छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

कामठी की कक्षा से दूसरे जिलों तक पहुंची नवाचार की गूंज, तुलस की शिक्षण गतिविधियो के लिए ,अन्य शिक्षक कर रहे है संपर्क

 कामठी की कक्षा से दूसरे जिलों तक पहुंची नवाचार की गूंज, तुलस की शिक्षण गतिविधियो के लिए ,अन्य शिक्षक कर रहे है संपर्क 


पंडरिया। वनांचल क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामठी में व्याख्याता तुलस राम चंद्राकर द्वारा शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे नवाचार अब जिले की सीमाओं से निकलकर अन्य जिलों तक पहुंच रहे हैं। उनके द्वारा प्रारंभ की गई डिजिटल केमिस्ट्री लैब तथा रसायन शास्त्र एवं हिंदी विषय में अपनाई जा रही कहानी, गीत, संवाद, खेल, प्रयोग और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति की जिलेभर में सराहना हो रही है।

व्याख्याता तुलस राम चंद्राकर का प्रयास है कि विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि देखकर, करके, समझकर और गतिविधियों में भाग लेकर सीखें। इसी उद्देश्य से वे कक्षा 11वीं एवं 12वीं के रसायन शास्त्र तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं हिंदी को पारंपरिक तरीके से हटकर रोचक एवं सहभागितापूर्ण ढंग से पढ़ा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि और सीखने की जिज्ञासा बढ़ रही है।

इन नवाचारों की चर्चा अब अन्य जिलों में भी हो रही है। जांजगीर-चांपा, कोरबा, दंतेवाड़ा, रायपुर सहित विभिन्न जिलों के शिक्षक साथी फोन के माध्यम से तुलस राम चंद्राकर से संपर्क कर उनकी शिक्षण गतिविधियों एवं डिजिटल केमिस्ट्री लैब की कार्यप्रणाली की जानकारी ले रहे हैं। कई शिक्षक इन नवाचारों को अपने विद्यालयों में लागू करने की इच्छा भी व्यक्त कर रहे हैं।

वनांचल के एक विद्यालय से शुरू हुआ यह प्रयास अब शिक्षकों के लिए प्रेरणा और नवाचार साझा करने का माध्यम बनता जा रहा है। सीमित संसाधनों के बीच तकनीक, रचनात्मकता और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का अवसर देने की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

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