छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिला कर्मचारियों का सम्मान
बिलासपुर, 10 मार्च,2026
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एक निजी होटल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और डाक विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवेशन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संघ का पिछला द्विवार्षिक अधिवेशन 17 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में आयोजित किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन 9 से 10 जून 2024 को उज्जैन में संपन्न हुआ था। इन अधिवेशनों में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई थी। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और कई प्रकार की चुनौतियों के बावजूद पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। तकनीकी समस्याएं, कार्यभार की अधिकता, कर्मचारियों की कमी और बदलते कार्य स्वरूप के बावजूद भी डाक कर्मचारी प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित किया गया। महिला कर्मचारियों ने केक काटकर महिला दिवस का उत्सव मनाया और उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों की भूमिका, उनके कार्य के प्रति समर्पण और संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।
कार्यक्रम में बी. एस. राव, सुषमा वर्मा और एन. डी. लाल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संगठन का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करता है। साथ ही डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।
बैगा-बिरहोर आदिवासियों के गांव पहुंचे राज्यपाल, योजनाओं का जाना हाल
संस्कृति को सहेजने की दी सीख, आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा
बिलासपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर जनजाति के लोगों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने उनकी जीवनशैली, पारंपरिक संस्कृति तथा शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल डेका ने करका की लखपति दीदी श्रीमती प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह की श्रीमती रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी की श्रीमती मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई की श्रीमती ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।
राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति को सहेजकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें। उन्होंने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया। इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू की पहल पर प्रदेश का पहला डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट: रतनपुर को मिली बड़ी सौगात, 13.12 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से होगा निर्माण
केंद्रीय राज्यमंत्री व बिलासपुर सांसद तोखन साहू की पहल से स्वीकृति
नवदंपती की आत्महत्या: पेड़ पर फांसी के फंदे से लटके मिले शव
बिलासपुर । न्यायधानी बिलासपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के राधिका विहार कॉलोनी के पास एक पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव पेड़ पर एक साथ फंदे से लटके मिले, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार चाटीडीह निवासी युवक और उसकी पत्नी की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी।
रविवार को स्थानीय लोगों ने पेड़ पर दोनों के शव लटके देखे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शवों को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस घरेलू विवाद की आशंका जता रही है। हालांकि आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, युवक गिरफ्तार
बिलासपुर । मस्तूरी क्षेत्र के मल्हार में रहने वाली युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मामला उस समय सामने आया जब शुक्रवार सुबह धनगंवा निवासी राजू लहरिया के घर युवती की लाश फांसी पर लटकी मिली।
पूछताछ में पता चला कि युवती मंगलवार को मेला देखने के नाम पर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी।
बाद में राजू ने युवती के परिजनों को फोन कर बताया कि वह उसके घर पर है और उसे ले जाने को कहा। परिजनों के इनकार करने पर उसने पुलिस को सूचना दी। समझाइश के बाद भी युवती नहीं लौटी।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों ने राजू पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म व प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की और अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
हंगामे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
तालाब में डूबने से दो युवकों की मौत
बिलासपुर । सरकंडा थाना क्षेत्र में अमहां तालाब में डूबने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों अपने पांच दोस्तों के साथ रविवार दोपहर घूमने निकले थे। जानकारी के अनुसार बंधवापारा निवासी हिमांशु चहांदे (21) और देवरीखुर्द निवासी शिवम मानिकपुरी (20) खमतराई की ओर गए थे। सभी युवक तालाब किनारे पेड़ के नीचे बैठकर बातचीत कर रहे थे।
शाम करीब चार बजे हिमांशु और शिवम हाथ-मुंह धोने तालाब की ओर गए। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में समा गए।
बताया जा रहा है कि तालाब से मुरूम निकालने के कारण जेसीबी से गहरी खुदाई की गई है, जिससे किनारे से ही गहराई शुरू हो जाती है।
दोनों को तैरना नहीं आता था, जिससे वे डूबने लगे। साथियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों लापता हो चुके थे। जिले में पिछले तीन वर्षों में तालाब, नदी और खदान में डूबने से 17 लोगों की जान जा चुकी है।
कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक
होली एवं ईद पर्व आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का निर्णय
बिलासपुर । जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में होलिका दहन, 4 मार्च को होली एवं आगामी ईद-उल-फितर पर्व को आपसी तालमेल एवं भाईचारे की भावना के साथ सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में सभी धर्मों एवं सम्प्रदाय का सम्मान करते हुए भाईचारे के साथ सभी धर्मों के पर्वों और उत्सवों को मनाने की वैभवशाली परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि यह परम्परा आगे भी जारी रखनी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यह सामाजिक सौहार्द का पर्व है। सुरक्षा के सारे मापदण्डों का पालन किया जाएगा। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी, हुड़दंगियों पर, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर मुखौटे बेचना प्रतिबंधित होगा।
बैठक में पर्व के दौरान आपात सहायता एवं किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए पुलिस सहित नगर पालिक निगम, नगर सेना एवं सिम्स एवं जिला अस्पताल, विद्युत मण्डल आदि विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। समिति के सदस्यों ने पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर अपनी-अपनी सहमति जताई।
नगर पालिक निगम द्वारा होलिका दहन स्थलों को चिन्हांकित कर साफ-सफाई कराई जाएगी। नियमित रूप से दो तीन बार पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी निगम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों, धार्मिक स्थलों, सिम्स, जिला अस्पताल सहित महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए है। बीच सड़क पर डिस्क एवं बिजली तार के नीचे होलिका दहन नहीं किया जाएगा। पेट्रोेलिंग पार्टी की संख्या बढ़ाकर मुख्य मार्गों के साथ-साथ अंदर की गलियों में गश्त की जाएगी। नगर सेना द्वारा फायर बिग्रेेड वाहन मुस्तैद रखा जाएगा। सिम्स एवं जिला अस्पताल इस दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान विद्युत की निरंतर आपूर्ति बनाये रखने एवं आपात स्थिति में सुधार के लिए कर्मचारियों की टीम तैनात रखे जाने के निर्देश दिए गए है।
बैठक में एडीएम शिवकुमार बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहरी पंकज पटेल, एसडीएम मनीष साहू, शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, सुधीर खण्डेलवाल, चंचल सलूजा, प्रेस क्ल्ब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे।
यज्ञभाव से दायित्व, संकल्प से संस्थान: कुलपति आचार्य वाजपेयी की पुनः कार्यारंभ प्रतिज्ञा
-अंकुर “विनोद” शुक्ल
नवीन कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया अपने विधिसम्मत चरणों में अग्रसर है। ऐसे समय में संस्थागत निरंतरता और शैक्षणिक अनुशासन अक्षुण्ण रहे—इसी भावना के साथ वर्तमान कुलपति अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। भारतीय परंपरा में कहा गया है— “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”—अर्थात कर्म ही हमारा अधिकार है, फल की चिंता नहीं। इसी कर्मयोग की भावना ने प्रशासनिक औपचारिकताओं से परे विश्वविद्यालय के संचालन को स्थिर और सकारात्मक बनाए रखा है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में एक गरिमामय, संयमित और प्रेरणादायी वातावरण उपस्थित रहा। शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता ने यह संकेत दिया कि संस्था केवल भवनों से नहीं, बल्कि सामूहिक विश्वास और उत्तरदायित्व से निर्मित होती है।
कुलपति का विशेष वक्तव्य
इस अवसर पर कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने कहा, “विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, यह मूल्य, परंपरा और राष्ट्रनिर्माण का प्राण-स्थान है। जब तक दायित्व मेरे हाथों में है, मैं इसे यज्ञ मानकर निभाऊँगा। हमारी प्राथमिकता शैक्षणिक गुणवत्ता, शोधोन्मुख दृष्टि और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को और सुदृढ़ करना है। नई नियुक्ति तक हम सब मिलकर संस्थान की गति और गरिमा को अक्षुण्ण रखेंगे। ‘जहाँ चाह, वहाँ राह’—इसी विश्वास के साथ आगे बढ़ना है।”
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक सहयोग को संस्था की वास्तविक शक्ति बताते हुए कहा कि समर्पण, पारदर्शिता और सकारात्मक संवाद के माध्यम से विश्वविद्यालय नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर रहेगा।
भारतीय लोक में कहा गया है— “धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय”—प्रक्रियाएँ समय लेती हैं, किंतु धैर्य और दृढ़ता से ही स्थायी उपलब्धियाँ प्राप्त होती हैं। इसी संतुलित दृष्टि के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है।
विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण, स्काउट-गाइड ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
बिलासपुर । भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को दर्शाता है। इसके बाद कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए। विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय सेवा देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव बीना यादव, अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट विजय कुमार यादव, भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त गाइड डॉ. भारती दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला संघ के अनेक पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा तथा शताब्दी वर्ष का यह आयोजन स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण और सेवा भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में जिला सचिव लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट महेन्द्र बाबू टंडन, जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ पूनम सिंह, एल.टी.स्काउट देवब्रत मिश्रा, डॉ.नवनीत कौशिक, शत्रुघन सूर्यवंशी, सूर्यकांत खूंटे, निखिल सिंह, शशांक विश्वकर्मा, गाइडर के रूप में प्री.ए.एल.टी गाइड पुष्पा शर्मा, लक्ष्मी बृजवासी, रागिनी चौधरी, मिंदु साडे, डॉ.शीला शर्मा, शशिकला साहू, निशा साहू, कौशल्या साहू, स्काउट-गाइड रोवर्स-रेंजर्स, स्काउटर-गाइडर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
कुलपति सम्मेलन में ‘बिलासपुर घोषणा-पत्र’ जारी, विश्वविद्यालयों के रूपांतरण का संकल्प
बिलासपुर । अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कुलपति सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार को देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं ने भारतीय उच्च शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘बिलासपुर घोषणा-पत्र’ (Bilaspur Declaration) जारी किया। सम्मेलन में विश्वविद्यालयों को समग्र मानव विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक नेतृत्व और राष्ट्रीय आत्मविश्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
सम्मेलन में इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों, ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण को आधार बनाते हुए 11 प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।
समग्र शिक्षा पर जोर
घोषणा-पत्र में कहा गया कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल आर्थिक उत्पादकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मूल्य-आधारित नेतृत्व, नैतिक तर्क, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता का विकास भी करना चाहिए।
शैक्षणिक स्वायत्तता और नवाचार
विश्वविद्यालयों से अपेक्षा की गई कि वे एनईपी 2020 के तहत अपनी शैक्षणिक स्वतंत्रता का उपयोग करते हुए बहु-विषयक, लचीले और क्रेडिट-आधारित पाठ्यक्रम विकसित करें, जिससे छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
अकादमिक-उद्योग-समाज समन्वय
रोजगारपरकता, नवाचार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग, सरकार और समाज के बीच साझेदारी मजबूत करने पर बल दिया गया।
उत्तरदायी AI और कौशल विकास
घोषणा-पत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नैतिक एवं समावेशी उपयोग के माध्यम से ‘ग्लोबल साउथ’ की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
अनुभवात्मक अधिगम और सामाजिक जुड़ाव
कक्षा-केंद्रित शिक्षण से आगे बढ़कर फील्डवर्क, इंटर्नशिप, अनुसंधान और सामुदायिक सहभागिता को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। ग्रामीण-शहरी इंटरफेस को पाठ्यक्रम में शामिल कर सामाजिक विभाजन को कम करने पर भी जोर दिया गया।
सांस्कृतिक और भाषाई सशक्तिकरण
घोषणा-पत्र में भारतीय संस्कृति, विरासत, भाषाओं और स्वदेशी ज्ञान परंपराओं से शिक्षा को पुनः जोड़ने की आवश्यकता बताई गई। ज्ञान प्रणालियों के वि-औपनिवेशीकरण (डिकोलोनाइजेशन) और बहुलवादी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
इसके साथ ही क्षेत्रीय और भारतीय भाषाओं को शिक्षण, अनुसंधान और शैक्षणिक अभिव्यक्ति के प्रभावी माध्यम के रूप में सशक्त करने तथा पाठ्यपुस्तकों और शोध सामग्री के बहुभाषी अनुवाद को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी।
सम्मेलन के अंत में प्रतिभागियों ने ‘बिलासपुर घोषणा-पत्र’ को उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प दोहराया।
बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
बिलासपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में किया गया। यह कार्यशाला विशेष रूप से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स के लिए आयोजित की गई थी। जिले के विभिन्न विकासखंडों से प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया था और प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इन्हीं पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम “बाल विवाह मुक्त अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण मुख्य रूप से लॉ स्टूडेंट्स, एमएसडब्ल्यू स्टूडेंट्स एवं युवोदय वॉलंटियर्स को प्रदान किया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण मामलों की पहचान तथा आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से समझकर जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर श्री शशांक शर्मा एवं एनी रोज टोडर द्वारा प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। सत्र में बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधान, फोस्टर केयर एवं स्पॉन्सरशिप की प्रक्रिया, जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, समय पर रिपोर्टिंग एवं विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला में स्कूल के छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति रही, जिससे जागरूकता का सकारात्मक वातावरण बना। साथ ही डीसीपीयू विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने भी अपने स्तर से मार्गदर्शन साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं वॉलंटियर्स को सशक्त बनाना था, ताकि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकें तथा बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने में सहयोगी बन सकें।
ACB की कार्रवाई: फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
बिलासपुर । बिलासपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। स्व सहायता समूह को शासकीय उचित मूल्य की दुकान आबंटित कराने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 90 हजार रुपये लेते समय अधिकारी गिरफ्तार किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार एक स्व सहायता समूह से शासकीय उचित मूल्य की दुकान दिलाने के एवज में फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद समूह ने इसकी शिकायत एसीबी से की।
शिकायत की सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही फूड इंस्पेक्टर ने 90 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल, आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत बिलासपुर हाई कोर्ट प्रकल्प दर्शन
दिनांक 21 फरवरी 2026 शनिवार दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक अंदर एंट्री के परमिशन और पास बनाकर हाई कोर्ट गवर्नमेंट वकील और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत महिला प्रमुख सुश्री सुनीता मानिकपुरी द्वारा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत को हाई कोर्ट के अंदर बाहर का प्रकल्प दर्शन कराते हुए विस्तृत जानकारी सुंदर एवं सरल भाषा में हम सभी को समझाया सभी बहुत आनंद लिए। प्रकल्प दर्शन में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत अध्यक्ष राकेश चंद्राकर, प्रांत महिला प्रमुख सुनीता मानिकपुरी, जिला अध्यक्ष निर्मल कुमार घोष, जिला सचिव प्रदीप शर्मा, महिला अध्यक्ष श्रीमती शेफाली घोष, महिला उपाध्यक्ष प्रभा तिवारी, पूनम पांडे, किरण भोई, कोषाध्यक्ष अन्नपूर्णा पवार, चंचल कुशवाहा, अपूर्व अग्रवाल, बरनाली मुखर्जी आदि शामिल होकर प्रकल्प दर्शन का आनंद उठाए।
भ्रामक विज्ञापन पर सीजीरेरा की कड़ी कार्रवाई
बिलासपुर के ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का दंड
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के मामले में सख्त कदम उठाते हुए बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये (दस लाख रुपये) का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।
उक्त परियोजना का पंजीयन एक प्लॉटेड परियोजना के रूप में किया गया है। किंतु प्राधिकरण द्वारा विभिन्न माध्यमों में प्रकाशित विज्ञापनों की जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रमोटर द्वारा परियोजना का प्रचार हाउसिंग परियोजना के रूप में किया जा रहा था, जो कि पंजीकृत विवरण के विपरीत एवं भ्रामक है।
रेरा अधिनियम की धारा 7 के अनुसार यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है अथवा परियोजना से संबंधित गलत या भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करता है, तो प्राधिकरण परियोजना के पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है, जिसमें पंजीयन निरस्तीकरण सहित अन्य दंडात्मक कदम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, अधिनियम की धारा 14 के तहत प्रवर्तक के लिए यह अनिवार्य है कि वह परियोजना का विकास एवं प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट, विनिर्देश तथा पंजीयन के समय दी गई जानकारी के अनुरूप ही करे। इन प्रावधानों के विपरीत किसी भी प्रकार का भ्रामक प्रचार या परिवर्तन उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
प्राधिकरण ने उक्त उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्रवर्तक पर 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है तथा निर्देश दिया है कि संबंधित हाउसिंग क्षेत्र परियोजना का विधिवत पंजीयन कराया जाए।
सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण प्रिंट, डिजिटल एवं अन्य विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की सतत निगरानी कर रहा है। किसी भी प्रकार के भ्रामक अथवा पंजीकृत विवरण के विपरीत विज्ञापन पाए जाने पर संबंधित प्रवर्तकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने सभी प्रवर्तकों को निर्देशित किया है कि वे परियोजना से संबंधित विज्ञापन एवं प्रचार सामग्री में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें तथा रेरा अधिनियम एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में 57 एमओयू, 5 शोधपीठ स्थापित
कुलपति ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और आगामी कुलपति सम्मेलन की जानकारी साझा की
बिलासपुर । अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में 20 फरवरी 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति आचार्य प्रो. अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए अहम निर्णयों, अपने कार्यकाल की उपलब्धियों और आगामी कुलपति सम्मेलन की जानकारी साझा की।
₹63 करोड़ व्यय का प्रस्ताव, ₹9 करोड़ घाटे का अनुमान
कार्यपरिषद की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2027–28 के बजट पर चर्चा की गई। प्रस्तावित बजट के अनुसार विश्वविद्यालय की अनुमानित आय ₹54 करोड़ और व्यय ₹63 करोड़ आंका गया है, जिससे ₹9 करोड़ का घाटा संभावित है। कुलपति ने बताया कि यह घाटा बुनियादी ढांचे, शोध और शैक्षणिक विस्तार में निवेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बैठक में विश्वविद्यालय के शोधपीठों के निदेशकों की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई तथा यह निर्णय लिया गया कि सभी औपचारिक कार्यक्रमों की शुरुआत कुलगीत और समापन राष्ट्रगीत से होगा।
कार्यकाल की उपलब्धियां
प्रो. बाजपेयी का कार्यकाल 22 फरवरी 2026 को पूर्ण हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में विश्वविद्यालय ने 57 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एमओयू किए, 5 शोधपीठ स्थापित कीं और 21 नए विभागों के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा। उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय का किसी राज्य विश्वविद्यालय में पहला आगमन इसी विश्वविद्यालय में हुआ, जो संस्थान के लिए गौरव का विषय है।
अधोसंरचना में तेजी, ₹100 करोड़ के कार्य प्रगति पर
5 फरवरी 2022 को नए परिसर में स्थानांतरण के बाद अधोसंरचना विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विश्वविद्यालय की संचित निधि ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ की गई। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के अंतर्गत ₹20 करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए प्राप्त हुई। शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। वर्तमान में छात्रावास सहित लगभग ₹100 करोड़ के निर्माण एवं विकास कार्य जारी हैं। ₹9 करोड़ की लागत से ट्रांजिट गेस्ट हाउस निर्माण को लेकर शासन से अंतिम चरण की चर्चा चल रही है।
21–22 फरवरी को कुलपति सम्मेलन
विश्वविद्यालय में 21 और 22 फरवरी को “Vice-Chancellors’ Conference” का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय “Transforming Universities for Holistic Development” रखा गया है। सम्मेलन में देशभर के 41 कुलपति शामिल होंगे। इसमें छात्र-केंद्रित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, अनुसंधान एवं नवाचार, डिजिटल तकनीक, उद्योग–अकादमिक सहयोग और बहुविषयक शिक्षा पर चर्चा होगी।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है, जो उनका चौथा दौरा होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे उच्च शिक्षा के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है
रतनपुर में 8 कछुओं की संदिग्ध मौत, शिकार की आशंका...
बिलासपुर । धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर के कुंड और बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर के तालाब में कछुओं की रहस्यमयी मौत से सनसनी फैल गई है। बुधवार सुबह बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित तालाब में एक साथ 8 कछुओं के शव पानी में तैरते मिले। इससे पहले महामाया मंदिर कुंड में भी 2 कछुओं की मौत हो चुकी है। बीते छह दिनों में कुल 10 कछुओं की मौत ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरुनी चोट के संकेत
दो कछुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जिसमें अंदरुनी चोट के निशान पाए गए हैं। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कछुओं को लाठी या किसी भारी वस्तु से पीट-पीटकर मारा गया है। मृत कछुओं की उम्र लगभग चार से पांच महीने बताई जा रही है।
वन विभाग ने शुरू की जांच
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर जांच शुरू की। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विभाग की टीम मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
संरक्षित वन्यजीव है कछुआ
वन अधिकारियों के अनुसार कछुए अनुसूची-एक के संरक्षित वन्यजीव हैं, जिनकी हत्या गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। यदि शिकार या सुनियोजित हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कोनी में शुरू हुआ दो दिवसीय संभाग स्तरीय रोजगार मेला
पहले दिन 200 से अधिक युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र
रोजगार मूलक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने निजी कंपनियों के साथ किया जाएगा समझौता
बिलासपुर । राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मॉडल आईटीआई कोनी में 12 एवं 13 फरवरी को दो दिवसीय संभाग स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। रोजगार मेले में 26 निजी कंपनियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संभाग आयुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल ने मेले में युवाओं से संवाद किया और नियोक्ता कंपनियों से चर्चा की। इस अवसर पर प्रतीक स्वरूप कुछ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
मॉडल आईटीआई कोनी में आयोजित संभाग स्तरीय मेले में अधिकारियों ने नियोक्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप आईटीआई के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किए जाने का सुझाव दिया साथ ही आईटीआई के संयुक्त संचालक ए के सोनी को कंपनियों के साथ एमओयू करने के निर्देश भी दिए ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।संभाग आयुक्त ने आई टीआई प्रबंधन को निर्देश दिए कि पुराने ट्रेड को बन्द कर नए प्रचलित रोजगारमूलक ट्रेड शुरू किए जाएं ताकि युवाओं को रोजगार आसानी से उपलब्ध हो सके।
संभाग के सभी जिलों से लगभग 1300 से अधिक युवाओं ने आज के लिए ऑनलाइन पंजीयन किया, 800 से अधिक युवा रोजगार मेले में शामिल हुए। 329 युवाओं का चयन विभिन्न पदों के लिए प्राथमिक स्तर पर हुआ है वहीं 207 युवाओं का अंतिम चयन विभिन्न कंपनियों द्वारा किया गया है। मेले में आज 23 नियोक्ता कंपनियां मौजूद रहीं। संभाग आयुक्त सुनील जैन एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने चयनित युवाओं राजकुमार पटेल और अभिषेक बंजारे को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। दोनों का चयन कोरबा की एक कंपनी में टेक्निशियन पद पर हुआ है, जहां उन्हें 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। चयनित युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए रोजगार मेले के वृहद आयोजन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
रोजगार मेले में वित्त, कृषि, प्रबंधन, मेडिकल एवं फार्मेसी, सोलर एनर्जी, टेक्सटाइल उद्योग, सर्विस टेक्निकल, मैन्युफैक्चरिंग, सिक्योरिटी सर्विस, इंश्योरेंस, ऑटोमोबाइल तथा ज्वेलरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग चार हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया 13 फरवरी को भी होगी। संभाग स्तरीय रोजगार मेले में अमरचंद पहारे, डिप्टी डायरेस्टर, प्रवर्तन कक्ष, रोजगार, पीएस तिग्गा डिप्टी डायरेक्टर जिला रोजगार कार्यालय, आईटीआई कोनी व लाइवलीहुड कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।