छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
सरकार अब दफ्तरों तक सीमित नहीं, गांव-गांव पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान : श्याम बिहारी जायसवाल
एमसीबी । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर - संवाद से संपूर्ण समाधान” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस विशाल शिविर ने प्रशासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और त्वरित समाधान की नई मिसाल पेश की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को मौके पर ही राहत और समस्याओं का समाधान मिलने से शिविर जनविश्वास का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित समस्त सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह और जनभागीदारी का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के ग्रामीण सुबह से ही अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर शिविर स्थल पहुंचने लगे थे।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 01 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। ग्राम मझौली में आयोजित यह शिविर “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करता नजर आया, जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमन्त बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहान योजना, मनरेगा श्रमिक कार्ड, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, समाज कल्याण विभाग, आधार सेवा केन्द्र, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एग्रीकल्चर, आधार केवाईसी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, खनिज विभाग, वन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्रेडा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पीएमजीएसवाई, जल संसाधन विभाग, मत्स्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आयुष विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नेत्र विभाग, आयुष्मान कार्ड तथा राजस्व विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई, जिससे कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता का विशेष वातावरण देखने को मिला।
जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह हितग्राहियों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास चाबी, पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति स्थापित हुई है। आज सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” जनहित, संवेदनशीलता और जवाबदेही की मिसाल बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी सोच के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंच रही है, समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रही है। यही कारण है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण ही आज छत्तीसगढ़ को विकास और विश्वास की नई दिशा दे रहा है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा। अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, उसमें से कई आवेदनों को मौके पर ही त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदक की समस्या का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा, ताकि आमजन को समयबद्ध राहत मिल सके।
कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच जया सिंह मरावी, तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के लिए सर्वोच्च न्यायालय की विशेष पहल
एमसीबी : समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के लिए सर्वोच्च न्यायालय की विशेष पहल
जिले में SIS ग्रुप द्वारा पंजीयन शिविर का होगा आयोजन, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण के बाद स्थायी रोजगार
एमसीबी : जिले में SIS ग्रुप द्वारा पंजीयन शिविर का होगा आयोजन, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण के बाद स्थायी रोजगार
ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने प्रशासन तैयार 30 जून 2026 तक जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित
एमसीबी : ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने प्रशासन तैयार 30 जून 2026 तक जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित
राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो आदतन आरोपियों पर 6 माह का जिलाबदर आदेश
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो आरोपियों के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत पारित आदेश के अनुसार चिरमिरी निवासी राजन सिंह चौहान तथा मनेन्द्रगढ़ निवासी शकील अहमद उर्फ मस्सा को आगामी 6 माह के लिए जिला एवं आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से निष्कासित किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 202510330100023/धारा-5/2025-26 के तहत राजन सिंह चौहान और दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 202511330100013/धारा-5/2025-26 के तहत शकील अहमद उर्फ मस्सा को 27 अप्रैल 2026 की सुबह 10 बजे से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 27 अप्रैल 2026 से 26 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। जिला बदर अवधि के दौरान दोनों आरोपियों को केवल एमसीबी जिले ही नहीं, बल्कि उससे लगे सीमावर्ती जिलों कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, सीधी एवं सिंगरौली की सीमाओं में भी बिना विधिसम्मत अनुमति प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पहल माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को अपराध नियंत्रण के प्रति प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।
देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न
इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी से केशल राम साहू बने अधिमानी बोलीदार
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
जिला में खनिज संसाधनों के पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। इस प्रक्रिया के माध्यम से शासन द्वारा रेत खदानों के आवंटन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीकी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया गया।
देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए आयोजित इस ई-नीलामी प्रक्रिया में कुल 74 इच्छुक बोलीदारों ने भाग लिया, जो इस खदान के प्रति व्यापक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक महत्व को दर्शाता है। तकनीकी परीक्षण एवं दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद 73 बोलीदारों को पात्र तथा 1 बोलीदार को अपात्र घोषित किया गया। इसके पश्चात पात्र बोलीदारों के बीच रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया संचालित की गई, जहां एक असाधारण स्थिति उत्पन्न हुई जब सभी पात्र प्रतिभागियों द्वारा समान एवं न्यूनतम बोली प्रस्तुत की गई।
ऐसी विशेष परिस्थिति में शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत निष्पक्षता बनाए रखने के लिए 27 अप्रैल 2026 को इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी प्रणाली का उपयोग किया गया। यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुई, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना समाप्त हो सके। इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी के परिणामस्वरूप श्री केशल राम साहू का चयन देवाड़ांड-1 रेत खदान के अधिमानी बोलीदार के रूप में किया गया। खनिज विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पूरी ई-नीलामी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप अत्यंत पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तकनीकी सुरक्षा मानकों के साथ संपन्न कराई गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों के आवंटन में सुशासन सुनिश्चित करना तथा राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ बनाना है। अधिकारियों के अनुसार अधिमानी बोलीदार के चयन के उपरांत अब आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएंगी, ताकि देवाड़ांड-1 रेत खदान का संचालन समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके। खदान संचालन शुरू होने से क्षेत्र में रेत की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे निर्माण कार्यों में सुगमता आएगी और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी। इस पहल से न केवल शासन को राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खदान संचालन से परिवहन, श्रम एवं सहायक सेवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया सुशासन, संसाधन प्रबंधन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
एमसीबी के 'JOSH' मॉडल की प्रदेशभर में गूंज मुख्य सचिव ने दिए सभी जिलों में क्रियान्वयन के निर्देश
जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन बना राज्य स्तरीय नवाचार, स्वच्छता के साथ युवाओं को मिला रोजगार का नया अवसर
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की अभिनव पहल “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH) अब पूरे छत्तीसगढ़ के लिए स्वच्छता और स्वरोजगार का मॉडल बन गई है। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अपेक्स समिति की बैठक में जिले के इस नवाचार की सराहना करते हुए मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।
यह एमसीबी जिले के लिए गौरव का विषय है कि स्थानीय स्तर पर शुरू की गई यह पहल अब राज्यव्यापी अभियान का स्वरूप लेने जा रही है।
खड़गवां से हुई थी शुरुआत, अब पूरे प्रदेश में विस्तार
विदित हो कि 5 जनवरी 2026 को खड़गवां से जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH )” का शुभारंभ किया गया था। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन में जिले के तीनों जनपद पंचायतों में संस्थागत, व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, उपयोग बढ़ाने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इसकी रूपरेखा तैयार की गई।
स्वच्छता के साथ रोजगार सृजन का प्रभावी मॉडल
जिला समन्वयक राजेश जैन ने बताया कि स्वच्छता प्रहरियों द्वारा अब तक लगभग 200 यूनिट शौचालयों की सफाई की जा चुकी है, जिससे करीब 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित हुई है। यह पहल न केवल ग्रामीण स्वच्छता को मजबूत कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए आय का स्थायी माध्यम भी बन रही है।
सफाई के साथ मरम्मत भी
JOSH मॉडल के अंतर्गत स्वच्छता प्रहरी केवल शौचालयों की सफाई ही नहीं कर रहे, बल्कि क्षतिग्रस्त एवं अनुपयोगी शौचालयों की मरम्मत भी कर रहे हैं। इसमें जाम यूरिनल पैन, पाइप लाइन, चैंबर, टाइल्स फिटिंग जैसी तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे शौचालय उपयोगी और टिकाऊ बन रहे हैं।
मात्र 200 रुपये सेवा शुल्क, स्वच्छता का सशक्त अभियान
स्वच्छता प्रहरी हितग्राहियों से प्रति यूनिट केवल 200 रुपये सेवा शुल्क लेकर बेहतर सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
कई विभागों से समन्वय, संस्थागत स्वच्छता को बढ़ावा
इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिवासी विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत शौचालयों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।
एमसीबी बना नवाचार का मॉडल
जिले की यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय नवाचार, यदि प्रभावी नेतृत्व और जनसहभागिता के साथ लागू हो, तो वह राज्य स्तर पर नीति का आधार बन सकता है। JOSH अब केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि स्वच्छता, सम्मान और स्वरोजगार का ऐसा मॉडल बन चुका है, जिसने एमसीबी जिले को पूरे प्रदेश में नई पहचान दिलाई है।
ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत एमसीबी जिले में पांडुलिपि सर्वे अभियान प्रारंभ
एमसीबी/ 27 अप्रैल 2026
ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में पांडुलिपि (हस्तलिखित ग्रंथ) सर्वेक्षण शुरू किया गया जिसके अंतर्गत तीन मास्टर ट्रेनर एवं 137 सर्वेक्षको को नियुक्त कर सभी ग्राम पंचायत मे सर्वे प्रारंभ करने की निर्देश दिए जिले के कलेक्टर डी राहुल वेंकट ने जिला स्तरीय कमेटी गठन कर सभी सर्वेक्षको की ऑनलाइन बैठक लेकर अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताएं कि यह हस्तलिखित ग्रंथ कम से कम 60 -70 वर्ष प्राचीन होना चाहिए साथ ही पुस्तकालय, मंदिरों, निजी संग्रहको के यहां जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक हो गई है मिलने की संभावना अधिक है
इस अभियान के अंतर्गत चिरमिरी निवासी प्रदीप कुमार बेहरा, व्याख्याता के घर ज्ञानभारतम् अभियान की सचिव/जिला नोडल अधिकारी डॉ विनोद पांडेय, चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय और रितेश श्रीवास्तव ने प्रदीप बेहरा के घर पहुंच कर लगभग सन 1850 की उड़िया भाषा की लगभग 6 पांडुलिपि का डिजिटलीकरण कराया तथा सभी ने पांडुलिपि संग्रहण लिए बेहरा की प्रशंसा की। महापौर महोदय ने जन जागरूकता अभियान के तहत सभी लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। कलेक्टर महोदय ने भी पांडुलिपि संग्रहण करने के लिए श्री बेहरा को बधाई दी है़े।
भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त
एमसीबी/27 अप्रैल 2026
जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कमर कस ली है। प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैंडपंपों को युद्ध स्तर पर सुधारा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
इन गाँवों में हुआ त्वरित सुधार
विभागीय टीम ने हाल ही में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत घाघरा, बेला और लरकोडा का दौरा किया। यहाँ लंबे समय से खराब और बंद पड़े हैंडपंपों का न केवल निरीक्षण किया गया, बल्कि मौके पर ही उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया।
प्राथमिकता पर पेयजल आपूर्ति
भीषण गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए है। (PHE) विभाग की इस मुस्तैदी से ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल के लिए दूर नहीं भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है।
जिलेभर में अभियान जारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हैंडपंप सुधार का कार्य निरंतर प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य है कि इस भीषण तपिश में किसी भी ग्रामीण को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
अब ऑनलाइन होगी रेत खदानों की नीलामी, 27 अप्रैल को जिले में ई-ऑक्शन
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
पारदर्शिता बढ़ाने की पहल, अवैध खनन पर लगेगी रोक, राजस्व में होगा इजाफा
एमसीबी/24 अप्रैल 2026
जिले में रेत खदानों के संचालन को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ गौण खनिज (साधारण रेत) उत्खनन एवं व्यवसाय नियम, 2025 के अंतर्गत रेत खदानों की नीलामी अब ई-ऑक्शन (इलेक्ट्रॉनिक नीलामी) के माध्यम से की जाएगी।
जारी अधिसूचना के अनुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की रेत खदानों के आवंटन हेतु इच्छुक आवेदकों से ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासन के अनुसार ई-ऑक्शन प्रक्रिया 27 अप्रैल 2026 को प्रातः 10ः00 बजे कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें पात्र आवेदक ऑनलाइन माध्यम से भाग लेकर रेत खदानों के संचालन हेतु बोली लगा सकेंगे। इस नई व्यवस्था के लागू होने से जिले में रेत खनन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही इससे शासन के राजस्व में वृद्धि होने के साथ खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी प्रबंधन भी सुनिश्चित होगा।
प्रशासन ने इच्छुक आवेदकों से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेकर अवसर का लाभ उठा सकें।
मनेन्द्रगढ़ में ‘जल जीवन मिशन’ कार्यों का सघन निरीक्षण, गुणवत्ता व समय-सीमा पर सख्त जोर
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
इंटेकवेल, डब्ल्यूटीपी, प्रयोगशाला व ग्राम स्तरीय परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, हर घर तक सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
एमसीबी /24 अप्रैल 2026
जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत संचालित ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों का अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चैनपुर स्थित इंटेकवेल, जल शोधन संयंत्र (WTP), गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला तथा डिवीजन कार्यालय भवन सहित चिरमिरी क्षेत्र के डब्ल्यूटीपी का अवलोकन किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सेंधा, लोहारी एवं हर्रा अंतर्गत ग्राम सेंधा, नवापारा एवं हर्रापारा में प्रगतिरत पेयजल परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का भी निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन संरचनाओं की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के अनुपालन तथा कार्यों की प्रगति का गहन परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। इसके साथ ही एलएआई एमवीएस (मल्टी विलेज स्कीम) अंतर्गत शामिल ग्रामों के ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यों की प्रगति, चुनौतियों एवं समाधान के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक घर को नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण दल में अधीक्षण अभियंता एस. एन. पांडे, कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार, उप अभियंता मनमोहन सिंह, जिला परियोजना समन्वयक (मॉनिटरिंग) अनिमेष कुमार तिवारी एवं आईईसी प्रभारी नवीन कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा और जल जनित बीमारियों पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।
स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: बैगा पारा में ग्रामीणों को किया गया जागरूक
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी
खुले में शौच के दुष्परिणाम बताए, मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों पर विशेष जोर
एमसीबी/ 24 अप्रैल 2026
मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत पराडोल अंतर्गत बैगा पारा में ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान
ग्रामीणों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों को शौचालय निर्माण के महत्व से अवगत कराया गया तथा खुले में शौच से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि शौचालय का नियमित उपयोग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पूरे समुदाय को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मौसमी बीमारियों से बचाव पर विशेष जोर
अभियान के दौरान गर्मी के मौसम में फैलने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, लू, उल्टी-दस्त आदि से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ एवं उबला हुआ पानी पीने, भोजन को ढक कर रखने, नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी।
शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील
ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर शीघ्र शौचालय निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि गांव को खुले में शौच मुक्त बनाते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं जनजागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आ रहा है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की बड़ी सफलता: जिले में तीन जगहों पर बाल विवाह विफल, प्रशासन की तत्परता से बचा भविष्य
श्रीमती ज्योत्सना महंत की अध्यक्षता में ‘दिशा’ बैठक सम्पन्न, योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा
एमसीबी :
भाषायी व संख्यात्मक कौशल को बढ़ावा देने की पहल
ग्रीष्मकालीन ‘स्किल बेस्ड समर प्रतियोगिता 2026-27 अप्रैल को आयोजित होगी
एमसीबी/ 21 अप्रैल 2026
जिले के विद्यार्थियों में भाषायी एवं संख्यात्मक दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्ंदहनंहम ंदक छनउमतंबल ैापसस ठंेमक ैनउउमत ब्वउचमजपजपवद 2026 आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह प्रतियोगिता विकासखंड स्तर पर 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।
जारी आदेश के अनुसार प्रतियोगिता दो स्तरों के प्राथमिक (कक्षा 3री से 5वीं) एवं माध्यमिक (कक्षा 6वीं से 8वीं) में आयोजित होगी। सभी शासकीय विद्यालयों के इच्छुक विद्यार्थियों को इसमें सम्मिलित किया जाएगा। प्रतियोगिता व्यक्तिगत (एकल) एवं समूह दोनों स्वरूपों में होगी, जिससे विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ-साथ टीम वर्क एवं सहयोग की क्षमता का भी विकास हो सके।
रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का समावेश
इस प्रतियोगिता में कुल 7 प्रकार की गतिविधियां शामिल की गई हैं, जिनमें चित्र देखकर कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी, डिक्शनरी खोजो, शब्दों से वाक्य निर्माण, सुलेख, मापन तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी रचनात्मक गतिविधियां शामिल हैं। अधिकांश प्रतियोगिताओं की समय सीमा 25 मिनट निर्धारित की गई है, जबकि कुछ गतिविधियां 10 से 15 मिनट की अवधि में सम्पन्न कराई जाएंगी।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता 4 मई को
निर्देशानुसार विकासखंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 4 मई 2026 (सोमवार) को प्रातः 8रू00 बजे किया जाएगा।
पुरस्कार एवं सम्मान की व्यवस्था
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विकासखंड एवं जिला स्तर पर प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
सफल संचालन हेतु निर्देश जारी
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को प्रतियोगिता का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आयोजन उपरांत पालन प्रतिवेदन एवं फोटोग्राफ 3 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस प्रतियोगिता के सफल संचालन हेतु सहायक परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा) सूर्यदेव सिंह तथा जिला नोडल अधिकारी सुश्री खुशबू पी. दास को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं सीखने की रुचि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
“श्री रामलला दर्शन योजना” के तहत मनेंद्रगढ़ से श्रद्धालुओं का दल अयोध्या रवाना
49 श्रद्धालु विशेष रेल से करेंगे अयोध्या धाम की यात्रा, 21 से 24 अप्रैल तक रहेगा प्रवास
एमसीबी/21 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के अंतर्गत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से चयनित श्रद्धालुओं का दल आज असीम उत्साह एवं श्रद्धा के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। शासन की इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से आम नागरिकों को भगवान श्रीराम के जन्मस्थल के दर्शन का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कुल 57 श्रद्धालुओं की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को प्रेषित की गई थी, जिनमें से 49 श्रद्धालु यात्रा के लिए रवाना हुए। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से श्रद्धालुओं का दल बस द्वारा अंबिकापुर के लिए प्रस्थान किया, जहां से वे विशेष रेल के माध्यम से अयोध्या धाम पहुंचेंगे। 21 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, दर्शन, सुरक्षा एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की समुचित व्यवस्था शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यात्रा दल के साथ एक एस्कॉर्ट अधिकारी की भी तैनाती की गई है, जो पूरी यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।
श्रद्धालुओं में उत्साह, भक्ति का माहौल
अयोध्या के लिए रवाना होते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह एवं भक्ति भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था। श्रद्धालुओं ने इस अवसर के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके जीवन का एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव सिद्ध होगी। राम धुन, भजन एवं जयघोषों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव का प्रयास
“श्री रामलला दर्शन योजना” का उद्देश्य नागरिकों को केवल धार्मिक यात्रा कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना भी है। अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के जीवन में नई ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संचार करेंगे। यह योजना राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है।
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर की सख्ती
डीएमएफ के नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य, 5 वर्षीय समग्र विकास योजना बनाने के निर्देश
एमसीबी/21 अप्रैल 2026
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY-2024) के संशोधित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 9B(3) के तहत अधिसूचित इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। बैठक में कलेक्टर ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए, जो सीधे तौर पर खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां के निवासियों को लाभ पहुंचाती हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत लाभ या योजना की मूल भावना के विपरीत कार्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि व्यायामशाला नवीनीकरण, मुर्गों की लड़ाई के लिए चबूतरा निर्माण, पंचायत उपयोग हेतु मोबाइल/वाहन क्रय जैसे कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित हैं और ऐसे प्रस्तावों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही मूर्तियां, स्मारक, हेलीपैड, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, निजी औद्योगिक पार्क, राजनीतिक कार्यक्रम, अधिकारियों के लिए वाहन एवं मोबाइल खरीद जैसी गतिविधियों को भी योजना से बाहर रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सभी विभागों को 5 वर्षीय Perspective Plan (दीर्घकालिक योजना) तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसे 15 मई 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इस योजना में आगामी पांच वर्षों के लिए जिले के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया जाएगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए अलग विस्तृत योजना तथा 25-30 करोड़ रुपये के कार्यों को प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को खनन प्रभावित गांवों की सूची के आधार पर योजनाओं का चयन करने तथा पंचायत, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, विद्युत, क्रेडा और उद्यानिकी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कर उनकी स्थिति का आकलन करने तथा प्रति वर्ष कम से कम 30 केंद्रों के निर्माण या उन्नयन का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की उपलब्धता एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए, जबकि पंचायत विभाग को जल संरक्षण हेतु चेक डैम निर्माण की योजना तैयार करने को कहा गया।
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधोसंरचना परियोजना में बिजली सुविधा अनिवार्य रूप से शामिल की जाए, ताकि सभी परिसंपत्तियां पूर्ण रूप से उपयोगी बन सकें। साथ ही सभी विभागों को अपने कार्यों की जानकारी नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के रिक्त पदों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यय की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यय को न्यूनतम रखते हुए अधिक से अधिक राशि जनहितकारी कार्यों पर खर्च की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।