धुएं और लकड़ी की मशक्कत से मुक्ति, उज्ज्वला योजना ने आसान किया कमला का जीवन
सुकमा । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने केरलापाल निवासी कमला ठाकुर के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। कभी जंगल से लकड़ी जुटाने और धुएं से भरे चूल्हे पर खाना पकाने की कठिनाई झेलने वाली कमला अब गैस चूल्हे पर कम समय में आसानी से भोजन तैयार कर पा रही हैं।
उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन ने न केवल उनकी रसोई को धुएं से मुक्त किया है, बल्कि लकड़ी जुटाने में लगने वाले समय और मेहनत की भी बचत की है। इससे उनके रोजमर्रा के जीवन में सुविधा और सहजता बढ़ी है। समय और मेहनत की बचत से जीवन हुआ आसान। कमला ठाकुर के अनुसार, पहले बारिश के दिनों में गीली लकड़ियों से चूल्हा जलाना विशेष रूप से कठिन होता था। अब गैस चूल्हे पर कुछ ही मिनटों में चाय और भोजन तैयार हो जाता है। लकड़ी जुटाने में लगने वाला समय और मेहनत बचने से वह बच्चों की देखभाल, परिवार और अन्य जरूरी घरेलू कार्यों के लिए अधिक समय दे पा रही हैं। धुएं से होने वाली आंखों की जलन, खांसी और सांस लेने की परेशानी से भी उन्हें राहत मिली है।
कमला ठाकुर बताती हैं कि पहले खाना बनाने के लिए नियमित रूप से जंगल जाकर लकड़ियां जुटानी पड़ती थीं। समय की बचत से वह बच्चों की देखभाल, परिवार और अन्य जरूरी घरेलू कार्यों में लगा पा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं के दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।