‘तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर‘ अभियान का हुआ आगाज
यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का संयुक्त तत्वाधान
मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण लेने सूरजपुर जिले से एडल्ट लीडर्स हुए शामिल
सूरजपुर/12 मई 2026
सोमवार को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के अंतर्गत ‘तारुण्य वार्ता हैशटैग पीरियड्स पर खुलकर‘ अभियान के साथ ही दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में इसका आयोजन हुआ। रायपुर स्थित श्री बालाजी विद्या मंदिर में मास्टर ट्रेनर्सत्र का प्रशिक्षण प्राप्त करने राज्य के सभी जिलों से तीन- तीन की संख्या में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्त एवं लीडर्स जुटे हैं। जिसमे सूरजपुर ने भी अपना प्रतिनिधित्व किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म पर चुप्पी नहीं, जागरूकता और संवाद की आवश्यकता है। हर बेटी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रारंभ किए गए अभियान की प्रशंसा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि यूनिसेफ के साथ शुरू की गई मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की इस मुहिम को पूरे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 मई को अभियान का समापन मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा।
यूनिसेफ की छत्तीसगढ़ हेड सीमा कुमार ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हम लड़कियों की गरिमा, समानता और स्वास्थ्य सुरक्षा का अभियान शुरू कर रहे हैं। यह बालिकाओं के सशक्तिकरण का भी अभियान है। उन्होंने कहा कि यह अभियान माहवारी के मिथकों और अनावश्यक पाबंदियों को तोड़ने का काम करेगा। यह अभियान लड़कियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह लड़कों को भी माहवारी के प्रति जागरूक करेगा और उनकी समझ को बढ़ाएगा तथा झिझक को दूर करेगा। सीमा कुमार ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन जैसे विषय को स्कूलों के पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाने की मांग रखी।
यूनिसेफ के व्यवहार परिवर्तन स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान से माहवारी को लेकर किशोरों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता में वृद्धि होगी। मासिक धर्म स्वच्छता व्यवहार में सुधार आएगा और इस विषय पर बात करने की झिझक दूर होगी तथा भ्रांतियों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान बालिकाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देगा।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई, वाश स्पेशलिस्ट श्वेता पटनायक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय आयुक्त जी स्वामी, रेड क्रास सोसायटी के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, राज्य मुख्यालय आयुक्त रविश गुप्ता, स्टेट को ऑडिनेटर में बरशिप ग्रोथ मोहम्मद सादिक शेख भी मंचासीन रहे। शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) पूनम सिंह साहू ने किया तथा आभार राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव द्वारा जताया गया।
पहले दिवस का प्रशिक्षण यूनिसेफ के एसबीसी कंसलटेंट अभिषेक त्रिपाठी, वाश ऑफिसर बिरजा कबी सतपथी, आशिष कुमार द्वारा प्रदान किया गया। दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयोजन दिलीप पटेल द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) सरिता पाण्डेय, राज्य संगठन आयुक्त द्वय अमित क्षत्रिय, जलवती साहू सहित अन्य की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन का संकल्प भी दिलाया। सूरजपुर से डीओसी स्काउट बलभद्र देवांगन, गाइड विनीता भगत एवं कंचनलता सम्मिलित हुए। अतिथियों द्वारा पोस्टर का विमोचन भी किया गया।