छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
डेयरी एनालॉग के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रतिबंध
राजनांदगांव । खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में डेयरी एनालॉग (अमानक, नकली पनीर, क्रीम एवं मक्खन) के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा ग्राम पनेका डोंगरगांव रोड स्थित एक डेयरी प्रतिष्ठान का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, अभिलेख एवं लेबलिंग का अवलोकन किया गया। मौके पर डेयरी एनालॉग पनीर का उत्पादन या भंडारण नहीं पाया गया एवं इकाई स्वेच्छा से बंद पाई गई। संचालक को आदेश की प्रति सौंपकर आगे भी नियमों का उल्लंघन नहीं करने कहा गया। आम नागरिकों की सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा निरंतर सघन जांच जारी रहेगी।
अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन राजनांदगांव ने बताया कि डेयरी एनालॉग ऐसे गैर-डेयरी उत्पाद है, जिनमें प्राकृतिक दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दूध अवयवों का उपयोग किया जाता है। ये देखने में हूबहू असली पनीर, क्रीम या मक्खन जैसे प्रतीत होते है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा इसके स्पष्ट मानक निर्धारित न होने के कारण यह आम उपभोक्ताओं को भ्रमित करते है तथा स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक साबित हो सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी खाद्य एवं डेयरी व्यापारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत जिले में किसी भी प्रकार के डेयरी एनालॉग (नकली पनीर, क्रीम, मक्खन) का निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय तत्काल प्रभाव से पूर्णत: बंद रखने की हिदायत दी गई है। सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठान में स्वच्छता, वैध एफएसएसआईएस लाइसेंस अथवा पंजीयन एवं नियमानुसार मानक लेबलिंग का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रतिष्ठान में उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा आम नागरिकों से कोई भी डेयरी उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर एनालॉग पनीर, इमिटेंट या डेयरी एनालॉग लिखे उत्पादों को नहीं खरीदने की अपील की गई है। इसके सथ ही खुले में बिकने वाले पनीर एवं दुग्ध मिठाइयों की गुणवत्ता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने तथा केवल एफएसएसआईए लाइसेंसधारी एवं विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री का क्रय करने कहा गया है। किसी भी स्थान पर अमानक या मिलावटी डेयरी उत्पाद बेचे जाने की आशंका होने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने दैवीय विपत्तियों के संबंध में राहत मद अंतर्गत आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई। स्वीकृत सहायता अनुदान राशि का भुगतान राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में दिए गए प्रावधान अनुसार संबंधितों को भुगतान किए जाने हेतु तहसीलदार राजनांदगांव, डोंगरगढ़ एवं डोंगरगांव को उपलब्ध कराया गया है। राजनांदगांव तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से मकान आंशिक क्षति होने पर 4 हजार रूपए एवं तालाब के पानी में डूबने से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से मकान आंशिक क्षति होने पर 8 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तूफान से पशुकोठा क्षति होने पर 9 हजार रूपए, आग से मकान, कपड़ा, बर्तन आंशिक क्षति होने पर 31 हजार रूपए तथा डोंगरगांव तहसील अंतर्गत खेत के डबरी पानी में डूबने से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृति प्रदान की गई है।
सांस्कृतिक आयोजन में सहभागी बनकर हरेली पर्व की परंपरा को जीवित रखने में सहयोग करने की अपील किया गया। ---
राजनांदगांव में हरेली महोत्सव आज छूटेंगे हजारों कबीरपंथी/ राजनांदगांव/टेड़ेसरा - परम पूज्य पंथ हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहब की कृपा एवं पंथ हुजूर उदित मुनि नाम साहब की आर्शीवाद से संचालित _सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन_ {एस केडीवी मिशन} के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य के संस्कारधानी जिला राजनांदगांव में _छत्तीसगढ़ राज्य वर्ष 2026 का प्रथम त्यौहार_ बृहद हरेली महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 02 अगस्त 2026 को स्टेट स्कूल ग्राउंड राजनांदगांव में संपन्न होगा। महोत्सव का उद्देश्य
सीईओ ने ग्राम पदुमतरा में मॉडल संकुल संगठन व सीएमटीसी का किया अवलोकन
राजनांदगांव । मौसमी बीमारियों से निपटने को तैयार स्वास्थ्य विभाग; मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पदुमतरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित मॉडल संकुल संगठन एवं सीएमटीसी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लखपति दीदी, कैडर व संकुल पदाधिकारी से चर्चा की और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस दौरान बताया गया कि जिला प्रशासन द्वारा स्वसहायता समूह के 60 सदस्यों को 9 दिवसीय सोलर दीदी का प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है। उन्होंने संकुल एवं सीएमटीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। इसके बाद सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने स्टेट हाई स्कूल पहुंचकर सोलर दीदियों से मुलाकात की। उन्होंने सोलर दीदियों से चर्चा की एवं उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि सोलर दीदी के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक सोलर स्थापित कराएं।
मौसमी बीमारियों से निपटने को तैयार स्वास्थ्य विभाग, मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए पुख्ता इंतजाम
राजनांदगांव । स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए नागरिकों से अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कहीं भी पानी जमा न होने देने, कूलर एवं पानी संग्रहित करने वाले पात्रों की नियमित सफाई करने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने तथा मलेरिया या डेंगू के लक्षण जैसे बुखार आने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच हेतु रैपिड डायग्नोस्टिक किट, आवश्यक दवाइयां तथा लार्वीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है तथा स्वास्थ्य कर्मियों को सतत निगरानी, डेंगू संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन तथा त्वरित कार्रवाई करने कहा गया है। जिले में लगातार फीवर सर्वे, स्वास्थ्य शिविर, मलेरिया एवं डेंगू की जांच, तथा शीघ्र उपचार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। जनजागरूकता के लिए जिले में आईईसी एवं बीसीसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को घर एवं आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर, टंकी, गमलों एवं अनुपयोगी पात्रों का पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बुखार होने पर तत्काल जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है। रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का छोड़ा जा रहा है। सभी सीएचसी, पीएचसी एवं एसएचसी में लार्वीसाइड उपलब्ध कराकर उसका उपयोग कराया जा रहा है। रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का संवर्धन एवं विसर्जन किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार लार्वीसाइड का उपयोग किया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में लार्वीसाइड उपलब्ध कराया गया है। नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों में नियमित मैपिंग के आधार पर फॉगिंग कार्य कराया जा रहा है। जिससे मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त रूप से मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जागरूकता अभियान अंतर्गत जिले के विद्यालयों में नारा लेखन, भाषण, चित्रकला, रंगोली एवं अन्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव की जानकारी दी जा रही है, ताकि विद्यार्थी अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 25 स्वदेशी मलेरिया के मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 15 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जो स्थानीय संक्रमण में कमी का सकारात्मक संकेत है। हालांकि इस वर्ष प्रवासी आबादी में मलेरिया के मामलों की अधिकता देखी गई है, जिसके मद्देनजऱ प्रवासी श्रमिकों एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। वहीं वर्षा ऋतु को देखते हुए डेंगू की रोकथाम हेतु लार्वा सर्वे, कंटेनर सर्वे, सोर्स रिडक्शन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को भी विशेष रूप से सुदृढ़ किया गया है। पिछले वर्ष जिले में पात्र हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण किया गया था। इस वर्ष भी आवश्यक मैपिंग कर मच्छरदानी वितरण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। साथ ही राज्य शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही चिन्हित क्षेत्रों में पाइरेथ्रम स्प्रे का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा।
किसान 14 अगस्त तक करा सकेंगे खरीफ फसलों का बीमा
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 में किसान अपने फसलों का बीमा 14 अगस्त 2026 तक करा सकते हैं। पूर्व में यह तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी, जिसमें बढ़ोत्तरी की गई है। जिले के ऋणी एवं अऋणी दोनों श्रेणी के किसान निर्धारित तिथि तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करता है। सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी तथा रागी जैसी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराया जा सकता है। योजना का लाभ भू-धारक एवं बटाईदार किसान दोनों ले सकते हैं। खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। जिसके तहत धान (सिंचित) 1320 रूपए, धान (असिंचित) 990 रूपए, मक्का 1056 रूपए, सोयाबीन 1100 रूपए, मूंगफली 924 रूपए, अरहर 880 रूपए, उड़द 660 रूपए, मूंग 638 रूपए, कोदो 484 रूपए, कुटकी 484 रूपए, रागी 550 रूपए देय प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है।
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका (ऋणी किसानों के लिए), स्वघोषणा पत्र अथवा बुवाई प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। किसान अपनी सहकारी समिति, संबंधित बैंक, भारतीय कृषि बीमा कंपनी तथा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से भी फसल बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी किसानों से फसल बीमा कराने की निर्धारित अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 से पूर्व अनिवार्य रूप से अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ लेने तथा प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में अपनी मेहनत और आय को सुरक्षित करने की अपील की गई है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय राजनांदगांव का विस्तृत निरीक्षण व न्यायिक अधोसंरचना का जायजा
राजनांदगांव । मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगांव का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता संघ के सदस्यों तथा न्यायालयीन कर्मचारियों से संवाद किया।
अपने प्रवास के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायालय परिसर स्थित विभिन्न न्यायालय कक्षों, सेंट्रल प्रोसेस अनुभाग, सर्वर, लीगल एंड डिफेंस सिस्टम, अभिलेखागार, मालखाना, लेखा अनुभाग, ग्रंथालय, डिजिटलीकरण एवं स्कैनिंग केन्द्र, पीडि़ता विश्राम कक्ष, किलकारी कक्ष सहित विभिन्न अनुभागों का सघन अवलोकन कर वहां उपलब्ध आधारभूत अधोसंरचना का जायजा लिया। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालयीन कार्यों में कार्यक्षमता, जवाबदेही, पत्रावलियों के रखरखाव और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पेपरलेस कार्यप्रणाली व आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल देते हुए न्यायिक व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि जुडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और न्याय प्रणाली में नई तकनीकी को शामिल करने के हमेशा से पक्षधर रहे हैं। पदभार संभालने के बाद से ही वे लगातार प्रदेश के दूरस्थ व जिला न्यायालयों का दौरा कर जमीनी हकीकतों का जायजा ले रहे हंै। उनके इसी विजन के कारण आज राज्य में अदालतों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण को एक नई गति मिली है, जिससे न्याय व्यवस्था अधिक नागरिक केंद्रित हो रही है। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर राजनांदगांव में मौलश्री पौधा का रोपण भी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार-कम-प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी, प्रोटोकॉल अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव, जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस अधीक्षक तथा न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
राजनांदगांव जिले में अब तक 3544.1 मिमी वर्षा दर्ज
राजनांदगांव ।। राजनांदगांव जिले में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में 1 जून 2026 से अब तक जिले के सभी 7 तहसीलों में 3544.1 मिमी बारिश एवं औसत 85.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी अनुसार डोंगरगढ़ तहसील में 499.6 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 577 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 630 मिमी, घुमका तहसील में 326 मिमी, छुरिया तहसील में 455.2 मिमी, कुमरदा तहसील में 576.2 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 480.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब तक सर्वाधिक वर्षा राजनांदगांव तहसील में 630 मिमी दर्ज की गई है। इसी तरह आज राजनांदगांव जिले के सभी 7 तहसीलों में 85.1 मिमी एवं औसत 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। डोंगरगढ़ तहसील में 31.7 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 11 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 7.8 मिमी, घुमका तहसील में 10.5 मिमी, छुरिया तहसील में 7 मिमी, कुमरदा तहसील में 6.7 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 10.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा डोंगरगढ़ तहसील में 31.7 मिमी दर्ज की गई है।
6745 किशोरी बालिकाओं का किया गया एचपीवी टीकाकरण
राजनांदगांव । गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल कैंसर) से किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में एचपीवी टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत नीरज बाजपेयी स्कूल बोरी में एचपीवी टीकाकरण शिविर का आयोजन कर 14 से 15 वर्ष तक के 31 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया गया। शिविर में एचपीवी टीकाकरण के उपयोग एवं महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। एचपीवी वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। जिले में अब तक कुल 6745 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जा चुका है। शिविर में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
आयुष्मान आरोग्य मन्दिर चिरचारीकला में योगाभ्यास सत्र का आयोजन
राजनांदगांव । आयुष विभाग के निर्देशानुसार जिले के आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों में योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तहत आयुष्मान आरोग्य मन्दिर चिरचारीकला में योग प्रशिक्षक विनोद कुमार सोनी द्वारा योगाभ्यास कराया गया। योग सत्र में शामिल ग्रामीणों को नियमित योगाभ्यास करने एवं योग को अपने दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रत्येक बुधवार को बीपी एवं शुगर के मरीजों को सेंटर में सुबह योग के लिए आने की सलाह दी गई। इस दौरान पौधरोपण किया गया तथा पौधों का वितरण किया गया।
राजनांदगांव की गौशाला पिंजरापोल सेवा, समर्पण और जनसहभागिता का आदर्श केंद्र : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष ने नवीन गौछाया परिसर का लोकार्पण एवं चिकित्सा तथा गौचारा परिसर का किया भूमिपूजन
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज गौशाला पिंजरापोल राजनांदगांव में नवीन गौछाया परिसर के लोकार्पण तथा चिकित्सा परिसर एवं गौचारा परिसर के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राज्य शासन की ओर से गौशाला के विकास के लिए 75 लाख रूपए की राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं पशुपालन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने की। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव तथा राज्य गौ सेवा आयोग छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को संस्कारधानी इसलिए कहा जाता है जब कोई घटना हो जाती है। उस घटना से एक बड़ा निर्णय निकल कर आता है, जो गौ माता के संवर्धन और संरक्षण के लिए होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1904 में एक मार्मिक घटना के बाद स्वर्गीय रामलाल चोपड़ा ने गौशाला स्थापना का संकल्प लिया और समाज के सहयोग से इसकी शुरूआत हुई। आज 122 वर्षों की यह यात्रा जनसेवा, गौसंवर्धन और समाज की सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है। उन्होंने कहा कि गौशाला पिंजरापोल केवल गौशाला नहीं, बल्कि एक पवित्र तीर्थस्थल है, जहां समाज की आस्था और सेवा भावना का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उन्होंने गौशाला के विकास में भूमि, संसाधन एवं आर्थिक सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं का उल्लेख करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से यह गौशाला आज प्रदेश की सबसे सशक्त एवं समृद्ध गौशालाओं में शामिल है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नागरिकों से गौसेवा में नियमित सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार अपनी सामथ्र्य के अनुसार गौशाला से जुड़े और गौसंरक्षण के इस पुण्य कार्य में योगदान दें।
कृषि विकास एवं पशुपालन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि इतनी समृद्ध परंपरा और 122 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाली गौशाला बहुत कम देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां समाज का जुड़ाव, दानदाताओं की सहभागिता तथा गौसेवा के प्रति लोगों की संवेदनशीलता अनुकरणीय है। उन्होंने गौधाम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य शासन गौसंरक्षण एवं गौसेवा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। मंत्री रामविचार नेताम ने गौशाला में संचालित चिकित्सा सुविधाओं, पशु उपचार, शल्य चिकित्सा तथा प्रस्तावित आधुनिक पशु चिकित्सा सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि गौशाला में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजे जाएं, जिन पर शासन स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री श्री नेताम ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को गौशाला में नियमित रूप से पशु चिकित्सकों एवं पशु चिकित्सा सहायक कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गौवंश को समय पर उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम को अध्यक्ष राज्य गौ सेवा आयोग विशेषर सिंह पटेल, महापौर मधुसूदन यादव ने भी संबोधित किया। अध्यक्ष श्री गौशाला पिंजरापोल खूबचंद पारख ने स्वागत उद्बोधन देते हुए श्री गौशाला पिंजरापोल के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में गौशाला के विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए अनेक समाजसेवियों एवं दानदाताओं ने उदारतापूर्वक आर्थिक सहयोग की घोषणा की। अतिथियों ने गौसेवा एवं गौसंरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए इसे समाज की साझा जिम्मेदारी बताया। इस अवसर पर जिला सहकारी केन्द्र बैंक मार्यादित के अध्यक्ष सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, एमडी ठाकुर, गौशाला पिंजरापोल समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, दानदाता तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मानसून के दौरान बाढ़ एवं आपदा से निपटने जिला प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
बाढ़ एवं जलभराव की सूचना पर तत्काल करें संपर्क, कंट्रोल रूम 24 घंटे सतर्क
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला, अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर सहायता केंद्र सक्रिय
खैरागढ़ 30 जुलाई 2026/
जिले में मानसून 2026 के दौरान संभावित बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर जारी किए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति, बाढ़, जलभराव अथवा अन्य आपदा संबंधी सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम अथवा अधिकारियों से संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने बताया कि राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सतर्क हैं तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। आमजन से आग्रह है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आवश्यकता पड़ने पर निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन के अनुसार किसी भी बाढ़ अथवा आपदा संबंधी आपात स्थिति में जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07820-299631 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पुलिस कंट्रोल रूम से 94792-47401 पर संपर्क किया जा सकता है।
अनुविभागीय स्तर पर सहायता के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), खैरागढ़ के दूरभाष क्रमांक 07820-299315 या 8839474206 तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), गण्डई-छुईखदान के दूरभाष क्रमांक 07743-263530 या 9407620657 उपलब्ध रहेंगे। इसी प्रकार तहसील स्तर पर तहसील खैरागढ़ के लिए 07820-224230, तहसील छुईखदान के लिए 07743-263503, तहसील गण्डई के लिए 07743-260506 तथा तहसील साल्हेवारा के लिए 07743-299647 या 9009832630 पर संपर्क कर आवश्यक सहायता एवं जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति, बाढ़ या जलभराव की सूचना मिलने पर बिना विलंब इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर सुनिश्चित किए जा सकें।
प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 (NSPC) के पोस्टर का विमोचन
खैरागढ़ 30 जुलाई 2026
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 (NSPC) के पोस्टर का विमोचन छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं वाणिज्य तथा आबकारी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने खैरागढ़ में किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों एवं युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय छात्र पर्यावरण प्रतियोगिता-2026 का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में देशभर में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण तथा स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
प्रतियोगिता का आयोजन पांच श्रेणियों में किया जा रहा है। इसमें कक्षा पहली से पांचवीं, कक्षा छठी से आठवीं, कक्षा नौवीं से बारहवीं, महाविद्यालय स्तर तथा स्वतंत्र (ओपन) श्रेणी शामिल हैं। प्रतियोगिता पूरी तरह ऑनलाइन एवं निःशुल्क है, जिसमें प्रतिभागी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को तत्काल ई-प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
यह प्रतियोगिता 15 जुलाई 2026 से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। आयोजकों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. विशेषर साहू, भाजपा कार्यसमिति सदस्य श्री घम्मन साहू, जिला पंचायत सभापति श्री दिनेश वर्मा, श्री नवनीत जैन, श्री आयाश सिंह, कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल, सहायक संचालक श्री मनोहर चंदेल, भारत स्काउट एवं गाइड के जिला सचिव श्री कृष्ण कुमार वर्मा, श्री राजेश मेहता, श्री गोरेलाल वर्मा, श्री महेंद्र वर्मा, श्री रामा साहू, श्री भावेश कोचर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्टॉप डायरिया कैंपेन 2026: खजरी प्राथमिक शाला में बच्चों को स्वच्छ पानी और डायरिया से बचाव की दी गई जानकारी
खैरागढ़, 30 जुलाई 2026/
जिले के खैरागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खजरी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत "स्टॉप डायरिया कैंपेन-2026" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालय परिवार एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में विद्यार्थियों को डायरिया की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को डायरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, हाथों की नियमित सफाई, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को जल संरक्षण और जल गुणवत्ता परीक्षण (वॉटर क्वालिटी टेस्टिंग) के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित जल परीक्षण और सुरक्षित पेयजल का उपयोग डायरिया सहित जलजनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों को स्वच्छ पानी पीने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक श्री ज्ञानेश्वर यादव, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती चमेली नेताम, पंचगण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वयक, आईसी एवं WQMS के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
नियद नेल्लानार 2.0 अभियान को मिला गति
खैरागढ़ एवं छुईखदान के ग्राम पंचायत सचिवों का हुआ उन्मुखीकरण, घर-घर पहुंचकर वंचित हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा
खैरागढ़ 30 जुलाई 2026/
जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित नियद नेल्लानार 2.0 अभियान को गति प्रदान की जा रही है। कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में खैरागढ़ एवं छुईखदान विकासखंड के ग्राम पंचायत सचिवों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सचिवों को अभियान की कार्ययोजना, सर्वेक्षण प्रक्रिया, पात्रता सत्यापन, हितग्राहियों के पंजीयन तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों की पहचान करना है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक शासन की किसी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सके हैं।
अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम स्तरीय सत्यापन दल गठित किए गए हैं। इन दलों में सचिव, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक, मितानिन, सक्रिय महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य, किसान सगवारी तथा कोटवार को शामिल किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिव को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सत्यापन दल विभिन्न विभागों से प्राप्त सूची के आधार पर घर-घर पहुंचकर हितग्राहियों का पात्रता अनुसार सत्यापन करेंगे। साथ ही सर्वेक्षण के दौरान ऐसे पात्र व्यक्तियों की भी पहचान की जाएगी, जिन्हें अब तक किसी शासकीय योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे सभी हितग्राहियों का पंजीयन कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले का कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों एवं सचिवों को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ फील्ड में जाकर सत्यापन कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि नियद नेल्लानार 2.0 शासन की महत्वपूर्ण फ्लैगशिप पहल है। सभी अधिकारी एवं सचिव समन्वय और टीम भावना के साथ अभियान को सफल बनाएं तथा निर्धारित समय-सीमा में सर्वे कार्य पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
उन्मुखीकरण के उपरांत अब सभी ग्राम पंचायतों में गठित दल घर-घर पहुंचकर सर्वे एवं सत्यापन कार्य प्रारंभ करेंगे। अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, खाद्य सुरक्षा सहित विभिन्न व्यक्तिगत एवं परिवारमूलक शासकीय योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर पर बसे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बुलडोजर चलाकर शासकीय घास भूमि से हटाया गया अतिक्रमण
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशन में जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम रीवागहन स्थित शासकीय घास भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रीवागहन निवासी संजय वर्मा द्वारा शासकीय घास भूमि पर टीन शेड का निर्माण कर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। राजस्व विभाग की टीम ने आज मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया तथा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासकीय भूमि की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए ऐसे माaमलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
राष्ट्रव्यापी गौ सम्मान आह्वान अभियान अंतर्गत निकाली गई भव्य गौ सम्मान शोभायात्रा
राजनांदगांव । राष्ट्रव्यापी गौ सम्मान आह्वान अभियान अंतर्गत जिला मुख्यालय राजनांदगांव में भव्य गौ सम्मान शोभायात्रा निकाली गई। गौ सम्मान शोभायात्रा महावीर चौक से प्रारंभ होकर भगत सिंह चौक, गुड़ाखु लाईन, आजाद चौक, सिनेमा लाइन, मानव मंदिर चौक, गुरूद्वारा जीई रोड, अम्बेडकर चौक होते हुए जिला कार्यालय पहुंचेगी।
जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम अभियान अंतर्गत एकत्रित लगभग 3.50 लाख से अधिक हस्ताक्षरों के साथ गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा प्रदान करने तथा केंद्रीय गौ मंत्रालय की स्थापना की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। शोभायात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, गौ महिमा एवं गौमाता की उपयोगिता पर आधारित पोस्टर, बैनर तथा जनजागरण संदेशों के माध्यम से नागरिकों को गौ संरक्षण एवं गौ सम्मान के प्रति जागरूक किया गया। गौ सम्मान शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गौ पालक, गौ सेवक उपस्थित थे।