देश-विदेश
RG Kar Medical College: पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की बढ़ीं मुश्किलें, सीबीआई के बाद अब ED ने घर पर मारा छापा
कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार की सुबह छापामारी की। ईडी की कार्रवाई अभी जारी है। केंद्रीय एजेंसी ने वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पीएमएलए का मामला दर्ज किया है। बता दें कि संदीप घोष फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं। मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उन्हें तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। ईडी ने अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा है।
इन जगहों पर ईडी का एक्शन
ईडी ने घोष के कोलकाता के बेलेघाटा स्थित आवास पर छापा मारा। इसके अलावा टीम दो अन्य लोगों के हावड़ा स्थित आवास पर भी पहुंची। नौ अगस्त को एक महिला प्रशिक्षु डॉक्टर का शव आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में मिला था। इस मामले की पहले जांच कोलकाता पुलिस ने की। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच कर रही है। इस बीच मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे।
Hindu Youth Lynched In Bangladesh: पुलिस के सामने हिंदू युवक को मारती रही भीड़, मस्जिद से किया मौत का एलान
नई दिल्ली। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार (Hindu Youth Lynched In Bangladesh) के मामलों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वहां, मौजूद अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार असमर्थ दिख रही है।बांग्लादेश के खुलना में एक हिंदू युवक पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसपर जानलेवा हमला किया। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, युवक की मौत की जानकारी मस्जिद के लाउडस्पीकर से दे दी गई। हालांकि, बाद में पुलिस ने कहा कि वह जिंदा है, उसका इलाज चल रहा है।
"संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर को शुरू, गणेश चतुर्थी पर नए भवन में होगा स्थानांतरण"
नई दिल्ली: संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. तमाम राजनीतिक बयानबाजियों के बीच खबर है कि विशेष सत्र पुराने भवन में शुरू होगा, और बाद में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 19 सितंबर को नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा. इस तरह से गणेश चतुर्थी के अवसर पर नए संसद भवन में कामकाज शुरू हो जाएगा.
संसद के विशेष सत्र को लेकर विपक्षी दलों में बीच मची ऊहापोह की स्थिति के बीच कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया है कि I.N.D.I.A. गठबंधन में शामिल दल संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार नहीं करेंगे. कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह हमारे लिए लोगों के मुद्दों को उठाने का एक अवसर है. यह भी निर्णय लिया गया (भारत गठबंधन के नेताओं की बैठक में) कि सोनिया गांधी पीएम मोदी को एक पत्र लिखेंगी, जिसमें उन्हें भारत गठबंधन की बैठक में हुई चर्चाओं से अवगत कराया जाएगा.
डॉक्टर को लगी इंस्टाग्राम पर रील देखने की लत, लालच में पड़े और ऐसे गंवा बैठे लाखों रुपये
दिल्ली : रोहिणी स्थित आंबेडकर अस्पताल में कार्यरत एक रेजिडेंट डॉक्टर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें स्टाक मार्केट में निवेश कर कम समय अच्छा रिटर्न का भरोसा दिया। झांसे में आकर डॉक्टर ने रुपये 7.68 लाख रुपये गंवा दिए। डॉक्टर की शिकायत पर रोहिणी जिला साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों का पता लगाने में जुट गई है।
पीड़ित डॉक्टर शिवम पांडेय मूलरूप से महाराष्ट्र के पालघर के रहने वाले हैं। यहां रोहिणी सेक्टर छह में रहते हैं। पुलिस को दी शिकायत में डॉक्टर ने बताया कि वह 18 फरवरी को इंस्टाग्राम पर रील देखने के दौरान तभी स्टॉक मार्केट का एक विज्ञापन दिखा। जिसमें कम समय में ज्यादा पैसे देने का दावा किया गया था। वीडियो के नीचे ही एक लिंक था।
लिंक पर क्लिक करते ही वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े
इस लिंक पर क्लिक करते ही वह एक वॉट्सऐप समूह से जुड़ गए। जिसमें पहले से सौ से ज्यादा लोग शामिल थे। इस समूह में जान हसनैन नाम का व्यक्ति शेयर मार्केट में निवेश व मार्केट में उतार चढ़ाव के बारे में जानकारी देता था। जिसके बाद हसनैन की एक सहयोगी नेहा अपने नंबर से मैसेज कर उन्हें निवेश करने के लिए कहा। साथ ही कहा की कम समय में अच्छा रिटर्न मिल जाएगा। इस महिला के झांसे में आ गए।
आरोपितों ने डॉक्टर से ऐप डाउनलोड कराया
फिर आरोपितों ने एक ऐप डाउनलोड करवाया। जिसके जरिए पैसे बैंक खाते में डालने के लिए कहा। बैंक खाते में पैसे डालने पर ऐप में क्रेडिट दिखाई देता था। उन्होंने एक हजार रुपये डालने के बाद उसे निकाला। जिससे ऐप पर उनका भरोसा हो गया। डॉक्टर नेहा के कहने पर लगातार पैसे का निवेश करने लगे। कुछ दिनों तक मुनाफा दिख रहा था। पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की लेकिन पैसा नहीं निकला।
तीस फीसदी रकम देने पर बाकी पैसे देने की बात
पीड़ित ने नेहा से बात की। उसने बताया कि तीस फीसदी देने के बाद ही पैसे वापस मिलेंगे। 6.58 लाख जमा रुपये को निकालने के लिए उन्होंने नेहा के खाते में एक लाख रुपये और डाल दिए। लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने इसकी शिकायत रोहिणी जिला साइबर सेल से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस मामले में जांच की जा रही है। पुुलिस आरोपितों का पता लगाने में जुट गई है।
पूर्व में भी ठगी के शिकार हुए लोग
25 अगस्त 2024
एक कंपनी के अकाउंटेंट अंकित से आनलाइन फैंटेसी क्रिकेट गेम के नाम पर साइबर ठगों ने झांसे में लेकर इनसे चार लाख रुपये ठग लिए। रोहिणी जिला साइबर थाना पुलिस मामले की कर रही है जांच।
18 अगस्त 2024
रोहिणी के राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में नौकरी करने वाली एक महिला ने गूगल पर बाइक टैक्सी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। जिसपर काल लगाई। जिसके बाद उनके बैंक खाते से 1,19,353 रुपये निकल गए।
11 जुलाई 2024
रोहिणी कोर्ट में तैनात एक एडिशनल सेशन जज के मोबाइल के मैसेजिंग ऐप को साइबर ठग ने हैक कर। जज के दोस्तों को फोन कर 1.10 लाख रुपये ठग लिए।
27 जून 2024
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर रोहिणी में रहने वाले एचडीएफसी के एक कर्मचारी से 81 हजार रुपये ठग लिए।
03 नवंबर 2023
दिल्ली में पार्ट टाइम नौकरी तलाश रहे लोगों से लाखों की ठगी कर चुके चार बदमाशों को रोहणी साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया। जो रोहिणी में व अन्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों से लाखों रुपये ठग चुके थे।
लंदन जा रहे विमान की क्यों करनी पड़ी कोपेनहेगन में इमरजेंसी लैंडिंग
नई दिल्ली :
डेनमार्क के कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर रविवार को एयर इंडिया (Air India) के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर एयरलाइन ने कहा कि 6 अक्टूबर को दिल्ली से लंदन जा रही उड़ान AI111 को मेडिकल इमरजेंसी के कारण डेनमार्क के कोपेनहेगन हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया था.
एयर इंडिया ने कहा है कि, विमान में सवार एक अतिथि की ओर से बीमारी की शिकायत किए जाने पर कोपेनहेगन में विमान उतारकर उनको तत्काल चिकित्सा के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया.
एयरलाइन ने कहा कि, कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर हमारे ग्राउंड सहयोगियों ने इस मार्ग परिवर्तन के कारण सभी मेहमानों को होने वाली असुविधा को कम करने की पूरी कोशिश की. उड़ान कोपेनहेगन से रवाना हो गई है और जल्द ही लंदन में उतरने की उम्मीद है.
एयर इंडिया ने कहा है कि, हम दोहराना चाहेंगे कि मेहमानों और चालक दल की भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.
अब चीतों को घूमने के लिए मिलेगा बड़ा जंगल
भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने चीतों के रहवास पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से 11 गांव खाली कराए हैं। इन गांवों की भूमि राष्ट्रीय उद्यान में शामिल की गई है। दरअसल, कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसे 18 गांव को खाली कराया जा रहा है। इन गांवों की भूमि के बदले 3 हजार 720.9 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह दी गई है। उद्यान के अंदर 18 गांवों का कुल रकबा 4 हजार 407 हेक्टेयर है, इनमें अब तक कुल 11 गांव खाली कराए जा चुके हैं।
चीता कॉरिडोर बनाने की योजना
इन गांव की भूमि को वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यान का वनखंड घोषित कर दिया है। इस फैसले से वहां चीतों का संरक्षण किया जा सकेगा। उन्हें खुले में घूमने के लिए निर्बाध वन क्षेत्र मिलेगा। इसके पहले चीतों के घर का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है। इसको इस तरह से विकसित कर रहे हैं कि चीता मप्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा तक घूम सकें। इसके लिए इन तीन राज्यों के बीच चीता कॉरिडोर बनाने की योजना भी है।
गांव को खाली कराकर घोषित किया वनखंड
बता दें कि कूनो के अंदर बने बरेड, लादर, पांडरी, खजूरी में खजूरी, खजूरी कलां और खजूरी खुर्द है। इसी तरह पैरा में चार गांव पैरा, पालपुर, जाखोद एवं मेघपुरा और बसंतपुरा गांव है। इन सभी गांवों को खाली कराकर अब वनखंड घोषित किया है, जिससे ये राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित वन बन गए हैं। इन गांवों का कुल रकबा 1 हजार 854.932 हेक्टेयर है। शेष गांव की भूमि भी शीघ्र वनखंड घोषित की जाएगी।
चीतों के रहवास का बढ़ाया दायरा
मध्य प्रदेश में चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से पहले उनका रहवास पालपुर कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। कूनो का कुल 54 हजार 249.316 हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिसके बाद अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761.816 हेक्टेयर हो गया है।
गरीब रथ में अब 20 थर्ड एसी इकोनॉमी कोच, आरामदायक होगा सफर
जबलपुर : जबलपुर-मुंबई-जबलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस (12187/88) की यात्रा अब आरामदायक होगी। शनिवार को नए एलएचबी के साथ यह ट्रेन पटरी पर उतरी। 22 कोच के नए रैक में 20 डिब्बे थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के हैं। ये डिब्बे पैसेंजर फ्रेंडली होने के साथ ही आधुनिक तकनीक से बने हैं।
नए कोच में झटके कम लगेंगे। ये अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है। गाड़ी की गति को भी बढ़ाना संभव होगा। इसे 160 किमी प्रतिघंटे तक की गति से चलाया जा सकेगा। थर्ड ऐसी इकोनॉमी श्रेणी के डिब्बे से गाड़ी का रैक बदल दिए जाने से यात्रियों के लिए बर्थ संख्या में भी वृद्धि हुई है।
विशेष बात यह है कि गाड़ी पुराने (आईसीएफ) रैक में साइड सीट पर मिडिल बर्थ की समस्या का नए रैक से निदान हो गया है। थर्ड एसी इकोनोमी कोच में साइट में सामान्य डिब्बों की तरह दो बर्थ ही है। बड़ी राहत किराए के मोर्चे को लेकर भी है। गरीब रथ के लिए निर्धारित पुराने किराया दर ही अभी यात्रियों से वसूले जाने का निर्देश है।
गरीब रथ एक्सप्रेस
- 992 किमी की दूरी नगर से तय करती है यह गाड़ी
- 13 स्टेशन पर ठहराव, अंतिम पड़ाव को मिलाकर
- 3 हजार के लगभग यात्री एक फेरे में करते हैं यात्रा
- 22 कोच का नया रैक, 20 डिब्बे थ्री एसी इकोनॉमी
- ऐसे हो गई 72 बर्थ वाले डिब्बे में 83 बर्थ
- लंबी प्रतीक्षा के बाद पमरे को नया रैक मिला है। थ्री एसी इकोनोमी कोच में हाइ वोल्टेज इलेक्ट्रिक स्विचगियर को डिब्बे के अंदर से हटा कर ट्रेन के निचले हिस्से में लगाया गया है। इससे कोच में 11 नई सीटों के लिए जगह मिल गई है।
-
- इससे थ्री एसी के परंपरागत 72 बर्थ वाले डिब्बे की जगह पर थ्री एसी इकोनॉमी के प्रत्येक कोच में 83 बर्थ हो गई है। यह डिब्बे बेहतर इंटीरियर, प्रकाश व्यवस्था, प्रत्येक बर्थ पर चार्जिंग प्वाइंट जैसी कई यात्री अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित है।
-
-
सप्ताह में तीन दिन चलती है गाड़ी
जबलपुर-सीएसएमटी गरीब रथ एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है। यह जबलपुर से मुंबई के बीच एकमात्र सीधी गाड़ी है। जबलपुर से पुणे के लिए सप्ताह में एक दिन सीधी चलती है। इसलिए बड़ी संख्या में पुणे के यात्री भी गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार होते हैं। गोवा जाने वाले यात्री भी गरीब रथ की सवारी करते हैं। शिरडी जाने वाले श्रद्धालु भी मनमाड़ तक गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर करते हैं।
-
पंजाब सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए योजना शुरू की
नई दिल्ली:
सर्दियों का मौसम शुरू होने और रबी की फसलों की बोवनी शुरू होने से पहले खेतों को तैयार करने के लिए किसान पराली जलाना (Stubble burning) शुरू कर देते हैं. इससे हर साल गंभीर प्रदूषण की समस्या सामने आती है. पंजाब सरकार ने पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 'फसल अवशेष प्रबंधन ऋण योजना' शुरू की है. इसके तहत किसानों को मशीनें मुहैया कराने के लिए 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है.
भगवंत मान ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है- ''पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है. पराली निपटाने के लिए किसानों को 50 से 80 प्रतिशत सब्सिडी पर मशीनरी उपलब्ध करवाने के लिए सहकारी बैंकों द्वारा पूरे पंजाब में 'फसल अवशेष प्रबंधन ऋण योजना' शुरू की गई है. सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि इस लाभकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
पराली जलाने से घट जाते हैं मिट्टी के पोषक तत्व
फसल अवशेष प्रबंधन से सिर्फ प्रदूषण ही नहीं नियंत्रित नहीं होता बल्कि इससे मिट्टी को अधिक उपजाऊ बनाने में भी मदद मिलती है. फसलों के अवशेषों का प्रबंधन करने से मिट्टी की भौतिक अवस्था में सुधार होता है. इससे मिट्टी में कार्बन और नाइट्रोजन का भंडार बढ़ता है. फसल अवशेषों से ईंधन और श्रम की बचत होती है. फसल अवशेषों के इस्तेमाल से विद्युत उत्पादन किया जा सकता है. फसलों के अवशेषों को जलाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी आती है.
दिल्ली में बायो-डिकंपोजर घोल का छिड़काव शुरू
पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर प्रदेश के दिल्ली से सटे इलाकों में पराली जलाए जाने से राष्ट्रीय राजधानी को हर साल भीषण प्रदूषण के संकट का सामना करना पड़ता है. दिल्ली में भी पराली से होने वाले प्रदूषण से बचाव के लिए कोशिशें शुरू कर दी गई हैं. पराली जलाने से बचने के लिए बायो-डिकंपोजर घोल के छिड़काव का अभियान शुरू किया गया है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने तीन दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी में पराली जलाने से बचने के लिए खेतों में जैविक रूप से अपघटित (बायो-डिकंपोजर) होने वाले घोल के छिड़काव का अभियान शुरू किया. इसका उद्देश्य सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर को कम करना है. यह अभियान नरेला विधानसभा क्षेत्र के पल्ला गांव में शुरू किया गया.
आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि दिल्ली सरकार सर्दियों के प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए 5,000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर बायो डि-कंपोजर का छिड़काव करेगी. इसके लिए 11 टीमें गठित की गई हैं और दिल्ली के सभी बासमती और गैर-बासमती चावल के खेतों में इसका छिड़काव किया जाएगा.
सिर्फ एक फॉर्म भरकर लाभ ले सकते हैं किसान
दिल्ली सरकार ने इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए एक सरल प्रक्रिया सुनिश्चित की है, जिसके तहत किसानों को इसमें भाग लेने के लिए केवल एक फॉर्म भरना होगा. राजधानी के 841 किसान फॉर्म भर चुके हैं.
गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए 21 सूत्रीय शीतकालीन कार्य योजना तैयार की है. उन्होंने कहा कि दिल्ली वासियों और संबंधित विभागों के प्रयासों की बदौलत राज्य में प्रदूषण के स्तर में लगभग 34.6 प्रतिशत की कमी देखी गई है. दिल्ली में में प्रदूषण वाले दिनों की संख्या 243 थी जो 2023 में घटकर 159 हो गई.
NCB और ATS ने किया ₹1800 करोड़ की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़
नई दिल्ली :
देश में नशीले पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ शिकंजा लगातार कसा जा रहा है. गुजरात एटीएस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने भोपाल में नशीले पदार्थ बनाने वाली एक फैक्ट्री (Drug Factory) का भंडाफोड़ किया है. इस फैक्ट्री से 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ड्रग्स बरामद की गई है. साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी कामयाबी मिली है. इस मामले में भोपाल के रहने वाले अमित चतुर्वेदी और नासिक के रहने वाले सान्याल बाने को गिरफ्तार किया गया है. दोनों मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स के अवैध निर्माण और बिक्री में शामिल थे.
907 किलो एमडी ड्रग्स की बरामदगी
उन्होंने बताया कि इसके बाद गुजरात एटीएस और एनसीबी ऑपरेशंस की संयुक्त टीम ने 5 अक्टूबर को बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया में छापा मारा. यह फैक्ट्री भोपाल के बाहरी इलाके में है और इसमें नशीली दवा मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण की प्रक्रिया चल रही थी.
इस दौरान कुल 907.09 किलोग्राम मेफेड्रोन (ठोस और तरल दोनों रूप में) पाया गया. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस इसकी अनुमानित कीमत करीब 1814.18 करोड़ रुपये है.
इसके साथ ही टीम को करीब 5000 किलो मेफेड्रोन (एमडी) के उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री मिली है. साथ ही ग्राइंडर, मोटर, कांच के फ्लास्क, हीटर और अन्य उपकरण भी पाए गए हैं. इस सामग्री को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.
5 साल जेल में रह चुका है आरोपी बाने
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी सान्याल प्रकाश बाने को 2017 मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में एमडी जब्ती मामले में गिरफ्तार किया गया था.
5 साल जेल में रहने के बाद उसने अपने साथियों के साथ फिर से साजिश रची थी. वहीं अमित चतुर्वेदी ज्यादा पैसा कमाने के लिए अवैध रूप से मेफेड्रोन (एमडी) का निर्माण और बिक्री करता था.
25 किलो एमडी ड्रग्स होता था रोज तैयार
इसके लिए उन्होंने बगरोदा में 6-7 महीने पहले एक फैक्ट्री किराए पर ली थी और करीब दो-तीन महीने पहले मशीनें लगाई गई थीं. आरोपियों ने मेफेड्रोन के अवैध उत्पादन के लिए कच्चा माल और उपकरणों को एकत्रित किये थे.
जब्त की गई फैक्ट्री करीब 2500 गज के शेड में चल रही थी और यह गुजरात एटीएस द्वारा भंडाफोड़ की गई अब तक की सबसे बड़ी अवैध ड्रग्स फैक्ट्री है. यहां पर रोजाना करीब 25 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) तैयार होता था. इस ड्रग्स को किसे बेचा जा रहा था, इसकी जांच एनसीबी और गुजरात एटीएस कर रही है.
प्रदेश में 8 नवंबर तक पुलिसकर्मियों की छुट्टियां कैंसिल
लखनऊ। आठ अक्टूबर से आठ नवंबर के बीच सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस दौरान बेहद जरूरी काम के लिए ही छुट्टी दी जाएगी। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी प्रशांत कुमार ने आदेश जारी कर सभी पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि हर स्तर के पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बेहद जरूरी होने पर ही किसी पुलिसकर्मी को छुट्टी दी जाएगी। सभी अधिकारी इस आदेश का पालन करें।
आने वाले एक महीने में दुर्गा पूजा, दशहरा, दीवाली और छठ पूजा का त्योहार मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ये सभी त्योहार पूरे धूम धाम के साथ मनाए जाते हैं। इन त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्व और आतंकी अव्यवस्था फैलाने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे में त्योहारों के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
प्रशांत कुमार का आदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है "आगामी दुर्गा पूजा/दशहरा, दीपावली एवं छठ पूजा त्यौहार के मद्देनजर सभी प्रकार के पुलिस कर्मियों की छुट्टी 08-10-2024 से 08-11-2024 तक रोक दी गई है। विशेष स्थिति में आवश्यकतानुसार आपके द्वारा छुट्टी स्वीकृत की जा सकती है। आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
नवरात्रि के साथ शुरू हो चुका है त्योहार का सीजन
तीन अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और इसी के साथ देश में त्योहार का सीजन भी शुरू हो चुका है। नवरात्रि के दौरान गरबा के आयोजन में भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद दुर्गा मूर्ति विसर्जन और दशहरा में रावण दहन एक ही साथ होता है। इस दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बाद दीपावली और देवउठनी ग्यारस का त्योहार आता है। इस बीच छठ का त्योहार भी मनाया जाता है।
भारत होगा दुनिया का अगला सेमीकंडक्टर हब: अश्विनी वैष्णव
बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से कहा गया कि भारत दुनिया का अगला सेमीकंडक्टर हब बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि देश में इस सेक्टर में बड़ी संख्या में निवेश किया जा रहा है।
वैष्णव ने न्यूयॉर्क में हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष टेक सीईओ के बीच हुई राउंड टेबल बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि इस दौरान तीन शीर्ष एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि ऐसा जोश हमने पिछले 35 से 40 वर्षों में इतिहास में किसी और देश में नहीं देखा है।
केंद्र सरकार की ओर से अब तक 1.52 लाख करोड़ रुपये के निवेश मूल्य के पांच सेमीकंडक्टर प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। चिप उत्पादन पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिकी की माइक्रोन टेक्नोलॉजी 2025 की शुरुआत भारत में चिप का उत्पादन करना शुरू कर देगी।
वहीं, सीजी पावर सेमीकंडक्टर सुविधा का कंस्ट्रक्शन चल रहा है और टाटा की ओर से असम में बनाई जा रही एटीएमपी सुविधा में भी काम तेजी से किया जा रहा है और इसका कंस्ट्रक्शन शुरू हो गया है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की वृद्धि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को मजबूती मिलेगी। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, सभी उद्योगों का आधार है। चिप का इस्तेमाल मेडिकल डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार, ट्रक, ट्रेन , टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है।
साथ ही कहा कि अब तक सरकार की ओर से गई सभी पहल जिसमें डिजिटल इंडिया मिशन और टेलीकॉम इंडिया मिशन शामिल हैं, उसने सामान्य नागरिकों के हाथ में टेक्नोलॉजी आई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह 2019 के बाजार मूल्य से करीब 3 गुना होगा।
जानकारों के मुताबिक, अपनी भारत अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सेमीकंडक्टर सेक्टर में एक बड़ा खिलाड़ी बनने की तरफ बढ़ रहा है। सेमीकॉम इंडिया प्रोग्राम और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) जैसी पहल के कारण भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में भारत में नौकरियां भी पैदा होंगी।
दिल्ली में रामलीला के मंचन के दौरान, श्री राम का किरदार निभाने वाले शख्स की हार्ट अटैक से मौत
नई दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा में रामलीला का मंचन करते हुए भगवान श्री राम का किरदार निभाने वाले सुशील कौशिक का निधन हो गया। मंचन के दौरान उनके सीने में एकदम तेज दर्द और घबराहट हुई, जिसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में उनकी मौत हो गई। वो 54 साल के थे।
बताया जा रहा है कि कलाकार सुशील कौशिक पेशे से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। राम लीला कमेटी में वह पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से जुड़े थे। घटना के समय वह भगवान श्री राम का किरदार निभा रहे थे। जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो वह मंच से नीचे उतर गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार वालों का कहना है कि उनको यह नहीं मालूम था कि उनके साथ कुछ ऐसा हो सकता है।
इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह रामलीला मंच पर भगवान श्री राम के किरदार का मंचन कर रहे हैं और बाकायदा डॉयलाग भी बोल रहे हैं। तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद वह मंच से नीचे जाने लगे। जहां वह अपने सीने में दर्द और उलझन होने की बात कह रहे हैं। इसके बाद रामलीला कमेटी के अन्य लोगों ने एंबुलेंस बुलाई और उनको अस्पताल के लिए ले कर निकले।
एक अन्य वीडियो में वह स्टेज से नीचे बैठकर भजन गाते दिख रहे हैं। उनके बगल में कई अन्य लोग भी भजन गा रहे हैं। जिसके बाद उनकी तबियत खराब हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बता दें की अश्विन मास की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ हो जाता है। विजय दशमी के साथ पर्व का समापन होता है। कामान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने दानव महिषासुर का वध किया था तो भगवान राम ने विजयादशमी के दिन ही रावण का वध किया था। इसी उपलक्ष्य में देश के विभिन्न इलाकों में रामलीला खेली जाती है। जिसमें श्रीराम के जीवन पर आधारित प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाता है।
बौद्ध नेताओं ने पीएम मोदी से की मुलाकात, 'पाली' को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के लिए जताया आभार
नई दिल्ली। भिक्खु संघ के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पाली को 'शास्त्रीय भाषा' के रूप में शामिल करने के केंद्र सरकार के फैसले के लिए उनका आभार जताया। इस दौरान बौद्ध नेताओं ने पाली में कुछ छंद भी पीएम मोदी को सुनाए। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर लिखा, मुंबई में भिक्खु संघ के सदस्यों ने मुझसे मुलाकात की और पाली के साथ-साथ मराठी को भी शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा देने के कैबिनेट के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बौद्ध धर्म के साथ पाली भाषा के घनिष्ठ संबंध को याद किया और आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में अधिक से अधिक युवा पाली भाषा के बारे में ज्ञान प्राप्त करेंगे।
पाली भाषा बौद्धों के लिए पवित्र भाषा है। यह थेरवाद बौद्ध धर्मग्रंथों की भाषा है, जिसे पाली कैनन के रूप में जाना जाता है। इसमें बुद्ध की मुख्य शिक्षाएं शामिल हैं। यह बौद्ध धर्म के अनुयायियों को ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ता है। इससे उन्हें अस्थायित्व, दुख और स्व जैसी प्रमुख अवधारणाओं की समझ मिलती है।
बुद्ध ने अपने उपदेश देने के लिए पाली का इस्तेमाल किया और उनके अनुयायियों ने इसका इस्तेमाल दुनिया भर में उनकी शिक्षाओं को फैलाने के लिए किया।
आपको बता दें कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन अक्टूबर को मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषा को 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया। इसके साथ ही अब 11 शास्त्रीय भाषाएं हो गई हैं। पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर पीएम मोदी ने बधाई दी है।
भारत सरकार ने 12 अक्टूबर, 2004 को "शास्त्रीय भाषा" श्रेणी की शुरुआत की, इसमें सबसे पहले तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया।
हिंदू समाज को एकजुट होकर मिटाना चाहिए मतभेद : मोहन भागवत
बारां। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज से आपसी मतभेदों और विवादों को मिटाकर एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जाति, भाषा और प्रांत के आधार पर बंटे समाज को अपनी सुरक्षा और मजबूती के लिए एक होना होगा। भागवत ने इस दौरान समाज में एकता, सद्भाव और अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि समाज का गठन सिर्फ व्यक्तिगत हितों से नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से होता है।
भागवत ने कहा, हमें समाज के प्रति चिंता रखते हुए अपने जीवन में ईश्वर की प्राप्ति करनी चाहिए। परिवार से समाज का निर्माण होता है, और संघ का काम व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के माध्यम से समाज को मजबूत बनाना है।
उन्होंने जोर दिया कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा उसकी आंतरिक ताकत के कारण है, और भारत को एक "हिंदू राष्ट्र" के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि हिंदू विचारधारा सबको स्वीकार करती है और सबके लिए जगह बनाती है।
भागवत ने स्वयंसेवकों से हर क्षेत्र में संवाद करने और समाज में व्याप्त कमियों को दूर करने की अपील की। उन्होंने सामाजिक समरसता, न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया।
भारत का दिल और आत्मा है पूर्वोत्तर : उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का हृदय और आत्मा है। उपराष्ट्रपति ने मीडिया से पर्यटन और विकास में इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा देने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि संस्कृतियों, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत संगम है, जो भारत का सार दर्शाता है।
नई दिल्ली में एक मीडिया सम्मेलन में मुख्य भाषण देते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के परिवर्तनकारी प्रभाव और नेशनल नैरेटिव को आकार देने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड और स्कॉटलैंड को एक साथ रख दें, तो भी वे पूर्वोत्तर के सौंदर्य से पीछे रह जाएंगे। इस क्षेत्र का प्रत्येक राज्य विजिटर्स, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए स्वर्ग है।
उपराष्ट्रपति ने कनेक्टिविटी में सुधार के लिए की गई महत्वपूर्ण प्रगति पर जोर देते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन बताया। हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है। जलमार्गों का बीस गुना विस्तार हुआ है, इससे देशभर में विशाल रुचि और निवेश बढ़ा है।
धनखड़ ने बांग्ला, मराठी, पाली और प्राकृत के साथ असमिया को भारत की 11 शास्त्रीय भाषाओं में से शामिल किए जाने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "इस पदनाम का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता को दर्शाता है।
National Postal Day 2024: बांटते हैं भगवान के भी डाक, जानिए कब और कहां खुला था देश का पहला डाकघर, अनूठा है इतिहास
नई दिल्ली: भारतीय डाक का गौरवशाली अतीत रहा है। 1727 में कोलकाता में पहला आधुनिक डाकघर खुला। बाद में 1774 से 1793 के बीच कोलकाता, चैन्ने और मुंबई प्रेसिडेंसी में GPO खोले गए। डाक सेवाओं में एकरूपता के लिए भारतीय डाकघर अधिनियम 1837 और व्यापक भारतीय डाकघर अधिनियम 1854 में अस्तित्व में आया। भारतीय डाक का आधुनिक रूप 1 अक्टूबर 1854 को शुरू हुआ। यह डाक, बैंकिंग, जीवन बीमा, मनीऑर्डर या रिटेल सर्विस के जरिए लोगों के करीब आया। भारतीय डाक विभाग देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण विभागों में है। भारतीय डाक 166 सालों से ज्यादा समय से देश की संचार तंत्र की रीढ़ बना रहा है।
ये डाकघर हैं हेरिटेज बिल्डिंग
नई दिल्ली 110001 पिन कोड नंबर वाले गोल डाकघर को राजधानी के लोग अच्छी तरह से जानते हैं। यह डाकघर हेरिटेज बिल्डिंग है। 1934 तक यह वायसराय का कैंप पोस्ट ऑफिस था। आजादी के बाद 1948 में इसे प्रधान डाकघर या GPO का दर्जा मिला। संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, कनॉट प्लेस और प्रगति मैदान से लेकर कई अहम मंत्रालय इसके दायरे में आते हैं। इसके भीतर जाकर ही इसकी विशालता का आकलन किया जा सकता है। काफी व्यस्त इस डाकघर में डाक कर्मचारी आधार अपग्रेडेशन से लेकर फाइनैंशल सर्विसेज और परंपरागत सेवाओं में बेहद व्यस्त दिखेंगे। इस डाकघर के दायरे में 79 लेटरबॉक्स हैं।रोज 75 पोस्टमैन अपनी-अपनी बीट में यहां से औसतन 40 हजार चिट्ठियां बांटते हैं, जिसमें करीब 25 हजार सामान्य डाक होती हैं और बाकी स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री। VVIP इलाका होने के कारण पोस्टमैन दिन में दो बार 11 बजे और 3 बजे चिट्ठियां बांटते हैं। राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और विभागाध्यक्षों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फरियाद करने वाले न्याय की उम्मीद में चिट्ठियां लिखते हैं। पहले पर्सनल चिट्ठियों की भरमार होती थी और पोस्टमैन चिट्ठियां देखकर मजमून भांप जाता था।
शानदार इमारतें हैं पहचान
भारतीय डाक की एक से एक शानदार इमारतें अपने शहरों की पहचान हैं। मुंबई जीपी, दिल्ली का गोल डाकघर और कश्मीरी गेट GPO, कोलकाता GPO, मद्रास और लखनऊ GPO समेत कई शानदार इमारतें भारतीय डाक इतिहास में खास जगह रखती हैं। 36 तो हेरिटेज डाकघर हैं। कम लोगों को पता है कि डाक विभाग में नोबेल अवॉर्ड विजेता सी. वी. रमण, मुंशी प्रेमचंद, राजिंदर सिंह बेदी, देवानंद, नीरद सी चौधरी, महाश्वेता देवी, दीनबंधु मित्र, डोगरी लेखक शिवनाथ, कृष्ण बिहारी नूर, कर्नल तिलकराज, विष्णु स्वरूप सक्सेना जैसी सैकड़ों हस्तियां डाक विभाग में कर्मचारी या अधिकारी के पद पर रही हैं।
सबसे ज्यादा डाकघर भारत में
संचार और IT क्रांति के इस युग में भी भारत में 1,64,972 डाकघर हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख डाकघर गांवों में हैं। 2004 में 1,55,669 डाकघर थे। पिछले 5 बरसों में 5,639 नए डाकघर खुले हैं। संसद में अब डाकघरों पर भले कम सवाल पूछे जा रहे हों पर सांसद नए डाकघरों को खोलने की मांग करते रहते हैं। हमारे डाकघरों समेत दुनिया में करीब 6.40 लाख डाकघर हैं। सबसे ज्यादा डाकघर भारत में हैं। 20वीं सदी के पहले 2.5 दशकों तक डाक ही संचार का सबसे प्रमुख साधन था। फोन आम आदमी के हैसियत के बाहर थे। मोबाइल और इंटरनेट क्रांति ने सबसे ज्यादा डाकघरों को प्रभावित किया। डाकघर बंद हुए पर इस दौर में भारत ही ऐसा देश है जहां डाकघर बढ़े हैं।
बांटते हैं भगवान की भी डाक
संसद भवन में 2 डाकघर हैं। वहां काम करने वालों को लोग भले ही न जानते हों पर 21 बरसों तक वहां के पोस्टमैन रहे रामशरण को लोग जरूर जानते हैं। हाल में उनकी जगह तैनात पोस्टमैन प्रदीप भी तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। 21 साल पहले वह संसद भवन में रोजाना 3 बोरे (50 किलो का एक बोरा) डाक बांटते थे। हाल के बरसों में वह घटकर एक बोरा रह गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष से लेकर नेता विपक्ष, संसदीय समितियों के साथ संसद के कर्मचारियों की काफी डाक होती हैं। पर रामशरण 41 बरसों तक पोस्टमैन के पोस्टमैन ही बने रहे। उनका ओहदा नहीं बढ़ा। लेकिन उन्होंने किसी को शिकायत का मौका दिया होता तो संसद भवन जैसी संवेदनशील जगह पर इतने लंबे समय ड्यूटी पर न रहते। हमारे पोस्टमैन मनुष्य ही नहीं भगवान की डाक भी कई मंदिरों में जाकर बांटते हैं। नदी के नाम आई डाक भी बांटते हैं। वे अपने इलाके के भूगोल के साथ समाज की भी गहरी समझ रखते हैं।
India-Maldives: भारत के दौरे पर राष्ट्रपति मुइज्जू, क्या दोनों देशों के बीच घुली कड़वाहट होगी दूर?
नई दिल्ली: 'इंडिया आउट' के नारे पर जीतकर मालदीव के राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने वाले मोहम्मद मुइज्जू 6-10 अक्टूबर को भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे पर वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा होगी। इस दौरान, दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर बातचीत होने की उम्मीद है। संभवतः कुछ अहम करारों पर भी सहमति बनेगी। मुइज्जू के भारत दौरे के प्लान में मुंबई और बेंगलुरु भी शामिल है, जहां वे एक बिजनेस इवेंट में भाग लेंगे।
मुइज्जू का भारत का पहला आधिकारिक दौरा
मुइज्जू के ऑफिस से जारी बयान में कहा गया है कि वे उन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो मालदीव के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह मुइज्जू का भारत का पहला आधिकारिक दौरा है। वे जून में पीएम नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान भारत आए थे। उस समय, उन्होंने प्रधानमंत्री का न्योता पाकर और शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर खुशी जताई थी। हाल ही में, मुइज्जू ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में एक संबोधन के दौरान कहा था कि उन्होंने कभी भी भारत विरोधी अभियान नहीं चलाया।
दोनों देशों के बीच संबंध अच्छे नहीं चल रहे
पिछले साल सितंबर में हुए चुनावों में मालदीव की जनता ने मोहम्मद मुइज्जू को विजयी बनाया। उस समय, उन्होंने अपने चुनावी प्रचार में वादा किया था कि वे मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को देश से बाहर निकालेंगे। उन्होंने यह बात अपने पहले संबोधन में भी दोहराई। इस बीच, भारतीय स्टाफ जो मेडिकल इमरजेंसी, रेस्क्यू और समुद्री पट्रोलिंग के काम में लगे थे, उनके ट्रांसफर को लेकर दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं। इसके बाद, भारत ने सैन्य स्टाफ की जगह तकनीकी स्टाफ को तैनात किया। यह वह समय था जब दोनों देशों के बीच संबंधों का सबसे असहज दौर चल रहा था।भारत ने अपनी कूटनीति के जरिए धीरे-धीरे मालदीव के साथ संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए। पहले मई में मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर का दौरा हुआ, और उसके बाद सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मालदीव दौरे ने संबंधों को सहजता की पटरी पर लौटाया। इसलिए, यह उम्मीद की जा रही है कि मुइज्जू की इस यात्रा के दौरान पर्यटन के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी भारत और मालदीव के बीच महत्वपूर्ण सहमतियां देखने को मिल सकती हैं।