देश-विदेश
"पीएम मोदी: भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र होगा, भ्रष्टाचार और जातिवाद का कोई स्थान नहीं होगा"
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक विशेष साक्षात्कार दिया है। ये साक्षात्कार ऐसे समय में आया है, जब आगामी 9-10 सितम्बर को नई दिल्ली में जी-20 देशों की बैठक होने जा रही है। भारत इस बैठक की अध्यक्षता कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटीआई को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा, भारत की जी20 अध्यक्षता से कई सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं, इनमें से कुछ "मेरे दिल के बहुत करीब" हैं।
पीएम मोदी बोले- 2047 तक भारत बनेगा विकसित राष्ट्र
प्रधानमंत्री ने कहा, दुनिया का जीडीपी-केंद्रित दृष्टिकोण अब मानव केंद्रित में बदल रहा है। भारत इसमें उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, सबका साथ, सबका विकास भी विश्व कल्याण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हो सकता है। पीएम मोदी ने साक्षात्कार के दौरान कहा, भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। हमारे राष्ट्रीय जीवन में भ्रष्टाचार, जातिवाद और साम्प्रदायिकता का कोई स्थान नहीं होगा ।
'भारतीयों के पास शानदार मौका'
उन्होंने कहा, जी20 में, हमारे शब्दों और दृष्टिकोण को दुनिया केवल विचारों के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के रोडमैप के रूप में देखती है। आज भारतीयों के पास विकास की नींव रखने का शानदार मौका है जिसे अगले हजारों वर्षों तक याद रखा जाएगा। लंबे समय तक भारत को एक अरब भूखे पेट वाले देश के रूप में देखा जाता था, अब यह एक अरब महत्वाकांक्षी मस्तिष्क और दो अरब कुशल हाथों वाला देश है।
एक दशक से भी कम समय में पांच पायदान की छलांग लगाने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निकट भविष्य में भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा।
पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों को किया खारिज
प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में जी20 की बैठकें कराए जाने को लेकर पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों को खारिज किया और कहा कि देश के हर हिस्से में बैठक करना स्वाभाविक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर अपराध का जिक्र करते हुए इससे लड़ने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा, साइबरस्पेस ने अवैध वित्तीय गतिविधियों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बिल्कुल नया आयाम पेश किया है. साइबर खतरों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
'20वीं सदी की सोच 21वीं सदी में नहीं चलेगी'
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पास लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और विविधता है और अब हम इसमें एक और डी जोड़ रहे हैं और वो डी है डेवलेपमेंट (विकास)। संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 20वीं सदी की सोच 21वीं सदी में नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि यदि बहुपक्षीय बड़े संस्थान समय के साथ नहीं बदलते हैं तो छोटे क्षेत्रीय मंच ज्यादा अहम हो जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को बदलती हकीकत को समझना चाहिए और अपनी प्राथमिकताओं पर फिर से गौर करना चाहिए ताकि सभी को प्रतिनिधित्व मिल सके।
"सोनिया गांधी की स्वास्थ्य में बिगड़, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती"
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को हल्के बुखार के लक्षणों के साथ दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं, उनकी हालत फिलहाल स्थिर हैं। सूत्र ने न्यूज़ एजेंसी ANI को ये जानकारी दी है।सोनिया गांधी इससे पहले भी इसी तरह की स्वास्थ्य दिक्कतों का सामना कर चुकी हैं और पूर्व में इसी अस्पताल में उनका ईलाज चला था।
सोनिया गांधी हाल ही में मुंबई में हुई INDIA की बैठक में शामिल हुईं थी, जहां राहुल गांधी भी पहुंचे थे। इससे पहले इसी साल मार्च में भी उन्हें बुखार की शिकायत के बाद गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में स्वस्थ होने के बाद वह घर लौट आई थीं।
"राहुल गांधी अभी तक पीएम पद के दावेदार के रूप में सबसे आगे - सर्वे"
नई दिल्ली: विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की तरफ से अभी तक पीएम (PM) पद के दावेदार की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन एबीपी न्यूज़ और सी वोटर्स के सर्वे के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इस रेस में बाकी नेताओं के मुकाबले सबसे आगे हैं.
एबीपी न्यूज़ और सी वोटर्स के सर्वे में शामिल लोगों में से 29 प्रतिशत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पीएम पद का प्रमुख दावेदार चुना है. जबकि 9% लोगों ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम लिया. इसके अलावा 6% लोगों ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार, 3% ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, 3% ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, 6% ने शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे का नाम लिया.
लोस चुनाव 2024 का रिजल्ट के बाद फैसला
वहीं 40% ने कहा इनमें से कोई नहीं और 4% ने पता नहीं कहा. मुंबई में इंडिया बैठक में भाग लेने के दौरान बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा है पीएम उम्मीदवार लोकसभा चुनाव 2024 का रिजल्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा.
कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी कहा है कि अभी हमारा लक्ष्य बीजेपी को हराना है. बाकी फैसला लोस चुनाव के बाद लिया जाएगा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने भी कहा कि इस बारे घटक दल मिल कर फैसला लेंगें, लेकिन कार्यकर्ता होने के नाते हम सबकी इच्छा है कि राहुल गांधी ही पीएम बने जबकि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे पास पीएम पद के कई योग्य उम्मीदवार हैं लेकिन बीजेपी के पास सिर्फ एक चॉइस है.
नीतीश कुमार पीएम की रेस में पिछड़े
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि नीतीश प्रधानमंत्री बनने की क्षमता रखते हैं. हालांकि उन्होंने कहा नीतीश कुमार को केवल प्रधानमंत्री पद के लिए ही क्यों मानते हैं, वह राष्ट्रपति पद के लिए भी योग्य हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि पीएम पद की रेस में पिछड़ने के बाद अब उनकी पार्टी के नेता नीतीश को राष्ट्रपति पद के लिए प्रोजेक्ट करने की तैयारी में है.
अच्छी पहल: गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की मदद से छात्रों की खुदकुशी रोकेगी पुलिस
इंदौर। आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस नई पहल की शुरुआत करने जा रही है। इसमें गूगल, डॉक्टर और काउंसलर की सहायता ली जाएगी। आयुक्त राकेश गुप्ता ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़े निकलवाए हैं। इनके आधार पर इंटेलिजेंस से आत्महत्या करने वालों की उम्र, स्थान, कारण का विश्लेषण करवाया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमित सिंह के मुताबिक, इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र है। देशभर के छात्र-छात्राएं कालेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने आते हैं। कई बार पढ़ाई और स्वजन के दबाव में भी बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं।
पिछली घटनाओं में देखा गया कि कई लोगों ने आत्महत्या के पूर्व गूगल सर्च इंजन से जानकारी जुटाई थी। लिहाजा गूगल से करार किया जाएगा। जब भी कोई व्यक्ति तनाव, आत्महत्या की मंशा व्यक्त करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और उससे जुड़े फोटो-वीडियो सर्च करेगा, गूगल तुरंत पुलिस को खबर करेगा।
साइबर एक्सपर्ट मोबाइल नंबर और फोन के आधार पर उस व्यक्ति तक पहुंच सकेंगे। एडी. सीपी के मुताबिक, पुलिस मनोचिकित्सकों और काउंसलर से भी संपर्क में रहेगी। डॉक्टर से ऐसे लोगों का ब्योरा साझा करेगी, जो लगातार अवसाद में चल रहे हैं, उनके अंदर बार-बार आत्महत्या का भाव आता है। ऐसे लोगों को स्वजन और काउंसलर की मदद से समझाया जाएगा।
अकेला छोड़ने पर हुईं घटनाएं
एडी. सीपी अमित सिंह के मुताबिक, पिछली कुछ घटनाओं में देखा गया कि अवसाद का उपचार कर रहे कुछ लोगों ने अकेला छोड़ते ही आत्महत्या कर ली। एक युवती का उपचार कर रहे डॉक्टर ने दवाओं के साथ-साथ अकेला न छोड़ने के बारे में भी लिखा था।
खरगोन के एक एएसआई ने भी अकेले में आत्महत्या कर ली थी। जबकि वह आत्महत्या के एक मामले की जांच करने गया था। ऐसे में डॉक्टर से अवसाद के मरीजों का डेटा लेकर काउंसलिंग की जाएगी।
मेटा से मिलता है साइबर सेल को अलर्ट
मेटा (फेसबुक) से पुलिस को अलर्ट मिलता है। जब भी कोई व्यक्ति आत्महत्या करने के बारे में मैसेज, फोटो और वीडियो साझा करता है तो मेटा साइबर सेल को अलर्ट कर देता है। पुलिस अब गूगल की सहायता लेकर घटनाएं रोकेगी।
आज भी तय करता है प्रदेश के बाजार भाव
इंदौर। 135 वर्ष पहले स्थापित शहर के सियागंज बाजार का दबदबा आज भी कायम है। आज भी यह बाजार प्रदेश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है और प्रदेश के कई शहरों के बाजारों के भाव तय करता है। स्थापना के इतने वर्षों बाद भी इसकी साख और धाक बरकरार है। इसकी वजह है इसकी प्रमाणिकता। यहां की क्वालिटी और दाम का कोई सानी नहीं।
यही वजह है कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के थोक व्यापारी ही नहीं, शहर के खेरची खरीदार भी यहां पहुंचते हैं। शायद ही कोई ऐसा मेवा या किराना आइटम होगा, जिसका व्यापार यहां नहीं होता हो। प्रदेशभर से व्यापारी यहां खरीदारी करने आते हैं। 135 वर्ष के इतिहास में इस बाजार ने कई उतार-चढ़ाव देखे।
समय के साथ शनै-शनै इस बाजार का विस्तार हुआ और किसी समय एक गली में सिमटा यह बाजार और करीब डेढ़ किमी क्षेत्रफल में फैला है। समय के साथ कदमताल करता बाजार आज पार्किंग और जाम की समस्या से जूझ रहा है।
इसलिए प्रसिद्ध है सियागंज
सियागंज अपने गुणवत्तापूर्ण किराना, मसाला और मेवों के लिए प्रसिद्ध है। यह वर्षों से मप्र का प्रमुख थोक बाजार रहा है। इंदौर और आसपास के 100-150 किमी क्षेत्र के व्यापारी यहां खरीदारी करने आते हैं। कई प्रमुख वस्तुएं उनके दाम यहां से खुलते हैं। इसका असर पूरे देश के बाजारों पर पड़ता है।
बाजार का इतिहास : कर मुक्त क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध था सियागंज
वर्ष 1891 में महाराजा शिवाजीराव होलकर के आदेश पर रेलवे स्टेशन के पास सियागंज मंडी स्थापित की गई थी। यह कर मुक्त क्षेत्र था। इस क्षेत्र विशेष में जो भी माल आता-जाता था, उस पर कोई कर नहीं लगाया जाता था, लेकिन निर्धारित क्षेत्र के बाहर माल ले जाने पर कर वसूला जाता था। यही वजह थी कि कुछ ही वर्षों में सियागंज क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित हो गया।
बाहर से आने वाले व्यापारी इस बाजार में अपना माल बेचते और यहीं से अपनी जरूरत की वस्तुएं खरीदकर ले जाते। इस व्यापार पर उन्हें कोई कर नहीं देना पड़ता था। शहर के व्यापारी भी रेल से अपना माल मंगवाकर सियागंज में बेच दिया करते थे। व्यापारियों के अलावा शहर के नागरिक भी यहीं से अपनी जरूरत का सामान खरीदते थे। कर मुक्त क्षेत्र होने की वजह से यहां वस्तुओं का मूल्य अन्य क्षेत्र की दुकानों के मुकाबले कम हुआ करता था।
इन समस्याओं से मिले निजात
सियागंज में बड़ी संख्या में बाहर के व्यापारी आते हैं, लेकिन उनके जान-माल की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। बाजार में एकमात्र पुलिस चौकी है, जिस पर ज्यादातर ताला जड़ा रहता है।
बाजार में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, बावजूद इसके सिर्फ एक सुविधाघर है। महिला सुविधाघर तो है ही नहीं।
पार्किंग के लिए कोई योजना नहीं है। वाहन जहां-तहां खड़े रहते हैं। पूरे क्षेत्र में जाम लगा रहता है।
समय के साथ बाजार में मिलावटी सामान की बिक्री भी होने लगी है। इससे बाजार की साख पर बट्टा लग रहा है। इस पर नियंत्रण जरूरी है।
वर्षाकाल में जलजमाव की समस्या बहुत पुरानी है। इस वजह से तलघर में बनी दुकानों में रखा लाखों रुपये का माल हर साल खराब हो जाता है।
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ा है 20 करोड़ के फर्जीवाड़े का मामला
हैदराबाद। पूर्व क्रिकेटर और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहीं होंगे। अजहर ने ईडी से तैयारी के लिए वक्त मांगा है। अब जल्द नया नोटिस जारी किया जाएगा।
इससे पहले बुधवार सुबह ईडी ने अजहरुद्दीन को नोटिस जारी कर पेश होने को कहा है। अजहर के खिलाफ हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े 20 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच की जा रही है।
इसी मामले में कुछ दिन पहले ईडी ने तेलंगाना में 9 अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा था। आरोप है कि राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए डीजी सेट, अग्निशमन प्रणाली और छतरियों की खरीद में अनियमितताएं की गई हैं।
तब छापेमारी में मिले थे 10.39 लाख की बेहिसाब नकदी
इस केस की शुरुआत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से होती है। ब्यूरो ने मामले में तीन एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी को जांच सौंपी गई, जिसने नवंबर 2023 में छापेमार की। मामला हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के 20 करोड़ रुपये के धन के आपराधिक दुरुपयोग से जुड़ा है।
तब ईडी ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों गद्दाम विनोद, शिवलाल यादव और अरशद अयूब के ठिकानों पर छापे मारे थे। यहां से कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज के साथ ही 10.39 लाख रुपये भी जब्त हुए थे। यह पैसा कहां से आया, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था।
तब ईडी ने जानकारी दी थी कि गद्दाम विनोद की एक प्रॉपर्टी का उपयोग उसके भाई और राजनेता गद्दाम विवेकानंद के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कई कंपनियों के कार्यालय के रूप में किया जा रहा था। जांच आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व क्रिकेटर को तलब किया गया है।
रेस्क्यू टीम ने 3 लोगों को बाहर निकाला
इंदौर। खातीवाला टैंक में बुधवार रात एक मकान में आग लग गई। इस मकान में थीनर और एसिड की अवैध पैकिंग होती थी। आग में पैकिंग कर रहा व्यवसायी कादिर उर्फ दीवानजी की जलने से मौत हो गई। दो महिलाओं और एक युवक को पुलिस व रहवासियों ने रेसक्यु कर निकाल लिया।
एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद यादव के मुताबिक घटना करीब सवा सात बजे की है। पिसोरी ढाबा के पीछे स्थित मकान में आग की लपटे देखकर रहवासियों ने पुलिस को खबर दी। मौके पर दमकलकर्मी और जूनी इंदौर टीआइ अनिल गुप्ता भी पहुंच गए। जिस मकान में आग लगी वो शांतिदेवी सचान का है। पार्किंग के पास बना रूम कादिर खान ने किराये पर ले रखा था। वह थीनर और एसिड की शीशी तैयार कर बैटरीवालों को सप्लाई करता था।
रात में कादिर थीनर और एसिड मिलाने का काम कर रहा था। अचानक थीनर ने आग पकड़ ली और आग भभकते हुए पोर्च में खड़े दोपहिया वाहनों तक जा पहुंची। कादिर को भागने की जगह नहीं मिली और आग में ही घीरा रहा। टीआई के मुताबिक आग की लपटे पहली मंजिल तक जा पहुंची। ऊपर 60 वर्षीय शांतिदेवी और उनका बेटा हेमसौरभ सचान था।
पुलिसकर्मी और नगर सुरक्षा समिति सदस्यों ने रहवासियों की सहायता से शांतिदेवी और हेमसौरभ को दूसरे मकान की बालकनी से सकुशल निकाल लिया। दूसरी मंजिल पर शांति की भाभी ज्योति सचान थी। आग दूसरी मंजिल पर जा पहुंची थी। उन्हें भी पुलिस ने पड़ोसी के मकान पर पहुंचाया और बड़ी घटना होने से बचा ली।
अंग दान करने वालों में 63 प्रतिशत महिलाएं लेकिन प्रत्यारोपण में पुरुषों से पीछे
भोपाल। आज से नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं। नौ दिन तक अलग-अलग रूप में देवी की शक्ति के रूप में आराधना की जाएगी। ऐसी ही हमारे देश की नारी शक्ति है जो समर्पण का अप्रतिम उदाहरण बन रही है। नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) द्वारा जनवरी से दिसंबर, 2023 के बीच देशभर में हुए अंग दान और अंग प्रत्यारोपण के आंकड़े इसका प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं।
कुल किडनी प्रत्यारोपण करवाने वालों में महिलाएं 37 प्रतिशत, लिवर में 30 प्रतिशत, हार्ट में 24 प्रतिशत और पैंक्रियाज में 26 प्रतिशत हैं। फेफड़ा ट्रांसप्लांट में जरूर महिलाओं की संख्या लगभग पुरुषों के बराबर है। बता दें, देश में वर्ष 2013 में 4,990 अंग दान हुए थे जो लगातार बढ़ते हुए 2023 में 18,378 हो गए हैं।
दिल्ली सबसे आगे
वर्ष 2023 में जीवित व्यक्ति के अंग दान के बाद प्रत्यारोपण के मामले में सबसे आगे दिल्ली रहा। यहां 4,275 अंग प्रत्यारोपित हुए। इसके बाद तमिलनाडु में 1,833, महाराष्ट्र में 1,493, केरल में 1,376 और बंगाल में 1,021 अंग प्रत्यारोपित हुए। ब्रेन डेथ लोगों के अंग दान के मामले में सबसे आगे तेलंगाना है।
हालांकि, इनके अंगों के प्रत्यारोपण तमिलनाडु में सर्वाधिक 595 किए गए। इसके बाद क्रमश: तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात हैं। जिन राज्यों में प्रत्यारोपण की सुविधाएं कम हैं वे पिछड़े हैं। मध्य प्रदेश में अब तक कुल 60 ब्रेन डेथ अंग दान हुए हैं।
ब्रेन स्टेम डेथ अंग दान
जब व्यक्ति का ब्रेन काम करना बंद कर देता हैं पर हृदय कुछ देर तक काम करता रहता है। उस अवस्था में छह अंग (हार्ट, लिवर, किडनी, फेफड़ा, पैंक्रियाज और छोटी आंत) दान किए जा सकते हैं।
मैहर, नलखेड़ा, उज्जैन, धार और इंदौर के देवी मंदिरों में माता का आशीर्वाद पाने पहुंच रहे भक्त
इंदौर। आज से शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत हो गई है। इंदौर सहित मालवा और मध्य प्रदेश में कई प्राचीन देवी मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उज्जैन और मैहर में विराजित शक्ति पीठ और नलखेड़ा की मांग बलगामुखी सहित, शहर में विराजित बिजासन माता के मंदिर में मां का आशीर्वाद पाने भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
वैष्णोदेवी मंदिर कटरा की तरह इंदौर शहर के पश्चिम क्षेत्र स्थित बिजासन माता मंदिर में माता के नौ स्वरूप पिंडियों के रूप में विराजित हैं। एक हजार साल पुराने इतिहास वाले मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1760 में महाराजा शिवाजीराव होलकर ने कराया था। माता को सौभाग्यदायिनी माना जाता है। इसके चलते विवाह के बाद दूर-दूर से नवयुगल दर्शन के लिए आते हैं।
देवास : मां चामुंडा व तुलजा भवानी
देवास स्थित पहाड़ी को मां चामुंडा टेकरी, माता टेकरी और देववासिनी पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां छोटी माता मां चामुंडा और बड़ी माता मां तुलजा भवानी विराजित हैं। मंदिर लगभग 1200 वर्ष पुराना है। नवरात्र में पांच लाख से अधिक भक्त आएंगे। यहां अन्य मंदिर भी हैं, जिनमें कालिका माता मंदिर, हनुमान मंदिर, भैरव बाबा मंदिर, खोखो माता मंदिर और अन्नपूर्णा माता मंदिर शामिल हैं। नवरात्र में देशभर से लाखों भक्त आशीर्वाद लेने आते हैं। मुकेश पुजारी के अनुसार नौ दिनों तक दोनों माता का विशेष शृंगार होता है।
हरसिद्धि मंदिर : महिषासुर मर्दिनी स्वरूप में विराजित
इंदौर के मध्य क्षेत्र स्थित हरसिद्धि मंदिर में स्थापित मूर्ति एक हजार साल प्राचीन है। मंदिर का निर्माण 1766 में देवी अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। मराठी शैली में बने मंदिर के सामने दीप स्तंभ हैं और माता का स्वरूप महिषासुर मर्दिनी है। मूर्ति बावड़ी से निकली थी, जो संगमरमर की है। चारभुजाधारी देवी तलवार, त्रिशूल, घंटा और नरमुंड लिए है। पुजारी सुनील शुक्ला के अनुसार घट स्थापना के साथ ही माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और नित नवीन शृंगार होगा।
नलखेड़ा : मां बगलामुखी
आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर है। यहां दर्शन मात्र से मनोकामना पूर्ण होती है। नौ दिन तक लाखों भक्तों का तांता लगता है। तीन मुख वाली त्रिशक्ति माता बगलामुखी का यह मंदिर लखुंदर नदी के किनारे है। मध्य में मां बगलामुखी, दाएं मां लक्ष्मी, बाएं मां सरस्वती हैं। नवरात्र में देश, विदेश से भी भक्त आते हैं। विजय प्राप्ति के लिए यहां तांत्रिक हवन अनुष्ठान किए जाते हैं।
उज्जैन : शक्तिपीठ हरसिद्धि
उज्जैन स्थित शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां माता सती के दाहिनी हाथ की कोहनी गिरी थी। यहां मां हरसिद्धि की मूर्ति पूर्वमुखी होकर श्रीयंत्र पर विराजित है। पीछे माता अन्नपूर्णा, नीचे महाकाली, महालक्ष्मी व सरस्वती विराजित हैं। मान्यता अनुसार मां हरसिद्धि दिन में गुजरात के हर्षद गांव स्थित मंदिर में विराजती हैं तथा रात्रि विश्राम के लिए उज्जैन आती हैं, इसीलिए उज्जैन में इनकी संध्या आरती का विशेष महत्व है।
महिला का दबाया गला... चिल्लाने पर पड़ोसी आए तो बची जान
भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके टीटी नगर की पत्रकार कालोनी में एक बदमाश महिला का पीछा करते हुए घर में घुस गया और लूट का प्रयास किया। महिला ने शोर मचाया तो उसने महिला का गला दबा दिया। आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो बदमाश भागने लगा और पहली मंजिल से कूद गया। इससे वह चोटिल हो गया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। महिला की शिकायत पर टीटी नगर थाना पुलिस ने बदमाश के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। घटना के समय मकान मालिक आरसी जोशी घर में मौजूद नहीं थे। वे अपनी पत्नी के साथ किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने गए थे।
ब्यूटी पार्लर चलाती है महिला
लूट के इरादे से घुसा था बदमाश
नशे का आदी है आरोपित
काम बंद होने से आवेदक परेशान
इंदौर। नायता मुंडला स्थित परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड प्रिंटिंग का काम करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी ने काम बंद कर दिया है। यहां कंपनी द्वारा प्रतिदिन करीब एक हजार कार्ड प्रिंट किए जाते थे। यह काम पूरी तरह से बंद होने से आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें प्रिंट किए हुए ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं मिल पाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि नई एजेंसी तय होने में करीब दो माह का समय लग सकता है। इंदौर परिवहन कार्यालय में प्रतिदिन 450 ड्राइविंग लाइसेंस, 350 रजिस्ट्रेशन और करीब 200 के फाइनेंस कटौती और डुप्लीकेट के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं। नवरात्र में शहर में हजारों वाहन की बिक्री होगी।
इन सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन में तो कोई परेशानी नहीं आएगी, लेकिन वाहन स्वामियों को कार्ड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। कार्ड बनाने वाली स्मार्ट चिप कंपनी ने प्रदेश और इंदौर के परिवहन कार्यालय से कामकाज समेट लिया है। इस वजह से एक अक्टूबर से प्रिंटिंग का काम पूरी तरह से बंद हो गया।
ऑनलाइन दस्तावेज होंगे मान्य आरटीओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और वाहनों के रजिस्ट्रेशन का कार्य पूर्व की तरह जारी रहेगा। इसमें किसी तरह की परेशानी आवेदकों को नहीं आएगी। कुछ समय के लिए कार्ड प्रिंट होकर नहीं मिल पाएंगे। इसके लिए आवेदक प्रिंट निकाल कर रख सकते हैं।
एक्सटेंशन 30 सितंबर को खत्म
परिवहन विभाग में कार्ड प्रिंटिंग का काम 22 साल से स्मार्ट चिप कंपनी कर रही थी। कंपनी का कार्यकाल 2022 में खत्म हो गया था। इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा कंपनी को बार-बार एक्सटेंशन दिया जा रहा था। एक्सटेंशन का कार्यकाल भी 30 सितंबर को खत्म हो गया। परिवहन विभाग ने कंपनी को दिसंबर तक काम संभालने का अनुरोध किया, लेकिन कंपनी ने इस कार्य से इन्कार कर दिया।
व्रत-उपवास के लिए अब बाजार में आई पैकेट बंद साबूदाने की खीर
इंदौर। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ ने इस बार नवरात्र को लेकर नवाचार किया है। पहली बार संघ ने अपने ब्रांड सांची के जरिए नवरात्र में उपवास रखने वाले भक्तों के लिए साबूदाना की खीर तैयार की है। खीर के 100 ग्राम के कप बाजार में आ गए हैं। इसके बाद से ही डिमांड बढ़ती जा रही है।
बता दें कि सांची द्वारा व्रतधारी लोगों के लिए पेड़ा, रबड़ी, उपवास की छाछ और दही भी बाजार में विक्रय किया जा रहा है। व्रत के दौरान साबूदाना का उपयोग सबसे अधिक होता है। घरों में इसकी खिचड़ी और खीर बनाई जाती है।
कुछ माह पहले दुग्ध महासंघ भोपाल द्वारा साबूदाने की खीर बनाकर टेस्टिंग की गई थी। इसके बाद रेसिपी इंदौर भेजी गई। इंदौर दुग्ध संघ ने गणेश चतुर्थी पर इस खीर को लांच कर दिया था। यह खीर 100 ग्राम के कप में 25 रुपये कीमत में सांची के सभी आउटलेट और एजेंसी पर उपलब्ध है। संघ के सीईओ दीपक शर्मा ने बताया कि करीब 20 दिन पहले खीर लांच की गई थी।
पेड़ा और रबड़ी हुए प्रसिद्ध
संघ द्वारा सांची ब्रांड से उपवास के लिए पेड़ा और रबड़ी भी लांच की जा चुकी है। इन दोनों प्रोडक्ट ने कम समय में ही अपनी पहचान बना ली है। महाप्रबंधक संदीप शरणागत ने बताया कि साबूदाने की खीर को सामान्य तापमान में कुछ समय ही सुरक्षित रखा जा सकता है। व्रत में साबूदाने का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। सबसे ज्यादा लोग इसकी खीर और खिचड़ी पसंद करते हैं।
इंदौर के देवी पंडालों में सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से नजर रखेगी पुलिस
इंदौर। नवरात्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट है। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के बाद और भी सतर्कता रखी जा रही है। पुलिस ने समस्त गरबा आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। निगरानी के लिए पुलिस भी ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगी। इसके साथ ही उन लोगों की सूची भी बनाई जा रही है जो पूर्व में विवाद कर चुके हैं।
पुलिस आयुक्त (एडीजी) राकेश गुप्ता ने बुधवार को डीसीपी से लेकर एसीपी तक की बैठक ली। सभी अधिकारियों से कहा कि गरबा पंडाल और दुर्गा पूजन स्थलों की सूची बनाएं। आयोजकों, सदस्यों का सत्यापन करें। आयोजन की अनुमति ली है या नहीं इसकी भी पड़ताल करें।
संवेदनशील इलाकों में तैनात होगा अतिरिक्त बल
पहले कलेक्टर कार्यालय से अनुमति मिलती थी। कमिश्नोरेट के बाद एसीपी कार्यालयों से अनुमति लेना पड़ती है। शांति व्यवस्था बनाने के लिए शांति समिति की बैठक करके नागरिकों से समन्वय स्थापित करें। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात करने और ड्रोन कैमरे से पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए। जो लोग पूर्व में विवादों में लिप्त हैं उन्हें बाउंड ओवर करने को भी कहा गया।
गाजा में इजरायली हमलों में 8,700 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत....
गाजा। गाजा पट्टी में पिछले 25 दिनों में इजरायली हमलों में 8,700 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए और 22,000 से अधिक घायल हुए हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर लिखा, फिलिस्तीन में शहीद: गाजा पट्टी में 8730, वेस्ट बैंक में 130। उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी में घायल लोगों की संख्या 22,000 और वेस्ट बैंक में लगभग 2,100 तक पहुंच गई है।
राहुल गाँधी ने रायबरेली से दाखिल किया नामांकन
रायबरेली , कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है ,इस मोके पर उनके साथ कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और रॉबर्ट वाद्रा समेत अन्य नेता मौजूद रहे है।
अमेठी और रायबरेली उत्तर प्रदेश की इन दोनों लोकसभा सीटों पर लंबे समय से गांधी परिवार के सदस्य चुनाव लड़ते रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इन सीटों को गांधी-नेहरू परिवार के गढ़ के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि, इस बार कांग्रेस ने अमेठी संसदीय सीट से गैर-गांधी परिवार वाले व्यक्ति को अपना उम्मीदवार बनाया है।
गौरतलब है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी अमेठी सीट से चुनाव लड़े थे। लेकिन उन्हें भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़े थे, जहां से जीत हासिल कर वह संसद पहुंचे। राहुल गांधी ने इस बार भी वायनाड से चुनाव लड़ा है।
साल 2019 में सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद चुनी गई थीं। इस बार स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा है। सोनिया गांधी राज्यसभा के जरिए संसद पहुंची हैं। ऐसे में सोनिया गांधी द्वारा खाली की गई सीट पर राहुल चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
वहीं अमेठी सीट से उम्मीदवार बनाए गए किशोरी लाल शर्मा को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है। खास बात यह है कि किशोरी लाल शर्मा सोनिया गांधी के रायबरेली से सांसद रहते हुए, इस सीट पर सांसद प्रतिनिधि के रूप में काम करते आए हैं।
रायबरेली और अमेठी में 20 मई को मतदान होना है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की रायबरेली और शर्मा के अमेठी सीट पर नामांकन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
वहीं भाजपा ने अमेठी से एक बार फिर स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर रायबरेली सीट से भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह मैदान में हैं। वह साल 2019 में भी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन उन्हें सोनिया गांधी ने बड़े अतंर से हराया था।
गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी ने रायबरेली से राजनीतिक सफर शुरू किया
रायबरेली , कांग्रेस की पैतृक लोकसभा सीट पर शुक्रवार 3 मई 2024 को नया इतिहास बन गया । राहुल गांधी रायबरेली लोकसभा सीट से नामांकन कर गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी का रायबरेली से राजनीतिक सफर शुरू किया । कांग्रेस के युवराज ने मां सोनिया गांधी की रायबरेली में राजनीतिक विरासत को संभाल लिया । रायबरेली लोकसभा सीट के इतिहास की बात करें तो सबसे पहले 1952 में फिरोज गांधी ने चुनाव लड़े और जीते। उसके बाद 1958 में भी उन्होंने चुनाव जीता। उनके निधन के बाद 1967 के चुनाव में इंदिरा गांधी ने इस सीट से पर्चा भरकर राजनीतिक पारी की शुरुआत की। ऐसे में यह सीट गांधी परिवार की विरासत बन गई। 2004 में इंदिरा गांधी की बहू सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा और पांच बार सांसद चुनी गईं। अब सोनिया गांधी के बेटे राहुल गांधी लोकसभा सीट से उतर कर गांधी परिवार की विरासत को संभालने जा रहे हैं।
सांसद सोनिया गांधी ने राज्यसभा में जाने से पहले रायबरेलीवासियों के नाम मार्मिक पत्र लिखा था, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसी के बाद से कयास लगाए जाते रहे कि गांधी परिवार से कोई न कोई चुनाव रायबरेली से जरूर लड़ेगा। यहां से प्रियंका गांधी का नाम चल रहा था, लेकिन एऐन मौके पर उनके भाई राहुल गांधी के चुनाव लड़ने का एलान कर दिया गया।
1952- फिरोज गांधी (कांग्रेस)
1958- फिरोज गांधी (कांग्रेस)
1962- ब्रजलाल (कांग्रेस)
1967- इंदिरा गांधी (कांग्रेस)
1971- इंदिरा गांधी (कांग्रेस)
1977- राजनारायण (बीकेडी)
1980- इंदिरा गांधी (कांग्रेस)
1981-अरुण नेहरू ( कांग्रेस) उपचुनाव
1984- अरूण नेहरू (कांग्रेस)
1989- शीला कौल (कांग्रेस)
1991- शीला कौल (कांग्रेस)
1996- अशोक सिंह (भाजपा)
1998- अशोक सिंह (भाजपा)
1999- कैप्टन सतीश शर्मा(कांग्रेस)
2004- सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2006-सोनिया गांधी (कांग्रेस) उपचुनाव
2009- सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2014-सोनिया गांधी (कांग्रेस)
2019-सोनिया गांधी (कांग्रेस)
सर्वे की आड़ में वोटर्स की जानकारी लेना बंद करें राजनीतिक दल : चुनाव आयोग
आयोग ने हिदायत देते हुए जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली ,लोकसभा चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने एक एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने जारी अपनी एडवाइजरी में सख्त हिदायत दी है कि वो सर्वे के नाम पर मतदाताओं से चुनाव के बाद फायदे वाले स्कीम से जुड़ा पंजीकरण कराना बंद करें। आयोग का मानना है कि ऐसे सर्वे से वोटिंग प्रभावित होती है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया है। पार्टियां और उम्मीदवार सर्वे की आड़ में मतदाताओं का विवरण मांग रहे हैं। इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। आयोग ने कहा कि इसके जरिए मतदाताओं को पंजीकरण के लिए आमंत्रित किया जाता है जो एक तरह से प्रलोभन है। ऐसे मामले में चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
आयोग की ओर से जारी एडवाइजरी में जिन गतिविधियों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है उनमें ये गतिविधियां शामिल हैं:
समाचार पत्रों में विज्ञापन के जरिए वोटर्स को मोबाइल पर मिस्ड कॉल देकर या टेलीफोन नंबर पर कॉल कर लाभ के लिए खुद को पंजीकृत करने के लिए कहना।
गारंटी कार्डों के लिए पैम्फलेट द्वारा व्यक्तिगत लाभ चाहने वालों से उनका विवरण जैसे नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर, बूथ संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का नाम और संख्या आदि मांगना।
मतदाताओं की जानकारी जैसे नाम, राशन कार्ड नंबर, पता, फोन नंबर, बूथ नंबर, बैंक खाता नंबर, मांगने वाले फॉर्म का वितरण कराना।
वेब प्लेटफॉर्म या वेब/मोबाइल एप्लिकेशन का प्रचार या प्रसार का इस्तेमाल राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों द्वारा करना और इसके जरिए मतदाताओं का विवरण जैसे नाम, पता, फोन नंबर, बूथ नंबर, निर्वाचन क्षेत्र का नाम और नंबर आदि मांगा जाना।
लोगों से उन्हें मिल रही लाभकारी योजनाओं के साथ-साथ नाम, पति/पिता का नाम, संपर्क नंबर, पता आदि के बारे में जानकारी जुटाना।