छत्तीसगढ़ / बीजापुर
ऑल इंडिया विश्वविद्यालय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
बीजापुर । शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर की सॉफ्टबॉल महिला टीम अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता नेल्लूर में आयोजित है में प्रथम मैच में माधव यूनिवर्सिटी राजस्थान को 10-0 से एवं दूसरे मैच में सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी गुजरात को तीन-दो से तीसरे मैच में बेंगलुरु यूनिवर्सिटी कर्नाटक चौथे मैच में बरकततुल्ला यूनिवर्सिटी को हरा कर प्री क्वाटर में प्रवेश किया फिर पांचवे मैच में कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी एवं गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी पंजाब को हरा कर सेमीफाइनल में जगह बनाई,, इस अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में देश भर की 96 विश्वविद्यालय ने भाग लिया जिसमें शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय सॉफ्टबॉल महिला टीम ने अंतिम 04 में अपनी जगह बनाई ।
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के इतिहास में पहली बार कोई टीम अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय में क्वालीफाई किया, महिला टीम में कु ज्योति हेमला पिचर एवं कु अरुणा पुनेम कैचर की जुगलबंदी ने टीम को विजय बनाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई टीम में कु चंद्रकला, कु रेणुका, कु विमला शासकीय शहीद वेंकट राव महाविद्यालय बीजापुर, लक्ष्मी मौर्य, माड़वी शांति , शामबती , जयमती, शर्मिला, आकांक्षा ये शासकीय महेंद्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा से यलका, लालिमा, अनीता विमला शासकीय नवीन महाविद्यालय धनोरा कोंडागांव से ,, और ओमेश्वरी बस्तर यूनिवर्सिटी से सभी खिलाड़ी ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय एवं टीम को गौरवान्वित किया इस टीम के कोच श्री मारुति नन्दन मरकाम क्रीड़ा अधिकारी शासकीय महेंद्र कर्मा कन्या महाविद्यालय दंतेवाड़ा एवं मैनेजर श्री राजेन्द्र सिंह राज थे,।
टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय जी , शारिरीक शिक्षा विभाग के संचालक श्री बी एल केवट, श्री नवीन सिंह सर वरिष्ट क्रीड़ा अधिकारी, श्री सोपान कर्णेवार कोच बीजापुर एकेडमी श्री रजनीश ओसवाल जी कोच एकलव्य कीड़ा परिसर जावांगा,श्री राहुल गौरखेड़े जी , एवं सभी अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी एवं खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संतोषी भण्डारी का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भोपाल के लिए चयन
बीजापुर की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जिले का मान
बीजापुर । बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी की एथलेटिक्स खिलाड़ी संतोषी भण्डारी का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) भोपाल के लिए किया गया है। यह चयन भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा 24 अप्रैल 2025 को जारी की गई चयन सूची के आधार पर हुआ है, जिसमें देशभर की 10 बालिका एथलीट्स को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है।
संतोषी भण्डारी सूची में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं, जो बीजापुर स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बीजापुर की छात्रा हैं। उन्होंने हाल ही में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 11 से 14 जनवरी 2025 तक रांची झारखंड में आयोजित 68वीं नेशनल स्कूल गेम्स में 400 मीटर और 600 मीटर दौड़ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 400 मीटर में 1ः02 मिनट और 600 मीटर में 1ः41 मिनट का शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर 8वां स्थान प्राप्त किया।
इसके पूर्व, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 35वीं वेस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चौंपियनशिप जो 4 से 6 अक्टूबर 2024 को नागपुर महाराष्ट्र में आयोजित हुई थी उसमें उन्होंने 4वां स्थान प्राप्त किया था।
भारतीय खेल प्राधिकरण हर वर्ष देशभर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें (NCOE) में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और डाइट की सुविधा प्रदान करता है। संतोषी भण्डारी के इस उपलब्धि पर बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने उन्हें स्पोर्ट्स किट भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी एनपी गवेल सहित कोच संदीप गुप्ता उपस्थित रहे। बीजापुर जिले के लिए यह गौरव की बात है कि यहां की एक बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर जिले का नाम रोशन किया है।
सुशासन तिहार में मिली शौचालय की स्वीकृति
बीजापुर । सुशासन तिहार के अवसर पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जांगला निवासी सन्नी लेकाम द्वारा व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति हेतु आवेदन किया गया था। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर तत्परता दिखाते हुए संबंधित विभाग द्वारा तत्काल स्वीकृति प्रदान की गई। श्रीमती सन्नी लेकाम ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह वास्तव में जनहित में तत्पर शासन की भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके परिवार को बहुत सुविधा मिलेगी। इसी क्रम में माटवाड़ा की श्रीमती तुलसी को भी सुशासन तिहार के दौरान शौचालय की सुविधा स्वीकृत की गई। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। जिला प्रशासन की इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया है।
प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों के परिजन को 12 लाख की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
बीजापुर। कलेक्टर संबित मिश्रा द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों के परिजनों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
जिसके अर्न्तगत नदी-नाले एवं तालाब के पानी में डुबने से मृत्यु के प्रकरण में मृतक लखु ओयाम के निकटतम वारिस उनकी पत्नि पोदिये आयोम, मृतक पुनेम रमेश के निकटतम वारिस पुनेम सदना एवं मृतक मुकेश उरसा के निकटतम वारिस लक्खू उरसा को 4-4 लाख रूपए कुल 3 पीड़ितों के परिजनों को 12 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति दी गई है। राशि का भुगतान संबंधित हितग्राही के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदार को दिए गए हैं।
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने जिला प्रशासन सख्त, फील्ड में निगरानी रखने के निर्देश
बीजापुर। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में बाल विवाह रोकने हेतु सभी विभागों को अभियान की रणनीति के साथ विस्तृत दिशा निर्देश दिये गए है। नोडल विभाग महिला एवं बाल विकास को जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता अभियान करने हेतु निर्देशित किए गए है।
प्रदेश में अक्षय तृतीया के मौके पर बड़ी ताताद में शादी का आयोजन होता है जिला प्रशासन ने 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मद्देनजर बाल विवाह की आशंकाओं के तहत विशेष सर्तकता बरतने के भी निर्देश दिये है फील्ड में विभागीय अमलों को सजग रहने के लिए निर्देशित किया गया है। बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान मे तहत गांव में मुनादी, दीवार लेखन, रैली, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुखों, बीजादूतीर स्वयं सेवकों को अभियान से जोड़कर अपील किया जा रहा है कि जिले को शतप्रतिशत बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जाना है।
बाल विवाह की सूचना पर तत्काल बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, ग्राम पंचायत के सचिव, सेक्टर पर्यवेक्षक को दिया जा सकता है साथ ही नजदीकी आंगनबाडी केन्द्र, थाना प्रभारी, चाईल्ड हेल्पलाईन 1098, महिला हेल्पलाईन 181 या आपातकालीन सेवा 112 पर जानकारी देने अनुरोध किया गया है। बाल विवाह को गंभीर कानूनी अपराध मानते हुए 2 साल की सजा या 1 लाख रूपये का जुर्माना या दोनो प्रावधान है। लडकी की उम्र 18 वर्ष से कम एवं लडका का उम्र 21 वर्ष से कम होने पर बाल विवाह की श्रेणी में आते हैं।
नक्सल प्रभावित ग्राम गुंजेपर्ति में जियो मोबाइल की सुविधाहुई शुरू
बीजापुर । केंद्र सरकार की यूएसओएफ और छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्लानार योजना के तहत बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित ग्राम गुंजेपर्ति में जियो मोबाइल टावर की सुविधा शुरू हो गई है। इससे गुंजेपर्ति, पुजारीकांकेर, चिंगनपल्ली, नेलाकांकेर और कमलापुर के ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा मिलने लगी है।
मोबाइल टावर की स्थापना से क्षेत्र में संचार व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, जिससे ग्रामीण अब देश-प्रदेश से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। वर्तमान में मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए यह कदम क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्रामीणों ने इस सुविधा का स्वागत किया है, जो उनके दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को आसान बनाएगी।
नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता, 24 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
बीजापुर। बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पूर्वी बस्तर डिवीजन की परतापुर एरिया कमेटी और पश्चिम बस्तर डिवीजन की भैरमगढ़ एरिया कमेटी से जुड़े कुल 24 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 28.50 लाख रुपए के इनामी 14 माओवादी भी शामिल हैं।
वरिष्ठ पदों पर रहे माओवादी भी हुए सरेंडर
आत्मसमर्पित माओवादियों में एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम), पार्टी सदस्य, पीएलजीए सदस्य, माड़ डिवीजन प्लाटून के सदस्य, केएएमएस अध्यक्ष, जनताना सरकार के शिक्षक और मिलिशिया कंपनियों के डिप्टी कमांडर शामिल हैं।
यह बड़ी कार्रवाई डीआरजी, बस्तर फाइटर, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बल के संयुक्त प्रयासों तथा सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के प्रभाव से संभव हो सकी है। पुलिस उप महानिरीक्षक (केरिपु) देवेंद्र सिंह नेगी और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को सरकार द्वारा 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
प्रमुख आत्मसमर्पित माओवादी
आत्मसमर्पित माओवादियों में 5 लाख के इनामी सुदरू हेमला उर्फ राजेश, कमली मोड़ियम उर्फ उर्मिला और 3 लाख के इनामी जयमोती पूनेम जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। कई माओवादी 15 से 20 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे और उच्च पदों पर कार्यरत थे।
आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण
पुलिस के मुताबिक, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद, आदिवासी समाज पर अत्याचार, विचारधारा से मोहभंग और सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं, जैसे 'नियद नेल्ला नार' योजना और पुनर्वास नीति ने माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
नक्सल उन्मूलन में तेज़ी
बीजापुर जिले में 1 जनवरी से अब तक 213 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 203 ने आत्मसमर्पण किया है और मुठभेड़ों में 90 माओवादी मारे गए हैं। यह आंकड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता का संकेत देते हैं।
पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष माओवादियों से अपील की है कि वे सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटें। अधिकारियों का मानना है कि संगठन को हुए बड़े नुकसान के चलते आने वाले दिनों में आत्मसमर्पण की संख्या और बढ़ सकती है। नक्सलमुक्त बस्तर का सपना अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।
बीजापुर ऑपरेशन पर नक्सलियों की अपील: 'कार्रवाई रोकी जाए, शांति वार्ता का मौका मिले'
बीजापुर । छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सीमा पर चल रहे देश के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन के बीच नक्सलियों ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। नक्सल संगठन की ओर से उत्तर पश्चिम बस्तर ब्यूरो के प्रभारी 'रूपेश' ने प्रेस नोट जारी कर सैन्य अभियान को तत्काल रोकने की अपील की है और शांति वार्ता के लिए आगे आने की बात कही है।
नक्सलियों का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले चार दिनों से ऑपरेशन लगातार जारी है और सुरक्षाबलों ने अब तक पांच नक्सलियों को ढेर किया, जिनमें तीन महिला नक्सली PLGA बटालियन नंबर 1 की थीं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
ऑपरेशन में जवानों की हालत बिगड़ी
इस अभियान में 40 से ज्यादा जवान भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें हेलिकॉप्टर से भद्राचलम अस्पताल पहुंचाया गया है। ऑपरेशन में एक जवान के घायल होने की भी खबर है।
MI-17 हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी
ऑपरेशन में वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। जवानों को हवा के रास्ते से रसद और मेडिकल सपोर्ट भेजा जा रहा है। अभियान पर तीन राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सीधी नजर बनी हुई है।
कररेगुट्टा और नीलम सराय पहाड़ी बना निशाना
जवानों का फोकस फिलहाल कररेगुट्टा और नीलम सराय की पहाड़ियों पर है, जहां बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
पांच हजार जवानों की घेराबंदी
छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाओं पर करीब 5 हजार जवानों ने रणनीतिक घेराबंदी की है। हिड़मा, देवा, दामोदर जैसे बड़े नक्सली नेताओं के साथ करीब 300 नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना है।
क्या वार्ता की अपील रणनीति है या दबाव में लिया गया कदम?
नक्सलियों की ओर से आई यह वार्ता की अपील कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह सच में शांति की ओर कदम है या जवानों की घेरेबंदी और दबाव के चलते लिया गया रणनीतिक निर्णय? फिलहाल ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं। आने वाले कुछ घंटे इस पूरे अभियान की दिशा तय कर सकते हैं।
5 नक्सली ढेर: संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता
बीजापुर । बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त ऑपरेशन छेड़ दिया है। तेलंगाना सीमा से लगे उसूर थाना क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में यह अभियान पिछले 30 घंटे से लगातार जारी है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को मार गिराने में सफलता पाई है।
सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन का मुख्य केंद्र करेगुट्टा पहाड़ी है, जो माओवादियों की गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। यहां माओवादियों के कई शीर्ष कमांडर और कैडर छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके को चारों ओर से घेर रखा है।
100 से ज्यादा आईईडी बरामद
ऑपरेशन के दौरान अब तक 100 से ज्यादा आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए जा चुके हैं, जो जवानों को निशाना बनाने के लिए बिछाए गए थे। सुरक्षाबल सतर्कता के साथ एक-एक बारूदी सुरंग को हटाने का काम कर रहे हैं।
इस बड़े अभियान में CRPF, DRG, STF, कोबरा बटालियन, तेलंगाना की ग्रेहाउंड फोर्स और महाराष्ट्र की सी-60 कमांडो टीम शामिल है। हजारों जवानों की तैनाती के साथ ड्रोन और सैटेलाइट से इलाके की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मकसद माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर इलाके में स्थायी शांति बहाल करना है। ऑपरेशन अगले तीन दिनों तक और चलने की संभावना जताई जा रही है।
घायल बाघ का जंगल सफारी में इलाज जारी, बाघ के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद
जगदलपुर । बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व से भेजे गए घायल बाघ का जंगल सफारी में इलाज जारी है। घायल बाघ का उपचार कर रहे डाक्टरों के अनुसार इलाज के बाद घायल बाघ की हालत में सुधार दिखाई दे रहा है और उसके जल्द ही सामान्य स्थिति में आने की उम्मीद है। धम्मशील गणवीर, डायरेक्टर जंगल सफारी ने बताया कि बाघ की इलाज कर रहे डाक्टरों के मुताबिक बाघ के पिछले दोनों पैर में घाव के चलते कीड़े लग गए थे, जिसे साफ कर कई टांके लगाए गए है। यहां पर मौजूद वन्य प्राणियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बाघ की सतत निगरानी कर रहे हैं, और उनके जल्द ही स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं। घायल बाघ का इलाज विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। बहुत जल्दी उसके हालत में सुधार की उम्मीद है।
गौरतलब है कि दक्षिण बस्तर में बीजापुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के बफर जोन के ग्राम कांदुलनार, मोरमेड़ और तोयनार गांवों के बीच घने जंगल में ग्रामीणों द्वारा एक घायल बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज कर रेस्क्यू किया व घायल बाघ का बीजापुर में प्राथमिक उपचार के बाद जख्म की गंभीरता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जंगल सफारी रायपुर रिफर किया था। नया रायपुर के जंगल सफारी में डॉ की टीम बाघ का इलाज कर रही है।
नाबालिग लड़की की शादी पर लगी रोक
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशन पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कांता कुमार मेश्राम के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा नियमित रूप से ग्राम पंचायतो में शिविर, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से एवं स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान कार्यक्रम कर बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए बृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
आंगनबाडी केन्द्र रानीबोदली कार्यकर्ता के माध्यम से बाल विवाह की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती प्रियंका भारद्वाज, श्रीमती ललिता साहू, कु. पुष्पा गेंदरे एवं राजेश मडे, जगत मलहोत्रा का टीम बनाकर ग्राम पंचायत रानीबोदली में परिवार वाले से गृहभेट किया गया।
इस दौरान पाया गया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष है, बालिका 9वीं की पढ़ाई करकर छोड दी है इस पर परिवार वालों को ग्रामीणजनो के समक्ष समझाया गया कि लडकी की उम्र 18 वर्ष से कम एवं लडका का उम्र 21 वर्ष से कम होने पर बाल विवाह की श्रेणी में आते है बाल विवाह एक कानूनन अपराध है बाल विवाह करने, कराने एवं शादी में सम्मलित होने वाले लोगों पर 2 वर्ष की सजा तथा जुर्माने का प्रावधान है।
समझाईस के बाद परिवार वाले द्वारा बाल विवाह नही करने का वादा किया गया एवं बालिका की उर्म्र निर्धारित आयु पूर्ण करने पर ही शादी करने की बात कही गई। टीम द्वारा कार्यकर्ता को सजग रहने की बात बताते हुए परिवार वाले एवं ग्रामीणजनो को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं एवं किशोर-किशोरियों जागरूक किया जा रहा है, जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जिले में कार्यरत बीजादूतीर स्वयं सेवकों का भी सहयोग लिया जा रहा है। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 या महिला हेल्प लाईन 181 पर भी सूचना दिया जा सकता है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल
बीजापुर । जनपद पंचायत भैरमगढ़ परिसर में 12 मार्च 2025 को एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना था। इस शिविर में चिन्हांकित 27 दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, साथ ही पात्रता के अनुसार उन्हें विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। वितरित उपकरणों में बैटरी चालित सायकिल, व्हील चेयर, स्वेत छड़ी, बैशाखी, वॉकिंग स्टिक, एमआर किट, दृष्टिबाधित किट तथा ट्राइसाइकिल जैसी उपयोगी सामग्री शामिल रही।
यह कार्यक्रम सुशासन उत्सव के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य लच्छूराम मोड़ियामी, सामन्ति कश्यप, प्रीति आरकी, दसरी कोरसा, जितेन्द्र, मोतीराम कुशरामी, नीलों लेकाम, जमुना सकनी, चिन्ना तेलाम, बलदेव उरसा, सुनील दरसा, पोदिया राम हपका, पुनीत राम साहू तथा उप संचालक समाज कल्याण कमलेश कुमार पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी लाभान्वित दिव्यांगजनों ने शासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन में आवागमन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी। यह आयोजन दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में समावेशिता और समान अवसरों की भावना को और भी सुदृढ़ करता है।
दण्डाधिकारी जांच के लिए उपस्थित होने की सूचना
बीजापुर । सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि 20 मार्च 2025 को थाना गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्रा के मध्य जंगल पहाड़ में पुलिस नक्सली मुठभेड़ की घटना घटित हुई थी। जिसमें फायरिंग के दौरान एक जवान शहीद एवं दो जवान घायल हो गये। फायरिंग रूकने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घटना स्थल का बारिकी से सर्च किया गया।
सचिंग के दौरान घटना स्थल पर 15 अज्ञात महिला माओवादी एवं 11 अज्ञात पुरुष माओवादी कुल 26 अज्ञात माओवादियों का शव सहित 7.62 एमएम स्नाईपर, एसएलआर, रायफल 01 नग, मैग्जीन 04 नग, जिंदा राउण्ड 19 नग, नक्सली पोच 01 नग, नक्सली पिट्दू 01 नग, एके 47 रायफल 01 नग, मैग्जीन 02 नग, जिंदा राउण्ड 36 नग, नक्सली पोच 01 नग, नक्सली पिट्दू 01 नग, रेडियो 01 नग, मैन पैक सेट बैटरी 01 नग, 303 रायफल 01 नग, मैग्जीन 01 नग, जिंदा राउण्ड 20 नग, नक्सली पोच 01 नग, भरमार बंदूक 01 नग, स्पिलिंटर छोटा 20 नग, मैकेनिज्म 01 नग, नक्सली वर्दी एवं नक्सली सामग्री बरामद किया गया। इस संबंध में जिस किसी को भी किसी प्रकार की जानकारी हो तो 24 अप्रैल 2025 तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी, बीजापुर में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है।
मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटीयारा का बीजापुर दौरा
बीजापुर । छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटीयारा ने बीजापुर जिले का एक दिवसीय दौरा किया, जिसमें उन्होंने मत्स्य पालकों और कृषकों के साथ गहन संवाद किया तथा क्षेत्र में संचालित मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उनके दौरे को मछुआ समुदाय के बीच उम्मीदों की नई किरण के रूप में देखा जा रहा है।
दौरे की शुरुआत जिला पंचायत बीजापुर के सभा गृह में आयोजित संगोष्ठी से हुई, जहाँ बड़ी संख्या में मत्स्य कृषकों और किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर मटीयारा ने किसानों को राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन और कृषि क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है, और मछुआ समुदाय की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 80 हजार रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों के द्वारा आम नागरिकों के चल सम्पत्ति अनाज, कपड़े घरेलू समान की लूट कर क्षति पहुंचाये जाने के फलस्वरूप जिला पुनर्वास समिति द्वारा ली गई निर्णय के पश्चात पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के लिए प्रत्येक को 20-20 हजार रूपए कुल 4 पीड़ितों को 80 हजार रूपए की सहायता राशि स्वीकृती दी गई है।
नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 30 लाख रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत नक्सली पीड़ित व्यक्तियों, परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के तहत नक्सली हिंसा में आम नागरिको के मृत्यु के प्रकरण में प्रत्येक को पांच-पांच लाख रूपए कुल 6 पीड़ितों के परिजनों को 30 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत 4 लाख रूपए की राशि स्वीकृत
बीजापुर । छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत आम नागरिकों के सम्पत्ति की आंशिक या पूर्ण रूप से क्षति, जीविकोपार्जन के साधन स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी- 17 केडब्ल्यू 7937 को नक्सलियों के द्वारा बम विस्फोट कर क्षति पहुंचाये जाने के फलस्वरूप जिला पुनर्वास समिति द्वारा ली गई निर्णय के पश्चात पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा एवं पुर्नवास के लिए 4 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृती दी गई है।