छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

"महिला आरक्षण पर भाजपा की आक्रोश रैली सिर्फ राजनीतिक नौटंकी : घनश्याम साहू"

 पंडरिया,- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंडरिया के अध्यक्ष घनश्याम साहू ने भाजपा द्वारा निकाली गई महिला आक्रोश रैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।


श्री साहू ने कहा कि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण बिल-2023 सर्वसम्मति से संसद में पारित हो चुका है। वर्षों तक महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व देने की बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन जब वास्तविक रूप से उन्हें उनका अधिकार दिलाने की घड़ी आई, तब सत्ता पक्ष की नीयत और नीति दोनों कटघरे में खड़ी नजर आ रही हैं।

"महिला आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और सहभागिता का प्रश्न है," श्री साहू ने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जिस तरह से भाजपा महिला आक्रोश रैली करके तरह-तरह के प्रोपेगेंडा के नाम पर माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, वह अपनी ही नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास है।

ब्लॉक अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग वर्षों तक महिलाओं के अधिकारों पर ठोस कदम उठाने में असफल रहे, वही आज महिलाओं की आवाज बनने का नाटक कर रहे हैं। महिलाओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने के बजाय केवल मंच, नारे और रैलियों के सहारे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करना महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

"देश की महिलाएं अब जागरूक हैं। वे केवल भाषणों और नारों से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और ईमानदार प्रतिबद्धता से प्रभावित होती हैं," उन्होंने कहा। श्री साहू ने चेतावनी दी कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार को राजनीतिक हथियार बनाना बंद होना चाहिए। महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, न कि उसे राजनीतिक दिखावे का माध्यम बनाना।

अंत में उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी राजनीतिक दल मिलकर महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए ईमानदारी से कार्य करें, न कि रैलियों और आक्रोश के नाम पर जनता को भ्रमित करें। "राजनीति को राजनीति ही रहने दें, कूटनीति न बनाएं। श्री साहू ने कहाँ अत्यधिक लालच व्यक्ति को अंधा बना देता है जिसका परिणाम आने वाले समय में सभी को भुगतना पड़ता है और पछताने के सिवा कुछ भी नहीं रहता,"

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