छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

सेवा के संकल्प से ग्रामीणों को मिल रहा 125 दिन का रोजगार

सेवा के संकल्प से ग्रामीणों को मिल रहा 125 दिन का रोजगार

विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत 1038 कार्यों में 11,591 ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार

427 ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्य, रोजगार देने के मामले में कबीरधाम प्रदेश में तीसरे स्थान पर
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा - ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने, ग्रामीण परिवारों को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कबीरधाम जिले में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत जिले की 427 ग्राम पंचायतों में 1038 कार्य संचालित हैं, जिनके माध्यम से वर्तमान में 11,591 ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है।

योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण समुदाय की मांग के अनुरूप स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है। रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वर्तमान में प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।

जल संरक्षण और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता

कलेक्टर कबीरधाम श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बताया कि ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत बड़ी संख्या में कार्यों की पूर्व स्वीकृति की गई है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी, नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण सहित विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिकाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त शौचालय, मुक्तिधाम शेड सहित विभिन्न निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक दिवस कार्य करने पर ग्रामीणों को 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल मिलने के साथ गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

125 दिन रोजगार से मिलेगा 37,500 रुपये तक मजदूरी भुगतान

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम  अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण आजीविका और रोजगार ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं। वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलने पर 37,500 रुपये तक मजदूरी भुगतान प्राप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरी, निजी डबरी, पशु शेड, कूप निर्माण जैसे कार्य ग्रामीणों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं।

इन परिसंपत्तियों के निर्माण से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही मछली पालन एवं पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है, जिससे हितग्राहियों को अतिरिक्त आमदनी का जरिया प्राप्त हो रहा है।

सितंबर में भी 427 पंचायतों में चल रहे कार्य

सीईओ जिला पंचायतअभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों की मांग के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। यही वजह है कि सितंबर माह के मध्य में भी जिले की 427 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य संचालित हैं और 11,500 से अधिक जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए मैदानी अमले द्वारा लगातार गांवों का भ्रमण एवं कार्यों की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि रोजगार के साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना भी है, जो भविष्य में ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने में सहायक बनें। इस दिशा में जिले में रोजगार, जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

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