तरेगांव जंगल डकैती कांड में कबीरधाम पुलिस की बड़ी सफलता, जमशेदपुर तक पहुंची जांच
कबीरधाम |
2026-11-05 18:49:50
लूटे गए चांदी के जेवर खरीदने और गलाने वाले दो आरोपियों समेत चार अन्य गिरफ्तार, अब तक सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
करीब 13 किलो चांदी के आभूषण व गली हुई चांदी, नगदी और दो मोटरसाइकिल बरामद
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा- तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम दुर्जनपुर मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास सराफा व्यवसायी से हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में कबीरधाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच बिलासपुर से होते हुए झारखंड के जमशेदपुर तक पहुंची, जहां लूटे गए चांदी के जेवर खरीदने और उन्हें गलाने में संलिप्त दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी, नकदी और दो बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, अमित कुमार पटेल एवं अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार आरोपियों की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी में जुटी हुई थीं।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को ग्राम दुर्जनपुर मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास आरोपियों ने सराफा व्यवसायी वेदप्रकाश सोनी का रास्ता रोककर डंडे और हाथ-मुक्कों से मारपीट की थी। इसके बाद उनके पास मौजूद बैग में रखे पुराने एवं नए चांदी के आभूषण, करीब 15 ग्राम सोना और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 20/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच में सुनियोजित तरीके से डकैती की वारदात को अंजाम देना सामने आने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 310(2) एवं 310(4) भी जोड़ी गई।
-पहले चरण में तीन आरोपी गिरफ्तार, 11.9 किलो चांदी बरामद-
पुलिस ने 31 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के आभूषण, एक बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल और 1,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
बिलासपुर से पकड़े गए दो फरार आरोपी
इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों अरुण उर्फ अन्नू बंजारे और प्रेम उर्फ प्रीतम उर्फ ब्रो उर्फ बोरो घृतलहरे की तलाश तेज की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने लूटे गए चांदी के आभूषणों का एक हिस्सा बेचकर 1 लाख 2 हजार रुपये प्राप्त करना बताया। पुलिस ने अरुण के कब्जे से 34 हजार रुपये और प्रेम उर्फ प्रीतम के कब्जे से 50 हजार रुपये, कुल 84 हजार रुपये बरामद किए।
-जमशेदपुर में बेचे गए थे लूट के जेवर, गलाकर बनाई चांदी-
मामले की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि लूटे गए चांदी के कुछ आभूषण जमशेदपुर में बेचे गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी प्रेम उर्फ प्रीतम को साथ लेकर झारखंड के जमशेदपुर पहुंची। वहां सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो और उसके परिचित सुरेश नाना माने से पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुमंतो घोड़ाई ने बताया कि 29 अक्टूबर को प्रेम उर्फ प्रीतम एक अन्य व्यक्ति के साथ लूटे गए चांदी के करधन और पायल बेचने उसके पास आया था। इसके बाद वह दोनों को सुरेश नाना माने के पास ले गया, जहां चांदी के आभूषणों को गलाकर करीब 1.124 किलोग्राम चांदी तैयार की गई। इसे 1 लाख 14 हजार रुपये में बेचा गया। इसमें से 1 लाख 2 हजार रुपये प्रेम उर्फ प्रीतम को दिए गए, जबकि 12 हजार रुपये अपने पास रखने और खर्च करने की बात सामने आई।
पुलिस ने सुरेश नाना माने की निशानदेही पर लाल रंग के थैले में रखी करीब 1.124 किलोग्राम गली हुई चांदी, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 14 हजार रुपये बताई गई है, गवाहों की मौजूदगी में जब्त कर सीलबंद की।
लूटे गए जेवरों को जानते हुए खरीदने और उनकी बिक्री में सहयोग करने के आरोप में सुमंतो घोड़ाई उर्फ कोबो और सुरेश नाना माने के विरुद्ध प्रकरण में बीएनएस की धारा 317(2) जोड़ी गई। दोनों आरोपियों को 4 नवंबर को गिरफ्तार कर जमशेदपुर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद उन्हें कबीरधाम लाया गया और 5 नवंबर को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
-पुलिस अधीक्षक की सतत मॉनिटरिंग से मिली सफलता-
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव द्वारा गंभीर एवं संगठित अपराधों की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही थी। उनके निर्देश पर तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और विभिन्न जिलों के बीच समन्वय स्थापित कर आरोपियों की पतासाजी की गई। दुर्जनपुर डकैती कांड में घटनास्थल से लेकर बिलासपुर और जमशेदपुर तक पहुंचकर सात आरोपियों की गिरफ्तारी तथा लूटे गए सामान की बरामदगी पुलिस की प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है।
-इन अधिकारियों और पुलिस टीमों की रही अहम भूमिका-
पूरी कार्रवाई में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अजाक/साइबर प्रशांत देवांगन, थाना तरेगांव जंगल प्रभारी निरीक्षक संग्राम सिंह, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर, बोड़ला थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा, पंडरिया थाना प्रभारी निरीक्षक अजय सिन्हा, पांडातराई थाना प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, कुकदुर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा सहित विभिन्न थानों की पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।