पढ़ें पत्रकार चंद्र शेखऱ शर्मा की बात बेबाक
पश्चिम बंगाल में कमल का खिलना अटल जी की दूरदृष्टी सोच और अटल विश्वास को याद दिला रहा । एक समय भाजपा में मुख्य मंत्री और मंत्री बनाने बिगाड़ने में अटल जी का हाथ रहता था जैसे आज मोदी और शाह का रहता है । नरेंद्र मोदी भी अटल की एक खोज रहे है और आज अटल के स्वप्न को मोदी और मोदी की टीम ने साकार कर दिया । राजनैतिक जानकारों का कहना है कि अटल जी भाजपा के अलावा भी अन्य पार्टी के लोगो को मुख्यमंत्री बनवाते रहे उनके पीछे उनकी दूरदृष्टि रही कि जिन राज्यो में भाजपा के लिए पैर रखने की जमीन न थी वहां जमीन तैयार की जाय और आज कमल की लहलहाती फसल इसी का परिणाम है ।
अटल जी की दूरदृष्टि का ही परिणाम था कि बिहार में नीतीश कुमार , उत्तरप्रदेश में मायावती और पश्चिम बंगाल में ममता को भाजपा के सहयोग से मुख्य मंत्री बनाया और तीनों ही भाजपा को फूलने फलने में अनायास मदद कर बैठे जिसका परिणाम आज सबके सामने है ।
पश्चिम बंगाल में वामपंथियों का काँटा भाजपा कभी सीधे सीधे नहीं निकाल सकती थी । वामपंथियों की सशस्त्र क्रांति और गोली बंदूक का जवाब भाजपा कभी सीधे सीधे या कहे आमने सामने से नहीं दे ही सकती थी । वामपंथियों की बेहूदगी और गुंडई का काँटा निकालने के लिए ही अटल जी ने कांटा से कांटा निकालने की कवायद के तहत ही ममता बनर्जी नाम का कांटा तमाम विरोधों के बावजूद तैयार किया था । ममता बनर्जी को पहले केंद्र में मंत्री बनाया और कांग्रेस में फुटडलवा कर कमजोर किया बाद में ममता को पश्चिम बंगाल का मुख्य मंत्री बनवाया और आज वामपंथी पश्चिम बंगाल में अब लापता हो इतिहास बन गए हैं और ममता ख़ुद ब खुद सत्ता के मद में आहिस्ता आहिस्ता भस्मासुर बन गईं और आज अपनी ही सत्ता अपनी जिद और बाल हट व हठधर्मिता और घमंड के चलते गंवा बैठी ।
वर्तमान राजनैतिक हालात में देखे तो अटल की दूरदृष्टि और स्वपन को धरातल पर उतारने का काम मोदी शाह की जोड़ी ने कर दिखाया है । आज भस्मासुर बनी मोमता दीदी के साथ खेला हो गया सत्ता से निकाल फेंक दी गई । नीतीश कुमार बिहार से बाहर कर खबरों से बाहर दिए गए और मायावती हासिये से बाहर हो अपना अस्तित्व बचाने संघर्षरत है ।
आज यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा का सूर्योदय हुआ है तो मोदी शाह के साथ साथ भाजपाइयों को अटल जी को प्रणाम कर याद जरूर करना चाहिए । जातिवादी यूपी , बिहार के बाद अटल जी ने ममता के कांटे से वाम पंथियों का लाल क़िला तोड़ दिया था । अब ममता रूपी भस्मासुर की खाद से भाजपा की फसल पश्चिम बंगाल में लहलहाने लगी है । मोदी का धैर्य भी बहुत ही गजब का है भस्मासुर बन चुकी मोमता दीदी को अपने ही सिर पर हाथ रखवा कर नचवाना इतना आसान नहीं था । ममता को अपने सिर पर हाथ रखवा कर नाचवाने का काम मोदी और शाह ही कर सकते थे । तभी तो तमाम विरोधों शंका कुशंका के बावजूद मोदी ने बिना राष्ट्रपति शासन लगाए केंद्रीय सुरक्षा बलों की उपस्थिति में मोमता और उनके गुंडों की गुंडई को बड़ी चालाकी से काबू किया है जिससे ममता भी लाजवाब हो गई हैं और निष्पक्ष चुनाव करवा कर कमल की फसल लहलहा दिखा दिया कि चाह लो तो कुछ भी नामुमकिन नही है ।
चलते चलते :-
नारी वंदन के बहाने विपक्ष और पक्ष के जलते पुतलों के बीच जिले की दबंग महिला विधायिका का वन विभाग के आमंत्रण पत्र में नाम कटवाने में किसकी दरियादिली काम कर गई ?
और अंत में :-
ना हाथ मिलाया, न गले मिले, न मयस्सर तुम्हारी दीद हुई।
अब तुम्हीं बताओ जानां, ये कयामत हुई या ईद हुई।।
#जय_हो 04/05/2026 कवर्धा (छत्तीसगढ़)