छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

दिव्यांगता को मात देकर कल्पना भोसले बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

 गरियाबंद । नगर पंचायत फिंगेश्वर की कुमारी कल्पना भोसले ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर दिव्यांगता से लड़ते हुए आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। दोनों पैरों से 80 प्रतिशत अस्थिबाधित होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने वित्तीय वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर की स्वरोजगार ऋण योजना के तहत मोबाइल सेंटर संचालन के लिए 4 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया था।

कल्पना भोसले द्वारा प्रतिमाह 6 हजार 562 रुपये की किश्त जमा की जाती थी। कोरोना काल में दुकान बंद रहने और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद उन्होंने संघर्ष जारी रखा और निर्धारित अवधि से लगभग सात माह पूर्व ही 5 लाख 66 हजार रुपये की संपूर्ण मूलधन एवं ब्याज राशि का भुगतान कर 24 अप्रैल 2026 को ऋणमुक्त हो गईं। वर्तमान में उनका मोबाइल सेंटर फिंगेश्वर में सफलतापूर्वक संचालित कर रही है। कुमारी कल्पना भोसले आज किसी पर आश्रित हुए बिना आत्मसम्मान के साथ स्वयं एवं अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।

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