14 मई से शुरू होगा भव्य ‘क्रिकेट समर कैंप’ - जिले की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर |
2026-05-09 17:12:06
एमसीबी : 14 मई से शुरू होगा भव्य ‘क्रिकेट समर कैंप’ - जिले की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने और युवा खिलाड़ियों को पेशेवर मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यालय कलेक्टर (खेल एवं युवा कल्याण), जिला एमसीबी द्वारा 14 मई से 3 जून 2026 तक स्थानीय स्वामी आत्मानंद स्कूल ग्राउंड में भव्य ‘क्रिकेट समर कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष प्रशिक्षण शिविर जिले के बालक एवं बालिकाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाएं समान रूप से लाभान्वित हो सकें।
“सीखें क्रिकेट... बनें चौंपियन” थीम पर आधारित यह समर कैंप बच्चों को क्रिकेट की बुनियादी तकनीकों से लेकर उन्नत कौशल तक प्रशिक्षित करेगा। अनुभवी एवं प्रशिक्षित कोचों की देखरेख में प्रतिभागियों को बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग, फिटनेस, रणनीति और मैच प्रबंधन की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और खेल भावना विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
कैंप में केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि नियमित फिटनेस सत्र, स्किल डेवलपमेंट मॉड्यूल और मैच प्रैक्टिस भी आयोजित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक प्रतिस्पर्धी माहौल का अनुभव मिल सके। इससे युवा खिलाड़ी भविष्य की जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे। यह विशेष शिविर 10 वर्ष से 18 वर्ष तक के बालक एवं बालिकाओं के लिए खुला है। कैंप में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है, लेकिन पंजीयन अनिवार्य रखा गया है। प्रशासन ने जिले के अधिक से अधिक युवाओं, अभिभावकों और खेल प्रेमियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि क्षेत्र की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को उचित मंच और मार्गदर्शन मिल सके।
कैंप से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं पंजीयन हेतु इच्छुक प्रतिभागी और अभिभावक मोबाइल नंबर +91-9329503121 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा कार्यालय खेल एवं युवा कल्याण, जिला एमसीबी में सीधे पहुंचकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह क्रिकेट समर कैंप न केवल बच्चों के लिए ग्रीष्मावकाश का बेहतर उपयोग साबित होगा, बल्कि जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी माना जा रहा है।