आजीविका मेला 2026 : स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन के लिए लगा आजीविका मेला
विभागीय स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को मिली रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी
कलेक्टर ने कहा हुनर और रूचि के अनुरूप मिलेंगे रोजगार का अवसर
महासमुंद 25 जून 2026
जिले में आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने, स्व-सहायता समूहों एवं हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आजीविका मेला 2026 का आयोजन वन विद्यालय के प्रशिक्षण हाल में किया गया।
मेले में श्रम विभाग, पशुपालन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, आरसेटी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कौशल विकास, जिला रोजगार केंद्र, बिहान एवं अन्य डिपार्टमेंट द्वारा स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़ने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर श्री विनय लंगेह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव एवं आवश्यकताओं को जाना।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने कहा कि आजीविका मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी क्षमता के अनुरूप रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। युवाओं, महिलाओं एवं हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज और स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विभागों को हितग्राहियों के हुनर और रूचि के अनुरूप रोजगार चुनाव के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को सूची बनाकर आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने बताया कि बिहान समूहों के अलावा अन्य हितग्राहियों को आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इसी दिशा में यह आजीविका मेला का आयोजन किया गया है।
मेले में उपस्थित हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बिहान समूह की दीदियों ने बताया कि समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने, प्रशिक्षण प्राप्त करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई योजनाओं की जानकारी मिलती है और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त होता है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां, स्व-सहायता समूह सदस्य एवं हितग्राही उपस्थित रहे।