छत्तीसगढ़ / नारायणपुर
स्पेशल एजुकेटर के पदों हेतु अंतिम मेरिट सूची जारी
नारायणपुर, 08 अक्टूबर 2025
परियना दिव्यांग आवासीय विद्यालय एजुकेशन हब गराजी नारायणपुर में अध्यापन कार्य हेतु स्पेशल एजुकेटर (दृष्टि बाधित), ऑडीयोलाजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट शिक्षकों की पूर्ति हेतु विज्ञापित किए गए थे। 19 सितम्बर को वॉक-इन-इंटरव्यू में उपस्थित पात्र उम्मीदवारों को साक्षात्कार में प्राप्त अंको के आधार पर अंतिम मेरिट चयन सूची का प्रकाशन किया गया है। अंतिम मेरिट सूची की विस्तृत जानकारी वेबसाईटhttps://narayanpur.gov.in/ में एंव कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नारायणपुर के सूचना पटल पर देखा जा सकता है।
स्कूलों में आज पूछे गए 20 सवाल, बच्चों की पढ़ाई में सुधार की दिशा में कदम मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान
जिले के 605 सरकारी स्कूलों में आज हुआ आंकलन
नारायणपुर, 8 अक्टूबर 2025
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत जिले के सभी 605 स्कूलों में विद्यार्थियों का आंकलन किया गया।
इस अभियान के अंतर्गत बच्चों से 20 सवाल पूछे गए, जिनके उत्तर के आधार पर उनका मूल्यांकन किया गया। प्राप्त अंकों के अनुसार छात्रों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में विभाजित किया गया। सभी आंकड़े ऑनलाइन दर्ज कर राज्य कार्यालय को भेजे गए, जिससे जिले में शिक्षा की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
आंकलन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए संबंधित स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षक नोडल नहीं थे। इसके स्थान पर अन्य स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्यों को नोडल बनाया गया था। आंकलन प्रक्रिया एफएलएन (थ्वनदकंजपवदंस स्पजमतंबल ंदक छनउमतंबल) पर आधारित रही, जिसके माध्यम से छात्रों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की दक्षता का परीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन संचालक (समग्र शिक्षा) प्रतिष्ठा ममगाईं द्वारा जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति में अध्यक्ष के रूप में आकांक्षा शिक्षा खलखो (सीईओ, जिला पंचायत), सदस्य डॉ. राजेन्द्र सिंह (सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग), गीरिश भास्कर (प्राचार्य, डाईट), गुडला भवानीशंकर रेड्डी (जिला मिशन समन्वयक) एवं सदस्य सचिव अशोक कुमार पटेल (जिला शिक्षा अधिकारी) शामिल रहे।
’जनप्रतिनिधि और पालक भी बने सहभागी’
आज जिलेभर में हुए इस आंकलन कार्यक्रम में शाला प्रबंधन विकास समिति, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और पालक सक्रिय रूप से शामिल हुए। उनके समक्ष विद्यार्थियों का आंकलन किया गया और तत्पश्चात स्कूलों की ग्रेडिंग की गई। यह अभियान जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने वाला साबित होगा, जिससे भविष्य में शिक्षण व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सकेगी।
नन्हे कदमों की बड़ी सफलता: निहारिका और निहाल की सुपोषित यात्रा
नारायणपुर जिले में पोषण अभियान के प्रयास से जुड़वा बच्चों ने कुपोषण पर पाई जीत
भारत सरकार के पोषण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण सुधार की दिशा में लगातार सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। नारायणपुर जिले के परियोजना छोटेडोंगर अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र धौडाई में जुड़वा बच्चों निहारिका पोयाम और निहाल पोयाम की कहानी इस सफलता का जीवंत उदाहरण बनी है।
जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन मात्र 1 किलो और 900 ग्राम था और वे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में थे। कमजोर स्वास्थ्य और धीमी विकास दर के कारण परिवार चिंतित था। लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और राष्ट्रीय पोषण अभियान टीम ने समर्पण और सतत प्रयास से इन बच्चों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया।नियमित रूप से बच्चों का वजन और ऊँचाई मापी गई, पूरक आहार के साथ अंडा, दूध, फल जैसी पौष्टिक खाद्य सामग्री दी गई। परिवार को संतुलित आहार, स्वच्छता और देखभाल के सही तरीकों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों का नियमित टीकाकरण और आवश्यक दवाएँ भी सुनिश्चित की गईं।इन निरंतर प्रयासों का परिणाम आज सबके सामने है निहारिका और निहाल अब पूरी तरह स्वस्थ हैं, उनका वजन सामान्य स्तर पर पहुँच गया है और वे शारीरिक व मानसिक रूप से संतुलित विकास की ओर अग्रसर हैं।
यह सफलता पोषण अभियान की प्रभावशीलता का प्रमाण है, जिसने यह सिद्ध किया कि नियमित देखभाल, संतुलित आहार और सामुदायिक सहयोग से कोई भी बच्चा कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में पोषण एवं पूरक पोषण अभियान के सकारात्मक परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक बच्चे और माँ के स्वस्थ भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे तक पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पोषण अभियान टीम के समर्पण की प्रशंसा भी की।
नारायणपुर पुलिस ने ओरछा के भीतर माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल ईदवाया में खोली नवीन कैंप
माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल ‘‘ईदवाया’’ में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप
क्षेत्र के ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मारे गये ग्रामीण साथियों को भी याद कर नक्सलवाद की प्रताड़ना को व्यक्त किया
एक साल के भीतर नारायणपुर के अबूझमाड़ में खुला 10वां ‘‘सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प’’
नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी ने खोला ईदवाया जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प
स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजात दिलाने में मिलेगी मदद
अबूझमाड़ क्षेत्र में हो रहे तेजी से विकास कार्यों से प्रभावित होकर वर्ष 2024-25 में नक्सल विचारधारा को त्याग कर 192 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
भारी बारिश और बाढ़ जैसे मानसूनी चुनौतियों के बावजूद नारायणपुर पुलिस ने खोली थाना ओरछा के आगे दूसरा अंदरूनी कैम्प “ईदवाया”
नवीन कैम्प ईदवाया में स्थापित करने में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं,वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका
नारायणपुर, 07 अक्टुबर 2025
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम ईदवाया क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं ओरछा -एडजूम-ईदवाया-आदेर मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्याे में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 06-10-2025 को नारायणपुर पुलिस डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं वाहिनी के द्वारा घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्राम ईदवाया ओरछा ब्लॉक, ओरछा तहसील व थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है। नवीन कैम्प ईदवाया थाना ओरछा से 12 किलोमीटर और एडजूम से 5.5 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थि है।
कैम्प ओपनिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रॉबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने अन्य अधिकारियों के साथ ग्राम ईदवाया, दुलूर, भटबेड़ा, बड़े तोडबेडा, आदेर, मरकाबेड़ा और ओरछामेटा एवं आसपास गांव से आये ग्रामीणों से कुशलक्षेम जानकर उनके समस्याओं को सुना गया। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से बिजली, नल-जल, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के साथ पुलिस कैम्प की मांग किया गया जिसे जल्द पूर्ण कराये जाने का आश्वासन दिया गया साथ ही ‘‘नियद नेल्लानार’’ के अंतर्गत ‘‘जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन कराये जाने के संबंध में बताया गया। जिला मुख्यालय नारायणपुर से बेड़माकेाटी तक जल्द ही बस सुविधा प्रारंभ की जायेगी।
ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नक्सलवाद की प्रताड़ना को व्यक्त किया और इस बात के लिए खुशी जाहिर किये कि पुलिस कैम्प खुलने से अब भय मुक्त जीवन जी सकेंगे। आसपास के नक्सल समर्थक ग्रामीण स्वयं को सुरक्षित महसुस कर माड़ क्षेत्र में कैम्प स्थापना के प्रभाव से आत्मसमर्पण हेतु नारायणपुर पुलिस के पास पहुंच रहे है। नारायणपुर माड़ में नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नवीन पुलिस कैम्पों की स्थापना की जा रही है। क्षेत्र में नक्सल गतिविधि चुनौती से निपटने के लिए शासन के मंशानुसार क्षेत्र में लगातार सघन नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने लिए नये पुलिस कैम्पों की स्थापना, सुरक्षा बलो की तैनाती और स्थानीय संवाद में सुधार शामिल किया गया है। ईदवाया में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।
सुरक्षा बलों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पहुंच और निगरानी, स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजाद दिलाने में मदद मिलेगी। यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए कारगर रहेगा। नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मुलन में तेजी आई है जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्याग कर 192 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किये एवं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों 99 माओवादी को मार गिराने व 117 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित हुई है। नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित नक्सलियों के आश्रयस्थल कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम और ईदवाया में कैम्प खोली है। श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित कांबले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री संदीप पटेल सेनानी 16वीं वाहिनी छसबल जिला नारायणपुर, श्री दुष्यंतराज जायसवाल कमाण्डेंट 29वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री रोशन सिंह असवाल कमाण्डेंट 38वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री राजीव गुप्ता कमाण्डेंट 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री मुकेश कुमार दशमाना कमाण्डेंट 44वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री अक्षय सबद्रा अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री अजय कुमार अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर अति० पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 29वीं, 38वीं, 44वीं, 45वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
समय सीमा की बैठक : जिले के किसानों का धान विक्रय हेतु पंजीयन करवाना सुनिश्चित करें - कलेक्टर
कार्यालयों के पुराना दस्तावेज एवं सामग्रियों को विनिष्टीकरण करने के दिए निर्देश
नारायणपुर, 07 अक्टूबर 2025
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही निर्माणाधीन विकास कार्यों में गति लाकर कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नियुक्त नोडल अधिकारियों को जिले के आश्रम छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने और वहां की आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धान विक्रय हेतु कृषक पंजीयन का सत्यापन करवाने के निर्देश दिए। नवीन धान विक्रय हेतु पंजीयन 31 अक्टूबर तक कर सकते है। कार्यालयों के पुराना दस्तावेज एवं सामग्रियों को विनिष्टीकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों में बैंक शाखाएं खोलने के प्रस्ताव पर विचार किया गया, जिससे ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं सुलभ हो सकें। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय ओरछा की अधीक्षिका के विरुद्ध आई शिकायतों पर जांच के निर्देश दिए गए। पेंशन वितरण में आ रही समस्याओं के निराकरण, नालों पर आरसीसी प्रलिया निर्माण कार्य को मंजूरी और आधार नामांकन, अद्यतन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु अतिरिक्त ऑपरेटरों की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा ग्राम बेड़मा में माड़ीन नदी पर पुलिया एवं सड़क निर्माण, ग्राम गुमियाबेड़ा में निर्माण कार्य की स्वीकृति तथा विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (जलग्रहण विकास घटक 2.0) की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। ग्राम उसेबेड़ा को ग्राम पंचायत पदमकोट से हटाकर नियत नेल्लानार में जोड़ने तथा मिट्टी-मुरुम सड़क और आरसीसी पुलिया निर्माण जैसे प्रस्तावों पर चर्चा किया गया। जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में संभावित निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की गई और क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
बैठक में सीएसआर परियोजनाओं, आश्रम छात्रावासों के निरीक्षण तथा जाति, निवास, आय और जन्म प्रमाण पत्र वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम तथा स्कूलों में खेल मैदान, शौचालय, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ममगाईं ने मिट्टी मुरूम सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति के संबंध में, अनुकंपा नियुक्ति, राशन-आधार कार्ड संबंधित समस्याएं, फसल बीमा में अनियमितता और भूमि रजिस्ट्री विवादों जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण और मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की प्रगति को बेहतर करने के निर्देश दिए। बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड ई-केवाईसी, खाद्यान्न भंडारण, उचित मूल्य दुकान भवन निर्माण, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, सहकार से समृद्धि योजना संबंधित प्रगति की समीक्षा किया गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, डीएसपी श्री नेताम, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डॉ. सुमित गर्ग, डिप्टी कलेक्टर डीके कोशले, सौरभ दीवान, सहायक आयुक्त डॉ. राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
अबूझमाड़ के जंगल में नक्सली डंप बरामद
नारायणपुर । जिले के कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अबूझमाड़ में जिला बल,आईटीबीपी 53वीं बटालियन और बीडीएस की संयुक्त टीम ने तलाशी भियान के दौरान आज सोमवार को कोड़लियर मिचिंगपारा के जंगल में आईईडी की आशंका होने पर बीडीएस (बम निरोधक दस्ता) टीम ने तलाशी में नक्सलियों के विस्फोटक सामग्री, लिथियम बैटरी, बूबी ट्रैप स्विच, वॉकी-टॉकी चार्जर, बैटरी वायर, नक्सली वर्दी और नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई है। नारायणपुर एसपी रोबिनसन गुडिय़ा ने बताया कि बरामदगी स्थल के आस-पास कुतुल एरिया कमेटी के सक्रिय नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका है। ये नक्सली सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की मंशा से विस्फोटक लगाते हैं। पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सघन सर्चिग और डी-माइनिंग ऑपरेशन चलाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व शौचालय का व्यवस्था सुनिश्चित करें : कलेक्टर
नारायणपुर । जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्सल पीड़ित पुनर्वास योजना के तहत लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल एवं शौचालय का व्यवस्था सुनिश्चित करने और अनुकम्पा नियुक्ति करने तथा पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बच्चों को भर्ती कर कुपोषण से निजात दिलाने निर्देश दिये। जिले के आश्रम छात्रावासों के निरीक्षण हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, नोडल अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किये जाने पर कलेक्टर ने वेतन रोकने जिला कोषालय अधिकारी को निर्देशित किया।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों, पीडीएस भवनों, सीएसआर परियोजनाओं, विशेष केंद्रीय सहायता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में वन अधिकार पत्रों के डिजिटलीकरण, आश्रम छात्रावासों के निरीक्षण, जाति, निवास, आय व जन्म प्रमाण पत्र वितरण, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम और स्कूलों में खेल मैदान, शौचालय, पेयजल और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ममगाईं ने कार्य के लक्ष्य को निर्धारण कर पूर्ति प्राप्त करने, जल जीवन मिशन द्वारा निर्मित पाईप लाईन सुधारने, मिट्टी मुरूम सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति के संबंध में, ग्राम हिकोनार में ग्रामीणों के बिजली से वंचित रहने, जनपनीज एन्सेफेलाइटिस जांच उपरांत जांच प्रतिवेदन, सोलर पम्प मरम्मत कराने, ग्राम उसेबेड़ा ग्राम पंचायत पदमकोट को नियद नेल्लानार में जोड़ने एवं मिट्टी मुरूम निर्माण तथा स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी अधिकारियों से ली। भूमि पर अवैध कब्जे, अनुकंपा नियुक्ति, राशन-आधार कार्ड संबंधित समस्याएं, फसल बीमा में अनियमितता, और भूमि रजिस्ट्री विवादों जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड वितरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन अभियान, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण और मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना की प्रगति को बेहतर करने के निर्देश दिए। बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड ई-केवाईसी, खाद्यान्न भंडारण, उचित मूल्य दुकान भवन निर्माण, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, सहकार से समृद्धि योजना, डेयरी, मत्स्य, वनोपज समितियों के गठन, तालाब पट्टा वितरण और मिल्क रूट संचालन की समीक्षा किया गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, डीएसपी परवेज कुरैशी, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डॉ. सुमित गर्ग, सीएमएचओ डॉ. एसएस राज, सहायक आयुक्त डॉ. राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, जनपद सीईओ सुनिल सोनपिपरे, लोकेश चतुर्वेदी सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
सौर ऊर्जा से रोशन हुए अति-संवेदनशील क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्र
अब रात्रि में भी हो रहा सुरक्षित प्रसव और उपचार
नारायणपुर। जिले के अति-संवेदनशील और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच लंबे समय से एक चुनौती बनी हुई थी। दुर्गम भू-भाग, पहुंचविहीन गांव और विद्युत सुविधा का अभाव इन सभी कारणों से उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रभावी चिकित्सा सेवा प्रदान करना कठिन था। विशेषकर रात्रि के समय न तो प्रकाश की सुविधा थी, न ही जीवन रक्षक दवाएं और टीकों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था।
नीति आयोग की मदद से आया उजाला :
नीति आयोग के सहयोग से लगभग 54 लाख रुपये की लागत से जिले के कल्हजा, गुमरका, कुडमेल, मसपुर और कोगें जैसे अति-संवेदनशील गांवों में प्री-फैब्रिकेटेड उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया गया है। इन भवनों में अब 4.8 किलोवॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जो पूरी तरह से इन केंद्रों को विद्युतीकृत करते हैं।
इन सौर संयंत्रों की मदद से अब उप स्वास्थ्य केंद्रों में प्रकाश की बेहतर व्यवस्था हो गई है, जिससे रात्रि के समय भी चिकित्सा सेवाएं जारी रहती हैं। पंखे और डीप-फ्रीजर जैसे उपकरण लगातार चलते हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलती है और जरूरी दवाएं सुरक्षित रहती हैं। महिलाओं के सुरक्षित प्रसव की सुविधा अब दिन और रात दोनों समय उपलब्ध है। गंभीर मरीजों को समय पर टीके और दवाएं मिल पा रही हैं, जिससे जान बचाने की संभावना बढ़ी है। गांवों के निवासी और स्वास्थ्यकर्मी इस परिवर्तन से बेहद संतुष्ट हैं। पहले जहां मरीजों को अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के सहारे देखा जाता था, अब पूरी सुविधा के साथ इलाज संभव हो पा रहा है। दवाएं रखने की ठोस व्यवस्था से बच्चों के लिए आवश्यक टीकाकरण कार्यक्रम भी बिना बाधा चल रहे हैं।
एनएमडीसी मद से और भी विद्युतविहीन ग्रामों के लिए सोलर पावर प्लांट स्थापित कर इन्हें रोशन करने की योजना बनाई गई है। उक्त कार्य के परिणाम स्वरूप जिले के विद्युतविहीन ग्रामों के स्वास्थ्य केन्द्रों में प्री फेब्रिकेटेड भवन का निर्माण कार्य कराया जाकर क्षमता 4.8 किलोवॉंट सोलर पॉंवर प्लांट एन.एम.डी.सी. मद से प्रस्तावित है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर दूरस्थ उप स्वास्थ्य केंद्र रोशन हो और वहां सभी बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं 24 घण्टे उपलब्ध रहें। जहां पहले अंधेरे और असुविधा के कारण इलाज कठिन था, वहीं अब सौर ऊर्जा ने इन गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों को नया जीवन दे दिया है।
अबूझमाड़ में नक्सलियों से मुठभेड़, एक माओवादी ढेर; हथियार बरामद
नारायणपुर। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से सटे अबूझमाड़ के घने जंगलों में सोमवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। विश्वसनीय सूत्रों से नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च अभियान चलाया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई।
सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में एक पुरुष माओवादी मारा गया है। घटनास्थल से उसका शव और हथियार बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ अब भी जारी है और दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सली की पहचान की जा रही है। वहीं, अन्य नक्सलियों की तलाश में जंगल में गहन तलाशी अभियान चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक माओवादी किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे, जिसे सुरक्षाबलों ने समय रहते नाकाम कर दिया।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन जारी है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में लंबे समय से नक्सली गतिविधियाँ सक्रिय रही हैं।
नारायणपुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नारायणपुर । सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और नए कैंपों की स्थापना से नक्सली संगठन कमजोर होता जा रहा है। इसी कड़ी में नारायणपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले में 5 महिला समेत कुल 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों पर मिलाकर 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने बताया कि अबूझमाड़ इलाके में लगातार नक्सल विरोधी अभियान और नवीन कैंप की स्थापना के चलते नक्सली दबाव में आए और उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सरेंडर कार्यक्रम के दौरान BSF और ITBP के अधिकारी भी मौजूद रहे।
नारायणपुर में 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नारायणपुर । छत्तीसगढ़ में एक तरफ जहां सुरक्षा बल और पुलिस के जवान नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर रहे है तो दूसरी तरफ माओवादी अपनी संभावित मौत के डर से आत्मसमर्पण भी कर रहे है। इस बीच नारायणपुर से एक और बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यहां पुलिस के सामने 16 नक्सलियों ने हथियार डाले है।
सरेंडर करने वालों में मिलिशिया डिप्टी कमांडर, जनताना सरकार सदस्य और नक्सलियों के न्याय शाखा का अध्यक्ष भी शामिल है। इस समर्पण के बाद पुलिस ने बताया कि, सरेंडर करें वाले नक्सलियों को तात्कालिक तौर पर 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि सौंपी गई है। वही सभी नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत रोजगार, आवास और समुचित सुरक्षा भी मुहैय्या कराई जाएगी।
स्लीपर सेल की तरह करते थे काम
इन माओवादियों का पद ओहदे में छोटा होता है लेकिन ये नक्सलवाद को पोषित करने के लिए अहम किरदार निभाते हैं ये माओवादी लड़ाकू माओवादी नक्सलियों के लिए राशन और मेडिसन जैसे मूलभूत सामग्री उपलब्ध कराने का काम अवैतनिक तरीके से करते थे। कभी- कभी नक्सलियों के हथियार और सामग्रियों का परिवहन और आईईडी लगाने, फोर्स मूवमेंट कि सूचना देने और फोर्स की रेकी करने जैसे कार्य प्रमुखता से करते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहें तो ये नक्सलियों के लिए स्लीपर सेल की तरह भी काम करते थे।
बात करें 2025 में आत्मसमर्पण की तो इस साल 164 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके है। इनमे बड़े नक्सल लीडर से लेकर छोटे सदस्य शामिल है। कई सरेंडर करें वाले नक्सलियों ने बताया कि उनके साथी भी हथियार छोड़ने का मन बना चुके है लेकिन माओवादी पार्टी के बड़े नेताओं के डर से वे जंगलों से बाहर नहीं आ पा रहे है।
मुख्यधारा से जुड़ने की अपील
एसपी रोबिनसन गुरिया ने कहा कि, अबूझमाड़ दुर्गम जंगल और विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। ताकि क्षेत्र में विकास और शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाएं।
राज्य स्तरीय महतारी सम्मेलन में वन मंत्री श्री कश्यप हुए शामिल
प्रेरक महतारियों को किया सम्मानित
वन मंत्री ने 39 लाख 26 हजार रूपये के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन
30 अगस्त 2025



छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव वर्ष 2025 के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भाटपाल में जिला स्तरीय महतारी सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल प्रदान किया है। आज ग्रामीण अंचल की माताएं इस योजना की राशि का उपयोग कर स्वरोजगार, बच्चों की शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी रही है और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए सतत् प्रयासरत है। वनमंत्री श्री कश्यप ने सम्मेलन में महतारी वंदन योजना के तहत आत्मनिर्भर बनी प्रेरणादायी महिलाओं और नारायणपुर जिले की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर वनमंत्री श्री कश्यप ने 39 लाख 26 हजार रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें पुलिया, सामुदायिक भवन एवं घोटूल निर्माण शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले की 27 हजार 84 महिलाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिनमें से भाटपाल पंचायत की 434 महिलाएं भी शामिल हैं। अब तक जिले में 44 करोड़ 89 लाख 32 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों को वितरित की जा चुकी है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मण्डावी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, जिला स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।
2 महिला समेत 30 लाख के 8 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर
नारायणपुर । छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय दो महिला सहित आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में डीवीसीएम डॉ. सुकलाल भी शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के सामने सरेंडर
नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। एसपी ने जानकारी दी कि इन आठ नक्सलियों पर मिलाकर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और दबाव के कारण नक्सल संगठन में टूट और बदलाव देखने को मिल रहा है।
सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ
एसपी गुड़िया ने बताया कि सभी सरेंडर नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा। उन्हें सुरक्षा, आवास, रोजगार और कौशल विकास जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
रणनीतिक सफलता
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाके में नक्सलियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से इलाके में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और स्थानीय स्तर पर शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
नारायणपुर की 2 बेटियों का छत्तीसगढ़ अंडर-15 स्टेट कैम्प में चयन
नारायणपुर । जिले की दो आदिवासी बेटियां- मोनिका कुमेटी और गीतिका उसेंडी का चयन अंडर-15 महिला राज्य स्तरीय स्किल और ट्रेनिंग कैम्प के लिए हुआ है। यह कैम्प वर्तमान में राजधानी रायपुर में आयोजित किया जा रहा है।
इस ट्रेनिंग कैम्प के उपरांत चैलेंजर ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ राज्य अंडर-15 महिला टीम के लिए अंतिम रूप से चयनित किया जाएगा।
लगातार दूसरे वर्ष हुआ मोनिका का चयन
खास बात यह है कि मोनिका कुमेटी इससे पहले पिछले वर्ष भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की अंडर-15 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनका लगातार चयन यह दर्शाता है कि वे न केवल प्रतिभाशाली हैं, बल्कि मैदान पर मेहनत और अनुशासन के साथ प्रदर्शन भी कर रही हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग, नारायणपुर और जिला क्रिकेट संघ ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विभाग ने यह भी कहा कि मोनिका और गीतिका की सफलता से जिले की अन्य बेटियों को भी क्रिकेट में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
जहां एक ओर बस्तर को अक्सर संघर्ष, माओवाद और पिछड़ेपन से जोड़ा जाता रहा है, वहीं अब अबुझमाड़ जैसे सुदूर क्षेत्रों की बेटियाँ खेल जैसे क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। यह बदलाव बताता है कि नारायणपुर जैसे आदिवासी बहुल जिले में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो बस उचित मार्गदर्शन और अवसर की।
साक्षात्कार 6 अगस्त को
नारायणपुर जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति, नारायणपुर द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छेरीबेड़ा एवं ओरछा में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु अस्थायी मानदेय आधारित अतिथि शिक्षकों एवं अन्य पदों की व्यवस्था के लिए साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाएगा। पीजीटी इतिहास एवं काउंसलर (केवल महिला) पद के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र पंजीयन एवं साक्षात्कार 6 अगस्त को प्रातः 9 बजे से किया जाएगा।
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर पंजीयन व साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://narayanpur.gov.in/ पर उपलब्ध हैं।
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महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई हीरोंदी कड़ियाम की जिंदगी
नारायणपुर । श्रीमती हीरोंदी कड़ियाम, पति चतुर सिंह कड़ियाम, मूलतः छत्तीसगढ़ के छोटेडोंगर की निवासी हैं। पांच बच्चों की मां हीरोंदी पहले साप्ताहिक बाजारों में लाई और चना बेचकर अपने परिवार की जीविका चलाया करती थीं। सीमित आय के कारण कई बार उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
लेकिन जब से राज्य शासन द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की सहायता राशि मिलने लगी, तब से हीरोंदी कड़ियाम की जिंदगी में एक नया मोड़ आया। इस राशि को उसने अपने व्यवसाय में लगाया और अब वह सिर्फ लाई और चना ही नहीं, बल्कि मूंगफली, मिध्वर, बिस्किट, नड्डा जैसी कई अन्य खाद्य सामग्रियों की भी बिक्री करने लगी।
हीरोंदी अब छोटेडोंगर, फरसबेड़ा और ओरछा के साप्ताहिक बाजारों में आत्मविश्वास से व्यवसाय कर रही हैं। उनकी आय पहले की तुलना में दोगुनी हो चुकी है और अब वह अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा कर पाने में सक्षम हैं।
हीरोंदी कड़ियाम आज अपने आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जी रही हैं और इसके लिए वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हैं, जिनकी इस योजना ने उन्हें और उनके जैसे कई महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी है। यह कहानी केवल एक महिला की नहीं, बल्कि उस बदलाव की है जो योजनाएं जब ज़मीन पर उतरती हैं तो समाज को नई दिशा देती हैं।