर 2026

खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में उद्यानिकी विभाग की योजनाएं किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी किसान वासुदेव प्रधान ने भी उद्यानिकी विभाग की योजना एवं तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ लेकर खरीफ मौसम में लौकी की खेती को आय का बेहतर माध्यम बनाया है।
वासुदेव प्रधान ने एक हेक्टेयर क्षेत्र में लौकी की खेती की। वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से फसल प्रबंधन करते हुए उन्होंने लगभग 250 से 300 क्विंटल लौकी का उत्पादन प्राप्त किया। खेती में करीब 80 हजार रुपये की लागत आई। फसल से प्राप्त आय में से उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें लगभग 2 लाख 7 हजार रुपये का लाभ प्राप्त हुआ। इस प्रकार एक हेक्टेयर क्षेत्र से उनकी कुल आय लगभग 2 लाख 87 हजार रुपये रही।
वासुदेव बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी और मार्गदर्शन ने उन्हें सब्जी फसल की बेहतर तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया। समय पर खेत की तैयारी, उचित फसल प्रबंधन और विभागीय सलाह के अनुसार खेती करने से उत्पादन में वृद्धि हुई। लौकी की अच्छी पैदावार और बाजार में मांग के कारण उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर आर्थिक लाभ मिला।
उन्होंने बताया कि पहले खेती से होने वाली आमदनी सीमित थी, लेकिन उद्यानिकी फसलों को अपनाने के बाद कम समय में बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त करने का अवसर मिला है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
वासुदेव प्रधान अब अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने तथा विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्नत तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और मेहनत के साथ सब्जी उत्पादन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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