* वनांचल की स्वास्थ्य ब्यवस्था सिर्फ़ एक महिला डॉक्टर के भरोसे चल रही
कबीरधाम |
2026-05-03 16:36:19
*केंद्र में सुविधाएं सभी लेकिन आपरेट करने वाला कोई नहीं*
कवर्धा/ पंडरिया--जिले के कुकदुर तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट के दौर से गुजर रही हैं। पहाड़ी एवं वनांचल क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल में जहां चार डॉक्टरों की आवश्यकता है, वहां वर्तमान में महज एक महिला मेडिकल ऑफिसर के भरोसे पूरा अस्पताल संचालित हो रहा है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि -'कुकदुर क्षेत्र विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी बाहुल्य इलाका है, जहां दूर-दराज के ग्रामीण उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। अस्पताल के अंतर्गत लगभग 19 उप स्वास्थ्य केंद्र—सेंदूरखार, रूखमीदादर, पोलमी, भाकुर, पंडरीपानी, मुनमुना, नेऊर, बदना, कामठी, भेलकी सहित अन्य गांव—आते हैं, लेकिन इन सभी क्षेत्रों की जिम्मेदारी केवल एक डॉक्टर और एक आरएमए (महिला) पर है।
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो गई जब एक आरएमए का हाल ही में तबादला हो गया, जिससे स्टाफ की कमी और बढ़ गई है। वर्तमान में डॉक्टर को 24 घंटे सेवा देने की मजबूरी है, जो मानवाधिकार के दृष्टिकोण से भी उचित नहीं माना जा सकता। शासन और प्रशासन का इस क्षेत्र को नजरअंदाज करना समझ से परे है।
अस्पताल में पोस्टमार्टम, एमएलसी, एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे आपातकालीन मामलों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रहती है। ऐसे में एक ही डॉक्टर के भरोसे पूरी व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ओपीडी के अलावा करीब 11 प्रकार के अतिरिक्त कार्यों का भार भी उसी डॉक्टर पर है।
स्टाफ की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। अस्पताल में मात्र 4 स्टाफ नर्स और 1 एएनएम कार्यरत हैं, जो जरूरत के हिसाब से काफी कम हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शासन-प्रशासन को तत्काल डॉक्टरों और स्टाफ की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मांग उठी—जल्द हो डॉक्टरों की नियुक्ति
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि कुकदुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र ही आवश्यक संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना की जाए, जिससे वनांचल क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।