छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

जिला प्रशासन की नई पहल : अब न्यायालयीन रीडर्स की कार्यप्रणाली की भी होगी नियमित समीक्षा

 कलेक्टर ने जिला न्यायालय से लेकर नायब तहसीलदार न्यायालय तक के रीडर्स की ली बैठक

 

- त्वरित प्रकरण निराकरण के दिए निर्देश

राजनांदगांव । जिला प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए अब न्यायालयीन कार्यों से जुड़े रीडर्स की कार्यप्रणाली की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर  जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला न्यायालय से लेकर नायब तहसीलदार न्यायालय तक के रीडर्स की बैठक लेकर न्यायालयीन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रीडर्स को प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। सुनवाई के लिए यथासंभव कम अवधि की तिथि निर्धारित की जाए, जिससे प्रकरणों का त्वरित निष्पादन हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध ढंग से आदेश पारित किया जाए।

कलेक्टर ने न्यायालयीन कार्यवाही में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग करने कहा। उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने तहसील कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ अच्चे व्यवहार बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में न्यायालयीन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रीडर्स एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर  प्रेमप्रकाश शर्मा, विभिन्न न्यायालयों के रीडर्स एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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