छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

*भोथी में पट्टे की जमीन पर ‘मिट्टी माफिया’ का खेल*: 15 फीट गहरी खुदाई, जेसीबी-ट्रैक्टर से अवैध परिवहन, नियमों की खुली अनदेखी

 कवर्धा 

कबीरधाम जिले के बोडला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लूप के आश्रित ग्राम भोथी में नेशनल हाईवे किनारे पट्टे की जमीन पर अवैध खुदाई और मिट्टी के अवैध परिवहन का खेल खुलेआम जारी है। ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ी पट्टे की जमीन को 15 फीट तक खोदकर मिट्टी और मुरूम निकालकर बाजार में बेचा जा रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

आरोप है कि ग्राम पंचायत चिल्फी  के स्थानीय निवासी निवासी  द्वारा पट्टाधारी को जमीन समतल कर ‘धनहा’ (खेती योग्य समतल भूमि) बनाने का लालच देकर बड़े पैमाने पर खुदाई कराई जा रही है। खुदाई का कार्य जेसीबी मशीन से किया जा रहा है और निकाली गई मिट्टी ट्रैक्टरों के जरिए विभिन्न स्थानों पर सप्लाई की जा रही है। मौके पर मौजूद जेसीबी चालक और ट्रैक्टर चालकों ने अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि यहां से लगातार मिट्टी निकालकर जरूरतमंद लोगों को बेचा जाता है।

सबसे गंभीर बात यह है कि पट्टे की जमीन पर इस प्रकार की गहरी खुदाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकती। छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के अनुसार पट्टाधारी भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत नहीं किया जा सकता। भूमि की प्रकृति में परिवर्तन या व्यावसायिक खनन जैसे कार्य के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति आवश्यक होती है।

इसके अलावा, खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत मिट्टी, मुरूम या अन्य गौण खनिज का उत्खनन एवं परिवहन बिना वैध खनन अनुमति, रॉयल्टी भुगतान और परिवहन चालान (ट्रांजिट पास) के दंडनीय अपराध है। यदि बिना अनुमति खनन पाया जाता है तो वाहन जप्ती, जुर्माना और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है।

नेशनल हाईवे के समीप इतनी गहराई तक खुदाई से भू-स्खलन, जल निकासी व्यवस्था पर असर और सड़क की संरचना पर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 15 फीट गहरी खुदाई से भूमि की स्थिरता प्रभावित होती है और बरसात में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल प्रशासनिक उदासीनता के बिना संभव नहीं है। सवाल यह उठता है कि क्या राजस्व विभाग, खनिज विभाग और स्थानीय पंचायत को इस गतिविधि की जानकारी नहीं है । यदि जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तत्काल राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर स्थल निरीक्षण किया जाए, अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी की मात्रा का आकलन हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जेसीबी और ट्रैक्टर वाहनों को जप्त कर रॉयल्टी चोरी और अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया जाए।

भोथी में चल रहा यह कथित ‘मिट्टी माफिया’ का खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला पर्यावरणीय नुकसान और राजस्व हानि का बड़ा उदाहरण बन सकता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग नियमों को लागू करते हैं या अवैध खुदाई का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

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