* वैवाहिक मौसम में गन्ना किसानों को बड़ी सौगात* उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से ₹13.80 करोड़ जारी
कबीरधाम |
2026-04-28 17:38:03
कवर्धा-
वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को ₹13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है।
इसके साथ ही चालू सत्र में अब तक कुल ₹71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में खुशी, संतोष और भरोसे का माहौल बना हुआ है।
रिकॉर्ड समय में भुगतान , भरोसे की मिसाल
कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
उत्पादन में भी शानदार प्रदर्शन
चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है इस वर्ष गन्ना पेराई: 2,55,818 मीट्रिक टन
* शक्कर उत्पादन का 3,09,120 क्विंटल
यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है।
किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर पहल
भोरमदेव शक्कर कारखाना के प्रबंधक जी एस शर्मा ने बताया कि यह शक्कर कारखाना न केवल भुगतान में अग्रणी है, बल्कि किसानों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है—
✔️ FRP के अतिरिक्त रिकवरी आधारित अतिरिक्त भुगतान
✔️ शासन द्वारा प्रदत्त बोनस का वितरण
✔️ रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता
✔️ उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन
* नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम
* सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण
* किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन”
* मात्र ₹5 में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा
* ये पहल कारखाने की किसान-हितैषी सोच को दर्शाती हैं।
जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन
श्री शर्मा ने यह भी बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की आर्थिक प्रगति में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी फसल विविधता को बढ़ावा (धान के विकल्प के रूप में गन्ना)
* हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार
* पीडीएस हेतु कम दर पर शक्कर आपूर्ति
- स्थानीय बाजार में आर्थिक तरलता का संचार,
समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते भोरमदेव शक्कर कारखाना आज सहकारी मॉडल की सफलता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि पूरे जिले में विकास की गति भी तेज हो रही है।