छत्तीसगढ़ / जशपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दीपपर्व की शुभकामनाएं देने बगिया में लगा रहा तांता
मुख्यमंत्री ने सभी के सुख-समृद्धि की कामना की
जशपुर, 21 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जशपुर स्थित गृह निवास बगिया में दीपावली के पावन पर्व पर शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला दिन भर जारी रहा। देर रात्रि तक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी लोगों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि दीपावली का पर्व, परस्पर सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे कुम्हारों, कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल की भावना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।‘
मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान लोगों ने अपनी मांगें एवं समस्याएं भी उनके समक्ष रखी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी निवेदनों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में चहुओर उत्साह का वातावरण रहा।
स्व सहायता समूह की महिलाओं आजीविका आधारित गतिविधियों की दी गई जानकारी
जशपुरनगर, 21 अक्टूबर 2025
रजत जयंती के अवसर पर विगत दिवस कलस्टर संगठन एवं ग्राम संगठन के संयुक्त तत्वावधान में पीड़ी गांव, घोलेंगे, लोदाम, बोकी एवं जशपुर कलस्टर की स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका आधारित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।
जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता एवं समूह-आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
महिलाओं को विभिन्न आजीविका विकल्पों जैसे कृषि आधारित उद्योग, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
CM विष्णुदेव साय अपने गांव में मनाएंगे दिवाली
जशपुर । सीएम विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम साय अपने क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
सीएम साय सुबह 11:45 बजे जशपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद जशपुर पहुँचने के बाद सीएम साय 1:15 बजे सोहरई करमा महोत्सव में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीएम साय अपने गृह ग्राम बगिया के लिए रवाना होंगे। सीएम विष्णुदेव साय क्षेत्रवासियों के साथ दीपावली का त्योहार मनाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बन रहे अत्याधुनिक स्टेडियम और खेल अकादमियां
निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
जशपुरनगर 17 अक्टूबर 2025
जशपुर जिला खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में शुरूआत से ही जाना जाता रहा है। यहां के खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और विदेशों में भी जशपुर का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर की लोकसंस्कृति और यहां के खेलप्रेम से भलीभांति परिचित हैं। उनके नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में खेल अधोसंरचना के विकास के तहत आधुनिक स्टेडियमों और खेल मैदानों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यहां विभिन्न महत्वपूर्ण खेल आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
तेजी से हो रहा है स्टेडियम का निर्माण, उभरेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए स्टेडियमों और खेल मैदानों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में प्राकृतिक निपुणता प्राप्त होती है। इस पारंपरिक कौशल को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से सन्ना में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जाएगा। इस अकादमी में लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, नर्सरी, हर्बल प्लांटेशन, अत्याधुनिक ग्राउंड, चेंजिंग रूम, कोच रूम, उपकरण केंद्र, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, प्रशिक्षण कक्ष, वार्डन एवं गार्ड रूम जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही उपकरण, परिवहन के लिए बस, हाईमास्ट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
इसी तरह कुनकुरी में 63 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी मिल चुकी है। यह कॉम्प्लेक्स आधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसमें एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो मैदान, स्विमिंग पूल, ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड, जंपिंग गेम और खेल उपकरण शामिल होंगे। इसी प्रकार से मुख्यमंत्री श्री साय के कार्यकाल में 2.83 करोड़ लागत के बगीचा में स्वीकृत हुए आधुनिक इनडोर बैडमिंटन स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही मयाली में एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालित है। घोलेंग में फुटबॉल स्टेडियम के लिए भूमि का चिन्हांकन किया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान के पास 3.50 करोड़ लागत के बास्केट बाल कोर्ट का निर्माण कार्य जारी है। रणजीता स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाए जाने की घोषणा की गई है।
नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्टेडियमों और खेल मैदानों के जीर्णोद्धार व निर्माण की निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माण देशी फाउंडेशन द्वारा जिले में 20 आधुनिक खेल ग्राउंड विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करना है। इसके लिए बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं, अनुभवी कोचिंग स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
खिलाड़ियों, नागरिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
खेल प्रेमियों और आम नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने हमेशा खेलों को समाज और युवाओं के विकास का माध्यम माना है। उनकी प्राथमिकताओं में खेल सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों तक खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराना शामिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए और अधिक तैयार हो पाएंगे। यह पहल जिले में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी और आने वाली पीढ़ियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगी।
744 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण
4 लाख से अधिक खसरों में लगी फसल की जानकारी को किया गया ऑनलाइन अपलोड
रकबे में लगी फसल की जानकारी ऑनलाइन देखने की भी मिली सुविधा
डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली सटीक उत्पादन अनुमान लगाने में होगी कारगर
जशपुर, 15 अक्टूबर 2025




कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर जिले के सभी तहसीलों में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके तहत जिले के कुल 744 गांवों के 4 लाख 3 हजार से अधिक खसरों में डीसीएस के माध्यम से तथा शेष खसरों में मैन्युअल गिरदावरी कर फसलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। इसका उद्देश्य भूमि पर लगी फसल एवं उसके क्षेत्रफल का सटीक आंकलन कर पारदर्शिता एवं उत्पादकता का अनुमान सुनिश्चित करना है। डीसीएस एवं मैन्युअल गिरदावरी से प्राप्त डाटा का उपयोग राज्य शासन द्वारा धान खरीदी सहित अन्य कृषि योजनाओं में किया जाएगा। विशेष अभियान के तहत चलाए गए सर्वे कार्य में सर्वेक्षण कर्ताओं द्वारा किसानों के खेतों में पहुंचकर मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किस रकबे में कौन सी फसल लगाई गई है, इसकी जानकारी ऑनलाइन अपलोड की गई।
ऑनलाइन देख सकेंगे खेत और फसल का विवरण -
किसान अपने गांव का गिरदावरी डाटा राजस्व विभाग के वेबसाइट में तथा भुइयां पोर्टल के माध्यम से मैन्युअल गिरदावरी का डाटा देख सकते है। यदि किसी किसान को डीसीएस अथवा मैन्युअल गिरदावरी के डाटा में त्रुटि दिखाई देती है, तो वे संबंधित तहसीलदार के समक्ष लिखित आवेदन देकर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
फसल सर्वेक्षण में डिजिटल तकनीक का उपयोग-
इसके तहत मोबाइल इंटरफेस के माध्यम से सीधे खेत से डाटा एकत्र करने हेतु डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली स्थापित की गई। यह प्रणाली प्रत्येक कृषि भूखंड की वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराती है, जिससे सटीक उत्पादन अनुमान लगाया जा सकेगा।
किसानों के डेटा की पूर्ण गोपनीयता सुनिश्चित -
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुरूप एग्रीस्टैक विकसित किया गया है, जो किसानों के डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करता है। किसानों का अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण होता है, जिसे केवल उनकी सहमति से अधिकृत संस्थाओं के साथ साझा किया जाता है। एग्रीस्टैक के माध्यम से सुरक्षित एपीआई और टोकन आधारित प्रमाणीकरण से डेटा तक नियंत्रित पहुंच सुनिश्चित की गई है।
किसानों तक पहुंची डिजिटल सुविधा -
जिन किसानों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं, उनके लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), कृषि सखियों एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से पंजीयन और सेवा प्राप्ति की सुविधा दी गई। जिले में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया गया, ताकि कोई भी किसान एग्रीस्टैक के लाभ से वंचित न रहे। डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में गिरदावरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है तथा किसानों को धान खरीदी, फसल बीमा और अन्य योजनाओं के लिए पात्रता की पुष्टि में सुविधा मिल रही है।
जशपुर जिले में खारूंग नदी पर भेलवा एनीकट योजना को मिली प्रशासकीय स्वीकृति
125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल सुविधा होगी उपलब्ध
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार की खारूंग नदी पर भेलवा एनीकट योजना कार्य हेतु 5 करोड़ 40 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति राज्य शासन द्वारा जारी की गई है।
इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामवासियों को निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन तथा कृषकों द्वारा स्वयं के साधनों से लगभग 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाने, भू-जल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने और स्थानीय कृषि उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से तैयार की गई है।
निर्माण कार्य की तकनीकी स्वीकृति सक्षम अधिकारी से प्राप्त करने के उपरांत ही निविदा आमंत्रित की जाएगी। योजना की ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन सक्षम अधिकारी से सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित निर्माण कार्य की निविदा तभी की जाएगी जब कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध हो। कार्य की निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रूप से संपन्न की जाएगी।
भू-अर्जन की आवश्यकता होने पर व्यय स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर किया जाएगा तथा किसी अन्य मद से राशि का स्थानांतरण बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं किया जाएगा। यदि भू-अर्जन की आवश्यकता नहीं है, तो निर्माण कार्य केवल शासकीय भूमि पर ही कराया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारण कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कार्य को स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना अनिवार्य होगा। समय-सीमा में अनावश्यक वृद्धि नहीं की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा नियमानुसार समय में बढ़ोतरी प्रदान किया जा सकेगा। निर्माण कार्य की निविदा दर या प्रस्तावित मात्रा में यदि 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होती है, तो पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक होगा।
मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अंबिकापुर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कार्य के सभी तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं का पालन छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता भाग-एक के नियम-10 के अनुसार किया जाए तथा योजना की लोकहित, गुणवत्ता और मितव्ययिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। भलवा एनीकट योजना के माध्यम से फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल, सिंचाई और जल संरक्षण की दीर्घकालिक सुविधा प्राप्त होगी। यह योजना राज्य शासन की ग्रामीण विकास, जल संवर्धन एवं कृषि सशक्तिकरण के प्रति स्थायी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में करे निराकरण : अपर कलेक्टर
नक्शा नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार एवं सीमांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता से करें निराकृत
जशपुरनगर । अपर कलेक्टर प्रदीप साहू ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए विशेष अभियान चलाकर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर साहू ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आर.बी.सी. 6-4 के प्रकरणों सहित सभी लंबित मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करें। उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकार्ड दुरुस्ती और त्रुटि सुधार की प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही समय सीमा में सभी प्रकरणों को निराकृत करने को कहा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमलों आरआई एवं पटवारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण सुनिश्चित करने सक्रियता पूर्वक कार्य के लिए तत्पर किया जाए।
इस दौरान बैठक में जिले के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अपर कलेक्टर श्री साहू ने एग्रीस्टेक पंजीयन के अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाए। इसके लिए राजस्व विभाग कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाए, जिससे किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में सुविधा होगी। इस संबंध में उन्होंने अभी तक कुल पंजीयन, स्वीकृत एवं सत्यापन के लिए लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। अपर कलेक्टर ने इस दौरान हाईकोर्ट में लंबित प्रकरण आदि कार्यवाही की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान कहा कि जनहित के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए।
तुमला एनीकट निर्माण कार्य के लिए 6.49 करोड़ रूपए स्वीकृत
जशपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखण्ड फरसाबहार की तुमला एनीकट निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 49 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से क्षेत्रीय ग्रामवासियों को निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन तथा किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना का कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
घर की छत से मिल रही ऊर्जा
12 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना ने आम नागरिकों के जीवन में बचत, सुविधा और स्थायी ऊर्जा के नए अवसर खोले हैं।
जिले के पत्थलगांव निवासी श्री बालेश्वर यादव ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया है। हर महीने लगभग 5,000 का बिजली बिल देने वाले श्री यादव का बिल अब लगभग शून्य हो गया है। इसके अतिरिक्त, उपयोग से बची हुई बिजली को ग्रिड में बेचकर उन्हें प्रतिमाह आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है। श्री यादव ने बताया कि सोलर सिस्टम लगने से अब बिजली कटौती या बढ़ते बिल की चिंता नहीं रहती। इस योजना से वे अपनी आवश्यकता की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।
यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में जमा की जा रही है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से खजरीढाप में लौटी रोशनी
12 अक्टूबर 2025
जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से विकासखंड पत्थलगांव के ग्राम पंचायत खजरीढाप स्थित गांधी चौक मोहल्ला में बाधित विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ हो गई है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिससे ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित पहल की जिसके फलस्वरूप विद्युत विभाग ने क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को बदलकर बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी।
समस्या के त्वरित निदान पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि जनसामान्य की समस्याओं की सुनवाई और निदान के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। यहां प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से बिजली, पानी एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं के मामले में कैंप कार्यालय द्वारा तत्परता से की जा रही कार्रवाई से जनमानस का विश्वास बढ़ा है।
मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाइन बुकिंग सुविधा प्रारंभ
12 अक्टूबर 2025


जशपुर जिले के कुनकुरी परिक्षेत्र अंतर्गत स्थित मयाली नेचर कैम्प अपनी प्राकृतिक सुंदरता एवं मनोहारी परिवेश के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह क्षेत्र घने वनों से आच्छादित है। यह क्षेत्र जशपुर जिले को प्रकृति द्वारा मिला एक अनुपम उपहार है। मयाली नेचर कैम्प देवबोरा एवं मयाली ग्राम के मध्य स्थित है। यह स्थल पारिवारिक भ्रमण, मित्रों के साथ अवकाश व्यतीत करने तथा साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए लंबी दूरी की पैदल यात्राओं हेतु अत्यंत उपयुक्त है।
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मयाली नेचर कैम्प में ऑनलाइन गेट मनी बुकिंग सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा के माध्यम से पर्यटक अब अपने भ्रमण हेतु ऑनलाइन टिकट प्राप्त कर सकेंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस ऑनलाइन सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और मयाली नेचर कैम्प की प्राकृतिक सौंदर्यता का आनंद लें।
स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का जशपुर में हुआ शुभारंभ
पहले दिन प्रदेश के 204 खिलाड़ियों ने शतरंज की बिसात पर दिखाया जौहर
11 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट का शुभारंभ आज जशपुर के बालाजी मंदिर के पास स्थित कम्युनिटी हॉल में जशपुर विधायक रायमुनी भगत की उपस्थिति में शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रेरणा से छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति विकसित करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ स्टेट चेस एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस टूर्नामेंट में पहले दिन 204 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

विधायक रायमुनी भगत ने की शतरंज टूर्नामेंट की औपचारिक शुरुआत
विधायक श्रीमती भगत ने शतरंज में हाथ आजमाते हुए औपचारिक रूप से खेल की शुरुआत की और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि शतरंज का खेल मस्तिष्क का एक व्यायाम है जो भारत में पुराने समय से ही खेला जा रहा है। खेल की इस परंपरा से नागरिकों का परिचय कराना और इस क्षेत्र में प्रतिभावान खिलाड़ियों को उचित मंच प्रदान करना छत्तीसगढ़ की सरकार का उद्देश्य है। इस प्रकार के टूर्नामेंट का आयोजन प्रत्येक वर्ष होना चाहिए।
कलेक्टर जशपुर ने कहा कि जिले में कि जशपुर में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी है ,वे आने वाले समय में राष्ट्रीय -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले को नई पहचान दिलाएंगें और विश्व चौंपियन बनेंगे। पहले दिन दो राउंड में 204 खिलाड़ियों ने शतरंज खेला। इसमें इंटरनेशनल रेटिंग प्राप्त 38 खिलाड़ी भी शामिल है। स्विस लीग पद्धति से आयोजित इस टूर्नामेंट में 08 साउंड के खेल सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेलने होंगे। पूरे 08 राउंड के प्रदर्शन के अनुसार खिलाड़ियों की रैंकिंग तय की जाएगी ।
छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट उद्घाटन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष गंगाराम भगत, नरेश नंदे, चेस एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी सरोज वैष्णव सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री व्यास संग जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने भी शतरंज के खेल में हाथ आजमाया।
शतरंज आयोजन समिति के अध्यक्ष ने जिले में खेल को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों, भारत में शतरंज के गौरवशाली इतिहास, टूर्नामेंट की विस्तृत जानकारी के विषय में बताते हुए खिलाड़ियों को उत्साह और खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को कहा। इस दौरान आयोजन समिति के सचिव एवं खेल अधिकारी सहित समिति के पदाधिकारी एवं छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन चेस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ ही उनके खेल अधिकारी उपस्थित थे।
उन्नत विधि का लाभ मिल रहा किसानों को
टमाटर की खेती मालामाल हो रहे हैं किसान
रायपुर, 11 अक्टूबर 2025

किसानोंऔर कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत, फल, सब्जी, फूल, मसाले, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए केन्द्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने टमाटर की खेती की। किसान सुनील भगत ने कुल लागत राशि काटकर शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों को केन्द्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए कहा है ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सके इसी कड़ी में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ लेकर किसान श्री सुनील भगत द्वारा टमाटर की खेती की गई।
उद्यानिकी विभाग से परामर्श बाद टमाटर का जीके देशी किस्म लगाया, जिसमें प्रति एकड़ 9 टन उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि सीजन अनुसार सब्जी की खेती करते हैं। इस सीजन में लगभग 85 हजार 500 रूपए का टमाटर ब्रिकी किया। कुल लागत राशि राशि काटकर किसान भगत को 55 हजार 500 रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। किसान द्वारा अन्य योजनाओं का लाभ लेकर खेती किया जा रहा है। अब वे ड्रीप, मिल्चिंग को लेकर खेती की उन्नत विधि से जुड़ने की ओर अग्रसर है।
अन्य किसानों पर कृषक की सफलता का प्रभाव
खेती की प्रक्रिया को आधुनिक बनाकर, राष्ट्रीय बागवानी मिशन का मुख्य लक्ष्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक, प्राकृतिक उर्वरकों, पर्यावरण-अनुकूल कीटनाशकों और अन्य उपकरणों का उपयोग करना आवश्यक है जो किसानों को अपना उत्पादन बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं। किसान समूहों द्वारा किए जाने वाले प्राथमिक कार्यों में कृषि उत्पादों की खरीद, बाज़ारों से संपर्क स्थापित करना, इनपुट की आपूर्ति और प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान करना शामिल है। ग्राम पंचायत टेम्पू एवं आस-पास के ग्राम पंचायत के किसान श्री सुनील भगत की खेती देख कर, उन्नत खेती करना शुरू कर दिया है। कृषि तकनीक हेतु विभागीय योजनाओं से निरंतर जुड़ रहे हैं,ताकि अधिक लाभ लें सके
जशपुर जिले के कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के जीर्णाेद्धार हेतु 3.47 करोड़ रूपए की स्वीकृति
08 अक्टूबर 2025
राज्य शासन ने जशपुर जिले के विकासखंड फरसाबहार स्थित कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य हेतु 3.47 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना पूर्ण होने पर 243 हेक्टेयर की रूपांकित सिंचाई क्षमता के विरुद्ध घटकर हुई 201 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति की जाएगी और क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना पर व्यय अनुसूचित जनजाति उपयोजना अंतर्गत निर्धारित लेखा शीर्ष से किया जाएगा। यह स्वीकृति वित्त एवं योजना विभाग की समिति की अनुशंसा तथा मंत्री के अनुमोदन के बाद प्रदान की गई है।
राज्य शासन की यह स्वीकृति जशपुर जिले में जल संसाधन विकास, सिंचाई क्षमता वृद्धि और किसानों की उत्पादनशीलता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण कार्य स्वीकृत राशि और निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाएगा। कार्य की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने, ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन अनुमोदन के बाद ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही कार्य आरंभ होगा। कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किए जाएंगे। निविदा दर या कार्य मात्रा में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने पर पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।
विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को पी.एम. जनमन योजना का मिल रहा लाभ
महिलाओं को मिला स्वरोजगार का अवसर
जशपुर 7 अक्टूबर 2025

राज्य सरकार स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोडकर आत्मनिर्भर बनाने सतत प्रयासरत है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर पी.एम. जनमन योजना के तहत आत्मनिर्भर बन रही है। महिलाएं माहुल पत्ते को मशीनों की सहायता से दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं जो पर्यावरण के अनुकूल है। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बन रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत ग्राम कुटमा में पी.एम. जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। महिलाओं के लिए दोना-पत्तल निर्माण केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र का संचालन मीनू लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती फूलों बाई कर रही हैं।
इस केन्द्र में समूह की महिलाएं माहुल पत्तों से मशीनों की सहायता से पर्यावरण अनुकूल दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बनती जा रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। वन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
जशपुर के अंकिरा और भगोरा में बिजली आपूर्ति बहाल : ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार
जशपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित सीएम कैंप कार्यालय, बगिया ने एक बार फिर अपनी त्वरित पहल से आमजन का विश्वास अर्जित किया है। विकासखंड फरसाबहार के ग्राम अंकिरा और भगोरा के ग्रामीणों ने बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या का त्वरित निदान सीएम कैंप कार्यालय बगिया की पहल पर हुआ है। उक्त दोनों गांव में विद्युत आपूर्ति बहाल हो गयी है।
कैंप कार्यालय ने उक्त दोनों गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने की शिकायत प्राप्त होते ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को उक्त समस्या के निदान के निर्देश दिए थे। कैंप कार्यालय के त्वरित पहल से समस्या के समाधान से प्रसन्न ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
सीएम कैंप कार्यालय, बगिया आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का भरोसेमंद केंद्र बन चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए यहां पहुँचते हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर कार्यालय द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया जाता है और तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। जनसमस्याओं को लेकर सीएम कैंप कार्यालय की सक्रिय पहल से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत हुआ है। सीएम कैंप कार्यालय की बदौलत आमजन में यह विश्वास जगा है कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से श्रद्धालुओं का वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
रामलला दर्शन योजना
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के वृद्धजनों एवं श्रद्धालुओं को अयोध्या स्थित प्रभु राम जन्मभूमि मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही इस योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा के दौरान आवागमन, ठहरने, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाएँ शासन द्वारा सुनिश्चित की जाती हैं।
इस योजना के माध्यम से अब तक हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त किया है।
बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत महुआडीह निवासी गोपी गुप्ता ने कहा कि दृ “साठ वर्ष की उम्र तक हमने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रभु रामलला के दर्शन कर पाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में यह सपना साकार हुआ। शासन की इस पहल के लिए हम आभारी हैं।”
इसी प्रकार ग्राम पंचायत पंडरापाठ की श्रीमती मोहनाई ने भावुक होकर कहा कि दृ “हमें अयोध्या जाकर प्रभु रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य मिला, जो जीवन में कभी संभव नहीं लगता था। वहाँ जाकर दर्शन करना बहुत ही अच्छा लगा। सरकार ने हमारे लिए ठहरने, खाने और अन्य सभी व्यवस्थाएं की थीं, जिसके लिए हम धन्यवाद देते हैं।”

