छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

कवर्धा में तेंदुए की तलाश में जुटा वन विभाग, 40 लोगों की टीम गठित, रेस्क्यू के लिए विभाग अलर्ट

"विकाश शुक्ला"

कवर्धा-शहर में पिछले तीन दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर सामने आ रही सूचनाओं और अलग-अलग स्थानों पर उसकी आवाजाही के वीडियो की चर्चा से लोगों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने तेंदुए की संभावित मौजूदगी पर नजर रखने के लिए 40 लोगों की टीम गठित की है। विभाग का कहना है कि तेंदुआ दिखाई देने की पुष्टि होते ही रेस्क्यू की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और वन विभाग की टीमें सतर्क हैं तथा पेट्रोलिंग बढ़ाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

*तीन दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की चर्चा*

शहर में पिछले तीन दिनों से तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर उसकी आवाजाही से संबंधित वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की चर्चा भी है। हालांकि, इन वीडियो की प्रामाणिकता और उनमें दिखाई देने वाले वन्यजीव की पहचान की आधिकारिक पुष्टि होना जरूरी है। ऐसे में संबंधित फुटेज की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण हो गया है।

कवर्धा में इससे पहले एक निजी अस्पताल परिसर में तेंदुआ दिखाई दिया था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया था। इसी तरह ग्राम जैतपुरी के खेत में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना पर डायल 112 की कोतवाली पैंथर-01 टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचित कर आवश्यक सहयोग दिया था।

*संभावित खतरे को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी*

तेंदुआ एक जंगली शिकारी जीव है। सामान्य परिस्थितियों में वह मनुष्यों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करता है, लेकिन घिरने, उकसाए जाने या अचानक आमना-सामना होने पर हमला करने का खतरा रहता है। इसलिए शहर में उसकी संभावित मौजूदगी को लेकर सतर्कता जरूरी है। लोगों को न तो अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर दहशत फैलानी चाहिए और न ही किसी वास्तविक सूचना को बिना जांच के खारिज करना चाहिए।

यदि सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की आवाजाही के संकेत मिलते हैं, तो संबंधित स्थानों की जांच कर नागरिकों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना जरूरी है। इससे लोगों को सतर्क रहने और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों से बचने में मदद मिलेगी।

*पुलिस-वन विभाग की पेट्रोलिंग, नागरिकों से सतर्कता की अपील*

कबीरधाम पुलिस के अनुसार, तेंदुआ दिखाई देने संबंधी सूचनाओं की जांच की जा रही है। पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय रखा गया है और सूचना तंत्र के माध्यम से वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने यह भी कहा है कि कई प्रसारित सूचनाएं भ्रामक पाई गई हैं। इसलिए बिना पुष्टि के फोटो, वीडियो या संदेश प्रसारित करने से बचना चाहिए।

नागरिकों से अपील की गई है कि तेंदुआ अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल डायल 112 या वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीव के पास जाने, उसका पीछा करने, उसे घेरने या पकड़ने का प्रयास न करें। मौके पर भीड़ न लगाएं और बच्चों को संभावित खतरे वाले स्थानों पर अकेले न जाने दें।

*40 लोगों की टीम गठित, तेंदुए की आवाजाही पर नजर*

वन विभाग के उप वन मंडल अधिकारी अभिनव केश्वरवानी एवम रेंजर विप्लव बोरकर ने बताया कि तेंदुए की संभावित आवाजाही पर नजर रखने के लिए 40 लोगों की टीम गठित की गई है। टीम लगातार निगरानी कर रही है। तेंदुआ दिखाई देने की पुष्टि होते ही नियमानुसार रेस्क्यू की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग अलर्ट मोड पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहर में पिछले तीन दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर सामने आ रही सूचनाओं के बीच प्रशासन के सामने चुनौती संभावित खतरे की पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाने की है। इसके लिए संदिग्ध स्थानों पर गश्त, सीसीटीवी फुटेज की जांच और नागरिकों को समय पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। फिलहाल शहरवासियों को सतर्क रहने और किसी भी सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अथवा वन विभाग पर भरोसा करने की जरूरत है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और अफवाहों के कारण अनावश्यक भय का माहौल न बने।

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