छत्तीसगढ़ / बीजापुर
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक
आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर 28 सितम्बर 2025
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।
सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
सीआरपीएफ ने क्रमवार 5 आईईडी बरामद कर निष्क्रिय कर दिया
बीजापुर। भोपालपटनम ब्लाक के नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थापित चिल्लामर्का कैंप से क्रमवार 214 बटालियन, 206 तथा डीआरजी के जवान और एवं बीडीएस की संयुक्त टीम चिल्लामार्का व कांडलापड़ती के जंगली पहाड़ी क्षेत्र में एरिया डॉमिनेशन कम रेकी आभियान हेतु निकली हुई थीं।
अभियान के दौरान सोमवार को चिल्लामार्का से आगे लगभग 6 किलोमीटर दूर कांडला पड़ती की तरफ जाते हुए पहले नाले को पार करने के बाद 214 बटालियन सीआरपीएफ की बीडीएस टीम द्वारा कुछ संदिग्ध चीजें देखी। जिसके बाद सुरक्षा बलों की टीम द्वारा क्षेत्र की सघन जांच करने पर कुल पांच आईईडी क्रमवार पाई गई। जिसे सीआरपीएफ की बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षित तरीके से बरामद कर उसी स्थान पर नष्ट कर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया है।
मड्डेड में बिना अनुमति चल रहा प्राइवेट स्कूल, 63 बच्चों का भविष्य अधर में
बीजापुर । भोपलपट्टनम ब्लॉक के मड्डेड में प्राइज पब्लिक स्कूल नाम से एक निजी स्कूल बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के संचालित किया जा रहा है। यहां करीब 63 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन स्कूल को विभागीय मान्यता न मिलने से बच्चों का भविष्य संकट में है।
मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया ने भोपालपट्टनम एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की। कई बार कॉल न उठाने के बाद जब नए नंबर से बात की गई तो एसडीएम ने कहा – “इसमें मैं क्या करूँ, आप लोग स्वयं जाकर बंद करा लो।” इस बयान ने न केवल प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी संदेह पैदा किया कि कहीं न कहीं अधिकारी खुद इस मामले में लापरवाही या संलिप्तता बरत रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति स्कूल का संचालन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अब मांग उठ रही है कि जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे, अवैध स्कूल को बंद कराए और बच्चों की पढ़ाई व भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
रेड कॉरिडोर से डेवलपमेंट कॉरिडोर की ओर बढ़ रहा बस्तर” : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
बीजापुर मुठभेड़: दो माओवादी ढेर, हथियार और विस्फोटक बरामद
बीजापुर। जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए। घटना स्थल से .303 रायफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान माओवादी जवानों के सामने आ गए, जिसके बाद दोनों ओर से लगभग दो घंटे तक गोलीबारी चली। मुठभेड़ खत्म होने के बाद की गई सर्चिंग में दो माओवादियों के शव बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद हुए हैं, जिससे साफ है कि माओवादी किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे। जब्त सामग्री में .303 रायफल के अलावा बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण
बीजापुर-
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित सुरोखी गांव के बाढ़ प्रभावित 18 परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी बीजापुर द्वारा किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण किया गया। यह वितरण कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश में स्थानीय जनप्रतिनिधियों सरपंच एवं उप सरपंच के माध्यम से कराया गया। बाढ़ प्रभावित ग्राम सुरोखी के कुंजाम पारा के 18 परिवारों के कुल 86 सदस्य वर्तमान में सुरोखी राहत शिविर में रह रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविर में भोजन, स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सामग्री वितरण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के जिला संगठक श्री नरवेद सिंह, विद्यालय के प्राचार्य एवं रेडक्रॉस के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
बाढ़ पीड़ित परिवारों को रेडक्राॅस सोसायईटी द्वारा किचन सेट और हाईजीन किट का किया गया वितरण
बीजापुर 31 अगस्त 2025
बीजापुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भैरमगढ़ ब्लाॅक के सुरोखी गांव के ग्रामीण परिवारों को कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश में रेडक्राॅस सोसायटी बीजापुर द्वारा 18 नग किचन सेट एवं हाईजीन किट का वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों सरपंच, उप सरपंच के माध्यम से कराया गया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम सुरोखी के कुंजाम पारा के 18 परिवार के 86 सदस्यों को सुरोखी के राहत शिविर में रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा उन्हे सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। सामग्री वितरण के दौरान रेडक्राॅस के जिला संगठक श्री नरवेद सिंह सहित रेडक्राॅस के अन्य विद्यार्थीगण, स्कूल के प्राचार्य मौजूद थे।
जिले के 16 संकुल संगठन में "दीदी के गोठ" का प्रसारणबीजापुर 31 अगस्त 2025-पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अन्तगत रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का प्रसारण बीजापुर जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चैबे के निर्देशन में जिले भर में एस एच जी की अधिक से अधिक महिलाओं को प्रसारण से जोड़ने हेतु तैयारियां किं गई। जिला स्तर के प्रसारण में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा सहित समूह की महिलाएँ, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए चारों जनपद पंचायतों में भी कार्यक्रम के प्रसारण की व्यवस्था की गई। जिले में स्व सहायता समूह सी जुड़ी दीदियों ने अन्य जिले की दीदियों की सफलता की कहानी सुनी और कार्यक्रम की तारीफ की।
रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का शुभकामना संदेश के साथ बिहान योजना के दीदियों की कहानी उन्हीं की जुबानी सुनाई गई। जिसमें नारायणपुर की दीदी का कहानी का प्रसारण किया गया।
जिले के 16 संकुल संगठन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तर पर उपसंचालक पंचायत हिमांशु साहू, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री कल्पना समेत समूह की दीदियाँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहीं।
जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता पर जोर, निरीक्षण में मिली अनियमितताएँ
बीजापुर 31 अगस्त 2025
कृषि विभाग बीजापुर की टीम ने शनिवार को जिले के विभिन्न आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित (लैम्प्स) एवं निजी कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण कर उर्वरक के भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान लैम्प्स प्रबंधकों एवं निजी विक्रेताओं द्वारा भंडारित व वितरित उर्वरकों के भौतिक स्टॉक का मिलान Pos मशीन में दर्ज आंकड़ों से किया गया। इस दौरान वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासनात्मक ढंग से कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिले के गंगालूर लैम्प्स में (10.740 टन) इसी तरह आवापल्ली में (33.20 टन), इलमिड़ी (195.79 टन), चिलकापल्ली (66.30 टन) ), बासागुड़ा (107.735 टन) तथा बीजापुर स्थित धुरवा कृषि केंद्र (13.900 टन) एवं बालाजी कृषि केंद्र, आवापल्ली (1.05 टन) इस प्रकार जिले में कुल 428.715 टन उर्वरक वितरण की जांच में भौतिक स्टॉक व Pos मशीन प्रविष्टियों में असंगतियाँ पाई गईं।
निरीक्षण टीम ने लैम्प्स प्रबंधकों और निजी दुकान संचालकों को दो दिनों के भीतर वास्तविक भौतिक स्टॉक के अनुसार Pos मशीन में प्रविष्टि करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में अनुपालन न होने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कारवाही में उप संचालक कृषि बीजापुर के निर्देश पर गठित इस टीम में सहायक संचालक कृषि, श्री कृष्ण कुमार सिन्हा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, श्री सी.पी. देवांगन एवं कृषि विकास अधिकारी, श्री वी.एस. कुमार शामिल रहे।
बीजापुर में उर्वरक वितरण की अनियमितताओं पर कार्रवाई
दो दिन में व्यवस्था में सुधार के कड़े निर्देश
31 अगस्त 2025
जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग बीजापुर की निरीक्षण टीम ने विभिन्न आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित (लैम्प्स) एवं निजी कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन में दर्ज आंकड़ों के बीच असंगतियाँ पाई गईं। विभाग ने सभी लैम्प्स प्रबंधकों और निजी विक्रेताओं को दो दिनों के भीतर स्टॉक विवरण को पीओएस मशीन में सही ढंग से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में अनुपालन न करने पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निरीक्षण के दौरान जिले के गंगालूर लैम्प्स में 10.740 टन, आवापल्ली में 33.20 टन, इलमिडी में 195.79 टन, चिलकापल्ली में 66.30 टन, बासागुड़ा में 107.735 टन, बीजापुर स्थित धुरवा कृषि केंद्र में 13.900 टन तथा आवापल्ली स्थित बालाजी कृषि केंद्र में 1.05 टन उर्वरक का स्टॉक दर्ज किया गया। कुल मिलाकर 428.715 टन उर्वरक वितरण की जांच की गई, जिसमें स्टॉक और पीओएस मशीन प्रविष्टियों में अंतर सामने आया।
जिले में की गई इस कार्रवाई के तहत लैम्प्स प्रबंधकों और विक्रेताओं को वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाने और अनुशासनात्मक ढंग से कार्य करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण दल में सहायक संचालक कृषि श्री कृष्ण कुमार सिन्हा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री सी.पी. देवांगन तथा कृषि विकास अधिकारी श्री वी.एस. कुमार शामिल थे। यह कार्रवाई उप संचालक कृषि बीजापुर के निर्देश पर की गई।
शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित होंगे बीजापुर के राकेश कड़ती
बीजापुर । राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के अवसर पर रायपुर में आयोजित होने वाले राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बीजापुर जिले के अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी राकेश कड़ती को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, जूनियर सॉफ्टबॉल गर्ल्स टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ट्रॉफी से अलंकृत किया जाएगा।
बीजापुर जिले से अकादमी की खिलाड़ी रेणुका तेलम, चंद्रकला तेलम, विमला तेलम और मीनू आरकी इस सम्मानित टीम का हिस्सा हैं। खास बात यह है कि बस्तर संभाग से पहली बार किसी खिलाड़ी को राज्य स्तरीय खेल अवार्ड से नवाजा जा रहा है। राकेश कड़ती अब तक 12 राष्ट्रीय और 2 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिनमें 6 नेशनल मेडल शामिल हैं। वहीं, जूनियर टीम ने नेशनल प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था।
इस उपलब्धि पर जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे और प्रभारी खेल अधिकारी नारायण प्रसाद गवेल ने बधाई दी। जानकारी जिले के श्रम निरीक्षक एवं सॉफ्टबॉल कोच सोपान करनेवार ने दी।
PMGSY में भ्रष्टाचार : घटिया निर्माण के चलते एक पुलिया बह गई, दूसरी जर्जर...
बीजापुर। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई सड़क और पुलिया एक बार फिर विवादों में है। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 4 किलोमीटर सड़क और दो बड़े पुलिया में भारी अनियमितताएँ सामने आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों और मौके का निरीक्षण करने वालों के मुताबिक, निर्माण कार्य मापदंडों के अनुरूप नहीं हुआ है और ठेकेदार व विभागीय अभियंताओं की लापरवाही साफ झलक रही है।
जानकारी के अनुसार, LO61–LO52 CG17132 से अम्बेली तक बनी सड़क और पुलिया में घटिया निर्माण के चलते एक पुलिया बह गई, जबकि दूसरे पुलिया का एक हिस्सा टूट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बीच से बैठने लगा है और कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में अनियमितता बरतना अपराध है और योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन ठेकेदार और अभियंता की मनमानी के चलते जनता को गुणवत्ताहीन निर्माण झेलना पड़ रहा है।
मामले पर जब कुलकर्णी एंड साहू बिल्डकॉन के ठेकेदार से फोन पर संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि “जैसा विभाग ने कहा वैसा ही काम किया गया है। सड़क और पुलिया के संबंध में विभागीय EE और इंजीनियर से पूछिए।”
स्थानीय लोग अब इस भ्रष्टाचार की खुली मिसाल बने निर्माण कार्य की जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि विभाग मौन है।
बीजापुर आईईडी ब्लास्ट, एक जवान शहीद 3 घायल
बीजापुर । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सोमवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई। माओवाद विरोधी अभियान पर निकली डीआरजी की टीम रविवार से मिशन पर थी। इसी बीच नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान सोमवार की सुबह आईईडी ब्लास्ट हो गया। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से डीआरजी के एक जवान, दिनेश नाग शहीद हो गए। इस ब्लास्ट में तीन जवान घायल भी हुए हैं।
17 अगस्त को डीआरजी की टीम माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रही थी। यह टीम बीजापुर जिले के नेशनल पार्क इलाके में गई थी। अगले दिन, 18 अगस्त 2025 को सुबह एक बम धमाका हुआ। यह धमाका आईईडी ब्लास्ट था। इस धमाके में दिनेश नाग नाम के एक जवान शहीद हो गए। वे डीआरजी टीम के सदस्य थे। तीन और जवान घायल हुए हैं। अच्छी खबर यह है कि तीनों घायल जवानों की हालत ठीक है और वे खतरे से बाहर हैं। उनका इलाज चल रहा है।
मुख्य अतिथि सांसद श्री महेश कश्यप ने स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में किया ध्वजारोहण
जिले में गरिमामय एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का महापर्व
रायपुर, 15 अगस्त 2025

आजादी के महापर्व 79वें स्वतंत्रता दिवस को बीजापुर जिले में गरिमामय एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम बीजापुर के मिनी स्टैडियम में मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। मुख्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथ द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी का जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया, तत्पश्चात हर्ष के प्रतीक रंगबिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
समारोह स्थल में उपस्थित नक्सली उन्मूलन अभियान में शहीद हुए जवानों के परिजनों को मुख्य अतिथि द्वारा शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
जिले के अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को प्रशस्ति पत्र से सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। जिसमें पुलिस के जवान, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभागीय गतिविधियों में सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। कार्यक्रम में परेड दल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टीम को पुरस्कार से सम्मानित किया। जिसमें सीनियर परेड दल सीआरपीएफ को प्रथम स्थान मिला, जिला पुलिस बल पुरूष को द्वितीय एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर परेड दल में एनसीसी को प्रथम स्थान, स्काउट को द्वितीय स्थान एवं एनएसएस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
इसी तरह मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति स्कूली विद्यार्थियो द्वारा की गई जिसमें मोर छत्तीसगढ़ महतारी तोला बारम्बार प्रणाम गीत हेतु छु लो आसमा को प्रथम स्थान, शिक्षा क्रांती नाट्य गीत हेतु पीएमश्री नवोदय विद्यालय बीजापुर को द्वितीय स्थान एवं ओ माई तेरी मिट्टी बुलाएं गीत के सुंदर प्रस्तुति के लिए डीएव्ही मांझीगुड़ा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान के साथ मुख्यअतिथि सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने सामूहिक फोटोग्राफी भी कराई। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा आत्मसमर्पित नक्सली एवं सुदूर वनांचल के विद्यार्थीगण स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के आत्मसमर्पण नीति के तहत सैकड़ों की संख्या में आत्मसमर्पित नक्सलियो ने स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखकर भारत की एकता और अखंडता तथा देशप्रेम के जज्बे को सलाम किया। वहीं सुदूर वनांचल में पुनः संचालित कोरचोली, तोड़का, नेण्ड्रा, एड़समेटा, करका, इतावर एवं भट्टीगुड़ा स्कूल के बच्चे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुऐ।
मुख्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री विक्रम मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी सहित जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, नगरपालिका के पार्षदगण, डीएफओ श्री रामकृष्णा वाय, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाईगर श्री संदीप बल्गा, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, एडिशनल एसपी श्री चन्द्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा स्कूली विद्यार्थी एवं जन सामान्य उपस्थित थे।
IED ब्लास्ट में जवान घायल...
बीजापुर । जिले के नक्सल प्रभावित भैरमगढ़ इलाके में जवान नक्सलियों के लगाए आईईडी की चपेट में आ गया। घटना इंद्रावती नदी के पार पूंडरी इलाके की है।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल के जवान नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान अचानक आईईडी ब्लास्ट हो गया, जिसमें एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बीजापुर एसपी ने बताया कि, घायल जवान खतरे से बाहर है।
9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, कइयों पर था लाखों का इनाम
बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति, पुनर्वास योजना और नियद नेल्ला नार जैसी जन-उन्मुख पहलों के तहत बीजापुर में 9 कुख्यात माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में कई शीर्ष स्तरीय नक्सली शामिल हैं जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
इन सभी ने आज दंतेवाड़ा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, केरिपु सेक्टर बीजापुर के डीआईजी बी.एस. नेगी, एसपी डॉ. जितेंद्र यादव सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आत्मसमर्पण किया।
नक्सलियों की सूची व इनाम राशि:
बक्सू ओयाम – माड़ डिवीजन की कंपनी नंबर 01 का सदस्य, ₹8 लाख का इनामी, 2007 से सक्रिय
बुधराम पोटाम – प्लाटून नंबर 12 ACM, ₹5 लाख का इनामी, 2000 से सक्रिय
हिड़मा उर्फ हिरिया – प्लाटून नंबर 13 ACM, ₹5 लाख का इनामी, 2000 से सक्रिय
मंगू उइका उर्फ टोग्गी – टेक्निकल टीम सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2004 से सक्रिय
रोशन कारम उर्फ सोनू – चिन्नापल्ली एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2010 से सक्रिय
मंगलों पोड़ियाम – भैरमगढ़ एरिया कमेटी सदस्य, ₹2 लाख का इनामी, 2021 से सक्रिय
कमलू हेमला – डीएकेएमएस सदस्य, 2006 से सक्रिय
बुधराम हेमला – डीएकेएमएस सदस्य, 2014 से सक्रिय
पंडरू पूनेम उर्फ पदखूटा – भूमकाल मिलिशिया कमांडर, 1997 से सक्रिय
सुरक्षा बलों की रणनीति और सफलता
यह आत्मसमर्पण छग पुलिस की डीआरजी, जिला बल, एसटीएफ, कोबरा और केरिपु बल की संयुक्त रणनीति और लगातार दबाव का परिणाम है। अफसरों ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और समर्पण के बाद मुख्यधारा में लौटने के अवसरों से प्रभावित होकर आए हैं।
एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने कहा कि समर्पण करने वाले माओवादियों को सरकारी योजनाओं का लाभ, पुनर्वास सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
इस आत्मसमर्पण से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार की जनहितकारी योजनाएं और सुरक्षा बलों की रणनीति नक्सलवाद को कमजोर करने में कारगर साबित हो रही है।