छत्तीसगढ़ / रायपुर
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में "महिला पुलिस अधिकारियों" का सम्मान
मुख्यमंत्री ने सिकलसेल से जूझ रहे आयुष और आयुषि की सहायता के लिए बढ़ाया हाथ
रोग विशेषज्ञ करेगें उपचार
रायपुर, सिकल सेल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे दो मासूम बच्चों को बीमारी से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहल की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चिरायु शाखा पीड़ित बच्चों के स्वास्थ्य की जांच में जुटी है। जिले के कांसाबेल तहसील के खूंटीटोली की निवासी दुर्गावती चौहान अपने दोनों बच्चे आयुष चौहान 5 वर्ष और आरूषि चौहान 2 वर्ष को लेकर बगिया स्थित सीएम कैम्प पहुंची थी। यहां उन्होनें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बताया कि उनके दोनांे बच्चे सिकलसेल से पीड़ित हैं। उन्हें लगातार दवा और रक्त की जरूरत पड़ती है। लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से, इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएम साय ने दुर्गावती की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए,सीएमएचओ डॉ. आर.एस. पैंकरा को पीड़ित बच्चों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिए है।
चिरायु के नोडल अधिकारी डॉ. अरविन्द रात्रे ने बताया कि सिकलसेल जन्म से होने वाली अनुवांशिक बीमारी है। उन्होनें बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश का पालन करते हुए सिकलीन पीड़ित दोनों बच्चों को सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराया जा रहा हैं। रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सिकलसेल उन्मूलन अभियान जोरों पर:-
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिकलसेल मुक्त भारत बनाने के लिए केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंर्तगत जिले में सिकलसेल की जांच की जा रही है। उन्होनें बताया कि सिकलसेल से जूझ रहे मरीजों को प्राथमिक राशन कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र उपलब्ध करा, सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को रक्त की जरूरत होगी तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित शक्ति वंदन अभियान में शामिल हुए
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित दुर्गा मैदान में आयोजित शक्ति वंदन अभियान में शामिल हुए
इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जनप्रतिनिधि गण एवं बड़ी संख्या में स्वच्छता दीदी भी उपस्थित हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से ही नारियों का सम्मान हो रहा है। वेदों में भी कहा गया है जहाँ नरियों की पूजा होती है वहाँ भगवान का वास होता है। मनोकामना की पूर्ति के लिए नारी शक्तियों की आराधना की जाती है। जैसे शक्ति प्राप्त करने के लिए माँ दुर्गा, वैभव- धन सम्पदा के लिए माता लक्ष्मी और ज्ञान की प्राप्ति के लिए माता सरस्वती की आराधना की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महिलाओं को सम्मान देने के लिए देश के शीर्ष पद पर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति के रुप में विराजित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उज्जवला योजना जैसी विभिन्न योजनाए प्रारंभ की है
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया साथ ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के चयनित लाभार्थियों को चेक वितरित किया
पावर ब्लॉक : 7 और 12 जून को रद्द रहेंगीं 10 पैसेंजर, देखें लिस्ट
रायपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल के सालेकसा-दरेकसा रेल खंड के बीच में अप एवं डाउन रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर गिर्डर लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा, इसके कारण कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित। यह कार्य 7 और 12 जून को पावर ब्लॉक लेकर किया जायेगा।
इसके चलते निम्नलिखित गाड़ियां रद्द रहेंगीं...
01. 07 एवं 12 जून को दुर्ग से छूटने वाली 08741 दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
02. 07 एवं 12 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08742 गोंदिया-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
03. 07 एवं 12 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08743 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
04. 07 एवं 12 जून को इतवारी से छूटने वाली 08744 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
05. 07 एवं 12 जून को डोंगरगढ़ से छूटने वाली 08711 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
06. 07 एवं 12 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08712 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
07. 07 एवं 12 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08713 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
08. 07 एवं 12 जून को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 08714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
09. 07 एवं 12 जून को बालाघाट से छूटने वाली 08715 बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
10. 07 एवं 12 जून को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 08716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में अमावस्या पर दादागुरुदेव की बड़ी पूजा सम्पन्न
रायपुर। जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी , भैरव सोसायटी में अमावस्या के अवसर पर उपाध्याय महेन्द्र सागर के सुशिष्य विवेक सागर मसा की पावन निश्रा में दादागुरुदेव कई बड़ी पूजा श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुनि विवेक सागर ने कहा कि दादागुरुदेव की पूजा जीवन में सुख समृद्धि शान्ति के साथ धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा देती है। मुनि विवेक सागर ने श्रद्धालुओं को भजन प्रकट प्रभावी है ओ गुरुवर परम् उपकारी हैं, ओ गुरुवर चरणों में हम चढ़ावें श्रद्धा सुमन के माध्यम से जिनकुशल सूरि के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि इसी के साथ ही लाभार्थी परिवारों द्वारा अक्षत नारियल पान पत्ता के साथ पूर्ण विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ स्थापना का विधान पूर्ण किया। इसी के साथ संगीतमय चौपाइयों के द्वारा गुरु महिमा का बखान करते भजन गायक वर्द्धमान चोपड़ा आर्गन वादक अवधेश के द्वारा ईश्वर जग चिंतामणि कर परमेष्टि ध्यान गणधर पद गन वर्णना पूजन करो सुजान के बोलो के साथ नवहन पूजा का आगाज किया इसी के साथ द्वितीय विधान केशर चंदन पूजा का आगाज सुप्रसिद्ध भजन गायक विवेक बैद ने दिन के दयाल राज सार सार तू के साथ किया प्रत्येक विधान के पश्चात प्राकृत के श्लोकों के द्वारा समर्पण भक्तो द्वारा किया गया
कुल 11 विधान में क्रमशः जल चंदन पुष्प धूप दीप अक्षत नैवैद्य फल वस्त्र कलात्मक मार्बल कि छतरी में विराजमान गुरुदेवों की मूर्तियों को भक्तगणों ने समर्पित किया। 10 वे विधान ध्वज पूजा में महिलाओ ने चांदी की 11 ध्वजाओं को मस्तक पर रखकर चवँर धूप दीप के साथ छतरी की 3 फेरी देकर शिखर पर ध्वजाओं को आरूढ़ किया। ध्वज पूजा के चौपाइयों को गुरुभक्त वर्धमान चोपड़ा ने अपनी मधुर आवाज में ध्वज पूजन कर हरख भरी हरख भरी रे देवा हरख भरी के बोलो व गुरुवर तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाये सच कहता हूं मेरी तगदीर संवर जाये के भाव पूर्ण भजनों से भक्ति का समय बांध दिया। ट्रस्टी डॉ योगेश बंगानी ने कहा कि 11 वें विधान अर्ध्य पूजा में गुरु चरणों के अर्ध्य को समस्त भक्तो को प्रदान कर मंगल कामना कि। बड़ी पूजा के लाभार्थी परिवारों द्वारा पूजा की समाप्ति पर प्रभावना दी गई । बड़ी पूजा आरती मंगल दीपक के साथ सपन्न हुई।
राष्ट्रीय म्यू थाई चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ ने लहराया परचम
रायपुर । राष्ट्रीय म्यू थाई चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस चैम्पियनशिम में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों ने गुरुवार को रायपुर पहुंचकर खेल मंत्री वर्मा से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। खेल मंत्री वर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामना दी। उन्होंने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन कर उनका हौसला बढ़ाया।
गौरतलब है कि असम के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन के स्टेडियम तेपेसिया, गुवाहाटी में 25 से 30 मई तक म्यू थाई चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 04 खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक एवं 03 खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीता है। म्यूथाई खेल को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक से मान्यता प्राप्त है तथा पेरिस ओलंपिक-2024 में डेमोंसट्रेशन के रुप में शामिल किया गया है। इस राष्ट्रीय चैपियनशिप में 29 राज्यों के लगभग 850 खिलाड़ी और अधिकारियो ने भाग लिया।
राष्ट्रीय म्यू थाई चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में राजकुमार, दिव्या अग्रवाल, तोषी पांडे और समिधा अग्रवाल का नाम शामिल है। इसी तरह कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों में शुभांश मानिकपुरी, प्रवीण जायसवाल और अर्चित केशवानी शामिल है। इसके अलावा जय कुमार, आर्यन पटेल, भावजोत सिंग ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विवेकानंद मार्शल आर्ट्स फिटनेस क्लब,देवेंद्र नगर के 10 खिलाड़ियों ने कोच अमन यादव के नेतृत्व में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 4 स्वर्ण पदक और 3 कांस्य पदक जीतकर छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन किया।
सरकारी सिस्टम को हाईटेक करेगी विष्णु सरकार, जानें क्या होंगे बदलाव
रायपुर । राज्य में सुशासन लाने के लिए विष्णु सरकार बड़े पैमाने में आईटी का इस्तेमाल करने वाली है। जनकल्याणकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग, वित्तीय प्रबंधन, करों की वसूली, और भूमि संबंधी रिकॉर्ड के पंजीयन, संधारण और संशोधन सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आईटी का उपयोग होगा। सरकार शासकीय योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और प्रशासन को मजबूत व पारदर्शी बनाने के लिए ठोस पहल कर रही है, जिसे बजट में शामिल किया गया है। जनकल्याणकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए अटल डैशबोर्ड की शुरूआत की गई है।
मुख्यमंत्री साय की पहल पर हाल ही में आईआईएम रायपुर में देश के प्रमुख विशेषज्ञों के साथ दो दिनों की बौद्धिक परिचर्चा का आयोजन हुआ। इसमें सुशासन और नागरिक अपेक्षाओं को पूरा करने के सभी उपायों पर चर्चा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में रायपुर-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल के रूप में विकसित कर विश्व स्तरीय आईटी सेक्टर तैयार करने का लक्ष्य है। सभी विभागों में आईटी के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए 266 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
नवा रायपुर, अटल नगर में “लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” और दुर्ग जिले में “सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप” स्थापित करने का लक्ष्य है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना और बीपीओ एवं केपीओ को आकर्षित करने के लिए आईटी पार्क की स्थापना की योजना है। नवा रायपुर में आईटी आधारित रोजगार सृजन हेतु ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल का विकास किया जाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बजट में छत्तीसगढ़ सेंटर फॉर स्मार्ट गवर्नेन्स की स्थापना सहित प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में ई-गवर्नेन्स के तहत बजट और अकाउंटिंग मॉड्यूल स्थापित करने के प्रावधान शामिल हैं। 47 नगरीय निकायों में प्रॉपर्टी सर्वे के लिए जीआईएस आधारित सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा। शासकीय धन के आय-व्यय की दैनिक निगरानी के लिए एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS-2.0) शुरू की जाएगी। पीएम वाणी के तहत प्रथम चरण में एक हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई के माध्यम से हॉट-स्पॉट इंटरनेट सुविधा दी जाएगी। वस्तु एवं सेवाकर के संकलन में सुधार और पारदर्शिता के लिए राज्य मुख्यालय में बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट की स्थापना की जाएगी। वस्तु एवं सेवाकर संबंधी अपीलीय मामलों के त्वरित निराकरण हेतु अधिकरण की स्थापना की जाएगी।
भूमि और भवनों का हस्तांतरण तथा अन्य पंजीकृत संव्यवहार के लिए राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) सॉफ्टवेयर का उपयोग सभी जिलों में लागू किया जाएगा। भू-नक्शों का जियो-रेफरेंसिंग कराया जाएगा और प्रत्येक भू-खंड में यूएल पिन नंबर देते हुए भू-आधार कार्ड जारी किया जाएगा। भू-अभिलेखों को सिविल न्यायालयों से लिंक किया जाएगा और भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया जाएगा।
अब सरकारी स्कूलों में भी पैरेंट्स मीट, राज्य सरकार ने जारी किए आदेश
रायपुर । प्राइवेट स्कूलों की तरह अब सरकारी स्कूलों में भी पैरेंट्स मीट आयोजित होगा। विष्णुदेव सरकार ने सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीट आयोजित करने का आदेश जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने इस संदर्भ में कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।
आपको बता दें कि गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों के सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीट होते हैं। छत्तीसगढ़ इस तरह का इनोवेशन करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। प्रायवेट स्कूलों में साल में लगभग एक बार पैरेंट्स मीट होते हैं, सरकारी स्कूलों में तीन बार होंगे।
हालांकि, इससे पहले कई बार पैरेंट्स मीट करने पर विचार हुआ। पिछली सरकार में स्कूल शिक्षा विभाग ने भी सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स मीट शुरू करने का प्रयास किया था। मगर इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया। मगर विष्णुदेव सरकार ने अब इसका आदेश जारी कर दिया है।
बता दें, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों में इस पर अच्छा काम हो रहा है। वहां नियमित पैरेंट्स मीट का आयोजन किया जाता है। छत्तीगसढ़ में इसके लिए शेड्यूल तय कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सिकरेट्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कलेक्टरों को पत्र लिख पहली पैरेंट्स मीट का तारीख भी तय कर दी है। पहली मीट 9 अगस्त को होगी। परदेशी ने कलेक्टरों को कहा है कि पैरेंट्स मीट में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने पैरेंट्स मीट करने के फायदे भी गिनाए हैं। मसलन, बच्चों के शरीरिक, मानसिक विकास के लिए पालकों और स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। बच्चों के संपूण गतिविधियों से पालकों को अवगत कराने से उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सकती है। शिक्षकों और पालकों के संपूर्ण प्रयास से बच्चां की पढ़ाई के प्रति साकारात्मक वातावरण बनेगा। बच्चों की काउंसलिंग से उन्हें परीक्षा का तनाव नहीं रहेगा और स्कूलों से ड्रॉप आउट याने पढ़ाई छोड़ देने से रोकने में पालकों की भूमिका सुनिश्चत करना।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय की मेहनत रंग लाई
रायपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ तथा सीमावर्ती राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को महती जिम्मेदारी देने की भारतीय जनता पार्टी की रणनीति रंग लाई। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को हासिल कुल जमा सीटों में बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों का नजर आ रहा है, जहां पर साय ने सघन रूप से प्रचार किया। मध्य भारत के वरिष्ठ आदिवासी नेता के रूप में साय की लोकप्रिय छवि का लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना, में करीब तीन महीनों तक लगातार चुनाव प्रचार किया।
ये सभी आदिवासी क्षेत्र है तथा इन क्षेत्रों के मुद्दे एक जैसे है। अपनी चुनावी सभाओं के माध्यम से साय मतदाताओं को यह समझाने में कामयाब रहे कि आदिवासी मुद्दों का समाधान केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। वें यह भी समझाने में सफल रहे कि जिस तरह एक आदिवासी को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है, उसी तरह सभी आदिवासी क्षेत्रों के कल्याण के लिए उनकी गारंटियों पर भरोसा किया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने कुल 240 सीटें हासिल की है, जबकि मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्रों में पार्टी को 75 सीटें प्राप्त हुई है। साय ने चुनाव की घोषणा होने से बहुत पहले ही इस सभी क्षेत्रों में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था।
इस दौरान उन्होंने 109 जन सभाएं और 17 रोड-शो किए। छत्तीसगढ़ में शुरूआती तीन चरणों में ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद साय ने स्वयं को पड़ोसी राज्यों में चल रहे चुनाव प्रचार में पूरी तरह झोंक दिया। नौतपे की कड़ी धूप के दौरान भी उनका हेलीकॉप्टर लगभग हर रोज चुनावी आसमान पर उड़ान भरता रहा। साय को जिन राज्यों में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उनमें भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में क्लिन स्वीप किया है। छत्तीसगढ़ की 11 में से 10 सीटों और मध्यप्रदेश की 29 में से 29 सीटों में विजय हासिल कर पार्टी ने कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया।
ओडिशा में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 24 सालों से सत्ता पर काबिज नवीन पटनायक की सरकार को दर किनार कर विधानसभा चुनाव में पहली बार सत्ता हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। लोक सभा में पार्टी ने ओडिशा में 20 सीटें हासिल की है। झारखंड में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 8 सीटें हासिल की है। तेलंगाना में इस बार भाजपा की सीटों की संख्या दोगुनी हो गई है। पार्टी ने वहां 8 सीटें प्राप्त की है। साय ने इन सभी राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ अंदरूनी क्षेत्रों में भी प्रचार किया।
मध्यप्रदेश में सिंगरौली, सीधी, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, कटनी, पन्ना, ओडिशा में झारसुगुड़ा, कोटपाड़, हटबरौंदी, उमरकोट, लक्ष्मीपुर, कोंटांगी, कोरापुट, कालाहांडी, नुआपाड़ा, बिजेपुर, सुबड़पुर, बीरमित्रपुर, सुंदरगढ़, कुचिंदा, झारखंड में पश्चिम सिंहभूम, सिमडेंगा, गुमला, जमशेदपुर, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका में साय ने धुआंधार चुनाव प्रचार किया। इसी तरह तेलंगाना में उन्होंने भद्राचलम क्षेत्र में जनसभाएं और रोड-शो किए। छत्तीसगढ़ में उन्होंने सभी 11 लोकसभा सीटों में कई दौर की जनसभाएं की और रोड-शो में शामिल हुए।
लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी साय को छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने के साथ-साथ प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के तौर पर साय के संगठनात्मक अनुभवों का लाभ लेने में भी सफल रही। पंच से मुख्यमंत्री पद तक की यात्रा के दौरान साय ने अनेक राजनैतिक जमीनी अनुभव प्राप्त किए हैं। वे रायगढ़ क्षेत्र से लगातार चार बार सांसद और केन्द्रीय राज्य मंत्री भी रह चुके है। उनके व्यापक प्रभाव क्षेत्र का लाभ भाजपा को मिला है। साय छत्तीसगढ़ के जशपुर क्षेत्र के निवासी है।
यह क्षेत्र ओडिशा तथा झारखंड से सटा हुआ है। मध्यप्रदेश से भी इस क्षेत्र की निकटता है। इस तरह इस पूरे क्षेत्र की संस्कृति और राजनीतिक परिस्थितियों की साय को गहरी समझ है। तेलंगाना का भद्राचलम क्षेत्र छत्तीसगढ़ के कोण्टा और सुकमा जिलों से सटा हुआ है। इस पूरे क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति और मुद्दे एक जैसे हैं। यह पूरा क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित है तथा दोनों राज्यों के बीच सड़क एवं संचार कनेक्टिविटी की मांग क्षेत्र के लोग लंबे समय से करते रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सहित दूसरे राज्यों में भी चला सीएम साय का जादू
रायपुर । देश में हुए लोकसभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 10 सीटों सहित पूरे देश में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन ने 293 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके साथ ओडिशा विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने बहुमत हासिल किया है, तो दूसरी ओर आंध्रप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी एनडीए गठबंधन को पूर्ण बहुमत हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश और ओडिशा में भाजपा की प्रचंड जीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अहम योगदान रहा। उन्होंने जहाँ-जहाँ सभाएं की वहां अधिकतर जगहों में भाजपा का परचम लहराया। साय का छत्तीसगढ़ में 91 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 100 प्रतिशत और ओडिशा में 86 प्रतिशत सक्सेस स्ट्राइक रेट रहा। इसलिए लोग अब विष्णु देव साय को सुपर स्ट्राइकर सीएम की संज्ञा दे रहे हैं।
यह जीत संगठन की मेहनत और जनता के आशीर्वाद का प्रतिफल है - सीएम साय
"मेहनत का कोई विकल्प नहीं" का सूत्र वाक्य अंगीकार कर चुनावी महासमर में सफलता के नए आयाम तक पहुंचने वाले सीएम साय इसका श्रेय संगठन के कार्यकर्ताओं और जनता को देते हैं। उनका कहना है कि भीषण गर्मी की परवाह न कर कार्यकर्ताओं ने बहुत मेहनत की। संगठन के हर नेता ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, जिसका नतीजा सामने है। वह यह नहीं बताते कि पूरे चुनावी यात्रा में उसी भीषण गर्मी से उन्हें भी दो-चार होना पड़ा। अपनी मेहनत पर उन्हें चर्चा पसंद नहीं वे इसे अपना कर्तव्य मानते हैं। जनता से मिले आशीर्वाद को सिर झुका कर स्वीकार करने वाले सीएम साय की यही नम्रता और सरलता उनके सियासी कद को बड़ा बनाती है।
छत्तीसगढ़ में 91 प्रतिशत रहा सक्सेस स्ट्राइक रेट
छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों में साय ने कुल 64 जनसभाएं एवं रोड शो की। जहाँ उन्होंने बस्तर लोकसभा में 7 जनसभा और रोड शो किया। दूसरे चरण के अंतर्गत कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद में कुल 15 जनसभाएं की। इन चारों लोकसभा सीटों में भाजपा ने जीत दर्ज की। तीसरे चरण की बची हुई 7 सीटों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सरगुजा और कोरबा में सीएम साय ने कुल 42 जनसभाएं की। जिसमें कोरबा लोकसभा में मामूली अंतर से हुई हार को छोड़ दें तो ग्यारह में से 10 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की और अपना परचम लहराया।
अगर इसका विनिंग प्रतिशत निकालें तो मुख्यमंत्री साय की सभाओं का सक्सेस रेट 91 प्रतिशत रहा। मतलब सीएम साय सुपर स्ट्राइकर साबित हुए और अपने तूफानी दौरों की बदौलत से कांग्रेस के पसीने छुड़ा दिए। अपनी हर सभा में कांग्रेस को सबक सिखाने की बात करने वाले सीएम साय ने कांग्रेस को गहरा सबक सिखाया।
ओडिशा के 86 प्रतिशत सक्सेस स्ट्राइक रेट ने बढ़ाया सीएम साय का सियासी कद
सीएम साय ने ओडिशा में भी जमकर पसीना बहाया। यहाँ सात लोकसभा सीटों में उन्होंने तूफानी जनसभाएं ली और भाजपा को 6 लोकसभा सीट बरगढ़, बलांगीर, कालाहांडी, नबरंगपुर, संबलपुर और सुंदरगढ़ सीटें जिताकर दी। विधानसभा स्तर पर भी यदि देखें तो यहाँ झारसुगुड़ा, कोटपाड़, उमरकोट, कोरापुट, तलसरा, बीजेपुर, बीरमहाराजपुर और कुचिंदा सीट को मिलाकर कुल आठ विधायक भी जिताने में वो कामयाब रहे। यहाँ लोकसभा चुनाव में उनका सक्सेस स्ट्राइक रेट 86 प्रतिशत रहा।
बता दें कि ओडिशा की अपनी हर जनसभा में साय वहां की बीजेडी सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ मुखर रहे। उन्होंने ओडिशा की जनता को भाजपा द्वारा दी गई गारंटियों को बड़े ही विस्तार से बताया। नवीन पटनायक को रिमोट कंट्रोल सीएम और कांग्रेस को आदिवासियों का विरोधी बताते हुए ओडिशा के विकास में बाधक होने की बात कही। ओडिशा में साय की हर जनसभाओं में जनता की भारी भीड़ उमड़ी, जो चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट के रूप में फलीभूत हुई।
मध्यप्रदेश में 100 प्रतिशत रहा सक्सेस स्ट्राइक रेट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में भी 8 जनसभाएं की। जिसमें कुल चार लोकसभा सीट खजुराहो, शहडोल, मंडला, सीधी में उन्होंने मोर्चा संभाला। इन चारों सीटों पर भी भाजपा ने बम्पर मतों से जीत हासिल की है। इसमें मुख्यमंत्री की सभाओं का सक्सेस रेट देखें तो पूरे सौ प्रतिशत का सक्सेस रेट है।
विष्णु ने जिम्मेदारियों का किया निष्ठा पूर्वक निर्वहन
केंद्रीय भाजपा द्वारा मिली जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विष्णु देव साय छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्यप्रदेश में भाजपा की प्रचंड जीत में अहम किरदार साबित हुए और मोदी जी की रणनीति को सफल बनाने में कामयाब हुए। इससे उनके सियासी कद में वृद्धि हुई, इसमें कोई संदेह नहीं है।
लोकसभा चुनाव में तीन महिलाओं ने लहराया जीत का परचम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा सीटों में से 10 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया है। वहीं एक सीट को कांग्रेस ने बरकरार रखा है। इस लोकसभा चुनाव में प्रदेश के तीन महिलाओं ने बाजी मारी है। जांजगीर से बीजेपी के कमलेश जांगड़े, महासमुंद से बीजेपी के रूपकुमारी चौधरी और कोरबा से कांग्रेस के ज्योत्सना महंत ने जीत हासिल की है। बता दें कि कमलेश जांगड़े और रूपकुमारी चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व दिग्गज मंत्रियों से था, जिन्हें उन्होंने पटखनी दी है। खास बात यह भी है कि इन तीनों सीटों पर बाहरी प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। बता दें कि जांजगीर चांपा से कमलेश जांगड़े, महासमुंद से रूप कुमारी चौधरी और कोरबा से ज्योत्सना महंत स्थानीय उम्मीदवार थे। इनके विपक्ष में बाहरी उम्मीदवार खड़े थे।
जिन्हें उन्होंने बड़े अंतराल से हराया है। माना जाता है कि कोरबा में दीदी और भाभी के बीच जोरदार मुकाबला है, लेकिन सरोज पांडे बाहरी प्रत्याशी होने की वजह से जनता ने उन्हें नकार दिया। कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने बीजेपी प्रत्याशी सरोज पांडेय को पटखनी दी है। कोरबा कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत को 5 लाख 70 हार 182 वोट मिले। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडे को 43 हजार 283 वोट से हराया है। सरोज पांडे को 5 लाख 26 हजार 899 वोट मिले। महंत ने 43 हजार 283 वोट के अंतराल से कोरबा लोकसभा सीट में जीत हासिल की है। वही वोटिंग प्रतिशत 46.53 रहा। भाजपा प्रत्याशी रूपकुमारी चौधरी ने महासमुंद सीट से बाजी मारी है। चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू को हराकर अपनी जीत पक्की है। रूपकुमारी चौधरी ने पूर्व कैबिनट मंत्री ताम्रध्वज साहू को पटखनी दी है।
भाजपा प्रत्याशी रूपकुमारी चौधरी सात लाख तीन हजार 659 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू पांच लाख 58 हजार 203 मिला है। चौधरी ने एक लाख 45 हजार 456 वोटों से पूर्व मंत्री को हराया है। इस तरह जीत का अंतर एक लाख 45 .हजार 456 रहा। कुल वोट का प्रतिशत 53.06 रहा। जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट पर कमलेश जांगड़े ने विजय हासिल की है। उन्होंने 60 हजार वोटों से जीत हासिल की है। उन्हें कुल 6 लाख 78 हजार 199 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया को 6 लाख 18 हजार 199 वोट मिले हैं। इस तरह जीत का अंतर 60 हजार रहा। कुल वोट का प्रतिशत 48.71 रहा।
लोकसभा के बाद अब विधानसभा उप चुनाव को लेकर चर्चा शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद विधानसभा उप चुनाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उप चुनाव की संभावना है। प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव होंगे। प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में चार विधायक चुनाव मैदान में उतरे थे। लोकसभा के चुनावी रण में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पाटन से कांग्रेस विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भिलाई के विधायक देवेंद्र सिंह यादव और कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा उतरे थे। दो सदनों में चुने जाने पर किसी एक को चुनने के लिए समय मिलता है। ऐसा नहीं है कि दूसरे सदन की जीत का प्रमाणपत्र मिलते ही किसी एक सदन से इस्तीफा दिया जाए। विधायिका के नियमों के अनुसार, किसी एक सदन का सदस्य दूसरे के लिए चुना जाता है तो उसे किस सदन में सदस्य बने रहना है, इसके लिए 14 दिनों का समय होता है।
ये है उपचुनाव की प्रक्रिया
जनप्रतिनिधि अधिनियम में उप चुनाव छह माह के अंदर कराने का प्रविधान है, लेकिन इस प्रविधान में दो परंतु लगते हैं, जिनके कारण इन्हें टाला भी जा सकता है। यदि खाली हुई सीट की बकाया समयावधि एक वर्ष से कम और केंद्र सरकार की मंत्रणा से चुनाव आयोग यह सत्यापित करता है कि इस अवधि में चुनाव कराना मुश्किल है तो उप चुनाव टाले जा सकते हैं। उप चुनाव के लिए अधिसूचना जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 के सेक्शन-150 के अंतर्गत जारी होती है।
पर्यावरण संतुलन के लिये अपने व्यवहार में परिवर्तन लायें : डॉ के. सुब्रमणियम
पोस्टर प्रतियोगिता में दिव्यांग श्रेणी से प्रथम कु. आसिया बानो व द्वितीय गौकरण पटेल
रायपुर । विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल ने 5 जून को न्यू कन्वेन्शन हॉल नवीन विश्राम गृह, सिविल लाईन में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता का विषय ’’जलवायु परिवर्तन सदी की सबसे बड़ी चुनौती’’ रखा गया। पोस्टर प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए डॉ के. सुब्रमणियम, सदस्य राज्य योजना आयोग ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिये हमें अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा। हमारा जीवन जितना सरल होगा, हमारी आदतें व व्यवहार जितना कम भौतिकवादी होगा, उतना ही हम पर्यावरण को सुरक्षित रख पायेंगे। डॉ सुब्रमणियम ने पर्यावरण संरक्षण के लिये स्कूली बच्चों को आगे आ कर इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।
मण्डल द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता चार आयु वर्ग में रखी गई थी। प्रथम वर्ग 12 वर्ष तक, द्वितीय वर्ग 13 से 17 वर्ष, तृतीय वर्ग 18 से 21 वर्ष एवं चतुर्थ वर्ग दिव्यांग जन में आयोजित की गई। प्रदेश स्तरीय आयोजित इन प्रतियोगिताओं में लगभग चार सौ पचास स्कूली व महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मनाया गया शांति नाथ भगवान का तप ज्ञान व मोक्ष कल्याणक पर्व
रायपुर । टैगोर नगर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को शांति नाथ भगवान के तप, ज्ञान और मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अभिषेक और शांति धारा पूजन से हुई, जिसके बाद शांति विधान का आयोजन संपन्न हुआ।
शांति धारा का सौभाग्य मानमल विनीत बड़जात्या और राजकुमार वीर जैन, नमन जैन को प्राप्त हुआ। नितिन पंडित के सानिध्य में श्री शांतिनाथ विधान को सानंद संपन्न किया गया।
विशेष रूप से तैयार किए गए निर्वाण लाडू, श्रीमती शिल्पी जैन और सीमा दीदी द्वारा शुद्धता पूर्वक घर से बनाकर लाए गए थे। उनके इस प्रयास की मंदिर समिति और उपस्थित भक्तों ने अनुमोदना की।
इस धार्मिक अनुष्ठान के सफल आयोजन के लिए महिला मंडल के प्रयासों की सराहना की गई। महिला मंडल धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी रहती है और उनके इस समर्पण के लिए मंदिर समिति ने साधुवाद प्रकट किया।
टैगोर नगर मंदिर परिवार के सभी सदस्यों ने इस अवसर पर धर्म लाभ लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
खाघ मंत्री ने बाघुल में नवीन ग्राम पंचायत भवन का शुभारंभ किया
रायपुर । खाघ मंत्री दयालदास बघेल ने शनिवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकास खंड के ग्राम बाघुल में 18 लाख 63 हजार की लागत से नवीन ग्राम पंचायत भवन का शुभारंभ किया। खाघ मंत्री बघेल ने शुभारंभ अवसर पर सभी को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पंचायत को मजबूत करने के लिए बाघुल गांव को नया पंचायत भवन दिया गया है। इसका उपयोग गांव के सरपंच, पंच और आम लोग बैठक, प्रशिक्षण देने के लिए कर सकेंगे।
इस अवसर पर सरपंच बाघुल श्रीमती उर्वशी अर्जुन सिंग लसेल, मीना रामनाथ, टार्जन साहू, चंद्रपाल साहू, अजय साहू, परस वर्मा, खोरबाहरा साहू और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
खमतराई चावड़ी में बनेगा शेड, वृक्षारोपण कर हरियाली बिखेरने के निर्देश दिये
रायपुर । आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने नगर निगम जोन क्रमांक 1 के तहत भनपुरी गौठान का निरीक्षण किया. आयुक्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समाजहितैषी मंशा के अनुरूप राजधानी शहर रायपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास मन्त्री अरुण साव के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत भनपुरी गौठान के चारों ओर वृक्षारोपण कर हरियाली बिखेरने के निर्देश दिये. आयुक्त ने खमतराई में स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय की सफाई व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण जोन 1 जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन रघुमणि प्रधान, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर की उपस्थिति में किया और शौचालयों की सफाई व्यवस्था निरन्तर चुस्त - दुरुस्त बनाये रखने के निर्देश दिये. आयुक्त ने खमतराई बाजार में लगने वाली चावड़ी का निरीक्षण किया एवं श्रमवीरों की सुविधा हेतु वहाँ शेड वनाने और आहार केन्द्र खोलने का प्रस्ताव देने के निर्देश सम्बंधित अधिकारी को दिये.
राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन का हेलीपैड पर स्वागत
रायपुर, राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। श्री हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति श्री एबीएन बाजपेई सहित विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री धरमजीत सिंह, विधायक श्री सुशांत शुक्ला और आईजी श्री संजीव शुक्ला ,कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह ने स्वागत किया।