छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
एनएमडीसी के सीएसआर के अंतर्गत नर्सिंग कोर्स हेतु ऑनलाइन प्रवेश सूचना जारी
5 अगस्त तक की सकते है आवेदन
दंतेवाड़ा, 31 जुलाई 2026
एनएमडीसी लिमिटेड (बचेली कॉम्प्लेक्स) के सीएसआर विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार बालिका षिक्षा योजना अंतर्गत बस्तर क्षेत्र के इच्छूक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जनजाति छात्राओं हेतु एसआरएम कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चेन्नई, अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चित्तूर, अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, हैदराबाद, किग्स कॉलेज ऑफ नर्सिंग हैदराबाद तथा यशोदा कॉलेज ऑफ नर्सिंग हैदराबाद में बीएससी नर्सिंग (04 वर्षीय) एवं जीएनएम (03 वर्षीय) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु न्यून्तम 17 वर्ष अधिकतम 35 वर्ष से कम उम्र की आवेदिकाओं से आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 200 सीटें है. जिसमें बीएससी नर्सिंग के लिए 110 व जीएनएम के लिए 90 सीटें उपलब्ध हैं। चयनित छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जायेगी।
इस संबंध में योग्यता अनुसार बीएससी (नर्सिंग) हेतु 12वीं में विज्ञान विषयों में (भौतिक, रसायन एवं बायोलॉजी) कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए तथा संपूर्ण विषयों में कुल योग 45 प्रतिशत होना अनिवार्य है। इसके अलावा अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। बीएससी नर्सिंग में प्रवेश हेतु आवेदिकाओं का नीट 2026 की शैक्षणिक वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
इसके अलावा जीएनएम हेतु 12वीं में विज्ञान विषयों में (भौतिक, रसायन एवं बायोलॉजी) कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए तथा संपूर्ण विषयों में कुल योग 45 प्रतिशत होना अनिवार्य है। साथ ही अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को बस्तर क्षेत्र के दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, कोंडागांव, बीजापुर एवं नारायणपुर जिले का निवासी होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही परिवार की कुल वार्षिक आय रू 72.000 से अधिक नही होनी चाहिए। (सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र 01 वर्ष (22.07.2025) से अधिक पुराना न हो)। यह योजना केवल (अजजा) छात्राओं के लिए मान्य रहेगा।
आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को ऑनलाइन मोड में ही आवेदन करना होगा। अभ्यर्थियों को एनएमडीसी की वेबसाइट https://www.nmdc.co.in/careers के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है (लिंक वेबसाइट के करियर पेज पर उपलब्ध है)। अभ्यर्थी 22 जुलाई 2026 को प्रातः 11 बजे से 05 अगस्त 2026 को रात्रि 11:59 बजे तक आवेदन कर सकेगें। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी आवश्यक विवरण भरने एवं उल्लेखित आवश्यक दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों को अपलोड करना अनिवार्य है, अन्यथा उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
सभी अभ्यर्थी की लिखित परीक्षा के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित होगा। प्रश्न अंग्रेजी भाषा में होंगे तथा उत्तरों को ओएमआर शीट पर भरना होगा (लिखित परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगा) परीक्षा के विषय भौतिकी - 5 अंक, रसायन शास्त्र - 5 अंक, जीव विज्ञान- 10 अंक, अंग्रेजी - 7 अंक, सामान्य ज्ञान - 3 अंक निर्धारित है। एडमिट कार्ड एवं परीक्षा तिथि की सूचना एनएमडीसी के वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का चयन दस्तावेज सत्यापन एवं चिकित्सा परीक्षण के उपरांत किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर हेल्पलाइन नंबर, ईमेल पर हेल्पलाइन 7044599061 ईमेल nbsybacheli002@gmail.com संपर्क किया जा सकता है।
जिले में मच्छर रोधी कीटनाशक छिड़काव के लिए आवश्यक प्रशिक्षण संपन्न। दो चरणों में कराया जाएगा छिड़काव
दंतेवाड़ा, 31 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय रामटेके मार्गदर्शन में जिले में मच्छर रोटी कीटनाशक छिड़काव के आवश्यक तैयारी हेतु समस्त विकास खंड में छिड़काव दल का गठन कर आवश्यक प्रशिक्षण संपन्न कर दिया गया है। जिले में मलेरिया के बचाव एवं रोकथाम के लिए दो चरणों में छिड़काव का कार्य संपन्न कराया जाएगा जिसमें प्रथम चरण 1 अगस्त से 15 अक्टूबर एवं द्वितीय चरण 16 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक चलाया जाएगा जिसके अंतर्गत जिले में गठित कुल 14 छिड़काव दल के द्वारा घर-घर जाकर मच्छर रोधी कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा। इसके अलावा जिले के समस्त आश्रम छात्रावास, पोटाकेबिन एवं अर्धसैनिक बलों के कैंप में भी छिड़काव का कार्य किया जाएगा
आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित आश्रम एवं छात्रावासों के रिक्त सीटों में वर्ष 2026-27 में प्रवेश के संबंध में सूचना
दंतेवाड़ा, 31 जुलाई 2026
जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित आश्रम एवं प्री. मैट्रिक छात्रावासों में शिक्षण सत्र 2026-27 में कुल 07 आश्रमों एवं 11 प्री. मैट्रिक छात्रावासों के रिक्त सीटों में छात्र,छात्राओं के, प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस संबंध में दन्तेवाड़ा विकासखण्ड अंतर्गत संचालित संस्थाओं में कन्या आश्रम पीना बचेली 35, बालक आश्रम चंदेनार 20, प्री.मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास भांसी 30, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास मेटापाल 20, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास गंजेनार 50, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास जारम 15,तथा गीदम विकासखंड अन्तर्गत बालक आश्रम कारली 25, कन्या आश्रम समलूर 30, कन्या आश्रम फरसपाल 40, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास कासोली 20, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास बारसुर 15, प्री. एवं कुआकोंडा विकासखंउ अंतर्गत मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास कुआकोण्ड़ा 30, प्री. मैट्रिक अजजा कन्या छात्रावास किरन्दुल 15, प्री. मैट्रिक अजजा कन्या छात्रावास कुआकोण्डा 20, कन्या आश्रम गाटम 20, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास बडेबेड़मा 15, प्री. मैट्रिक अजजा बालक छात्रावास बडेगुडरा 20, प्री. मैट्रिक अजजा कन्या छात्रावास 30, कटेकल्याण में सीट रिक्त है।
दंतेवाड़ा जिले में विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा किया प्रभारी सचिव श्री धर्मेश साहू ने
केंद्र एवं राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले को प्रथम 10 जिलों में लाने लिए युद्धस्तर की रणनीति बनाए अधिकारी- प्रभारी सचिव
शासन की योजनाओं का गंभीरतापूर्वक करें सेचुरेशन श्री धर्मेश साहू
दंतेवाड़ा, 31 जुलाई 2026
जिले में केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के प्रभारी सचिव श्री धर्मेश साहू ने जिला स्तरीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, राजस्व प्रकरणों तथा विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने पीपीटी के माध्यम से जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे प्रमुख कार्यों एवं प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में प्रभारी सचिव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले को टॉप 10 जिलों लाने के लिए प्रभावी रणनीति आवष्यक है। इसके साथ ही विकास सूचकांक एवं पोर्टलों की रैंकिंग में भी जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन होना चाहिए। इसे सभी विभाग चुनौतियों की तरह ले। जिन सूचकांक में जिला पिछड़ रहा है। उसकी सुधार के लिए आ रही दिक्कतों को ही चिन्हांकित न करे बल्कि अपने स्तर पर उसका समाधान प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर को अवगत कराए। साथ ही अपने-अपने विभागीय अमले का प्रचुर इस्तेमाल कर अन्य विभागों से भी समन्वय करना भी सभी विभाग प्रमुखों का प्रमुख जिम्मेदारी है।
इस क्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि आगामी बैठक में आवास योजना में प्रगति प्रदर्शित होनी चाहिए इसके लिए अभी से ही सकारात्मक प्रयास करें। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा में उन्होंने वार्षिक लक्ष्य, सृजित मानव दिवस, मजदूरी भुगतान, स्वीकृत, अपूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन तथा लखपति दीदी योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 10 हजार दीदियों को लखपति बनाई गई है। इस पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के कौशल का उपयोग कर उनकी आजीविका में वृद्धि करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उनके द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, कुपोषित बच्चों की जानकारी, आंगनवाड़ी भवनों, शौचालय एवं पेयजल की स्थिति की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जन्म दर, मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, टीबी, एनआरसी, सिकल सेल, आयुष्मान कार्ड की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए एवं पीवीटीजी समुदाय के सभी शेष हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान गणवेश, पाठ्यपुस्तकों, अपार आईडी, स्कूल जतन योजना तथा पीएम श्री स्कूलों के निर्माण कार्यों की प्रगति लेते हुए उन्होंने कहा कि सभी बच्चों के अपार आईडी प्राथमिकता से बनाए जाएं, स्कूलों का नियमित निरीक्षण हो और शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक निःशुल्क एवं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी लेते उनके द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी स्वीकृत कार्य समय सीमा में पूर्ण हों और हर घर तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अंत में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आमजन, किसानों और जरूरतमंदों को पारदर्शी एवं त्वरित लाभ पहुंचाना है। विभागीय अधिकारी दिए गए निर्देशों का गंभीरता पूर्वक पालन कर निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे। जिन प्रकरणों का निराकरण लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन करने तथा आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन योजना, व्ही.बी.जी. राम जी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , किसान सम्मान निधि योजना, धन धान्य कृषि योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, फसल बीमा योजना, कृषक उन्नति योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, जैविक खेती मिशन योजना, प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना, सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, स्वामित्व योजना, डी.एल.आर.एम.पी., मोबाईल टावर योजना पर भी विशेष निर्देश दिए गए। योजनाओं की प्रगति, स्वीकृत एवं पूर्ण कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा विभागवार उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एम भार्गव, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
हौसलों की उड़ान दिव्यांगता को मात देकर बचेली के श्री चितुराम नाग ने चुकाया छत्तीसगढ़ वित्त विकास निगम का पूर्ण ऋण, बने समाज के रोल मॉडल।
दंतेवाड़ा, 31 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम रायपुर से स्वरोजगार व आर्थिक उत्थान के लिए ऋण लेने वाले नागरिकों के लिए एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। बचेली निवासी दिव्यांग हितग्राही श्री चितुराम नाग, वार्ड कमांक-01, जिला दन्तेवाड़ा ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को दरकिनार कर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम रायपुर से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने हेतु 3,60,000 रूपये (तीन लाख साठ हजार रूपये) का ऋण प्राप्त किया था।
हितग्राही श्री चितुराम नाग ने अपनी दिव्यांगता को कभी अपने आड़े नहीं आने दिया और अपनी अटूट मेहनत, दृढ़ संकल्प तथा ईमानदारी से निगम के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन किया। वित्तीय अनुशासन का सर्वोत्कृष्ट परिचय देते हुए उन्होंने इस सम्पूर्ण ऋण राशि का समय सीमा के भीतर पूर्ण भुगतान कर दिया है। उनका ऋण खाता अब पूर्ण रूप से नस्तीबद्ध हो चुका है, जो उनके स्वावलंबन को प्रमाणित करता है। शारीरिक बाधाओं को पार कर वित्तीय दायित्वों को समय पर निभाने के इस अभूतपूर्व कदन के लिए सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारियों एवं समस्त कर्मचारियों द्वारा श्री चितुराम नाग की प्रशंसा की गई तथा उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और प्रतिदिन 300-500 कमाई सुनिश्चित करने के निर्देश-
निगम के उच्चाधिकारियों द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों के आर्थिक सशक्तिकरण को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मूक बधिर दिव्यांग हितग्राहियों को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर वे सक्षम बन सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक दिव्यांग हितग्राही को ऐसा कौशल मिले जिससे वे प्रतिदिन 300 से 500 तक की नियमित कमाई कर सकें, साथ ही जो दिव्यांग हितग्राही ऋण लिए हैं और भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान श्री लोकेश कावडि़या जी अध्यक्ष छ.ग वित्त एवं विकास निगम रायपुर (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त), श्री पंकज वर्मा प्रबंधक संचालक छ.ग वित्त एवं विकास निगम रायपुर, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, उप संचालक समाज कल्याण श्री मूलचंद चोपड़ा एवं समाज कल्याण के कर्मचारी उपस्थित रहें।
दंतेवाड़ा में मूसलाधार बारिश: पुल डूबा, सड़क पर गिरा पेड़, आवागमन प्रभावित
दंतेवाड़ा । जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
भैरमगढ़ में पुल के ऊपर बह रहा पानी
जानकारी के अनुसार, भैरमगढ़ के पातरपारा स्थित पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी बहने के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुल जलमग्न होने से दोनों ओर आवाजाही बंद हो गई है। प्रशासन लोगों को जान जोखिम में डालकर पुल पार नहीं करने की लगातार चेतावनी दे रहा है।
गीदम-बारसूर मार्ग पर गिरा विशाल पेड़
इधर, गीदम–बारसूर मुख्य मार्ग पर तेज बारिश और तेज हवा के चलते एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कटर मशीन की मदद से पेड़ हटाकर सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील और निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफान पर बह रहे नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं तथा मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।
प्रशासन का कहना है कि बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर दंतेवाड़ा नगर पालिका की विशेष कार्रवाई
दंतेवाड़ा । नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा क्षेत्रांतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं परिसर संचालकों को नियमों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी आज प्रदान की गई।
इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 एवं “सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ अभियान 2026” के तहत वर्षा ऋतु में नालियों में जलभराव तथा जल जनित बीमारियों से बचाव के संबंध में भी व्यापारियों एवं आम नागरिकों को जागरूक किया गया। साथ ही नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, विक्रय एवं उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने हेतु विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके अलावा साथ ही जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण एवं स्वच्छता संबंधी नियमों के पालन के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण कुमार ध्रुव के दिशा-निर्देशानुसार नगर पालिका क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान 33 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कुल 6,020 का जुर्माना, शुल्क वसूल किया गया। नगर पालिका परिषद दंतेवाड़ा द्वारा नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करते हुए कचरे का उचित निपटान करें तथा नगर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध नगर पालिका परिषद बड़े बचेली की चालानी कार्रवाई
दंतेवाड़ा । नगर पालिका परिषद बड़े बचेली द्वारा स्वच्छ भारत मिशन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर क्षेत्र की 17 दुकानों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एवं भंडारण पाए जाने पर कुल 3.2 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कुल 6,700 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद बड़े बचेली ने सभी व्यापारियों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, विक्रय एवं भंडारण पूर्णतः बंद करें तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमित जांच अभियान चलाकर नियमानुसार चालानी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद बड़े बचेली ने नागरिकों से स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने में सहयोग करने की अपील की है। यह कार्यवाही राज्य प्रशासन एवं जिला प्रशासन के निर्देश में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पी टी एम कृष्णा राव के मार्गदर्शन में पालिका द्वारा गठित सिंगल यूज प्लास्टिक निगरानी दल द्वारा किया गया जिसमे दल प्रभारी अभियंता संतोष नेगी, पी आइ यू मिलिंद बारीक, साह. राजस्व निरीक्षक पूरनबती, स्वच्छता प्रभारी हेमंत मंडावी, रणविजय सिंह, विश्वजीत मलिक, महेश बघेल एवं कू दीपा बघेल शामिल रहे
सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध नगर पालिका परिषद बड़े बचेली की चालानी कार्रवाई
दंतेवाड़ा
नगर पालिका परिषद बड़े बचेली द्वारा स्वच्छ भारत मिशन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नगर क्षेत्र की 17 दुकानों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एवं भंडारण पाए जाने पर कुल 3.2 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कुल 6,700 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद बड़े बचेली ने सभी व्यापारियों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, विक्रय एवं भंडारण पूर्णतः बंद करें तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी नियमित जांच अभियान चलाकर नियमानुसार चालानी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद बड़े बचेली ने नागरिकों से स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने में सहयोग करने की अपील की है। यह कार्यवाही राज्य प्रशासन एवं जिला प्रशासन के निर्देश में मुख्य नगर पालिका अधिकारी पी टी एम कृष्णा राव के मार्गदर्शन में पालिका द्वारा गठित सिंगल यूज प्लास्टिक निगरानी दल द्वारा किया गया जिसमे दल प्रभारी अभियंता संतोष नेगी, पी आइ यू मिलिंद बारीक, साह. राजस्व निरीक्षक पूरनबती, स्वच्छता प्रभारी हेमंत मंडावी, रणविजय सिंह, विश्वजीत मलिक, महेश बघेल एवं कू दीपा बघेल शामिल रहे
सीईओ भार्गव ने टेकनार और चितालंका के बायोगैस प्लांटों का किया निरीक्षण
दंतेवाड़ा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एम. भार्गव ने बुधवार को ग्राम टेकनार एवं चितालंका में स्थापित बायोगैस प्लांटों का निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली, संचालन एवं रखरखाव की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस उत्पादन, जैविक खाद निर्माण तथा प्लांट की उपयोगिता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीईओ भार्गव ने बायोगैस प्लांट से जुड़े हितग्राहियों से संवाद करते हुए उन्हें प्रतिदिन नियमित रूप से गोबर प्लांट में डालने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से गोबर डालने से बायोगैस का उत्पादन निरंतर बना रहेगा, जिससे स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद भी तैयार होगी। इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और कृषि लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने हितग्राहियों से प्लांट का नियमित उपयोग एवं रखरखाव सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सभी लाभार्थी इसे जिम्मेदारी के साथ संचालित करेंगे।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बायोगैस प्लांटों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा हितग्राहियों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बायोगैस प्लांट स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल है। इसके सफल संचालन से जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन तथा जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दंतेवाड़ा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कन्या हाई स्कूल पोटाकेबिन चितालूर में 54 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत मिली साइकिल
दंतेवाड़ा
शासन की सरस्वती साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत आज कन्या हाई स्कूल पोटाकेबिन चितालूर में साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विद्यालय की 54 छात्राओं को साइकिल वितरित की।
कार्यक्रम में अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना है। छात्राओं ने भी साइकिल प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की और शासन के प्रति आभार जताया।
विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। राज्य सरकार छात्राओं को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना से दूर-दराज क्षेत्रों की बेटियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। उन्होंने छात्राओं से मेहनत और लगन के साथ अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा समाज के विकास की आधारशिला है। शासन की विभिन्न योजनाएं छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने छात्राओं से साइकिल का सुरक्षित उपयोग करने, नियमित विद्यालय आने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शिक्षक, शिक्षिकाएं, व छात्र-छात्राएं मौजूद रहें।
छू लो आसमान के विद्यार्थियों ने नीट 2026 में लहराया परचम, विधायक अटामी ने दी बधाई
दंतेवाड़ा
जिले की आवासीय कोचिंग संस्था “छू लो आसमान” ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी गुणवत्ता सिद्ध की है। संस्था के बालूद एवं कारली केंद्रों के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर दंतेवाड़ा जिले का नाम प्रदेशभर में गौरवान्वित किया है।
ज्ञात हो कि प्राप्त परिणामों के अनुसार, बालूद केंद्र से 65 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें से 25 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। इनमें 9 विद्यार्थियों ने 340 से अधिक अंक अर्जित कर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लगभग सुनिश्चित किया है, जबकि 5 विद्यार्थियों का बीडीएस, बीएएमएस एवं पशु चिकित्सा सहित अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में चयन सुनिश्चित माना जा रहा है। इसी प्रकार कारली केंद्र से 93 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 27 विद्यार्थी सफल रहे। इनमें 2 विद्यार्थियों का एमबीबीएस पाठ्यक्रम तथा 6 विद्यार्थियों का बीडीएस, बीएएमएस एवं अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश सुनिश्चित माना जा रहा है।
इस प्रकार इन दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 158 विद्यार्थियों ने नीट 2026 की परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से 52 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। इनमें 11 विद्यार्थियों का एमबीबीएस तथा 11 विद्यार्थियों का बीडीएस, बीएएमएस एवं पशु चिकित्सा सहित अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में चयन सुनिश्चित हुआ है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने एमबीबीएस सहित विभिन्न चिकित्सा एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में चयनित सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। आने वाले समय में जिले में चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं की उच्च स्तरीय कोचिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा क्षेत्रवासियों को बेहतर उपचार की सुविधा प्राप्त होगी। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता भास्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं छू लो आसमान नोडल अधिकारी वेंकट ताती, अधीक्षक राज पाल, अधीक्षिका रविन्द्र सैनी सहित छू आसमान संस्था अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
15 दिवसीय पशु सखी प्रशिक्षण का हुआ सफल समापन
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने वितरित किए टूलकिट
दंतेवाड़ा।
भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), द्वारा ’’ए-हेल्प’’ ( पशुधन स्वास्थ्य एवं पशुधन उत्पादन विस्तार हेतु मान्यता प्राप्त अभिकर्ता) अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय आवासीय पशु सखी प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक समापन किया गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एम. भार्गव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दंतेवाड़ा ने सभी प्रशिक्षार्थियों को पशु सखी टूलकिट वितरित किए। उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण सेवायें प्रदान करें तथा पशुधन विकास एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
कार्यक्रम के दौरान नितेश देवांगन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (बिहान) ने प्रतिभागियों को बिहान योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए शासन की विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाओं से जुड़कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार काकड़े (एलडीएम), उमेश पाल (डीपीएम, बिहान), डॉ. चंद्रा (पशु चिकित्सा विभाग, दंतेवाड़ा), डॉ. मिथिलेश उप्पल (प्रशिक्षक) तथा ओम प्रकाश साहू (फैकल्टी, आरसेटी) सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रशिक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यजीवन की शुभकामनाओं के साथ किया गया।
सेवानिवृत्त चार शिक्षकों का सम्मान
दंतेवाड़ा
आज जिले के सेवानिवृत्त होने वाले चार शिक्षकों के सम्मान में गरिमामय समारोह कार्यक्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने शिक्षकों को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके दीर्घ, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दीं। सम्मानित शिक्षकों में रघुवीर सिंह नेताम, प्रधान पाठक, माध्यमिक शाला पंडेवार (सेवानिवृत्ति 30 जून 2026), श्रीमती निर्मला तुरखेड़े, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांसी (सेवानिवृत्ति 30 जुलाई 2026), श्रीमती संध्या श्रीवास्तव, प्रधान पाठक, पोटा केबिन मेंडोली (सेवानिवृत्ति 30 जुलाई 2026) तथा श्याम लाल सोरी, प्रधान पाठक (सेवानिवृत्ति 30 जुलाई 2026) शामिल रहे।
कार्यक्रम में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि उनके जीवन के संस्कार, व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति अवश्य होती है, लेकिन एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। उसका अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहता है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाई है, उनका योगदान अमूल्य है। शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि रही है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन एवं उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कलेक्टर ने सभी शिक्षकों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन सदैव शिक्षकों के योगदान का सम्मान करता रहेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा विभाग के लिए यह गर्व का विषय है कि ऐसे समर्पित शिक्षकों ने अपने पूरे सेवाकाल में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निष्ठापूर्वक कार्य किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने कार्यों और मूल्यों के माध्यम से सदैव जीवित रहते हैं। विभाग उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का नया अध्याय है, जहां समाज सेवा और अनुभव साझा करने के अनेक अवसर उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग उनके अनुभवों से आगे भी मार्गदर्शन प्राप्त करता रहेगा।
खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों की सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति एक महान दायित्व का निर्वहन है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन और कार्य संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के शिक्षकों को भी इन वरिष्ठ शिक्षकों से प्रेरणा लेकर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों को सम्मानपूर्ण एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों को सेवानिवृत्ति से पूर्व ही पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) उपलब्ध कराया जा सका, जिससे उन्हें सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ समय पर प्राप्त हो सकेंगे। इस दौरान बीईओ भवानी पूनेम, लेखापाल मुकेश सोनी शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला पंचायत सीईओ द्वारा गीदम विकासखंड के विकास कार्यों का किया मैदानी निरीक्षण
गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
दंतेवाड़ा
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) एम. भार्गव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का क्षेत्रीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को सभी निर्माण एवं विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम उन्होंने ग्राम पंचायत झोडि़याबाड़म में आत्मसमर्पित नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए निर्मित 19 आवासों का अवलोकन किया गया। यहां उन्होंने अधिकांश आवासों का ढलाई कार्य पूर्ण पाया गया, जबकि प्लास्टर एवं अन्य शेष कार्यों को एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद उन्होंने यही पर जैविक कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) का निरीक्षण कर जैविक उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की गतिविधियों का जायजा लिया गया तथा जिले को जैविक कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बनाने पर चर्चा की गई।
ग्राम पंचायत बिंजाम में मधुमक्खी पालन इकाई का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया और इस गतिविधि के विस्तार के लिए प्रेरित किया। वहीं जिला खनिज न्यास मद से स्वीकृत निर्माणाधीन माध्यमिक शाला भवन का कार्य स्लैब स्तर तक पूर्ण होने के बावजूद बंद मिलने पर संबंधित एजेंसी को तत्काल कार्य प्रारंभ कर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम बांगापाल में आत्मसमर्पित नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए निर्माणाधीन पांच आवासों में चार पूर्ण और एक प्रगतिरत पाया गया, जिसे शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। इस क्रम में ग्राम बड़ेतुमनार में उन्होंने राहत शिविर भवन, ग्राम पंचायत भवन, एनआरएलएम क्लस्टर भवन तथा अटल डिजिटल सेवा केंद्र का निरीक्षण कर शेष निर्माण कार्य एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इस क्रम में सीईओ भार्गव ने छिंदनार ग्राम पंचायत एवं डेनेक्स केंद्र का निरीक्षण कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की और ग्राम हारम स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में स्व-सहायता समूह की महिलाओं को नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बेलिंग मशीन में विद्युत आपूर्ति की समस्या सामने आने पर उनके द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता को तत्काल आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के अंत में सीईओ एम. भार्गव ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर प्रत्येक कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत सीईओ बलराम ध्रुव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एकीकृत बाल विकास परियोजना किरन्दुल अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पद की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित
10 से 25 जुलाई तक किया जा सकता है आवेदन
दंतेवाड़ा, 11 जुलाई 2026
एकीकृत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार एकीकृत बाल विकास परियोजना करन्दुल अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 01 एवं सहायिका 01 रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। जिसके तहत एकीकृत बाल विकास परियोजना किरन्दुल अंतर्गत ग्राम पंचायत चोलनार सरपंचपारा तथा ग्राम पंचायत हिरोली स्कुलपारा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पद है। इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण तथा सहायिका हेतु 8वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका के पद के लिये आयु सीमा 18 से 44 वर्ष की होगी तथा आयु की गणना आवेदन आमंत्रित करने की सूचना जारी होने की तिथि से की जावेगी। जिस पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र में रिक्त पद हेतु विज्ञापन जारी किया गया है, आवेदिका का उसी ग्राम, क्षेत्र की स्थानीय निवासी होना अनिवार्य होगा। इसके लिए इच्छुक स्थानीय सभी पात्र आवेदिकाएं दिनांक 10 से 25 जुलाई तक आवेदन कर सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना किरन्दुल में सम्पर्क किया जा सकता हैं।
स्मार्ट एवं सतत कृषि को लेकर युवाओं ने रखे नवाचार, लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित हुआ वीबीवाईएलडी गोलमेज सम्मेलन
दंतेवाड़ा, 11 जुलाई 2026
माई भारत एवं भोर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वीबीवाईएलडी (विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग) गोलमेज सम्मेलन का आयोजन लाइवलीहुड कॉलेज, दंतेवाड़ा में किया गया। सम्मेलन का विषय “स्मार्ट एवं सतत कृषि के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और स्थानीय अनुभवों के आधार पर उनके सुझावों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पारंपरिक कृषि पद्धतियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है तथा कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। परिचर्चा सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश ने मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, आंकड़ों पर आधारित खेती तथा उन्नत बीजों के उपयोग की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वनस्पति वैज्ञानिक श्री गणेश निषाद ने लघु वनोपज, स्थानीय जैव-विविधता के संरक्षण एवं उसके वैज्ञानिक विपणन की आवश्यकता बताई। वहीं जैविक खेती विशेषज्ञ श्री सुरेश नाग ने प्राकृतिक खेती को लागत घटाने, भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया।
खुले संवाद सत्र में युवाओं ने कृषि उद्यमिता, डिजिटल कृषि, बाजार से बेहतर जुड़ाव, किसानों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण तथा स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन में प्राप्त सभी सुझावों को संकलित कर नीतिगत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे संबंधित शासकीय एवं प्रशासनिक विभागों को भेजा जाएगा ताकि भविष्य की कृषि नीतियों में युवाओं के विचारों को स्थान मिल सके। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, जिला रोजगार अधिकारी श्री अमित वर्मा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, युवा प्रतिभागी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।