व्यापार
पिछले वर्ष की तुलना में जून 24 में कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि
जून 2024 के दौरान भारत का कोयला उत्पादन 84.63 मीट्रिक टन (अनंतिम) तक पहुंच गया। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, जो 73.92 मीट्रिक टन थी। जून 2024 के दौरान, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने 63.10 मीट्रिक टन (अनंतिम) कोयला उत्पादन हासिल किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, जब यह 57.96 मीट्रिक टन था। इसके अतिरिक्त, जून 2024 में कैप्टिव/अन्य द्वारा कोयला उत्पादन 16.03 मीट्रिक टन (अनंतिम) रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 55.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, जो तब 10.31 मीट्रिक टन था।
जून 2024 के दौरान भारत का कोयला डिस्पैच 85.76 मीट्रिक टन (अनंतिम) तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.15 प्रतिशत अधिक है, जब यह 77.86 मीट्रिक टन दर्ज किया गया था। जून 2024 के दौरान, सीआईएल ने 64.10 मीट्रिक टन (अनंतिम) कोयला डिस्पैच किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 60.81 मीट्रिक टन की तुलना में 5.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, जून में कैप्टिव/अन्य द्वारा कोयला डिस्पैच 16.26 मीट्रिक टन (अनंतिम) दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 43.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, जो 11.30 मीट्रिक टन था।
इसके अतिरिक्त 30 जून, 2024 तक, कोयला कंपनियों के पास विद्यमान कोयले के स्टॉक में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जो 95.02 मीट्रिक टन (अनंतिम) तक पहुंच गई। यह उछाल कोयला क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन और दक्षता को रेखांकित करते हुए 41.68 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक वृद्धि दर्शाती है। इस दौरान, थर्मल पावर प्लांट्स (टीपीपी) में कोयले का स्टॉक भी उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 46.70 मीट्रिक टन (अनंतिम) हो गया, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 30.15 प्रतिशत रही।
प्रधानमंत्री के "आत्मनिर्भर भारत" के विजन के अनुरूप, कोयला मंत्रालय द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास और रणनीतिक पहल की जा रही है।
पहली बार सेंसेक्स 80 हजार के पार , शेयर बाजार में मजबूती,
घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार को रिकॉर्ड स्तरों पर कारोबार की शुरुआत हुई। इस दौरान पहली बार सेंसेक्स 80 हजार के पार पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 24300 के स्तर के करीब पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार को रिकॉर्ड स्तरों पर कारोबार की शुरुआत हुई।
बुधवार को सेंसेक्स पहली बार 80 हजार के पार पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 24300 के स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 460.66 (0.57%) अंक मजबूत होकर 79,918.97 पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी 134.31 (0.56%) अंक चढ़कर 24,258.15 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार ऑल टाइम हाई पर खुला, सेंसेक्स पहली बार 80,000 के पार
मुंबई । भारतीय शेयर बाजार बुधवार को रिकॉर्ड हाई पर खुला है। बाजार के मुख्य सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में ही क्रमश: 80,039 और 24,292 का नया ऑल टाइम हाई बनाया। बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। एनएसई पर 1708 शेयर हरे निशान में और 343 शेयर लाल निशान में हैं। सुबह 9:22 पर सेंसेक्स 481 अंक या 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,923 और निफ्टी 133 अंक या 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,257 पर था।
बैंकिंग शेयर बाजार को ऊपर खींचने का काम कर रहे हैं। निफ्टी बैंक 707 अंक या 1.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,937 पर है। सेंसेक्स पैक में एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस का शेयर टॉप गेनर है। टीसीएस, सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और विप्रो टॉप लूजर्स हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि बाजार का रुख आज सकारात्मक रह सकता है।
एमएससीआई इंडेक्स में वेटेज बढ़ने की संभावना के कारण एचडीएफसी बैंक स्पॉटलाइट में रह सकता है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 258 अंक या 44 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,112 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 108 अंक या 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,617 पर है।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में बने हुए हैं। चॉइस ब्रोकिंग में रिसर्च एनालिस्ट, देवेन मेहता का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,250 और फिर 24,300 और 24,400 एक रुकावट का कार्य करेंगे। हालांकि, 24,100, 24,000 और 23,950 एक मजबूत सपोर्ट की भूमिका निभाएंगे।
आज से महंगे हो गए Airtel और Jio के रिचार्ज
नई दिल्ली । Airtel और Jio के प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान आज यानी 3 जुलाई से महंगे हो गए हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने अपने मोबाइल टैरिफ को 11 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। वहीं, Vi (Vodafone-Idea) के प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान भी कल यानी 4 जुलाई से महंगे हो जाएंगे। टेलीकॉम कंपनियों ने ARPU यानी एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर को बढ़ाने के लिए मोबाइल टैरिफ में यह बढ़ोतरी की है।
रिलायंस जियो ने अपना 4जी फ़ोन ‘जियो भारत V2’ को लॉन्च कर दिया है,कीमत सिर्फ...
रिलायंस जियो ने अपना 4जी फ़ोन ‘जियो भारत V2’ को लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत 999 रु रखी गई है। रिलायंस जियो केवल 4जी और 5जी नेटवर्क ही ऑपरेट करता है। रिलायंस जियो का दावा है कि ‘जियो भारत V2’ के दम पर कंपनी 10 करोड़ से अधिक ग्राहक जोड़ लेगी।
‘जियो भारत V2’ सबसे सस्ता फोन है। यह 999 रु के दाम पर उपलब्ध है। ‘जियो भारत V2’ का मासिक प्लान भी सबसे सस्ता है। इसके लिए ग्राहकों को 28 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान के लिए 123 रु चुकाने होंगे।
जबकि अन्य ऑपरेटर्स के वॉयस कॉल और 2जीबी वाले मासिक प्लान्स की शुरुआत ही 179 रु से होती है। इसके अलावा ‘जियो भारत V2’ के ग्राहकों को कंपनी 14 जीबी 4जी डेटा देगी। मतलब आधा जीबी प्रति दिन के हिसाब से मिलेगा। जियो भारत V2’ पर वार्षिक प्लान भी है जिसके लिए ग्राहक को 1234 रु चुकाने होंगे। कंपनी ने 7 जुलाई से ‘जियो भारत V2’ का बीटा ट्रायल शुरु करने की घोषणा की है। कंपनी का इरादा ‘जियो भारत V2’ को 6500 तहसीलों पर ले जाने का है।
देश में निर्मित और मात्र 71 ग्राम वजनी ‘जियो भारत V2’ 4जी पर काम करता है, इसमें एचडी वॉयस कॉलिंग, एफएम रेडियो, 128 जीबी का एसडी मेमरी कार्ड सपोर्ट जैसे फीचर हैं। मोबाइल में 4.5सेंमी. की टीएफटी स्क्रीन, 0.3 मेगापिक्सल का कैमरा, 1000 mAh की बैटरी, 3.5 mm का हेडफोन जैक, पावरफुल लाउडस्पीकर और टार्च मिलती है। ‘जियो भारत V2’ मोबाइल के ग्राहकों को जियोसिनेमा के सब्सक्रिप्शन के साथ जियो-सावन के 8 करोड़ गानों का एक्सेस भी मिलेगा। ग्राहक जियो-पे के जरिए यूपीआई पर लेनदेन भी कर सकेंगे। भारत की कोई भी प्रमुख भाषा बोलने वाला ग्राहक ‘जियो भारत V2’ में आपकी भाषा में काम कर सकेगा। यह मोबाइल 22 भारतीय भाषाओं में काम कर सकता है।
"क्रिप्टो मार्केट में गिरावट, बिटकॉइन 31200 डॉलर के नीचे; अन्य क्रिप्टो टोकन भी देखे गए जानिए अन्य का हाल"
अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा नीतिगत दरों को और सख्त करने की चिंताओं के बीच क्रिप्टो बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन कमजोरी देखी गई। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) 1.46 फीसदी गिरकर 30,155 डॉलर के स्तर पर आ गई है. वहीं इथेरियम का रेट भी 1900 डॉलर से नीचे गिर गया।
वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप में कमी
पिछले 24 घंटों में बिकवाली के दबाव के कारण वैश्विक क्रिप्टो बाजार के कुल पूंजीकरण में 1.76 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इस तरह ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप 1.17 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया है. वहीं, बिटकॉइन का बाजार पूंजीकरण करीब 586 अरब डॉलर है। कॉइन मार्केटकैप के मुताबिक पिछले 24 घंटे में बिटकॉइन का दबदबा 0.32 फीसदी बढ़कर 49.97 फीसदी पर पहुंच गया है.
यूनोकॉइन के सह-संस्थापक और सीईओ सात्विक विश्वनाथ ने कहा कि बिटकॉइन को 30,000 के स्तर पर काफी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है, जिससे संकेत मिलता है कि बिटकॉइन में रिबाउंड देखने को मिल सकता है। डबल-टॉप पैटर्न के कमजोर होने और तेजी की गति के कमजोर होने से संकेत मिल रहा है कि बिटकॉइन बाजार में एकीकरण देखने को मिल सकता है और इसे 100-दिवसीय चलती औसत के साथ $28,000 पर समर्थन मिल सकता है।
आइए जानते हैं प्रमुख क्रिप्टो टोकन की कीमत
बिटकॉइन 1.47 फीसदी की गिरावट के साथ 30,155 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था. इसी तरह इथेरियम 3.45 फीसदी की गिरावट के साथ 1,855 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था. बीएनबी 2.89 प्रतिशत गिरकर 233.9 डॉलर पर आ गया।
एक्सआरपी में 2.32 फीसदी, कार्डानो में 1.40 फीसदी, डॉगकॉइन में 3.04 फीसदी, सोलाना में 2.85 फीसदी, पॉलीगॉन में 1.75 फीसदी, लाइटकॉइन में 7.17 फीसदी, पोल्का डॉट में 2.80 फीसदी, शिबू इनु में चार फीसदी के साथ कारोबार हो रहा था.
गौठान में मिर्च की खेती कर महिलाएं हो रही मालामाल
समूह की महिलाओं ने बताया कि अभी तक उनके द्वारा 4 बार मिर्च की तोड़ाई की गई है तथा आने वाले समय में 04 से 05 बार मिर्च की तोड़ाई और की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल एवं मण्डी में मिर्च की आवक कम होने पर और आमदनी प्राप्त होगी। समूह के सदस्यों ने बताया कि अम्बिकापुर के थोक विक्रेता नियमित रूप से बाड़ी में पहुंचकर उनसे मिर्च की खरीदी करते हैं, जिससे उन्हें बाड़ी में ही मिर्च का उचित दाम मिल जा रहा है। महिला समूह की सदस्यों ने बताया कि बदलते सूचना तकनीकों से हम अब जागरूक हो रहे हैं। हमें मण्डी के भाव की जानकारी प्राप्त हो जाती है। जिसका लाभ हमें बाड़ी से उत्पादित फसलों को उचित दाम में विक्रय करने के लिए होता है। उन्होंने बताया कि आगामी शीत ऋतु में हम उद्यान विभाग की सहायता से मटर, गोभी, आलू आदि सब्जियों की खेती करेंगे।
बंधन बैंक ने दो नए लॉन्च के साथ मनाया स्थापना दिवस
• बचत खाता उत्पाद, अवनी को विशेष रूप से महिला ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया है
"अडानी समूह के शेयरों में तेजी, 10 में से 8 शेयरों में बढ़ोतरी"
अडानी ग्रुप के शेयरों में आज काफी अच्छी रिकवरी देखने को मिली. समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से 8 के शेयर आज बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, दो शेयर लाल निशान के साथ कारोबार कर रहे थे। अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी ग्रीन, अदानी एनर्जी और अदानी पोर्ट्स समेत कई शेयर एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. वहीं, एसीसी सीमेंट्स और अदानी विल्मर के शेयर लाल निशान के साथ कारोबार कर रहे थे.
इन शेयरों में रही तेजी
अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (अडानी एंटरप्राइजेज शेयर प्राइस): अदानी ग्रुप की इस प्रमुख कंपनी के शेयर 1.02 फीसदी की बढ़त के साथ 2,444 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे. इससे पहले गुरुवार को इस शेयर की कीमत 2,419.25 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही थी.
अदानी ग्रीन एनर्जी शेयर प्राइस: यह शेयर 1.16 फीसदी की बढ़त के साथ 939.45 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. पिछले सत्र में इस शेयर का भाव 928.65 रुपये के स्तर पर था.
अदानी टोटल गैस शेयर प्राइस: यह स्टॉक 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 638 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में अदानी टोटल गैस का शेयर भाव 635.80 रुपये के स्तर पर था.
अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस शेयर मूल्य: अदानी ग्रुप की इस कंपनी के शेयर 1.71 फीसदी की बढ़त के साथ 825.85 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इससे पहले गुरुवार को अडाणी एनर्जी का शेयर भाव 811.95 रुपये के स्तर पर था.
अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports Share Price): अदानी पोर्ट्स के शेयर 1.22 फीसदी की बढ़त के साथ 801.90 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. पिछले सत्र में इस शेयर का भाव 792.20 रुपये के स्तर पर था.
यह शेयर 2.55 फीसदी की बढ़त के साथ 329.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले गुरुवार को इस शेयर की कीमत 321.30 रुपये के स्तर पर थी.
एनडीटीवी (NDTV Share Price): यह शेयर 0.58 फीसदी की बढ़त के साथ 215.55 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. पिछले सत्र में इस शेयर का भाव 214.30 रुपये के स्तर पर था.
अंबुजा सीमेंट्स शेयर प्राइस: यह शेयर 0.97 फीसदी की बढ़त के साथ 432.55 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. पिछले सत्र में इस शेयर का भाव 428.40 रुपये के स्तर पर था.
अडानी के ये शेयर गिरे
एसीसी सीमेंट्स (एसीसी शेयर प्राइस): यह शेयर 0.087 फीसदी की गिरावट के साथ 2,004 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले गुरुवार को इस शेयर की कीमत 2005.75 रुपये के स्तर पर थी.
यह शेयर 1.34 फीसदी की गिरावट के साथ 354.70 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. पिछले सत्र में इस शेयर का भाव 359.50 रुपये के स्तर पर था.
"Amazon की डील सेल: Samsung Galaxy S22 5G स्मार्टफोन को 33% डिस्काउंट पर देखे..."
बढ़िया कीमत पर प्रीमियम सेल फोन खरीदने का यह शानदार मौका है. Amazon की डील सेल में आप दमदार Samsung Galaxy S22 5G स्मार्टफोन को RRP से काफी सस्ते में खरीद सकते हैं.
8GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले इस फोन की MSRP 85,999 रुपये है. Amazon India डील से आप 33% डिस्काउंट के साथ 57,999 रुपये में ऑर्डर कर सकते हैं. कंपनी फोन पर 8,000 रुपये की Bank छूट भी दे रही है.
एक्सचेंज ऑफर से फोन की कीमत 32,700 रुपये तक कम हो सकती है. स्टॉक मार्केट और बैंकिंग डील्स के साथ यह फोन आपको 40,700 रुपये सस्ता मिल सकता है. कृपया ध्यान दें कि एक्सचेंज छूट आपके पुराने फोन की स्थिति और ब्रांड के आधार पर भिन्न होती है.
Samsung Galaxy S22 5G के इस स्मार्टफोन में 6.1 इंच का फुल एचडी+ डिस्प्ले है. यह डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. कंपनी का यह 5G फोन 8GB रैम और 256GB तक के इंटरनल स्टोरेज के साथ उपलब्ध है.
इस फोन को स्नैपड्रैगन 8 जेन 1 चिपसेट पावर देता है. मोबाइल फोटोग्राफी के लिए इसमें पीछे की तरफ एलईडी फ्लैश के साथ 3 कैमरे लगे हैं.
Samsung Galaxy S22 5G में 50-मेगापिक्सल के मुख्य सेंसर के साथ 12-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड सेंसर और 10-मेगापिक्सल का टेलीफोटो सेंसर है. सेल्फी के लिए इसमें 10 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है.
बैटरी की बात करें तो इस फोन में 3700mAh की बैटरी है. यह बैटरी 25W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. खास बात यह है कि सैमसंग का यह स्मार्टफोन 15W वायरलेस चार्जिंग भी ऑफर करता है. फोन काले, सफेद और फैंटम हरे रंगों में उपलब्ध है और एंड्रॉइड 12 पर आधारित सैमसंग के वन यूआई पर चलता है.
"2023 Tata Nexon Facelift लॉन्च, जानें इस पॉपुलर कार के नए डिज़ाइन और फीचर्स"
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कंपनी ने Tata Nexon Facelift को रिवील कर दिया है. जी हां, अगले महीने 14 सितंबर को टाटा मोटर्स के साथ ही देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट एसयूवी नेक्सॉन के फेसलिफ्टेड मॉडल लॉन्च होने जा रहे हैं. टाटा नेक्सॉन ने बीते 4-5 वर्षों के दौरान 10 लाख रुपये से सस्ती एसयूवी वाले सेगमेंट में ग्राहकों के बीच जबरदस्त पकड़ बनाई है और अब कंपनी इसे मौजूदा मॉडल के मुकाबले काफी सारे कॉस्मैटिक बदलावों और बेहतर इंजन के साथ पेश करने वाली है. नेक्सॉन के पेट्रोल और डीजल मॉडल के साथ ही इलेक्ट्रिक वेरिएंट, यानी नेक्सॉन ईवी के भी फेसलिफ्टेड मॉडल अगले महीने ग्राहकों के दिलों पर जादू करने आ रहे हैं.
Tata Nexon Facelift की डिजाइन
डिजाइन की बात करें तो बाहर की तरफ, Tata Nexon Facelift में मोटे ऊपरी ग्रिल सेक्शन के साथ स्प्लिट-हेडलैंप सेट-अप मिलता है, जिस पर टाटा मोटर्स का लोगो लगा है. हेडलाइट्स के निचले हिस्से को एक बड़ी ग्रिल के साथ एक ट्रेपोज़ॉइडल हाउसिंग में रखा गया है, जिसके आर-पार एक मोटी प्लास्टिक पट्टी लगी हुई है. रिफ्रेश हुए नेक्सन में नए एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट सिग्नेचर भी मिलते हैं.
अपग्रेड की बात करें तो नेक्सन फेसलिफ्ट में नई एक्सेंट लाइन के अलावा बहुत कुछ नहीं बदला है. पीछे की तरफ, अपडेटेड नेक्सन में पूरी-चौड़ाई वाली एलईडी लाइट है, जिसके बीच में टाटा मोटर्स का लोगो है. रिवर्स लाइट टेल-लाइट हाउसिंग से बम्पर तक चली गई है. पहले की तरह, नंबर प्लेट को बम्पर में रखा गया है, जिसमें एक फॉक्स स्किड प्लेट भी है. नेक्सन फेसलिफ्ट का ग्राउंड क्लीयरेंस पहले जैसा ही 208mm है.
क्या कुछ नया मिलेगा?
आगामी टाटा नेक्सॉन फेसलिफ्ट (Tata Nexon Facelift) की कुछ नई और खास बातें बताएं तो इसमें नए डिजाइन की अलॉय व्हील, नए डिजाइन के टेललैंप, 10.25 इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, बेहतर डिजाइन वाले डैशबोर्ड, नई 2-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, टच-बेस्ड HVAC कंट्रोल पैनल जैसी खूबियां दिखेंगी.
इंटीरियर में होंगे ये बदलाव?
नेक्सॉन ईवी के इंटीरियर में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जाएंगे, क्योंकि ये कॉम्पैक्ट एसयूवी एक नए डिजाइन वाले सेंटर कंसोल और डैशबोर्ड के साथ आएगी. अपडेटेड टू-टोन डैशबोर्ड चिकने एचवीएसी वेंट को सक्षम करेगा जबकि रोटरी ड्राइव सेलेक्टर को आगे बढ़ाया जाएगा. इसमें नए स्टोरेज स्पेस भी देखने को मिल सकते हैं.
Tata Nexon Facelift का पावरट्रेन और वेरिएंट
नेक्सन फेसलिफ्ट 120hp, 170Nm, 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ जारी रहेगा जो अब चार गियरबॉक्स – एक 5-स्पीड मैनुअल, एक 6-स्पीड मैनुअल, एक 6-स्पीड AMT और एक 7 के साथ उपलब्ध है. दूसरी ओर, 115hp, 160Nm, 1.5-लीटर डीजल को 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड AMT के साथ जोड़ा गया है.
जैसा कि हमने पहले बताया था , टाटा मोटर्स ने ‘X’ से शुरू होने वाले मौजूदा नाम – XE, XM, XM+, XZ+ और XZ+ Lux – को हटा दिया है. नेक्सन फेसलिफ्ट के नए ट्रिम नाम हैं – स्मार्ट, स्मार्ट+, स्मार्ट+ (एस), प्योर+, प्योर+ (एस), क्रिएटिव, क्रिएटिव+, क्रिएटिव+ (एस), फियरलेस, फियरलेस (एस) और फियरलेस+ (एस) ट्रिम्स. ‘+’ कई फीचर्स को दर्शाता है, वहीं (एस) सनरूफ के साथ ट्रिम्स को डिस्प्ले करता है.
Nexon EV फेसलिफ्ट
यह इंडिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी है. इस फेसलिफ्ट वर्जन में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि इसमें पेट्रोल वर्जन की तरह ही बदलाव किए जाएंगे. इस कार को महिंद्रा एक्सयूवी 400 से कड़ी टक्कर मिलने वाली है.
GST Collection: जीएसटी कलेक्शन की रफ्तार 3 साल में सबसे कम, देखें आंकड़ा
नई दिल्ली: सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 6.5% बढ़कर 1,73,240 करोड़ रुपये रहा। बीते महीने जीएसटी कलेक्शन की बढ़ोतरी की रफ्तार तीन साल में सबसे कम रही। इस बार इसमें सुस्ती की सबसे बड़ी वजह घरेलू स्रोत रहे क्योंकि आयात सहित इंटिग्रेटेड जीएसटी में सितंबर में 8.8% की वृद्धि दर्ज की। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सेंट्रल जीएसटी कलेक्शन 5.4% बढ़कर 31,422 करोड़ रुपये रहा जबकि स्टेट जीएसटी कलेक्शन में 4.3% की बढ़ोतरी हुई। कलेक्शन ग्रोथ में सुस्ती की एक वजह देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ हो सकती है।मजबूत मॉनसून ने कई राज्यों में सामान्य जीवन को प्रभावित किया। उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश में 4% की गिरावट देखी गई। राज्य में कई जिले बाढ़ की चपेट में रहे। इसी तरह गुजरात में जीएसटी कलेक्शन में कोई बदलाव नहीं हुआ। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर ने जीएसटी कलेक्शन में 33% गिरावट देखने को मिली। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और नागालैंड भी घाटे में रहे। इसके उलट हरियाणा (24%) और दिल्ली (20%) विकास चार्ट में सबसे ऊपर रहे।
क्या कहते हैं जानकार
हालांकि टैक्स के जानकार और इंडस्ट्री सामान्य मॉनसून के कारण अच्छी त्योहारी बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। डेलोइट के पार्टनर एमएस मणि ने कहा ने कहा कि सितंबर के लिए जीएसटी रेवेन्यू थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। ये संग्रह अगस्त में आपूर्ति से संबंधित हैं क्योंकि इस महीने त्योहारी सीजन की शुरुआत होती है। इस कारण परिणामस्वरूप रेवेन्यू में वृद्धि होती है। त्योहारी सीजन के आने वाले महीनों के लिए जीएसटी कलेक्शन पर उत्सुकता से नजर रखी जाएगी क्योंकि वे आर्थिक विकास का भी एक संकेत हैं। कई बड़े राज्यों में जीएसटी रेवेन्यू एकल अंक की बढ़ोतरी हुई है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ठीक हो जाएगी।
Iran vs Israel: इजरायल की 'मार' झेल पाएगा ईरान!
नई दिल्ली: ईरान और इजरायल युद्ध के मुहाने पर पहुंच चुके हैं। इजरायल ने ईरान समर्थित चरमपंथी संगठनों हमास, हूती और हिजबुल्ला पर कार्रवाई की है। इसके जवाब में ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें दागी। इजरायल ने इसका बदला लेने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने भी इसमें इजरायल का साथ देने की बात कही है। यानी आने वाले दिनों में ईरान को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे ईरान की इकॉनमी की कमर टूट सकती है। देश के लोग पहले ही भारी महंगाई से परेशान हैं। ईरान की आबादी इजरायल के मुकाबले करीब 10 गुना है। साल 2022 में ईरान की जीडीपी का साइज $413 अरब था जबकि इजरायल की इकॉनमी $525 अरब की थी। सवाल यह है कि क्या ईरान की इकॉनमी इजरायल के हमले को झेल पाएगी? ईरान की कमाई का सबसे बड़ा जरिया कच्चा तेल है। लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों ने पहले से ही ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। इससे देश की करेंसी की वैल्यू में काफी गिरावट आई है। एक भारतीय रुपये की कीमत 501.24 ईरानी रियाल के बराबर है। देश में महंगाई चरम पर है और अगर इजरायल उस पर हमला करता है तो उसकी इकॉनमी पूरी तरह तबाह हो सकती है। पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण ईरान के लोगों के जीवन स्तर में भारी गिरावट आई है। देश की जीडीपी में सर्विस सेक्टर की 47%, इंडस्ट्री की 40% और एग्रीकल्चर की 12.5% हिस्सेदारी है।
ईरान वर्सेज इजरायल
देश की इंडस्ट्रियल सेक्टर के सबसे ज्यादा रेवेन्यू ऑयल इंडस्ट्री से आता है। ईरान के तेल निर्यात में चीन की 90 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के बावजूद ईरान और चीन के बीच तेल व्यापार पर कोई असर नहीं हुआ है। लेकिन ईरानी अधिकारियों को आशंका है कि इजरायल देश के तेल ठिकानों को निशाना बना सकता है। ईरान की इकॉनमी पर इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड और इस्लामी संगठनों का कब्जा है। वे टैक्स नहीं देते हैं और न ही कोई हिसाब-किताब देते हैं। देश की इकॉनमी में पारदर्शिता नहीं है।जानकारों का कहना है कि ईरान लंबे समय तक इजरायल के साथ युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। यही वजह है कि वह इजरायल साथ खुला युद्ध लड़ने के बजाय सांकेतिक हमला कर रहा है। ईरान की आबादी करीब नौ करोड़ है जबकि इजरायल की जनसंख्या 95 लाख है। ईरान का डिफेंस बजट 9.9 अरब डॉलर है जबकि इजरायल का 24.4 अरब डॉलर है। ईरान की प्रति व्यक्ति आय 5,310 डॉलर है जबकि इजरायल की 53.37 हजार डॉलर है। साफ है कि इजरायल लंबे समय तक युद्ध लड़ने की स्थिति में है जबकि ईरान के लिए ऐसा करना आसान नहीं है।
जितने की यह चाय की केतली, उतने में तो नोएडा में खरीद लेंगे दो दर्जन मकान...
नई दिल्ली: क्या चाय की केतली भी करोड़ों की हो सकती है? आपको जानकर ताज्जुब होगा कि यह सच है। दुनिया की सबसे महंगी चायदानी की कीमत इतनी
है कि नोएडा-एनसीआर में आप 1 करोड़ रुपये के दो दर्जन अपार्टमेंट खरीद सकते हैं। इस चायदानी को 'द ईगोइस्ट' (The Egoist) के नाम से जानते हैं। 2016 में
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे दुनिया की सबसे महंगी चायदानी घोषित किया था। कैसे यह चायदानी विलासिता और कला का प्रतीक है और इसके पीछे कौन है 'द
ईगोइस्ट' नाम की चाय की केतली ब्रिटिश-इंडियन अरबपति निर्मल सेठिया के N सेठिया फाउंडेशन ने बनवाई है। इस चायदानी को जाने-माने कारीगर फुल्वियो
स्काविया ने डिजाइन किया है। इस बनाने में 18 कैरेट पीला सोना, चांदी, 1,658 हीरे और 386 माणिक जैसे रत्नों और धातुओं का इस्तेमाल हुआ है।
6.67 कैरेट का थाई माणिक बनाता है इसे खास
चायदानी की सबसे खास बात इसका 6.67 कैरेट का थाई माणिक है जो इसके बीच में लगा है। इसके हैंडल को हाथीदांत से अनोखे तरीके से बनाया गया है।
2016 में चायदानी का मूल्य 24.8 करोड़ आंका गया था। यह चायदानी धन और वैभव का प्रतीक है। कोलकाता से लंदन जाकर बसने वाले निर्मल सेठिया का
भारतीय विरासत से गहरा नाता है।
ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक
वह शिक्षा, धर्म और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भारत, ब्रिटेन, अफ्रीका और रूस जैसे कई देशों में अपने महत्वपूर्ण धर्मार्थ योगदान के लिए जाने जाते हैं। लगभग 6.5
अरब पाउंड की संपत्ति के साथ वह ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं।
असाधारण डिजाइन और अपार मूल्य के साथ 'द एगोइस्ट' न केवल विलासिता का प्रतिनिधित्व करती है बल्कि निर्मल सेठिया के अनूठे नजरिये को भी दिखाती है।
यह व्यावसायिक सफलता और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
नंद घर मुहिम से जुड़े मनोज बाजपेयी
एल्गी ने इंडिया स्टोनमार्ट 2024 में पोर्टेबल स्क्रू कम्प्रेसर्स की अपग्रेडेड लाइन पेश की
कभी सोचा है बॉलीवुड की फिल्में अक्सर शुक्रवार को ही क्यों रिलीज होती है? ये है कारण
बॉलीवुड फिल्में शुक्रवार को ही क्यों रिलीज होती है? इसका जवाब कभी पता किया है? कई लोगों को अभी भी इसके पीछे की असल कहानी नहीं मालूम है.
इस हफ्ते शुक्रवार को सिनेमाघरों में अनिल कपूर स्टारर एनिमल और विक्की कौशल की फिल्म शैम बहादूर रिलीज हुई है. ऐसे नहीं है कि ऐसा पहली बार हुआ है. हर हफ्ते फिल्में रिलीज होती रहती है, लेकिन आपने एक बात नोटिस की होगी कि बड़ी फिल्में हमेशा शुक्रवार को ही क्यों रिलीज की जाती है. आज की स्टोरी में हम आपको इसके पीछे की असल कहानी बताने वाले हैं, जिसके बारे में बेहद कम लोगों को मालूम होता है.
क्यों शुक्रवार को रिलीज होती है फिल्में
माना जाता है कि भारतीय सिनेमा में फिल्में शुक्रवार को ही रिलीज होती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि शुक्रवार वर्किंग डे के अंत में आता है. इसका अर्थ है कि शनिवार और रविवार को छुट्टी का दिन होता है. छुट्टी के कारण लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ फिल्में देखते हैं. इससे किसी फिल्म का कलेक्शन अच्छा होता है और फिल्म की सफलता भी निश्चित होती है.
ये है दूसरा कारण
इसका एक कारण यह भी है कि आजादी के कई वर्षों तक भारत में लोगों के पास रंगीन टीवी नहीं होती थी, जिसके कारण लोग फिल्में देखने के लिए थिएटर जाते थे. इसलिए फिल्म उद्योग में कर्मचारियों को शुक्रवार को आधे दिन की छुट्टी दी जाती थी, ताकि वे परिवार के साथ फिल्में देख सकें, जो फिल्म के कलेक्शन के हिसाब से भी अच्छा था.
क्या है इसका इतिहास?
शुक्रवार को फिल्में रिलीज करने का रिवाज भारत का अपना है, लेकिन यह रिवाज भारत में प्रारंभ से नहीं था. इसकी शुरुआत हॉलीवुड में लगभग 1940 के दौरान हुई थी. भारत में 1960 के पहले फिल्में रिलीज करने का कोई निश्चित दिन नहीं था. 1960 के वर्ष में मुगल-ए-आजम नामक ऐतिहासिक फिल्म 5 अगस्त को रिलीज हुई थी. 5 अगस्त 1960 को शुक्रवार था, और इस फिल्म ने काफी सुर्खियां प्राप्त की थी. इसके बाद से ही फिल्म निर्माताओं ने शुक्रवार को फिल्मों की रिलीज के लिए चुना. हालांकि, सभी फिल्में शुक्रवार को ही नहीं रिलीज होतीं, कई फिल्मों के निर्माताओं ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए अलग-अलग दिनों पर भी फिल्में रिलीज की और उन्हें कामयाबी मिली.