देश-विदेश
सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलनकारियों को दी नसीहत – राजमार्गों को बाधित न करें, जनता की सुविधाओं का ध्यान रखें
हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को सुप्रीम कोर्ट ने नसीहत दी है. सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को समझाएं कि वे राजमार्गों को बाधित नहीं करेंगे और लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखेंगे. पुलिस ने डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर से उठा दिया था, लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि पुलिस ने उन्हें कथित हिरासत से रिहा कर दिया है. इसके बाद वह फिर से विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं, उनके साथ कई किसान MSP की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं.
डल्लेवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस उज्जवल भुयां और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आप शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन लोगों को असुविधा नहीं होने दें. खनौरी बॉर्डर से डल्लेवाल को 26 नवंबर को उठाया गया. डल्लेवाल की ओर से पेश वकील गुनिंदर कौर गिल ने अदालत से कहा कि आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि जनता को आंदोलन से असुविधा न हो, इसलिए वह फिर से रिहा हो गया है.
बेंच ने कहा, “एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपको शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जनता को इससे असुविधा न हो. आप सभी लोग जानते हैं कि खनौरी बॉर्डर पंजाब के लिए लाइफलाइन की तरह है.” हम यह नहीं कह रहे हैं कि प्रदर्शन सही है या गलत है, लेकिन जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए.” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि डल्लेवाल प्रदर्शनकारियों को यह समझा सकते हैं कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन करें और यह ध्यान रखें कि आम लोगों को प्रदर्शन से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का AAP सरकार पर तंज, कहा- दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य से ज्यादा दिलचस्पी शराब की बिक्री में..
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य से अधिक उसे शराब की बिक्री में दिलचस्पी है. दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने वाले हैं, इसलिए मंत्री का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिल्ली के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लागू करने के लिए सरकार से जवाब मांगे जाने के एक सप्ताह बाद दिया गया है.
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मांडविया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली PM नरेंद्र मोदी के बार-बार अनुरोध और इस आशय में केंद्र से पत्रों के बावजूद इस योजना को लागू नहीं कर रहे हैं.
उनका कहना था, ‘‘राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन सभी के कल्याण के लिए भारत की संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत लोक कल्याण कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.’’
उनका कहना था, ‘‘भारत सरकार ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर इस योजना को लागू करने का आग्रह किया है, लेकिन दिल्ली सरकार की रुचि शराब की बिक्री और आबकारी नीति में अधिक है. उन्हें नागरिकों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. इसके लिए महत्वपूर्ण है कि इस योजना को दिल्ली में लागू किया जाए.
मांडविया ने कहा कि एबी-पीएमजेएवाई के तहत हर आयु वर्ग के 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को स्वास्थ्य बीमा का दायरा बढ़ाया गया है.
महिला का नहाते समय बनाया वीडियोः फिर ब्लैकमेल कर मांगे तीन लाख, तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
गुना। जिले के सिरसी इलाके में महिला का नहाते समय वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने महिला से तीन लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी। महिला के बेटे की शिकायत पर कैंट पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल घटना जुलाई 2023 की है। कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान गेंद एक मकान के ऊपर जा गिरी। उस मकान के पास ही एक महिला नहा रही थी। युवक जयपाल ने मौका पाकर महिला का वीडियो बना लिया और बॉल लेकर नीचे लौट आया। इसके बाद, जयपाल ने इस वीडियो को अपने तीन दोस्तों दीपक ओझा, मोनू बैरागी और भोला यादव को दिखाया और ब्लैकमेलिंग की साजिश रची। जयपाल और उसके दोस्तों ने महिला को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने पहले महिला से 15-15 हजार रुपये दो बार उगाही की, लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। उन्होंने महिला से तीन लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
जेठ के लड़के को भी वीडियो फोटो भेज दिए
7 नवंबर 2024 को महिला के छोटे बेटे के मोबाइल पर वह वीडियो भेजा गया। 8 नवंबर को फिर मैसेज भेजकर तीन लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। आरोपी जयपाल ने महिला के जेठ के लड़के को भी वीडियो फोटो भेज दिए, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। महिला के बेटे ने तुरंत कैंट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जयपाल, दीपक ओझा, मोनू बैरागी और भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
कराची के चार कारोबारी इकट्ठे हुए और खोल दिया अपना एयरलाइन, जल्दी ही आसमान में दिखेंगे इसके विमान
नई दिल्ली: पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर और आर्थिक केंद्र है कराची। वहीं के कारोबारियों का एक ग्रुप अपनी खुद की निजी एयरलाइन "एयर कराची" शुरू करने जा रहा है। यह जानकारी न्यूज़ एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट से मिली है। यह एयरलाइन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेट करेगी। इस एयरलाइन को शुरू करने के लिए कारोबारियों का यह समूह करीब 8 अरब पाकिस्तारी रुपये का निवेश कर रहा है।
एयर सियाल से मिली है प्रेरणा
फेडरेशन ऑफ पाकिसतान चैम्बर ऑफ कॉमर्स (FPCCI) के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हनीफ गोहर ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कराची शहर के चार व्यापारियों ने मिलकर यह एयरलाइन शुरू की है। उन्होंने सियालकोट की "एयर सियाल" की सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कराची, देश का वित्तीय केंद्र होने के नाते, अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं की ज़रूरत को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। सियालकोट, जो खेल के सामान, सर्जिकल उपकरण और अन्य उत्पादों के निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है, ने "एयर सियाल" नामक एक निजी एयरलाइन सफलतापूर्वक स्थापित और संचालित की है। सियालकोट के व्यापारियों ने निर्यात बढ़ाने के लिए एक नए हवाई अड्डे का निर्माण भी किया। 2020 में उद्घाटन के बाद से, "एयर सियाल" ने पश्चिम एशिया सहित अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों पर अपनी सेवाओं का विस्तार किया है।
कंपनी का हो चुका है रजिस्ट्रेशन
हनीफ गोहर ने बताया, "एयरलाइन कंपनी पहले ही सेक्युरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन (SECP) के साथ पंजीकृत हो चुकी है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने एयरलाइंस चलाने के लिए लाइसेंस जारी करने के निर्देश हेतु सरकार को सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं।" एयरलाइन की योजना लीज पर लिए गए तीन विमानों के साथ परिचालन शुरू करने की है। समय के साथ विमानों के बेड़े का विस्तार होने की उम्मीद है। गोहर ने बताया, "कंपनी को जल्द ही 'एयर कराची' के लिए अपना ऑपरेटिंग लाइसेंस मिलने का पूरा भरोसा है।"
शुरुआती निवेश कितना होगा?
गोहर ने बताया कि व्यापारिक समुदाय द्वारा "एयर कराची" के लिए शुरुआती निवेश लगभग 8 अरब पाकिस्तानी रुपये है। इसमें चार मुख्य स्टेकहोल्डर्स शामिल हैं। इस एयरलाइन के लिए एक एयर वाइस मार्शल को CEO नियुक्त किया गया है। अकील करीम ढेढी, आरिफ हबीब और एसएम तनवीर जैसे प्रमुख व्यावसायिक व्यक्ति शेयरधारकों में शामिल हैं।
ऐसी लिस्ट जिसमें भारत 64वें, बांग्लादेश 27वें और पाकिस्तान पहले स्थान पर, कोई नहीं चाहेगा इसमें नंबर वन बनना
नई दिल्ली: जब भी भारत और पाकिस्तान का नाम सामने आता है, दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात सामने आ जाते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि कई मामलों में भारत पाकिस्तान से कहीं आगे है। वहीं कुछ चीजें ऐसी भी जिनमें पाकिस्तान नंबर वन बना हुआ है। ऐसी ही स्थिति डायबिटीज के मरीजों की संख्या को लेकर है।
इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में डायबिटीज की दर सबसे ज्यादा है। इस मामले में भारत की स्थिति पड़ोसी मुल्कों से बेहतर है। इस लिस्ट में बांग्लादेश 27वें स्थान पर है। वहीं श्रीलंका 48वें और चीन 57वें नंबर पर है। इस रिपोर्ट में 20 से 79 साल के लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज की दर बताई गई है।
कितना है भारत का नंबर?
इस लिस्ट में भारत की स्थिति न केवल पड़ोसी मुल्कों से बल्कि अमेरिका और सऊदी अरब से भी बेहतर है। इस लिस्ट में भारत का स्थान 64वां है।
लिस्ट के मुताबिक पाकिस्तान में डायबिटीज की दर 30.8 फीसदी है। इस दर के साथ पाकिस्तान दुनिया में नंबर एक पर है। वहीं बांग्लादेश में डायबिटीज दर 14.2%, अमेरिका में 10.7% और चीन में यह दर 10.6% है। 9.6% की दर के साथ इस लिस्ट में भारत 64वें स्थान पर है।
कौन सा देश सबसे बेहतर?
इस लिस्ट में सबसे नीचे नाइजीरिया है। नाइजीरिया में डायबिटीज दर 3.6% है। यानी इस देश में डायबिटीज के मरीज काफी कम हैं। इसके बाद केन्या (4%) और इथोपिया (5%) का नाम है। इस लिस्ट में रूस 153वें स्थान पर है। रूस में डायबिटीज दर 5.6% है।
चित्रकूट में CM योगी आदित्यनाथ के काफिले में घुसा सांड, सपा का तंज- 'अफसरों को पांव धोने चाहिए थे
चित्रकूट: यूपी के मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन पहले गुरुवार को चित्रकूट दौरे पर आए थे। इस दौरान उनके काफिले में आवारा सांड घुस आया। समाजवादी पार्टी ने इसको लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। सपा ने सोशल मीडिया पर लिखा है- 'अधिकारियों को क्यों फटकारा, उतरकर सांड के पांव धोने चाहिए थे। आखिर नंदी है नंदी।' समाजवादी पार्टी के इस बयान के बाद पशुपालन विभाग ने सफाई दी है।
चित्रकूट के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया है कि किसी किसान की गाय सड़क पर आ गई थी। किसान गाय को घास चराकर लौट रहा था। गाय को पकड़कर कान्हा गौशाला में भेज दिया है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। लगभग डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद वहां से डाक बंगला के लिए निकले। तभी एलआईसी तिराहे के पास आवारा पशु काफिले के बीच में आ गया।
सपा ने वीडियो पोस्ट कर किया तंज
समाजवादी पार्टी ने तंज कसते हुए सीएम के काफिले में गाय-सांड के घुसने का वीडियो पोस्ट किया। सपा ने सोशल मीडिया पर लिखा है- 'दूसरे की गाड़ी को सांड टक्कर मारे और जान ले ले, और इस पर जब विपक्ष सवाल करे तो योगी जी नंदी बोलकर हंसकर मामले को हल्का कर देते हैं। और अपने काफिले के सामने सांड आ जाए तो अधिकारियों को फटकारते हैं।'
लोकसभा स्पीकर बोलते रहे, हंगामा चलता रहा... सांसदों के सामने कुछ यूं छलका ओम बिरला का 'दर्द'
नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को भी हंगामेदार रही। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रश्नकाल के दौरान सांसद लगातार आसन के करीब पहुंच कर नारेबाजी करते रहे। वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला लगातार सदस्यों से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने का आग्रह करते रहे। इस दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चलने से उनका दर्ज नजर आया। वहीं, विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनकी एक ना सुनी और हंगामा जारी रखा। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
'देश की जनता चाहती है सदन चले'
माननीय, सदस्य देश की जनता चाहती है ये सदन चले और कई माननीय विद्वानों ने भी लिखा है कि सदन चलना चाहिए। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि चर्चा, संवाद होना चाहिए। सहमति और असहमति हमारे लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने लोकसभा सदस्यों से आग्रह किया कि जनता की भावनाओं, उनकी आशाओं और आकांक्षाओं के अनुसार आप सदन चलने में सहयोग करें।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि आज महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर प्रश्नकाल में चर्चा हो रही है। बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल आपका समय है। देश की जनता लगातार माननीय सांसदों के बारे में जनता अपनी राय व्यक्त कर रही है। इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि सदन को चलने दें। उन्होंने सदस्यों से कहा कि सदन आपका है, सदन सबका है। देश भी चाहता है कि संसद चले।
इमरान खान के कारण मुश्किल में पाकिस्तान, दूर नहीं हो रही राजनीतिक अस्थिरता,
इस्लामाबाद: पाकिस्तान एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता के भंवर में फंस गया है। राजधानी इस्लामाबाद में लॉकडाउन, पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर देना और शूट एट साइट के ऑर्डर बताते हैं कि हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं। इसके पीछे मर्ज वही पुराना है, पाकिस्तानी सेना की पॉलिटिकल सिस्टम और गवर्नमेंट को अपने इशारों पर नचाने की हसरत।
मामला क्यों बिगड़ा?
पाकिस्तान में PTI समर्थक मानते हैं कि पूर्व पीएम इमरान खान के साथ धोखा हुआ। पहले तो 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उन्हें सत्ता से हटाया गया और फिर सैकड़ों केस लादकर जेल में डाल दिया गया। उनसे पार्टी सिंबल छीन लिया गया और इस साल फरवरी में हुए इलेक्शन में शिरकत नहीं करने दिया गया।
इमरान और उनकी पार्टी PTI का आरोप है कि सेना की शह पर जनमत की लूट हुई। जिस तरह का जनसमर्थन इमरान को मिल रहा है, उससे जाहिर होता है कि जनता भी संतुष्ट नहीं है। उसकी मौजूदा मांग यही है कि इमरान को रिहा किया जाए और सही चुनाव परिणाम जारी हों।
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ेंगी
कई मीडिया संस्थानों का दावा है कि इस्लामाबाद में सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ पर गोलियां बरसाईं, जिसमें बड़े पैमाने पर मौतें हुई हैं। ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन एमनेस्टी इंटरनैशनल और अमेरिका ने भी मानवाधिकार उल्लंघन पर चिंता जाहिर की है। ताकत का इस्तेमाल करके पाकिस्तान ने अभी भले प्रदर्शन को रोक दिया हो, लेकिन यह स्थायी हल नहीं है। इमरान जब से सेना की नजरों से उतरे हैं, तभी से इस तरह के हालात बार-बार उभरे हैं।
बलूचिस्तान में नया फ्रंट
बलूचिस्तान में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल में वहां सुरक्षाकर्मियों, चाइनीज और गैर-बलोच लोगों पर अटैक हुए हैं। बंटवारे के बाद से ही आजादी मांग रहे बलूचिस्तान के मसलों को पाकिस्तान की कोई सरकार ठीक से संभाल नहीं पाई। ऐसे में अब देश की राजधानी में ही नया फ्रंट खुलना उसके लिए और बुरी खबर है।
पाकिस्तान की आर्थिक दुश्वारियां
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शनों की वजह से हर दिन लगभग 518 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। जो देश कर्ज के सहारे ही चल रहा हो, उसके लिए यह रकम बहुत बड़ी है। इस साल अक्टूबर की एक रिपोर्ट बताती है कि IMF ने इस्लामाबाद को 7 बिलियन डॉलर के नए लोन का वादा किया है, लेकिन साथ में कड़े आर्थिक सुधार की शर्तें लगाई हैं। सरकार के सामने परेशानी है कि वह पहले से महंगाई से त्रस्त जनता पर और बोझ कैसे लादे। राजनीतिक अस्थिरता से अब इसमें और मुश्किल आएगी।
लेबनान के बाद अब ईरान को सीरिया में झटका, अलेप्पो शहर पर विद्रोहियों ने किया कब्जा, ईरानी जनरल को मार डाला
दमिश्क: लेबनान में हिजबुल्लाह की कमर टूटने के बाद अब ईरान को सीरिया में बड़ा झटका लगा है। इजरायल के अभियान के बाद सीरिया में ईरान समर्थित असद सरकार के खिलाफ विद्रोहियों ने बड़ा हमला किया है। विभिन्न विद्रोही गुटों ने मिलकर चलाए गए अभियान में सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर कब्जा कर लिया। अलेप्पो पर 2016 से असद की सरकार और ईरान समर्थक मिलिशिया का नियंत्रण है। विद्रोहियों ने सीरिया में वरिष्ठ ईरानी सैन्य सलाहकार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के ब्रिगेडियर जनरल किउमार्श पोरहाशमी की अलेप्पो में हत्या कर दी है।
2020 के बाद बड़ा हमला
बुधवार को सीरियाई विद्रोहियों का हमला असद सरकार के लिए भी आश्चर्यजनक है। 2020 में रूस और तुर्की की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद यह पहली महत्वपूर्ण झड़प है। विद्रोहियों ने कहा कि सीरियाई सरकार और ईरानी मिलिशिया को रोकने के लिए हमला किया गया था।
हिजबुल्लाह की बड़ी हार
विद्रोहियों ने सीरिया में विद्रोहियों में अपना हमला ऐसे समय में शुरू किया है, जब ईरान ने लेबनान में अपने सबसे मजबूत प्रॉक्सी हिजबुल्लाह की इजरायल के हाथों बुरी हार देखी है। इजरायल ने लेबनान में अभियान चलाकर हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह समेत इसके अधिकांश नेताओं की हत्या कर दी है। इस चरमपंथी समूह की सीरियाई विद्रोहियों से असद सरकार को बचाने में अहम भूमिका रही है।
सीरिया के विद्रोही गुटों ने बुधवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर हमले की घोषणा की और दावा किया कि यह तुर्की की सीमा से लगे इदलिब प्रांत में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेना की तरफ से हाल ही में की गई गोलीबारी का जवाब था।
असद सरकार के खिलाफ बड़ा अभियान
सीएनएन ने तुर्की के एक सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि विद्रोहियों ने असद शासन के खिलाफ़ एक 'सीमित अभियान' शुरू किया था, जब सीरियाई सेना और सहयोगी मिलिशिया ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इदलिब शहर पर हमला किया और 30 से ज्यादा नागरिकों को मार डाला। सूत्र ने कहा कि अलेप्पो के आस-पास के शहरों से सीरियाई बलों के भाग जाने के बाद विद्रोहियों ने अभियान का विस्तार किया।
कौन हैं चीफ जस्टिस मनमोहन जो बन सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के अगले जज, केंद्र सरकार को भेजी गई सिफारिश
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने एकमत से प्रस्ताव पारित कर दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनमोहन को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पांच सीनियर जजों की कलिजियम ने जस्टिस मनमोहन के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। जस्टिस मनमोहन अभी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं। वे प्रसिद्ध ब्यूरोक्रेट और राजनीतिक नेता जगमोहन के पुत्र हैं।
केंद्र को भेजा है प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने एकमत से यह प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा है। चीफ जस्टिस खन्ना के अलावा कलिजियम में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस एएस ओका शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की स्वीकृत संख्या 34 है, जिसमें चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। फिलहाल चीफ जस्टिस समेत 32 जज कार्यरत हैं। हाल ही में जस्टिस हीमा कोहली और चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ रिटायर हुए हैं, जिसके बाद दो पद खाली हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने कहा है कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और अन्य सीनियर जस्टिस के नामों पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए इन नामों पर विचार किया गया। भारत में वरीयता सूची में जस्टिस मनमोहन का नाम दूसरे नंबर पर है, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट में वे सबसे सीनियर जस्टिस हैं। इसके अलावा, देश भर के प्रतिनिधित्व में दिल्ली हाई कोर्ट के केवल एक ही जस्टिस सुप्रीम कोर्ट में हैं।
कौन हैं जस्टिस मनमोहन?
जस्टिस मनमोहन का जन्म 17 दिसंबर, 1962 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से प्राप्त की थी। इसके बाद, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में बीए (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की और 1987 में दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर रजिस्टर्ड हुए। वकालत के दौरान, उन्होंने मुख्य रूप से भारत के सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, टैक्स, ट्रेडमार्क और सर्विस मामलों में प्रैक्टिस की। 18 जनवरी, 2003 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सीनियर एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया।
टोल वसूलने में कौन सा राज्य रहा अव्वल, प्राइवेट कंपनियों की कितनी कमाई, नितिन गडकरी ने दी डिटेल
नई दिल्ली :सरकार की तरफ से साल 2000 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूलना शुरू करने के बाद से हाईवे यात्रियों ने यूजर फी के रूप में लगभग 2.1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह केंद्र की तरफ से राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के निर्माण पर किए गए खर्च का एक छोटा सा हिस्सा है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष के लिए ही 2.7 लाख करोड़ रुपये का आवंटन अनुमानित है।
मंत्रालय ने गुरुवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि पिछले 24 वर्षों के दौरान, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत निर्मित खंडों के लिए प्राइवेट हाईवे निर्माण कंपनियों की तरफ से लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये का टोल एकत्र किया गया है। इन खंडों में, एनएच-48 के गुड़गांव-जयपुर कॉरिडोर ने यूजर्स शुल्क के रूप में लगभग 8,528 करोड़ रुपये लिए गए हैं।
टोल वसूलने में यूपी नंबर 1
जबकि निजी कंपनियों ने हाईवे प्रोजेक्ट में अपने निवेश की भरपाई पीपीपी के तहत खंडों से एकत्र किए गए टोल से करते हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को केवल उन खंडों से टोल मिलता है जो 100% सरकारी फंडिंग से बनाए गए हैं। राज्यों में, सबसे अधिक टोल उत्तर प्रदेश में हाईवे यूजर्स से आया। यूपी में देश में सबसे बड़ा हाईवे नेटवर्क भी है। मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों से कोई टोल राजस्व नहीं मिला।
45 हजार किलोमीटर NH पर टोल
वर्तमान में, लगभग 1.5 लाख किलोमीटर में से लगभग 45,000 किलोमीटर एनएच पर टोल लगाया जा रहा है। सरकार केवल उन हाईवे पर टोल वसूलती है जो कम से कम ढाई लेन के हैं। एनएचएआई रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अधिक राजमार्गों को टोल के दायरे में लाने का लक्ष्य रखता है। एक अन्य उत्तर में, मंत्रालय ने निचले सदन को सूचित किया कि पिछले पांच वर्षों में, सरकार ने एनएच के निर्माण और रखरखाव के लिए 10.2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
1.44 लाख करोड़ रुपये टोल वसूली
सरकार ने दिसंबर 2000 से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित शुल्क प्लाजा पर टोल टैक्स के रूप में 1.44 लाख करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी यूजर्स टोल प्लाजा नेशनल हाईवे टोल (दरों और संग्रह का निर्धारण) नियम, 2008 और संबंधित कन्सेशन एग्रीमेंट के प्रावधान के अनुसार स्थापित किए गए हैं।
गडकरी ने कहा कि दिसंबर, 2000 से अब तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित टोल प्लाजाओं पर यूजर्स शुल्क के रूप में 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई है।
गिटार साथ ले जाना है तो बुक करो एक्स्ट्रा सीट या फिर... एयर इंडिया के फरमान से टेंशन में गिटारिस्ट और म्युजिशन
मुंबई : एयर इंडिया की फ्लाइट में यात्रा करने वाले गिटारवादकों के लिए मुसीबत हो गई है। एयरलाइन अब यात्री केबिन में गिटार ले जाने की अनुमति नहीं दे रही है। हवाई अड्डे के काउंटर पर ग्राउंड स्टाफ उन्हें दो विकल्प देता है, या तो गिटार को चेक इन करें या केबिन में ले जाने के लिए एक एक्स्ट्रा सीट बुक करें। इस कदम की संगीतकारों ने आलोचना की है। खास तौर पर संघर्षरत गिटारवादकों के लिए जो पेश किए गए दो विकल्पों में से किसी एक को वहन नहीं कर सकते। इस पर विवाद छिड़ गया है। अब उनके अनुबंध में एयर इंडिया को बुक न करने का उल्लेख है।
पिछले हफ्ते, संगीत तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय के गिटारवादक एहसान नूरानी को एयर इंडिया के ग्राउंड स्टाफ ने एयर इंडिया मुंबई-वाराणसी फ्लाइट में अपना गिटार ले जाने से रोक दिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने मान लिया। लेकिन इस अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यह 'नया नियम' उन कलाकारों के लिए कैसे काम करेगा जो अभी शुरुआत कर रहे हैं या जो आर्थिक रूप से स्थिर नहीं हैं।
क्या बोले गिटारिस्ट नूरानी
नूरानी ने कहा, 'हम अतिरिक्त सीट के लिए भुगतान कर सकते हैं, लेकिन उन सभी संगीतकारों का क्या होगा जो 10,000 रुपये से भी कम में शो करते हैं? वे अतिरिक्त सीट कैसे बुक कर सकते हैं या गिटार को एक्स्ट्रा लगेज मानते हुए अतिरिक्त भुगतान कैसे बुक कर सकते हैं? जबकि एयरलाइन नुकसान या क्षति के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेती है?' इसके अलावा, प्रत्येक उड़ान में अधिकतम एक या दो गिटार हो सकते हैं, इससे अधिक नहीं, इसलिए यह असुविधा का विषय नहीं है।
गोवा-मुंबई फ्लाइट में हुई परेशानी
महेश तिनेकर नामक गिटारवादक ने कहा कि उन्हें एयर इंडिया के कर्मचारियों ने गोवा-मुंबई उड़ान में अपना गिटार बुक करने या अतिरिक्त सीट बुक करने को कहा। उन्होंने कहा, 'एयर इंडिया का दावा है कि वे अन्य यात्रियों को असुविधा न हो, इसलिए वे विमान में गिटार नहीं ले जाने देते हैं। लेकिन मैं पिछले 20 वर्षों से केबिन में गिटार के साथ यात्रा कर रहा हूं और एक बार भी किसी यात्री ने शिकायत नहीं की, तो फिर वे यह नई नीति क्यों लेकर आए हैं?'
क्या बोले एयर इंडिया प्रवक्ता
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, 'केबिन के अंदर संगीत वाद्ययंत्रों सहित अन्य वस्तुओं को निर्धारित आयामों के अनुरूप ले जाने के मामले में एयर इंडिया की नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।' जबकि इंडिगो जैसे अन्य वाहक अपने बैगेज नीति दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से बताते हैं कि गिटार को कैरी-ऑन के रूप में अनुमति दी जाती है।'
एयर इंडिया के नियम
एयर इंडिया के दिशा-निर्देश गिटार जैसे संगीत वाद्ययंत्रों के लिए अपवाद नहीं बनाते हैं। एयर इंडिया की वेबसाइट बताती है कि इकोनॉमी क्लास में कैरी-ऑन के लिए अधिकतम स्वीकार्य आयाम 55 सेमी की ऊंचाई, 40 सेमी की लंबाई और 20 सेमी की चौड़ाई है, और कुल आयाम 115 सेमी से अधिक नहीं होना चाहिए। लेकिन एक मानक गिटार सॉफ्टबोर्ड के आयाम बहुत बड़े होते हैं: 110 सेमी, 40 सेमी और 7 सेमी।
दिवालिया होने पर भी नहीं मान रहे... खराब स्वास्थ्य व्यवस्था पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को ऐसे सुनाया
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के केंद्र सरकार द्वारा पोषित स्वास्थ्य योजना के माध्यम से वित्तीय मदद मंजूर नहीं करने पर बुधवार को हैरानी जताई। चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि यह अजीब है कि दिल्ली सरकार केंद्र की सहायता स्वीकार नहीं कर रही है जबकि उसके पास अपने हेल्थ केयर सिस्टम के लिए कोई पैसा नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि आपकी राय में अंतर हो सकता है लेकिन इस मामले में आप सहायता लेने से क्यों इनकार कर रहे हैं?.. आपकी कोई भी मशीन काम नहीं कर रही है। अस्पतालों में मशीनों को काम करना होगा लेकिन वास्तव में आपके पास उन्हें चलाने के लिए पैसे नहीं हैं। चीफ जस्टिस मनमोहन ने कहा, आज आप नागरिकों के लिए 5 लाख रुपये लेने से इनकार कर रहे हैं। मैं हैरान हूं।
दिल्ली में बीजेपी के सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) लागू करने का निर्देश देने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है। सांसदों ने अपनी जनहित याचिका में कहा कि दिल्ली एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश है जहां वंचितों के लिए लाभकारी हेल्थ केयर स्कीम को अभी तक लागू नहीं किया गया है, इसलिए वे 5 लाख रुपये के जरूरी स्वास्थ्य कवरेज से वंचित हैं। चीफ जस्टिस मनमोहन ने आगे टिप्पणी की कि मैं अदालत में खुले तौर पर कह रहा हूं कि आप वर्चुअली दिवालिया हैं..आपके स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं। इस तरह की गड़बड़ी में आप केंद्रीय सहायता स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
आज होनी है अगली सुनवाई
जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी ने पहले तो याचिका की विचारणीयता पर सवाल उठाया और उसे गलत धारणा पर आधारित बताया। बाद में कोर्ट के रुख देखते हुए कहा कि वह याचिका पर विचार करने के बाद उस पर जवाब देना चाहते हैं।
कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय योजना नागरिकों के एक विशेष वर्ग को दी जा रही सहायता मात्र है और दिल्ली प्रशासन के भीतर मतभेदों को दूर करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार के पास धन की कमी के कारण कई आगामी अस्पतालों के पूरा न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। अदालत ने कहा कि उसे आए दिन विधायकों द्वारा उनकी शिकायतों का कथित तौर पर समाधान नहीं किए जाने के संबंध में याचिकाएं मिल रही हैं जो अच्छा नहीं है।
सैटेलाइट नेटवर्क पर सरकार का बड़ा फैसला, एलन मस्क-जियो के बीच नजर आएगी कड़ी टक्कर
सैटेलाइट नेटवर्क का इंतजार बेसब्री से हो रहा है। सरकार की तरफ से सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को लेकर बड़ा बयान दिया गया है। लोकसभा में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने इसको लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन में प्रशासनिक प्रक्रिया को फॉलो किया जाएगा या इसे बिना नीलामी के भी आवंटित किया जा सकता है। नए टेलीकॉम एक्ट के तहत हम देश के नागरिकों के हित में ही फैसले लेंगे। आर्थिक और टेक्निकल चीजों को ध्यान में रखते हुए स्पेक्ट्रम को बेहतर तरीके से आवंटित किया जाएगा।
स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर टेलीकॉम डिपार्टमेंट की तरफ से टेलीकॉम रेगुलेटर्स को रेफ्रेंस भेजा गया है। इसमें स्पेक्ट्रम की कीमत, लाइसेंस से संबंधित चीजों पर सलाह मांगी गई है। ये सिफारिशें सैटकॉम सर्विस देने वालों को दी गई है। उन्होंने कहा, 'TRAI को भी अभी DoT को अपनी सिफारिशें भेजनी हैं।' सरकार का ये बयान ऐसे समय में आया है जब सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर पूरी दुनिया में बहस चल रही है। सैटेलाइट फर्म भी इस पर विचार कर रहा है।
एलन मस्क और जियो में टक्कर
सैटेलाइट आवंटन के प्रोसेस पर सभी कंपनियां आमने सामने नजर आ रही हैं। एलन मस्क की स्टारलिंक और अमेज़न की Kuiper भी इस लड़ाई में नजर आ रही है। इसमें जियो, एयरटेल और वोडफोन भी शामिल है। दरअसल सभी कंपनियां अपनी सलाह दे रही है। एलन मस्क मौजूदा सिस्टम का विरोध कर रहे हैं। जबकि रिलायंस जियो चाहती है कि स्पेक्ट्रम आवंटन में नीलामी का सहारा लेना चाहिए। भारत की टॉप टेलीकॉम कंपनियां चाहती हैं कि स्पेक्ट्रम आवंटन में सबसे बराबर ट्रीटमेंट किया जाए।
जियो-एयरटेल में नजर आएगी टक्कर-
स्टारलिंक, अमेज़न जैसी कंपनियां अपनी सर्विस शहरी क्षेत्र में प्रोवाइड करना चाहते हैं। इसके पीछे बहुत सारी वजहें हैं। शहरी क्षेत्र में इनकी टक्कर जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों से होने वाली है। हालांकि अभी तक सामने आई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि स्टारलिंक की सर्विस काफी महंगी है जबकि जियो और एयरटेल की तरफ से सस्ता इंटरनेट प्रोवाइड करवाया जा रहा है।
दिल्ली में आज तय होगा महाराष्ट्र सीएम का नाम! अमित शाह संग देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार की बैठक
मुंबई : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर इतना तो साफ हो गया है कि अब बीजेपी नेता ही इस पद पर आसीन होंगे। एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि वे सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के लिए गए किसी भी निर्णय को अंतिम मानेंगे। शिंदे के बयान के बाद अटकलें शांत हो गई हैं और अब देवेंद्र फडणवीस का सीएम बनना तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पार्लियामेंट सेशन के बीच पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मौका निकालकर महाराष्ट्र के सीएम पद के नाम की आधिकारिक घोषणा करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आलाकमान गुरुवार को दिल्ली में प्रफुल्ल पटेल, अजीत पवार, देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे सहित महायुति नेताओं से मिलने वाला है। इसी मुकालात में नाम फाइनल होगा और उसका ऐलान किया जाएगा।
संसद सदन के बीच मुलाकात
महायुति गठबंधन के भीतर महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रही खींचतान के बीच एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना सांसदों ने बुधवार को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के अमित शाह से मिलने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चल रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के बीच में चले गए
आज अमित शाह के साथ बैठक
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे। राज्य के मुख्यमंत्री के फैसले पर गतिरोध को सुलझाने में मदद के लिए उनके भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि जवाब जल्द ही दिया जाएगा, क्योंकि चर्चाएं जारी हैं।
किस पार्टी के कितने मंत्री, यह भी होगा तय
अन्य मंत्री पदों के बारे में फडणवीस ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री के फैसले को अंतिम रूप दिया जाएगा, उसके बाद बाकी नियुक्तियां की जाएंगी। इससे पहले आज शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने इस बात पर जोर दिया कि अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होना चाहिए। शिरसाट ने कहा कि हम चाहते हैं कि सीएम शिवसेना से हो। हमने सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और मुझे विश्वास है कि शीर्ष नेता उनका समर्थन करेंगे। हालांकि एकनाथ शिंदे ने खुद ही सीएम पद के दावे से खुद को अलग कर लिया।
दो साल में ही हो गया कमाल! रूस बन गया हमारे लिए जीरो से हीरो, जान लीजिए किस सेक्टर की बात हो रही है
नई दिल्ली: हम और आप समझते हैं कि भारत कच्चे तेल (Crude Oil) की सबसे ज्यादा खरीददारी खाड़ी देशों से करता है। लेकिन सच्चाई यही है कि इस समय भारत में कुल खपत का 35 फीसदी क्रूड ऑयल रूस (Russia) से आ रहा है। तभी तो इस समय रूस भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बन गया है। करीब दो साल पहले अपने उपयोग का आधा प्रतिशत भी कच्चा तेल रूस से नहीं आता था। अब वहां से हम 35 फीसदी खरीदारी कर रहे हैं। यह जानकारी खुद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी है।
भारत के क्रूड बॉस्केट में हुआ महत्वपूर्ण बदलाव
हरदीप सिंह पुरी ने FIPI ऑयल एंड गैस अवार्ड्स समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बताया कि भारत के क्रूड बॉस्केट में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2022 में रूस से भारत महज 0.2% क्रूड ऑयल खरीदता था। यह अब बढ़कर 35% हो गया है। उन्होंने बताया कि रूस के अलावा भारत सऊदी अरब, यूएई, इराक, कुवैत और अमेरिका से भी तेल खरीदता है।
हर महीने बदलता रहता है
पुरी ने कहा, “पिछले कुछ समय से, रूस भारत को कच्चे तेल का सबसे बड़ा सप्लायर रहा है। यह प्रतिशत 35% से ऊपर है, लेकिन यह हर महीने बदलता रहता है।” उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी वैश्विक कीमतों और उपलब्धता पर निर्भर करती है। भारत लंबी अवधि के अनुबंधों और स्पॉट मार्केट खरीद के बीच संतुलन बनाए रखता है। उन्होंने आगे कहा, “फरवरी 2022 में यह केवल 0.2 प्रतिशत था, लेकिन फिर यह बढ़ गया। यह कैसे रहेगा और कहां जाएगा, मैं कहता रहता हूं कि ये फैसले मंत्रालय नहीं लेता है। हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, कच्चे तेल के विशेष ग्रेड के लिए टेंडर निकालती रहती हैं।”
भारत में एलपीजी की कीमत दुनिया में सबसे कम
भारत की ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति पर बात करते हुए, हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि इस समय भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है एलपीजी सिलेंडर काफी सस्ता मिलता है। उन्होंने बताया, “भारत में LPG सिलेंडर की कीमतें दुनिया भर में सबसे कम हैं। PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों के लिए यह खर्च 6 रुपये प्रतिदिन जितनी कम है। वहीं सामान्य परिवारों के लिए यह 14 रुपये प्रतिदिन है। इसके अलावा, भारत साल 2030 तक अपने अन्वेषण क्षेत्र को दस लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने की राह पर है। 2025 तक इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।"
अडानी ग्रुप के शेयरों में आई तूफानी तेजी, 15% से ज्यादा उछले शेयर, 8 दिन में बदल गए हालात
नई दिल्ली: पिछले गुरुवार को अमेरिकी कोर्ट के एक आदेश ने अडानी ग्रुप को हिला कर रख दिया था। रिश्वत देने और धोखाधड़ी के आरोप के बाद अडानी स्टॉक्स में लोअर सर्किट तक की गिरावट आ गई थी। इसके बाद अडानी को कई झटके लगे। डील भी कैंसिल हुईं। लेकिन आज फिर गुरुवार है और इन 8 दिनों में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। आज अडानी ग्रुप के शेयर रॉकेट बने हुए हैं।
आज गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयरों में सुबह 11 बजे तक 15 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ गया है। ग्रुप के सारे स्टॉक हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी अडानी टोटल गैस के शेयरों में आई। इसके बाद अडानी पावर और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर रहे। यह तब है जब शेयर मार्केट में गिरावट है।
कितनी आई तेजी?
गुरुवार सुबह 11 बजे सेंसेक्स 597.39 अंकों की गिरावट के साथ 79,636.69 पर था। वहीं निफ्टी में भी गिरावट जारी है। इसके बावजूद अडानी ग्रुप के सभी शेयर हरे निशान पर हैं। अडानी ग्रुप के प्रमुख शेयरों की स्थिति इस प्रकार है:
Adani Green Energy: इस शेयर में 10% की तेजी आई है। इसमें अपर सर्किट लगा है। इस तेजी के साथ यह शेयर 1088.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
Adani Enterprises: यह अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी है। इसमें 3.84% अंकों की तेजी आई है। यह शेयर 11 बजे 2490.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
Adani Ports: इस शेयर में भी तेजी आई है। इसमें 0.44% की तेजी आई। सुबह 11 बजे यह शेयर 1205.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
Adani Power: इस शेयर में 8% फीसदी से ज्यादा तेजी आई है। सुबह 11 बजे यह 8.54% की तेजी के साथ 568.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
Adani Total Gas: इस शेयर में गुरुवार को सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। 14.50 की तेजी के साथ यह शेयर सुबह 11 बजे 794.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था। एक समय इसमें 15 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ गई थी।
Adani Wilmar: गुरुवार को इस शेयर में भी तेजी आई। शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा। 11 बजे यह शेयर 1.21% की तेजी के साथ 318.70 रुपये पर था।