छत्तीसगढ़ / कोरबा
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर
कोरबा । स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से जिले में 05 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं समय पर रोग की पहचान के उद्देश्य से बाल मधूमेह ( टाईप-1 डायबिटीज) एवं सिकल सेल रोग (एससीडी) स्क्रीनिंग हेतु 18 मई को रानी धनराज कुंवर देवी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरबा एवं 20 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा में प्रातः 9.00 बजे से 2.00 बजे तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य जाँच, परामर्श एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जायेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने जिले के सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने बच्चों को समय पर शिविर में लाकर स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
गिधौरी में 13 मई को और 14 मई कोे सिंघाली एवं केराकछार में आयोजित होगी
जनसमस्या निवारण शिविर
कोरबा । सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में आम जनता के समस्याओं के निराकरण करने, उन्हें शासकीय योजनाओं की जानकारी देने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न कलस्टर ग्रामों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 13 मई को प्रातः 10 बजे से विकासखंड करतला के ग्राम गिधौरी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित की जायेगी। इसी तरह 14 मई को कटघोरा के ग्राम सिंघाली एवं कोरबा के ग्राम केराकछार, 15 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम सिरमिना, 16 मई को पाली के ग्राम रामाकछार और 19 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम लमना, पाली के ग्राम नगोई व कटघोरा के ग्राम डोंगरी में शिविर आयोजित होंगे।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुख अवसर
कोरबा । जिले के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों में इंटर्नशिप के माध्यम से कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा और भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
योजना के तहत चयनित युवाओं को प्रतिमाह लगभग 9000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही 6 से 9 माह तक का कार्य अनुभव प्राप्त होगा, जिससे युवाओं के कौशल, आत्मविश्वास और व्यावसायिक क्षमता का विकास होगा।
युवाओं को इस योजना से जोड़ने हेतु माय भारत प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। जिले के इच्छुक युवा पहले माय भारत पोर्टल में पंजीयन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से उन्हें सीधे प्रधानमंत्री इंटर्नशिप पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे आवेदन प्रक्रिया सरल और सुगम होगी तथा अधिक से अधिक युवाओं को योजना का लाभ मिल सकेगा।
जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के सभी युवाओं से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की कार्यप्रणाली से जोड़ना तथा उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। उन्होंने युवाओं को समय पर पंजीयन कर इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
अधिक जानकारी और पंजीयन के लिए युवा माय भारत पोर्टल पर उपलब्ध विवरण का उपयोग कर सकते हैं। योजना का लिंक https://mybharat.gov.in
उक्त कार्यक्रम में ओंकार यादव, अपर कलेक्टर कटघोरा, नितिन कुमार शर्मा, उप निदेशक माय भारत तथा जिले के सभी महाविद्यालयों एवं आईटीआई के प्राचार्य उपस्थित थे।
सुशासन तिहार 2026 के तहत चुइया में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित
’विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर हितग्राहियों को दी गई योजनाओं की जानकारी एवं लाभ’
शिविर में 370 आवेदनों का हुआ निराकरण
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम चुइया में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। शिविर में 1114 आवेदन प्राप्त हुआ जिसमें से 370 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
सुशासन तिहार शिविर में अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बीजमती राठिया, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या देवी, हरिशंकर यादव, श्रीमती कुंती चन्द्रा सहित अन्य जन प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान में दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण आसान हो गया है। शिविर में सभी अधिकारियों की उपस्थिति रहती है। इसके अलावा जरूरतमंद हितग्राहियों को शासन की योजनाओं के तहत लाभान्वित भी किया जा रहा है।
शिविर में सभी विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए, जहां विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शासन की योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ संबंधी विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, कृषि, राजस्व, श्रम, शिक्षा, विद्युत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य विभागों ने अपनी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए नागरिकों को जागरूक किया।
जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास की चाबी सौंपी गई तथा मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही अन्य योजनाओं के अंतर्गत भी पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया। इस अवसर पर जनपद सीईओ खगेष निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सुशासन तिहार शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने का सशक्त माध्यम
ग्राम पंचायत चोढा में सुशासन शिविर का किया गया आयोजन
कोरबा । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत चोढा में आज बहुउद्देशीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक कटघोरा प्रेमचन्द्र पटेल द्वारा किया गया। विशेष अतिथि के रूप में अध्यक्ष जनपद पंचायत पाली श्रीमती पूर्णिमा शोभा सिंह जगत तथा जनपद सदस्य श्रीमती अंजली कौशल श्रीवास और श्रीमती गंगोत्री चन्द्रपाल मरार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत चोढा की सरपंच श्रीमती सुनीता करपे ने की। इसके साथ ही मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, उतरदा और नेवसा पंचायतों के सरपंच भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा शाकाम्भरी योजना के अंतर्गत हितग्राही किताब सिंह ध् घासीराम को डीजल पंप उपलब्ध कराया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सात हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग ने छह हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश और एक हितग्राही को श्रवण यंत्र प्रदान किया। राजस्व विभाग द्वारा छह हितग्राहियों को डिजिटल किसान किताब और चार हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र की पर्ची प्रदान की गई।
शिविर में कुल 576 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 153 का त्वरित निराकरण किया गया। क्लस्टर में सम्मिलित ग्राम पंचायतों में चोढा, मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, सिरली, कसियाडीह, उतरदा और नेवसा शामिल रहे।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों से आम नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं और जानकारी आसानी से प्राप्त होती है। जो नागरिक जिला या जनपद स्तर तक नहीं जा पाते, उन्हें शिविरों के माध्यम से योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि शिविर अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
सुशासन तिहार : वर्षों का इंतजार खत्म, विमला बाई को मिला पक्का मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘सुशासन तिहार 2026‘ प्रदेश में जनकल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहकर गांव-गांव पहुंचते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम चुइया निवासी विमला बाई के जीवन में भी सुशासन तिहार नई खुशियां लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का आवास मिलने से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। लंबे समय तक कच्चे मकान में जीवन यापन करने वाले इस परिवार को अब सुरक्षित और सुविधायुक्त आशियाना मिल गया है। पक्के घर ने न केवल उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान दिया है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सुकून भी बढ़ाया है।
श्रीमती विमला बाई, पति प्यारेलाल, एक साधारण गृहिणी हैं। उनका परिवार लंबे समय से आर्थिक अभावों के बीच कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं गर्मी के मौसम में भी कच्चा मकान असुविधा का कारण बनता था। मौसम की मार और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेहतर जीवन का सपना संजोए रखा।
उन्होंने बताया कि उनके दो लड़के हैं और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह सपना साकार हुआ। लगभग दो से तीन माह पूर्व ही उनका आवास बनकर तैयार हो चुका है। शासन से मिली सहायता राशि एवं स्वयं की बचत से उन्होंने अपने नए घर का निर्माण कराया है। अब परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और सभी सुरक्षित एवं संतोषपूर्ण वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, चुइया में श्रीमती विमला बाई को आवास की चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दी गईं।
विमला बाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जैसे गरीब परिवारों को नया जीवन दिया है।
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करेंः कलेक्टर
कलेक्टर ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के अंतर्गत लंबित प्रकरणों, मुख्यमंत्री जनदर्शन और सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुशासन तिहार के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को शिविर स्थल पर निर्धारित समय तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर दुदावत ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह शासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद, विश्वास और समाधान का एक सशक्त माध्यम है। शासन की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों और शिविर स्थलों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुने और मौके पर ही प्रभावी कार्रवाई करे। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाया जाए ताकि पात्र हितग्राही लाभान्वित हो सकें। कलेक्टर ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान, शिविर संपन्न होने के कई दिनों बाद भी आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर जनपद सीईओ करतला को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए कि बिजली बिल सुधार और खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। अन्य आवेदनों के लिए उन्होंने 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की। साथ ही, सभी एसडीएम को राशन कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, पेंशन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की राशि का गबन करने वाले सरपंचों से वसूली का प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले में राशन भंडारण और वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और निगम कर्मचारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, सरपंच, सचिव और कोटवारों के माध्यम से वितरण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने तहसीलदार को मॉनिटरिंग करने और प्रगति कम होने पर संबंधित खाद्य निरीक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए प्रतिदिन 10 प्रतिशत वितरण की प्रगति लाने का लक्ष्य दिया।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन स्तर पर लंबित कार्यों के लिए उच्चाधिकारियों से समन्वय करने को कहा। उन्होंने निर्माण पोर्टल पर स्पष्ट फोटोग्राफ अपलोड करने और जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की आगामी तीन माह में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मई तक तकनीकी प्राक्कलन और जून तक शत-प्रतिशत प्रशासकीय स्वीकृति पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और भुगतान लंबित न रहे।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन अंतर्गत विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को दो दिवस के भीतर प्रकरण का निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शासन द्वारा जारी ई-डिस्ट्रिक्ट (सेवा सेतु पोर्टल) में उपलब्ध सेवाओं का लाभ आवेदक को समय सीमा के भीतर में देने, आगामी दिनों से प्रारंभ होने वाले सीएम हेल्पलाइन में संबंधित विभागों के प्रकरण प्राप्त होने पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ऐग्रिस्टेक पोर्टल की समीक्षा करते हुए एसडीएम को मॉनिटरिंग करने और पटवारी, वीएलई, आरएईओ के माध्यम से मई माह तक शतप्रतिशत किसानों का पंजीयन के निर्देश दिये। उन्होंने सीसीबी नोडल और उप पंजीयक सहकारिता को राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर ऐग्रिस्टेक पूर्ण कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने इसकी प्रतिदिन मोनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा भी की। उन्होंने तहसीलदार को अविवादित, विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई, किसान किताब सहित अन्य प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने जनगणना 2027 के अंतर्गत कार्य की समीक्षा कर चार्ज अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों का बायो मैट्रिक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान डीएफओ निशांत कुमार, प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, सीईओ दिनेश नाग अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
खेत-खलिहानों तक पहुंचा सुशासन, किसान को मिला त्वरित लाभ
कृषक प्रकाश सिंह गोंड को मिला मोटर पंप, सिंचाई को मिली नई ताकत
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि वास्तव में धरातल और जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुशासन तिहार 2026 उसी सशक्त सोच का स्वरूप बनकर आज आमजन के जीवन में खुशहाली, राहत और समृद्धि ला रहा है। जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन स्वयं लोगों के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं, मांगों और आवश्यकताओं का त्वरित एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित कर रहा है। इससे आम नागरिकों में न केवल संतोष का भाव बढ़ा है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।
इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम जेंजरा निवासी कृषक प्रकाश सिंह गोंड के जीवन में भी सुशासन तिहार नई उम्मीद लेकर आया है। मेहनतकश किसान गोंड अपने परिवार के साथ लगभग चार से पांच एकड़ भूमि में कृषि कार्य करते हैं। सीमित संसाधनों के बीच वे वर्षों से पारंपरिक रूप से धान की खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनके दो बच्चे हैं और खेती ही परिवार की आय का मुख्य स्रोत है।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत धनरास में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि कार्य को बेहतर बनाने हेतु उन्हें 2 एचपी क्षमता का मोटर पंप प्रदान किया गया। मोटर पंप मिलने से अब उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खेती कार्य में आसानी आने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे उनकी खेती को नई मजबूती मिलेगी और आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से किसानों को वास्तविक राहत मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं अब सीधे गांव और किसानों तक पहुंच रही हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।
जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सुनी आमनागरिकों की समस्याएं
समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने अधिकारियों को दिए निर्देश
111 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा । कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के शहरी एवं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और अपनी समस्याओं, मांगों एवं आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनदर्शन में पहुंचे प्रत्येक नागरिक से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान राशन, भूमि सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि पट्टा, नक्शा-बटांकन, शौचालय निर्माण, बिजली बिल, श्रमिक भुगतान, स्वनिधी योजना सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित 111 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर दुदावत ने सभी प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया।
राशन संबंधी समस्याओं को लेकर प्राप्त आवेदनों पर कलेक्टर ने जिला खाद्य अधिकारी को प्रकरण प्रेषित करते हुए पात्र हितग्राहियों को दो माह का राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आवेदन में उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदन परीक्षण करने को कहा तथा स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य कच्चे मकानों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जबकि पृथक भूमि पर नया निर्माण योजना के प्रावधानों में शामिल नहीं है। ग्राम रंगबेल, जपेली एवं तुमान से आए ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण एवं राशि भुगतान से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित परीक्षण कर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोरबा नगर निवासी दिव्यांग राहुल चौहान ने स्वयं का गन्ना रस व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु सहायता प्रदान किए जाने का आवेदन दिया। कलेक्टर दुदावत ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इसी प्रकार भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से संबंधित आवेदन पर डिप्टी कलेक्टर को परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए। बालको निवासी शंकर प्रसाद बरेठ द्वारा बढ़े हुए बिजली बिल के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होंने ने प्रकरण को सीएसईबी को प्रेषित करते हुए मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से उपभोक्ता बिजली व्यय में राहत प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी भूमि पर बेजाकब्जा से संबंधित आवेदन पर कलेक्टर दुदावत ने स्पष्ट कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किए जाने की स्थिति में किसी प्रकार की वैधानिक सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। स्कूलों में कार्यरत अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित आवेदन पर जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं मजदूरों के लंबित भुगतान से जुड़े प्रकरणों को श्रम विभाग को प्रेषित करते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया। शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों की नियमित समीक्षा करते हुए संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल एवं ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
निजी एवं शासकीय अस्पतालो की फार्मेसियो में प्रतिकूल औषधि प्रभाव के रिपोर्टिग प्रक्रियाओं की जांच
सही दवा शुध्द आहार
कोरबा । ‘सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ का आधार‘ इस थीम के अंतर्गत 27 अप्रैल से 11 मई के बीच पन्द्रह दिवसीय सघन जांच अभियान की अंतिम चरण में निजी एवं शासकीय अस्पतालों की फार्मेसियो की निरीक्षण की कार्यवाही की गई है। यह अभियान सचिव स्वास्थ्य एवं नियत्रंक के आदेशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा गठित दल के द्वारा सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया गया।
अभियान के अंतर्गत निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार में जिला कोरबा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के औषधि प्रकोष्ठ से औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, रिशी साहू एवं वीरेन्द्र भगत भाग की संयुक्त टीम के साथ विशेष रूप से जन जागरूकता, विभिन्न क्षेत्रों में स्थित निजी एवं शासकीय अस्पताल की फार्मेसियो की जांच, तथा एंटीबायोटिक एवं स्वापक मनः प्रभावी औषधियों के नियंत्रित उपयोग से संबधित कार्यवाही की गयी। यह अभियान औषधियों की गुणवत्त, सुरक्षित उपयोग, कोल्ड चेन संधारण, नियमानुसार विक्रय तथा जन स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
अभियान में जिला स्तर पर स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों तथा एंटीबायोटिक औषधियों के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत एन. के. एच. हास्पीटल कोरबा के डाक्टर एवं नर्सिग स्टॉफ को उक्त औषधियों के दुरूपयोग के कारण शरीर पर पडने वाले दुष्प्रभाव एवं औषधियों के प्रतिरोधक क्षमता के असर के बढ़ते खतरे के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों के औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम तथा अवैध उपयोग, दुरूपयोग तथा अनियमित विक्रय को रोकने हेतु एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानो की जानकारी दी गयी। तथा विभाग के द्वारा आम नागरिकों से अपील किया गया कि चिकित्सक के पर्चे के बिना ऐसी औषधियों का क्रय विक्रय अपराध है तथा इसका् स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड सकते है।
इसी क्रम में निजी एवं शासकीय अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियो का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के संधारण, रिकार्ड संधारण, कय विक्रय अभिलेख, तापमान नियत्रंण व्यवस्था, एक्सपायरी एवं शेड्यूल एच एवं एच वन औषधियो के नियमानुसार संधारण की जांच की गयी। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में प्रतिकूल औषधि प्रभाव की रिपोर्टिंग प्रकिया का भी परीक्षण किया गया। संबधित फार्मासिस्टो एवं प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक औषधि का वितरण नियमानुसार किया जाए तथा किसी भी प्रतिकूल औषधीय प्रभाव की सूचना समय पर संबधित प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाये । उक्त अभियान में टीपी नगर स्थित केडीसीसी फार्मेसी डां आशीष अग्रवाल क्लीनिक, महादेव फार्मेसी शिवाय हास्पीटल, अहान मेडिकल फार्मेसी, शिवाय हास्पीटल नया बस स्टैंड, आरोग्य धाम हास्पीटल नया बस स्टैंड, हर्षिका फार्मेसी डा. प्रिसं जैन नया बस स्टैंड, पालीवाल मेडिको गेवरा, एम.के. मेडिको दिपका, शासकीय अस्पताल केन्द्रीय औषधि भंडार, शासकीय अस्पताल ओपीडी, रानी धनराज कुंवर पीएचसी, जेपी सर्जिकल पीजी कालेज, मां सर्वमंगला मेडिकल, पूनम ड्रग हाउस कोसाबाडी की जांच की गयी ।
अभियान के दौरान औषधि निरीक्षको द्वारा संबधित संस्थानो को औषधियो के सुरक्षित भंडारण, नियमानुसार विक्रय, रिकार्ड संधारण एवं जन स्वास्थ्य सुरक्षा के संबध में आवश्यक निर्देश दिये गए । औषधि विभाग के द्वारा यह कार्यवाही आगामी दिनो में भी सतत रूप से जारी रहेगी ताकि जिले में सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त एवं नियमानुसार औषधि उपलब्धता सुनिश्चत की जा सके ।
एक ही जगह सभी अधिकारियों की उपस्थिति से आमनागरिको को नहीं लगाना पड़ता चक्करः मंत्री
शहरी क्षेत्र के परिवहन नगर जोन के सुशासन तिहार में शामिल हुए उद्योग मंत्री
हितग्राहियों को योजनाओं से किया लाभान्वित, सामग्री का किया वितरण
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिले में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इस कड़ी में आज परिवहन नगर वार्ड के नगर अंतर्गत शहरी वार्डो की समस्याओं के निराकरण के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन ट्रांसपोर्ट नगर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा के विधायक और प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्टॉल का अवलोकन कर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया।
नगर पालिक निगम अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर जोन कार्यालय में वार्ड के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री देवांगन ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव् साय के निर्देशन में प्रदेश में एक मई से 10 जून तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुशासन तिहार अन्तर्गत अलग अलग शिविर लगाए जा रहे है। गर्मी और धूप होने के बाद भी आमनागरिको की समस्याओं को सुनने और निराकरण के लिए शासन-प्रशासन का पूरा अमला ही नहीं लगा है, प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री सहित सभी बड़े अधिकारी भी दूरस्थ क्षेत्र में जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अचानक से किसी भी गाँव का दौरा कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तिहार का आयोजन के लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष धन्यवाद दूंगा कि उनकी इस पहल का लाभ शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरत मंद लोग उठा पाते हैं।
मंत्री देवांगन ने कहा कि यह शिविर सभी के लिए लाभदायक है। इस शिविर में आसानी से किसी समस्या का निराकरण हो पाता है, क्योंकि इसमें सभी अधिकारी मौके पर ही उपस्थित होते है।
मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने गरीब कल्याण के लिए योजनाएं बनाई है। पीएम आवास योजना से गरीब वर्ग को लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। मंत्री देवांगन ने कोरबा के विकास के लिए डीएमएफ से भी बड़ी राशि स्वीकृत होने और बुनियादी आवश्यकता बिजली, पानी, सड़क, आंगनबाड़ी, स्कूल,अस्पताल बनने की बात कही। मंत्री देवांगन ने सुशासन तिहार का लाभ उठाने और आमनागरिको को जागरूक करते हुए उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करने की अपील की।
महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव् साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को लोगों की बड़ी चिंता है वे उनको योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी कर रहे हैं। सुशासन तिहार भी एक जरिया है जिसमें हर वार्ड के लोगो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण की कोशिश कर रहे हैं। वार्ड में जो भी मूलभूत आवश्यकता है उसे पूरा किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी भी शिविर में है। आम नागरिक इस शिविर का लाभ जरूर उठाये।
निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नगर पालिक निगम द्वारा किये जा रहे प्रयासों को विस्तार से बताया। उन्होंने गत वर्ष प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में जानकारी दी और कहा कि सुशासन तिहार में जो भी शिकायत और मांग है उसे सूचीबद्ध कर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने परिवहन नगर वार्ड के गतिविधियों, विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से सम्बंधित बड़े महत्वपूर्ण कार्यों को भी बताया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि मंत्री देवांगन ने शिविर में लगाये गए स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर वार्ड के पार्षद श्रीमती प्रेमलता बंजारे, रामकुमार साहू, पार्षद नरेन्द्र देवांगन आदि उपस्थित रहे।
पीएम आवास योजना अंतर्गत आवास की चाबी सहित हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
परिवहन नगर जोन के जनसमस्या निवारण शिविर में हितग्राहियों को पीएम आवास शहरी के हितग्राहियों को आवास की चाबी, भवन अनुज्ञा स्वीकृति, नवीन राशनकार्ड, वृद्धापेंशन,श्रदांजलि योजना की राशि और हितग्राही झमोल बाई, सीडी महंत ट्रायसिकल तथा राजेन्द्र दास को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ : लखनलाल देवांगन
डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष कुणाल दुदावत ने की।
बैठक में मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव दिनेश नाग, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।
खनिज संपदा से जनकल्याण की नई उड़ान वर्ष 2026-27 के लिए विकास का खाका तैयार
कलेक्टर सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खनिज क्षेत्रों के सतत विकास और प्रभावित समुदायों के कल्याण के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तीन चरणों में एक व्यापक बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 विकास खंडों के 782 गाँवों को कवर कर आगामी पाँच वर्षों की परिप्रेक्ष्य योजना तैयार की जाएगी। पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्माण पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जो एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में जिले की सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और फंड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा।वर्ष 2026-27 के लिए 70 प्रतिशत राशि सीधे तौर पर उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल के लिए आवंटित की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये के बजट से 16 पीएम स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई हेतु आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 67.18 करोड़ रुपये से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट के समाधान हेतु 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंपों की स्थापना की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एंटी-स्मॉग गन और सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप, इन सभी प्रयासों का मुख्य लक्ष्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।
निगम की इको-स्टेप योजना से गार्डन बन रहे ’’ ग्रीन हट ’’
कोरबा : निगम की इको-स्टेप योजना से गार्डन बन रहे ’’ ग्रीन हट ’’
सुशासन तिहार में मिला उज्ज्वला गैस कनेक्शन, खत्म हुआ लकड़ी के चूल्हे का संघर्ष
कोरबा । सुशासन तिहार ने ग्राम धनरास की गृहिणी माधुरी के जीवन में नई रोशनी भर दी है। वर्षों से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की मजबूरी झेलती आ रही माधुरी आज बेहद खुश है, क्योंकि शिविर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया गया है।
गर्मी, धुआँ और हर दिन लकड़ी जुटाने की चिंता माधुरी के लिए हमेशा से एक बड़ी परेशानी रही। दो छोटे बच्चों और मजदूरी करने वाले पति की देखभाल के बीच लकड़ी से चूल्हा जलाना उनके लिए थका देने वाला काम बन गया था। गैस कनेक्शन के लिए उन्होंने कई बार पैसे जोड़े, लेकिन पूरी राशि एक साथ जमा न कर पाने के कारण वह गैस कनेक्शन नहीं ले पाईं।
माधुरी ने बताया कि उनके गाँव धनरास मे सुशासन तिहार के तहत शिविर लगने वाली है। शिविर में ग्रामीण अपना आवेदन देकर शासन की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि शिविर में आवेदन देकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इस जानकारी के बाद माधुरी ने तुरंत आवेदन दिया। आवेदन की जांच के उपरांत खाद्य विभाग द्वारा उनका चयन किया गया और उन्हें शिविर में गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए बुलाया गया।
शिविर में उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्वयं माधुरी को गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया। गैस चूल्हा मिलने के बाद माधुरी ने बताया कि लकड़ी का चूल्हा जलाना उनके लिए बेहद कठिन था और अब गैस मिलने से खाना बनाना बहुत आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि दो छोटे बच्चों और मजदूरी करने वाले पति के लिए कभी भी तुरंत चूल्हा जलाकर भोजन बनाना मुश्किल था, लेकिन अब केवल लाइटर ऑन करने भर से खाना-नाश्ता आसानी से तैयार हो जाएगा।
माधुरी को यह गैस कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया गया है। साथ ही 100 दिन का रोजगार पूरा करने पर उन्हें जॉब कार्ड भी दिया गया है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और मजबूत हुई है।
शिविर में कलिता बाई पति भरत लाल, ग्राम धनरास और नंदिनी वैष्णव पति अशोक कुमार, ग्राम धनरास को भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन और चूल्हा प्रदान किया गया। दोनों महिलाओं ने गैस मिलने पर राहत व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजना से उन्हें असल लाभ प्राप्त हुआ है और सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम ग्रामीण हितग्राहियों के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हो रहे हैं।
आत्माराम को मिली नई सुविधा, मछली पालन के कार्य में आएगी तेजी
सुशासन तिहार के शिविर में मिला आइस बॉक्स और जाल, बढ़ेगा उत्पादन और आय
कोरबा । सुशासन तिहार के शुभारंभ ने ग्राम छुरी निवासी आत्माराम केवट के जीवन में नई उम्मीदें जगा दी हैं। लंबे समय से मछली पालन से जुड़े आत्माराम को आज जनसमस्या निवारण शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा आइस बॉक्स और मछली पकड़ने का जाल प्रदान किया गया। लगभग छह हजार रुपये मूल्य का आइस बॉक्स और दस हजार रुपये का जाल निःशुल्क मिलने पर आत्माराम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
आत्माराम केवट कटघोरा विकासखंड के ग्राम छुरी में निवास करते हैं और कई वर्षों से अपने समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ कोसगाई दाई मछुआ समिति के माध्यम से मछली पालन करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति के तालाब में रोहू, कतला और मृगल प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है, जिससे प्रति वर्ष लगभग आठ से दस टन तक मछली उत्पादन होता है। मछली बेचने से सभी सदस्यों को निश्चित आय प्राप्त होती है, लेकिन मछली पालन से जुड़ी कई आवश्यक सामग्रियों की खरीद के लिए अक्सर धन की कमी महसूस होती थी।
इसी बीच सुशासन तिहार के दौरान आयोजित शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा आत्माराम का नाम चयनित किया गया। शिविर में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के हाथों उन्हें आइस बॉक्स और जाल प्रदान किया गया। सामग्री प्राप्त करने के बाद आत्माराम ने कहा कि मछली पकड़ने और उसे सुरक्षित रखने में उन्हें अब काफी आसानी होगी। पहले मछली को ताजा अवस्था में बाजार तक पहुंचाना कठिन हो जाता था, जिससे नुकसान का सामना करना पड़ता था। अब आइस बॉक्स मिलने से पकड़ी गई मछलियों को संरक्षित रखना आसान होगा और बिक्री के समय गुणवत्ता भी बनी रहेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और खर्चों में भी बचत होगी।
आत्माराम ने भावुक होकर कहा कि सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम वास्तव में ग्रामीण हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। पहले जहां छोटे-छोटे साधन जुटाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब शिविरों के माध्यम से समस्याओं का समाधान और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो रही है।
मत्स्य विभाग द्वारा ग्राम चोरी की ही वर्षा पति खेराज को भी आइस बॉक्स और मछली पकड़ने का जाल वितरित किया गया। वर्षा ने भी इस सुविधा को अपने मछली पालन कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
सुशासन तिहार 2026 का शुभारंभ: जनसंवाद, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का सशक्त अभियान’
’किसान को मिला संसाधन, किताब सिंह की खेती को मिली नई दिशा’
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में सुशासन तिहार 2026 का शुभारंभ आज से उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ हुआ। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जन केन्द्रित कार्यप्रणाली का जीवंत उदाहरण है। इसके माध्यम से सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रही है, उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचा रही है।
सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करना, पारदर्शिता को बढ़ावा देना तथा सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके अंतर्गत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने की प्रक्रिया भी सरल एवं त्वरित बनाई गई है।
इसी कड़ी में आज कटघोरा विकासखंड के ग्राम धनरास में एक बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण बना।
शिविर के दौरान कोरबा जिले के जमनीपाली निवासी किसान किताब सिंह कंवर को कृषि विभाग द्वारा 1.5 एचपी इलेक्ट्रिक मोटरपंप प्रदान किया गया। श्री कंवर के पास लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते हैं। सिंचाई के सीमित संसाधनों के कारण उन्हें खेती में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मोटरपंप मिलने से अब उन्हें समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी कृषि उत्पादकता में वृद्धि और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगी।
श्री कंवर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविर आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों में जाना पड़ता था, वहीं अब शिविरों के माध्यम से समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है। साथ ही, विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी सीधे प्राप्त हो रही है, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार के प्रति जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करती है तथा यह दर्शाती है कि शासन वास्तव में जनहित के प्रति प्रतिबद्ध और उत्तरदायी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निश्चित रूप से प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कोरबा में डिजिटल जनगणना कार्य का हुआ शुभारंभ
कोरबा । जिले में आज से जनगणना-2027 के कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले के सभी चार्ज क्षेत्रों में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) फील्ड में उतरकर हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक की पहचान करते हुए घर-घर सर्वेक्षण कर रहे हैं।
इस महत्त्वपूर्ण कार्य में जिले के 06 नगरीय निकाय-नगर पालिक निगम कोरबा के 07 जोन, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा, बांकीमोंगरा, तथा नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला शामिल हैं। साथ ही जिले की सभी 12 तहसीलों-कोरबा, भैसमा, बरपाली, करतला, कटघोरा, दर्री, पोड़ी-उपरोड़ा, पसान, पाली, हरदीबाजार, दीपका और अजगरबहार में जनगणना कार्य सुचारू रूप से आरंभ किया गया है।
जनगणना के दौरान प्रगणकों द्वारा 33 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत जानकारी ली जा रही है, जिनमें भवन का प्रकार, उसमें उपलब्ध सुविधाएं, निर्माण सामग्री, बिजली-पानी की उपलब्धता, इंटरनेट, मोबाईल, टीवी, कार जैसे संसाधनों की स्थिति सहित अन्य आवश्यक तथ्य शामिल हैं।
जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहन सिंह कंवर ने बताया कि आज राज्य नोडल अधिकारी बैद्यनाथ द्वारा जनगणना कार्य का मैदानी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कोरबा नगर निगम के कोसाबाड़ी जोन, टी.पी. नगर जोन तथा तहसील अजगरबहार में चल रहे जनगणना सर्वेक्षण का अवलोकन किया और प्रगणकों से जानकारी भी ली।
उन्होंने बताया कि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है। प्रगणक घर-घर जाकर प्राप्त सभी सूचनाओं को एच एल बी ऐप में दर्ज करते हैं। डेटा दर्ज होने के बाद वह स्वतः सुपरवाइजर की आईडी में सिंक होता है, जहां सत्यापन के पश्चात उसे मुख्य सर्वर पर भेज दिया जाता है। डिजिटल प्रक्रिया के चलते डेटा प्रोसेसिंग अत्यंत तेज होगी और सरकार को विकास योजनाओं के लिए आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध हो सकेंगे।
जिले में जनगणना कार्य की मॉनिटरिंग अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी ओंकर यादव द्वारा की जा रही है। उन्होंने जिले के सभी 24 चार्ज अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चार्ज अधिकारी अपने अधीनस्थ प्रगणकों और सुपरवाइजरों पर सतत निगरानी रखते हुए गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रहण सुनिश्चित करेंगे। साथ ही प्रत्येक चार्ज स्तर पर जनगणना से संबंधित समस्याओं एवं शंकाओं के निराकरण हेतु कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कार्य में बाधा न आए और प्रक्रिया सहजता से पूर्ण हो सके।
कोरबा जिले में कुल हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक की संख्या 2073 है। वर्तमान में स्व-गणना के अंतर्गत 10,669 परिवारों ने स्वयं जनगणना विवरण दर्ज किया है, जो जन सहभागिता का सकारात्मक संकेत है। कोरबा जिले में 01 मई 2026 से डिजिटल जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य पूरी व्यवस्था, सतर्कता और पारदर्शिता के साथ आरंभ किया गया है।