छत्तीसगढ़ / बेमेतरा
जिले में अब तक 541.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज
बेमेतरा । चालू बारिश सीजन के दौरान बेमेतरा जिले में 01 जून 2026 से 08 सितंबर 2026 प्रतिवेदित दिनांक तक की स्थिति में सवेरे 8.00 बजे तक जिले में 541.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिले में अब तक सर्वाधिक वर्षा तहसील बेरला में 662.5 मि.मी. तथा न्यूनतम 411.5 मि.मी. वर्षा नवागढ़ तहसील में दर्ज की गई है।
संयुक्त जिला कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बेमेतरा तहसील मे 423.4 मि.मी. वर्षा, देवकर तहसील में 470.5 मि.मी. वर्षा, थानखम्हरिया तहसील में 612 मि.मी. व भिंभौरी तहसील में 633 मि.मी., साजा तहसील में 555.1 मि.मी.वर्षा, दाढ़ी तहसील मे 503.5 मि.मी. वर्षा एवं नांदघाट तहसील में 598.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न, लापरवाह निर्माण एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की अध्यक्ष सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में जिला जल स्वच्छता बनाए की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि स्वीकृत कार्ययोजना के तहत अक्टूबर 2026 तक पूर्ण होने वाली योजनाओं में जिनमें 5 से 10 प्रतिशत कार्य ही शेष है, लेकिन एजेंसियों द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है, ऐसी एजेंसियों को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पूर्व में नोटिस के बाद भी कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को आज ही अंतिम नोटिस जारी किया जाए। समय पर कार्य पूर्ण न करने पर टेंडर निरस्त कर जमा राशि राजसात की जाएगी।
बैठक में नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत 18 ग्राम पंचायतों में कार्यरत प्रशिक्षु नल जल मित्रों के लंबित भुगतान की सूची तैयार कर सीईओ जिला पंचायत को देने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रेमलता पद्माकर ,पीएचई के कार्यपालन अभियंता जे.पी. गोंड सहित जल जीवन मिशन अंतर्गत गठित समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।
कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण, बिना अनुमोदित स्त्रोत प्रमाण पत्र के कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध
आज कृषि विभाग, विकासखंड साजा की टीम द्वारा नगर पंचायत देवकर में संचालित कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कृषि आदानों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वैधानिक दस्तावेजों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान श्रीजल कृषि केन्द्र एवं आहान कृषि केन्द्र, देवकर में कीटनाशकों के विक्रय हेतु अनुमोदित स्त्रोत प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं पाए जाने पर संबंधित कीटनाशकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया। उक्त कार्रवाई कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधानों के तहत की गई। इसी क्रम में चंद्राकर कृषि केन्द्र, देवकर के निरीक्षण के दौरान रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच हेतु 04 उर्वरक नमूने लिए गए, जिन्हें नियमानुसार परीक्षण के लिए प्रयोगशाला प्रेषित किया गया है। प्रयोगशाला से प्राप्त परीक्षण परिणाम के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण के दौरान दिनेश कुमार धुर्वे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड साजा एवं विनय कुमार शर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कार्यालय साजा उपस्थित रहे। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मोरध्वज डडसेना के द्वारा जिले में कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरीक्षण एवं नमूना संकलन की कार्रवाई निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन
बेमेतरा । राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के आदेशानुसार एवं माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश सरोज नन्द दास के मार्गदर्शन तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा स्वर्णलता ओम यादव की उपस्थिति में आज अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर लक्ष्मण प्रसाद वैद्य शासकीय कन्या महाविद्यालय, बेमेतरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि साक्षरता प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। शिक्षा एवं साक्षरता के माध्यम से व्यक्ति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने में सक्षम होता है तथा समाज में सम्मानपूर्वक एवं आत्मनिर्भर जीवन जी सकता है। अशिक्षा के कारण व्यक्ति अपने अधिकारों की जानकारी से वंचित रह जाता है और अनेक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का साक्षर होना आवश्यक है।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा छात्राओं को निःशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई। छात्राओं को नालसा के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के संबंध में बताते हुए कहा गया कि जरूरतमंद व्यक्ति इस नंबर के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर के दौरान प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया एवं पीड़ित व्यक्ति के अधिकारों के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही टोनही प्रताड़ना अधिनियम के प्रावधानों तथा अंधविश्वास एवं टोनही के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली प्रताड़ना के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी संरक्षण के संबंध में छात्राओं को जागरूक किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बहेरा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, मूंग वाय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उमरिया, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, तिलका पारा नवागढ़ तथा तालुका साजा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल, परसबोड़ शामिल हैं। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को साक्षरता के महत्व के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
जनदर्शन प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम : कलेक्टर
बेमेतरा । आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले भर से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी।
जनदर्शन के दौरान कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए। नागरिकों ने निराश्रित एवं वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, बैटरी चलित ट्रायसाइकल, प्रधानमंत्री आवास योजना, कटा हुआ रकबा जोड़ने, खाद गड्ढा हटाने और आम रास्ता खुलवाने सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी मांगें और शिकायतें रखीं।
कलेक्टर सुश्री ममगाईं ने प्रत्येक आवेदन पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेते हुए कई प्रकरणों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को दूरभाष पर और समक्ष बुलाकर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि गंभीर एवं जांच योग्य प्रकरणों को समय-सीमा (टीएल) पंजी में दर्ज कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम है। प्रत्येक आवेदन का निराकरण संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाएगा। उन्होंने सभी आवेदकों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर उच्च स्तरीय समिति की बैठक
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने तथा इसके प्रारूप तैयार करने के लिए शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च स्तरीय समिति के माननीय सदस्यों की उपस्थिति में समान नागरिक संहिता के प्रावधानों एवं प्रभावों पर समूह चर्चा, परिचयात्मक बैठक आज 7 सितंबर को दोपहर 12.00 बजे से लोक निर्माण विभाग, दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में जिला दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा के संगठन प्रमुखों को शामिल होने एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो संबंधित जिलों के संगठनों से समन्वय कर बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक आज
बेमेतरा । जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में आज 08 सितंबर 2026 को शाम 4:00 बजे से कलेक्ट्रेट स्थित दिशा सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। बैठक में समिति के सभी सदस्यों को उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
जनदर्शन प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम : कलेक्टर
बेमेतरा । आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले भर से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी।
जनदर्शन के दौरान कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए। नागरिकों ने निराश्रित एवं वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, बैटरी चलित ट्रायसाइकल, प्रधानमंत्री आवास योजना, कटा हुआ रकबा जोड़ने, खाद गड्ढा हटाने और आम रास्ता खुलवाने सहित जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी मांगें और शिकायतें रखीं।
कलेक्टर ममगाईं ने प्रत्येक आवेदन पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेते हुए कई प्रकरणों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को दूरभाष पर और समक्ष बुलाकर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि गंभीर एवं जांच योग्य प्रकरणों को समय-सीमा (टीएल) पंजी में दर्ज कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद का सशक्त माध्यम है। प्रत्येक आवेदन का निराकरण संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाएगा। उन्होंने सभी आवेदकों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
11 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, सहायक ग्रेड-02 और सहायक ग्रेड-03 में हुआ प्रमोशन
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम-2003 के तहत राजस्व कार्यालयों में कार्यरत 11 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है।
7 सहायक ग्रेड-03 का सहायक ग्रेड-02 में प्रमोशन :
कार्यालय कलेक्टर से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग में कार्यरत 7 सहायक ग्रेड-03 को सहायक ग्रेड-02 के पद पर पदोन्नत किया गया है। वेतन पुनरीक्षित मैट्रिक्स लेवल-6 (वेतन बैंड 5200-20200, ग्रेड पे 2400) में पदोन्नति दी गई है।
पदोन्नत होने वाले कर्मचारी में सूरज प्रसाद सोनी, वर्षा राजपूत, ईश्वरदास वैष्णव, दिनेश कुमार पटेल, सुमन पाण्डे, तुलसी राम देवांगन एवं विनोद राऊतिया शामिल हैं।
4 भृत्यों को मिला सहायक ग्रेड-03 का प्रमोशन :
इसी प्रकार विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा 4 भृत्यों को सहायक ग्रेड-03 के पद पर पदोन्नति दी गई है। इन्हें वेतन पुनरीक्षित मैट्रिक्स लेवल-4 (वेतन बैंड 5200-20200, ग्रेड पे 1900) में पदोन्नत किया गया है।
पदोन्नत होने वाले कर्मचारी में अनंत कुमार, कृष्ण कुमार डहरिया, परमानंद यादव एवं राहुल कुर्रे हैं। इन सभी 11 कर्मचारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ किया गया है। कलेक्टर ने पदोन्नत कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं, सेवा, समर्पण और निष्ठा से दायित्व निर्वहन करने कहा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज पदोन्नत हुए 11 कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा कि पदोन्नति शासन द्वारा आपके कार्य, सेवा और वरिष्ठता का सम्मान है। उन्होंने सभी पदोन्नत कर्मचारियों से कहा कि नवीन पद की नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सेवा, समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए विनम्र व्यवहार और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना आवश्यक है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश से कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है।
उच्च स्तरीय समिति की बैठक 8 को
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने तथा इसके प्रारूप तैयार करने के लिए शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च स्तरीय समिति के माननीय सदस्यों की उपस्थिति में समान नागरिक संहिता के प्रावधानों एवं प्रभावों पर समूह चर्चा, परिचयात्मक बैठक आज को दोपहर 12.00 बजे से लोक निर्माण विभाग, दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। बैठक में जिला दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा के संगठन प्रमुखों को शामिल होने एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो संबंधित जिलों के संगठनों से समन्वय कर बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे।
जिला जल व स्वच्छता मिशन की बैठक 8 को
बेमेतरा । जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में आज 08 सितंबर 2026 को शाम 4:00 बजे से कलेक्ट्रेट स्थित दिशा सभाकक्ष में होगी। बैठक में समिति के सभी सदस्यों को उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत बृहद वृक्षारोपण
बेमेतरा । जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बेमेतरा सुश्री प्रेमलता पद्माकर के मार्गदर्शन में आज ग्राम पंचायत जेवरा एन में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लगभ 25 एकड़ में 8000 पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में माननीय दयालदास बघेल, मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, एनआरएलएम की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
यह वृक्षारोपण कार्य “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)” एवं डीएमएफ के अंतर्गत कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी अवसरों का सृजन करना है।
*हाफ नदी जीर्णोद्धार से जल संरक्षण और आजीविका को बढ़ावा*
कार्यक्रम को “मोर गाँव मोर पानी महाभियान” से जोड़ते हुए हाफ नदी जीर्णोद्धार के तहत नदी के पुनर्जीवन, जल संरक्षण एवं आसपास के क्षेत्र के पर्यावरणीय विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नदी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण से भू-जल संरक्षण, मिट्टी एवं नमी संरक्षण तथा स्थानीय पर्यावरण में सुधार होने की उम्मीद है।
वृक्षारोपण के साथ आम, अमरूद, कटहल सहित अन्य उद्यानिकी एवं वानिकी पौधों का रोपण किया जा रहा है। भविष्य में इन उद्यानिकी पौधों से प्राप्त होने वाली उपज महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों के लिए आय का स्थायी स्रोत बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए “पानी बचाएं, पर्यावरण बचाएं और गाँव को समृद्ध बनाएं” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को आपस में जोड़कर जिले में सतत विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
जल एवं पर्यावरण संरक्षण से ही आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित : दयाल दास बघेल
बेमेतरा । आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल और पेड़ों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी को पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनके संवर्धन के लिए भी आगे आना होगा। यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत जेवरा एन में आयोजित पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान कही।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री बघेल ने स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। ये न केवल वातावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि भू-जल स्तर को बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने तथा वर्षा जल के संरक्षण में भी सहायक होते हैं। वर्तमान समय में जिस तेजी से पर्यावरणीय संकट बढ़ रहा है, उसे देखते हुए बड़े पैमाने पर पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी अनिवार्य हो गया है।
‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान से गांव-गांव में जागरूकता
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘मोर गांव मोर पानी’ महा अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की शुरुआत गांव और घर से होनी चाहिए। यदि प्रत्येक गांव अपने तालाबों, नालों, डबरी और भू-जल के संरक्षण को प्राथमिकता दे, तो आने वाले समय में जल संकट की बड़ी चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से जल का अपव्यय रोकने और उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।
वर्षा जल को अधिक से अधिक संरक्षित करने के लिए खेतों में मेड़ बंधान, तालाब गहरीकरण और वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
मंत्री श्री बघेल ने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल, सिंचाई, सुरक्षा और संवर्धन सुनिश्चित करना उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को एक संतान की तरह जिम्मेदारी के रूप में लिया जाए, ताकि वह आने वाले वर्षों में एक विशाल वृक्ष का रूप ले सके और पर्यावरण संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान दे सके।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के किनारे, शाला परिसरों, तालाबों के आसपास और उपलब्ध शासकीय भूमि पर पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाए।
वीबी जी राम जी योजना के तहत 26 एकड़ में वृहद पौधरोपण
कार्यक्रम के अंतर्गत वीबी जी राम जी योजना के तहत लगभग 26 एकड़ शासकीय भूमि में वृहद पौधरोपण किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए।
पौधरोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सरपंचों, कृषकों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और महिला स्व-सहायता समूहों ने किया सामूहिक पौधरोपण
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, 100 से अधिक सरपंचों, कृषकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने सामूहिक रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संदेश दिया गया।
जल संरक्षण में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान रहा। जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी एवं महती योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, अधिकारियों, महिला समूहों और प्रगतिशील कृषकों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस सम्मान समारोह के माध्यम से उन लोगों के प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया, जिन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनअभियान का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जिले में भू-जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना : कलेक्टर
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले में भू-जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाए जा रहे कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता के बिना जल और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं, किसान, जनप्रतिनिधि और युवा मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं। ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
कलेक्टर ने बेमेतरा जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य करने वालों को जिला प्रशासन की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि शासन के प्रयासों के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ जाए, तो जल संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के सामूहिक प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखेंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य दयावंत धर बाँधे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमा जय दिवाकर, साजा जनपद पंचायत अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जनपद पंचायत बेरला अध्यक्ष श्रीमती माधुरी रवि परगनिहा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि अजय साहू, जिला पंचायत सीईओ सुश्री प्रेमलता पद्माकर, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री पिंकी मनहर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अनेक महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, सरपंचगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
‘मोर गाँव, मोर पानी’ महाअभियान के तहत जेवरा में आज होगा वृक्षारोपण
खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल की मुख्य आतिथ्य में होगा वृक्षारोपण
बेमेतरा सितंबर 2026
‘मोर गाँव, मोर पानी महाअभियान’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत जेवरा (एन) में आज, 5 सितंबर को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत जेवरा (एन) में होगा। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री विजय बघेल, बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू,रजक विकास बोर्ड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर एवं छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास जी, जनपद पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष श्री खोरबाहरा साहू अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
वहीं तेलघानी बोर्ड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, जिला पंचायत बेमेतरा की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री अजय साहू और ग्राम पंचायत जेवरा (एन) के सरपंच श्री प्रमोद साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके अलावा जिला पंचायत बेमेतरा एवं जनपद पंचायत नवागढ़ के उपाध्यक्ष और सदस्यगण, विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य एवं पार्षदगण तथा जिले की समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंचों की भी कार्यक्रम में सहभागिता रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन पर जोर
‘मोर गाँव, मोर पानी’ महाअभियान का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और हरियाली को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिला प्रशासन बेमेतरा ने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
अनियमितताओं के चलते किसान एग्रो कृषि केन्द्र की कीटनाशक अनुज्ञप्ति 15 दिवस के लिए निलंबित
बेमेतरा सितंबर 2026
कृषि विभाग द्वारा कीटनाशक विक्रय एवं भण्डारण में अनियमितता पाए जाने पर मेसर्स किसान एग्रो कृषि केन्द्र, सिंधौरी, विकासखण्ड बेमेतरा की कीटनाशी विक्रय/भण्डारण अनुज्ञप्ति को 15 दिवस के लिए निलंबित किया गया है। उप संचालक कृषि एवं कीटनाशी अनुज्ञापन अधिकारी, जिला-बेमेतरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार 27 मई 2024 को जारी की गई थी, जो *04 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026* तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कीटनाशी निरीक्षक द्वारा 14 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना अनुमोदित प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के कीटनाशकों का भण्डारण किए जाने सहित कई अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही प्रतिष्ठान में कीटनाशकों के भण्डारण एवं दर सूची का प्रदर्शन नहीं किया गया था।
निरीक्षण में कीटनाशकों के विक्रय के उपरांत कृषकों को नियमानुसार कैश/क्रेडिट मेमो प्रदान नहीं करना तथा कीटनाशी स्कंध पंजी का नियमानुसार संधारण नहीं करना भी पाया गया। इसके अलावा अनुज्ञप्ति जारी होने के बाद से अब तक मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने की अनियमितता भी सामने आई।
उक्त अनियमितताओं के संबंध में संबंधित लाइसेंसधारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण करने पर उसे संतोषजनक नहीं पाया गया। उपलब्ध अभिलेखों, निरीक्षण प्रतिवेदन एवं प्रकरण में पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित लाइसेंसधारी द्वारा कीटनाशी अधिनियम, 1968, कीटनाशी नियम, 1971 एवं अनुज्ञप्ति में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया जाना पाया गया।
निलंबन अवधि में कीटनाशक विक्रय, भण्डारण एवं वितरण पर रोक
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा किसी भी प्रकार के कीटनाशक का विक्रय, भण्डारण अथवा वितरण नहीं किया जाएगा। प्रतिष्ठान में उपलब्ध कीटनाशकों के स्टॉक का नियमानुसार सत्यापन एवं अभिलेखीकरण किया जाएगा।
संबंधित व्यक्ति/फर्म को निलंबन अवधि में उक्त अनुज्ञप्ति के आधार पर कीटनाशी संबंधी किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी। संबंधित कीटनाशी निरीक्षक को आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक का निरीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कीटनाशक विक्रय में अनियमितता पाए जाने पर उमंग कृषि केन्द्र की अनुज्ञप्ति 15 दिवस के लिए निलंबित
बेमेतरा सितंबर 2026
कृषि विभाग द्वारा कीटनाशक विक्रय एवं भण्डारण में अनियमितताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मेसर्स उमंग कृषि केन्द्र, संबलपुर, विकासखण्ड नवागढ़ की कीटनाशी विक्रय/भण्डारण अनुज्ञप्ति को 15 दिवस की अवधि के लिए निलंबित किया गया है। उप संचालक कृषि एवं कीटनाशी अनुज्ञापन अधिकारी, जिला-बेमेतरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार दिनांक 05 जुलाई 2022 को जारी की गई थी, जो *04 सितंबर 2026 से 18 सितंबर 2026* तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कीटनाशी निरीक्षक द्वारा 17 अगस्त 2026 को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किए जाने पर कई अनियमितताएं पाई गई थीं। निरीक्षण के दौरान कीटनाशक अनुज्ञप्ति को प्रतिष्ठान के दृश्य स्थल पर चस्पा नहीं किया गया था। साथ ही, स्त्रोत प्रमाण में उल्लेखित कंपनी के अतिरिक्त अन्य निर्माता कंपनियों के उत्पाद भी प्रतिष्ठान में पाए गए।
निरीक्षण में प्रतिष्ठान में कीटनाशकों के भण्डारण एवं दर सूची का प्रदर्शन नहीं किया जाना तथा अवसान तिथि समाप्त हो चुके कीटनाशकों को अन्य स्टॉक से पृथक नहीं किया जाना भी पाया गया। इसके अलावा निर्धारित प्रारूप में कैश/क्रेडिट मेमो संधारित नहीं किया जाना, माह समाप्ति के 15 दिवस के भीतर पाक्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना तथा स्कंध पंजी का संधारण नहीं किया जाना भी सामने आया।
इन अनियमितताओं के संबंध में संबंधित लाइसेंसधारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने पर उसे संतोषजनक नहीं पाया गया। उपलब्ध अभिलेखों, निरीक्षण प्रतिवेदन एवं प्रकरण में पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित द्वारा कीटनाशी अधिनियम एवं कीटनाशी नियमों तथा अनुज्ञप्ति में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया जाना पाया गया।
निलंबन अवधि में विक्रय, भण्डारण एवं वितरण पर रोक
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा किसी भी प्रकार के कीटनाशक का विक्रय, भण्डारण अथवा वितरण नहीं किया जा सकेगा। प्रतिष्ठान में उपलब्ध कीटनाशकों के स्टॉक का नियमानुसार सत्यापन एवं अभिलेखीकरण किया जाएगा। साथ ही, संबंधित व्यक्ति/फर्म को निलंबित अनुज्ञप्ति के आधार पर किसी भी प्रकार की कीटनाशी संबंधी व्यावसायिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी।
संबंधित कीटनाशी निरीक्षक को आदेश का पालन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार प्रतिष्ठान में उपलब्ध स्टॉक का निरीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘मोर गांव, मोर पानी’ महाभियान का असर: बेमेतरा जिले के तीन विकासखंड क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल जोन में पहुंचे
जल संरक्षण कार्यों से भू-जल स्तर में सुधार, मनरेगा एवं VB-G RAM G के तहत 33 हजार से अधिक कार्य संपादित
बेमेतरा सितंबर 2026
‘मोर गांव, मोर पानी’ महाभियान के तहत जिले में किए गए व्यापक जल संरक्षण कार्यों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल श्रेणी में आने वाले बेमेतरा जिले के *बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ विकासखंड अब क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में पहुंच गए हैं।* यह उपलब्धि जल संरक्षण के लिए किए गए सतत प्रयासों, वैज्ञानिक प्लानिंग, जनभागीदारी तथा मनरेगा एवं VB-G RAM G के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के कुशल मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री प्रेमलता पदमाकर के नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। कुछ वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में से केवल 5 विकासखंड क्रिटिकल श्रेणी में थे, जिनमें *3 विकासखंड बेमेतरा जिले के बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़* शामिल थे। वहीं साजा विकासखंड सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में था। भू-जल स्तर में गिरावट के कारण ग्रीष्म ऋतु में जल स्रोतों के सूखने तथा पेयजल, सिंचाई एवं निस्तार के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
33 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्यों का हुआ क्रियान्वयन
जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिले में मनरेगा एवं VB-G RAM G के तहत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर संपादित कराया गया। विगत वर्षों में *ट्रेंच निर्माण, तालाब गहरीकरण, नवीन तालाब निर्माण, फार्म पॉन्ड, रिचार्ज पिट, अंडरग्राउंड डाइक, चेकडैम, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग* सहित विभिन्न जल संरक्षण कार्यों के लगभग *33,438 कार्य* कराए गए।
इसके साथ ही जनसहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से भी जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। ट्रेंच निर्माण, सोकपिट तथा नालों में बारी बंधान जैसे लगभग *46,762 कार्य* जनभागीदारी से कराए गए। इन प्रयासों से वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल रिचार्ज को बढ़ावा मिला, जिसका सकारात्मक प्रभाव भू-जल स्तर पर दिखाई दे रहा है।
लेबर बजट से वाटर बजट की ओर बढ़ा जिला
जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने में वैज्ञानिक एवं सहभागी दृष्टिकोण अपनाया गया। सभी ग्राम पंचायतों में जल बजट तैयार कराने के लिए NGO प्रदान संस्था के सहयोग से ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
जल बजट के माध्यम से यह चिन्हित किया गया कि *कहां पानी गिरता है, कहां बह जाता है और कहां उसे रोका जा सकता है।* इसके आधार पर GIS आधारित प्लान तैयार कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरक्षण कार्यों का चयन, स्वीकृति एवं क्रियान्वयन किया गया। इस प्रक्रिया में टॉप-डाउन के बजाय *बॉटम-अप अप्रोच* को अपनाया गया, जिससे ग्राम स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हुई।
फसल चक्र परिवर्तन से भू-जल संरक्षण को मिला बढ़ावा
जिले में जल संरक्षण के साथ-साथ भू-जल के अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए फसल चक्र परिवर्तन पर भी विशेष जोर दिया गया। रबी सीजन में अधिक पानी की आवश्यकता वाली धान की फसल को हतोत्साहित कर कम पानी में होने वाली अन्य फसलों को प्राथमिकता देने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
जिले की ग्राम पंचायतों में रबी सीजन में धान की फसल नहीं लेने के संबंध में ग्राम सभाओं में संकल्प एवं प्रस्ताव पारित कराए गए। रबी में धान का रकबा कम होने से भू-जल के अत्यधिक दोहन में कमी आई और भू-जल स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
जनभागीदारी से जल संरक्षण बना जनआंदोलन
जल संरक्षण को लेकर जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सामूहिक रैलियों, जल संचय शपथ, वॉल राइटिंग सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
घरों में वर्षा जल के संरक्षण एवं भू-जल रिचार्ज के लिए लोगों को सोकपिट निर्माण हेतु प्रेरित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप जिले में *37,821 सोकपिट* बनाए गए। इस अभियान में बिहान की दीदियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कलेक्टर ने कहा—क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल आना मंजिल नहीं, एक पड़ाव है
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि, *“क्रिटिकल से सेमी-क्रिटिकल आना मंजिल नहीं, बल्कि एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य बेमेतरा जिले को सेफ जोन में लाना है। मनरेगा एवं VB-G RAM G ने यह साबित किया है कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि गांव के भविष्य और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।”*
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए प्रशासन, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि जिले में भू-जल स्तर को स्थायी रूप से बेहतर बनाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो।