देश-विदेश
सपा प्रमुख ने की झूठे एग्जिट पोल की निंदा
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के बाद आए लगभग सभी सर्वेक्षणों (एग्जिट पोल) को सत्ता पक्ष द्वारा पहले से तैयार झूठे सर्वे करार दिया तथा मतदाताओं को बदलाव के लिए ऐतिहासिक मतदान के वास्ते बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में जल्द ही प्रगतिशील, रोजगार सृजन करने वाली महागठबंधन की सरकार बनेगी।
उन्होंने महागठबंधन के सभी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को मतगणना प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन कहां रखी हैं, इस पर नजर रखने और 24 घंटे निगरानी बनाए रखने की सलाह दी।
यादव ने एक्स पर कहा, बदलाव के लिए ऐतिहासिक वोटिंग करने के लिए बिहार के हर मतदाता को बधाई और नयी प्रगतिशील नौकरी देनेवाली महागठबंधन सरकार बनने के लिए अग्रिम बधाई!
सत्ता पक्ष द्वारा पहले से तैयार कुछ झूठे एग्जिट पोल गुमराह कर रहे हैं। ‘जिनका दाना, उनका गाना’ के कारण जानबूझकर एग्जिट पोल से भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, जब चुनाव आयोग मतदान के कई दिनों तक वोटों का आंकड़ा नहीं दे पाता है तो ये चैनल कैसे एक घंटे में सब बता देते हैं। इनके झूठ के ग्राफ़िक्स कई दिनों पहले से तैयार हो जाते हैं। जहां से भोजन-पानी का इंतजाम होता है, ये झूठे चैनल उसकी पंगत में जा बैठते हैं।’’
उन्होंने कहा,‘‘ जिनको लगता है कि ये एग्जिट पोल सही हैं वो उत्तर प्रदेश के लोकसभा के चुनाव का एग्जिट पोल देख लें, जहां बड़े-बड़े भाजपाई सूरमाओं की हार हुई और फ़ेक एग्जिट पोलों की भी।
यादव ने एग्जिट पोल के जरिये भाजपा नीत गठबंधन को बढ़त दिखाकर गड़बड़ी का रास्ता खोलने की कोशिश का आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, महागठबंधन के हर दल, हर प्रत्याशी, हर कार्यकर्ता और हर समर्थक से हमारी ये अपील है कि आप सब पूरी तरह चौकन्ने रहें और किसी भी घपले-घोटाले को होने से रोकें। जहां मशीनें रखी हैं वहां चौकसी करें और चौबीसों घंटे निगरानी रखें। महागठबंधन जीत रहा है, इसीलिए जीत का सर्टिफिकेट लिए बिना चैन की सांस न लें। उन्होंने कहा, याद रखें: हमने अवध में हराया था, आप मगध में हरा रहे हैं। विजय का सूत्र : जब तक जीत का प्रमाण नहीं, तब तक विश्राम नहीं।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत मंगलवार को हुए मतदान के बाद विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी ज्यादातर एग्जिट पोल में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया जा रहा है।
अहमदाबाद के टेक्सटाइल एसोसिएशन समूह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, कपड़ा उद्योग में निवेश की रुचि दिखाई
अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के 'काफी करीब' : ट्रंप
वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता लगभग तैयार है और जल्द ही उस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने यह टिप्पणी भारत में अमेरिका के अगले राजदूत सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की। उन्होंने कहा, हम भारत के साथ एक नया समझौता कर रहे हैं, जो पहले से अलग होगा। इस बार दोनों देशों को बराबरी का लाभ मिलेगा। समझौते पर बात लगभग पूरी हो चुकी है और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहेगा। ट्रंप ने कहा कि उनकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपस में बहुत अच्छी समझ है। उन्होंने भारत को अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदार बताया।
ट्रंप ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि सर्जियो गोर भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत करेंगे। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक का घर है, दुनिया का सबसे बड़ा देश... हमारे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शानदार संबंध हैं और सर्जियो ने इसे और भी बेहतर बनाया है, क्योंकि वह पहले से ही प्रधानमंत्री के साथ दोस्ताना संबंध बना चुके हैं।
सर्जियो गोर को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शपथ दिलाई। इस मौके पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट भी मौजूद थे। ट्रंप ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत तेज़ी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार है।उपराष्ट्रपति वेंस ने भी गोर को बधाई देते हुए कहा कि वे और राष्ट्रपति ट्रंप, दोनों भारत को बहुत पसंद करते हैं।
सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि वे भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में पूरी मेहनत से काम करेंगे। उन्होंने कहा, मैं कई वर्षों से आपके साथ हूं और आगे भी रहूंगा। यह मेरे लिए एक अविश्वसनीय सम्मान की बात है और मैं दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं। 38 वर्ष के सर्जियो गोर इस पद पर नियुक्त होने वाले अब तक के सबसे युवा अमेरिकी राजदूत हैं और लंबे समय से ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव: दोपहर 1 बजे तक 47.62 फीसदी मतदान
पटना । बिहार के 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान जारी है। कुछ बूथों पर नाराज मतदाताओं ने वोट बहिष्कार कर दिया है। इसके बावजूद दोपहर एक बजे 47.62 फीसदी मतदान हुआ है।
प्रशांत किशोर ने लोकतंत्र के महापर्व में किया मतदान
रोहतास जिले के करगहर विधानसभा क्षेत्र के कोनार गांव में प्रशांत किशोर अपने पैतृक गांव पहुंचे और मतदान किया। उन्होंने लोगों से बिहार में बदलाव लाने के लिए वोट डालने की अपील की। प्रशांत किशोर ने कहा कि हर वोट महत्वपूर्ण है और जनता को आगे आकर अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। इस दौरान, उनके साथ करगहर विधानसभा के जन सुराज प्रत्याशी गायक रितेश पांडे भी मौजूद रहे। प्रशांत किशोर की इस पहल से गांव के लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया है।
चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर एक बजे तक 47.62 फीसदी मतदान हुआ है। निर्वाचन आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम चंपारण में 48.91%, पूर्वी चंपारण में 48.01%, शिवहर में 48.23%, सीतामढ़ी में 45.28%, मधुबनी में 43.39%, सुपौल में 48.22%, अररिया में 46.87%, किशनगंज में सबसे अधिक 51.86%, पूर्णिया में 49.63%, कटिहार में 48.50%, भागलपुर में 45.09%, बांका में 50.07%, कैमूर (भभुआ) में 49.89%, रोहतास में 45.19%, अरवल में 47.11%, जहानाबाद में 46.07%, औरंगाबाद में 49.45%, गया में 50.95%, नवादा में 43.45%, तथा जमुई में 50.91% मतदान दर्ज किया गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 14.55% मतदान दर्ज
पटना । बिहार में मंगलवार को विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। दूसरे चरण में प्रदेश के 20 जिलों के 122 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हो रहा है ।122 सीटों पर सुबह 9 बजे तक 14.55% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के आकड़ो के अनुसार सभी अधिक गया में 15.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
प्रदेश के हर शैक्षणिक संस्थान में अनिवार्य कराएंगे वंदे मातरम का गायन : योगी
गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय, हर शैक्षणिक संस्थान में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कराएंगे ताकि उत्तर प्रदेश के अंदर हर नागरिक के मन में भारत माता के प्रति, अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो सके।
सीएम योगी ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत, वंदे मातरम, ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी हुई चेतना को जागृत किया, उसमें पहले कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया और आज फिर कुछ लोग वंदे मातरम का विरोध कर रहे हैं। कोई भी व्यक्ति, मत, या मजहब राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। व्यक्तिगत आस्था यदि राष्ट्र के आड़े आए तो उसे एक छोर पर रख देना चाहिए।
पर, कुछ लोगों के लिए आज भी उनका व्यक्तिगत मत और मजहब बड़ा है। सपा सांसद द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जिन्ना को सम्मान देने के लिए होने वाले कार्यक्रम में तो शामिल होते हैं, लेकिन लौह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होते।
दिल्ली कार ब्लास्ट: मस्जिद के पास तीन घंटे खड़ी रही कार, जांच में बड़ा खुलासा...
नई दिल्ली । दिल्ली को दहला देने वाले लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ था, वह वारदात से पहले करीब तीन घंटे तक एक मस्जिद के पास पार्किंग में खड़ी रही थी।
जांच में सामने आया घटनाक्रम
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इनमें दिखा कि कार 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और 6:48 बजे निकली। कार पार्किंग से निकलने के महज चार मिनट बाद, शाम 6:52 बजे, सुभाष मार्ग लाल बत्ती पर जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ आग की चपेट में आ गईं। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
धमाके की भयावह तस्वीरें
धमाके के बाद सड़क पर खून और मलबा बिखरा पड़ा था। कई शवों के अंग दूर-दूर तक फैल गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की आवाज ढाई किलोमीटर दूर आईटीओ चौराहे तक सुनी गई। आसपास की इमारतें तक हिल गईं।
पुलिस ने दर्ज किया UAPA केस
दिल्ली पुलिस ने धमाके के मामले में UAPA की धारा 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम, और BNS की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में IED बम धमाके की पुष्टि हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पहाड़गंज के एक होटल से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
संदिग्ध पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, कार पार्किंग में खड़ी रहने के दौरान ड्राइवर बाहर नहीं निकला। पुलिस को शक है कि वह किसी निर्देश या संपर्क का इंतजार कर रहा था। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन
दमकल विभाग ने बताया कि आग में छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो पूरी तरह जल गए। एलएनजेपी अस्पताल में 24 घायलों का इलाज चल रहा है।
गृह मंत्री का बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि सुभाष मार्ग पर चलती i20 कार में शाम करीब 6:52 बजे धमाका हुआ। कार में तीन लोग सवार थे। उन्होंने कहा कि एनएसजी, एनआईए, एफएसएल, खुफिया ब्यूरो और दिल्ली पुलिस मिलकर जांच कर रही हैं।
देशभर में हाई अलर्ट
धमाके के बाद दिल्ली, एनसीआर, यूपी, हरियाणा, मुंबई और उत्तराखंड में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस अड्डे और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। अयोध्या में राममंदिर, और नागपुर में संघ मुख्यालय की सुरक्षा भी सख्त कर दी गई है। अमेरिका ने भी इस धमाके की जांच में मदद की पेशकश की है।
बड़े हमले की थी तैयारी? पुलवामा से जुड़े दिल्ली ब्लास्ट के तार, कड़ी जोड़ने में लगी एजेंसियां...
नई दिल्ली । नई दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर की शाम एक कार में जबरदस्त विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में 10 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था।
साजिश का नक्शा तैयार
धमाके से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद में दो किराए के मकानों से अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। ये मकान डॉ. मुज़म्मिल शकील के नाम पर किराए पर लिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कट्टरपंथी पेशेवरों का संगठित गिरोह है जिनका मकसद शहरी इलाकों में हाई-इम्पैक्ट धमाके कर देश में दहशत फैलाना था।
आपको बतादें कि कल ही फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कश्मीर मूल के डॉक्टर मुज़म्मिल शकील को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और कई स्वचालित हथियार बरामद किए थे।
बड़े हमले की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक, मुज़म्मिल शकील अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि वह एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे, जो उत्तरी भारत में बड़े पैमाने पर हमले की साजिश रच रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि मुज़म्मिल शकील के साथ डॉ. आदिल अहमद राथर भी इस मॉड्यूल से जुड़ा था। दोनों मिलकर उत्तरी भारत के प्रमुख शहरों में श्रृंखलाबद्ध हमले की योजना बना रहे थे।
पुलवामा से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, जिस कार में विस्फोट हुआ वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर दर्ज थी। उमर का नाम उस आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे सोमवार को ही फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त रूप से ध्वस्त किया था। इस मॉड्यूल में दो अन्य कश्मीरी डॉक्टर डॉ. मुज़म्मिल शकील और डॉ. आदिल अहमद राथर भी शामिल थे।
बौखलाहट या सोची समझी साजिश...
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद में कार्रवाई के बाद यह नेटवर्क घबरा गया और उसने हमले की योजना को तेज़ी से अंजाम दिया, जिसका परिणाम लाल किले के पास हुए धमाके के रूप में सामने आया। शुरुआती जांच में यह भी पता चला कि विस्फोटक कार लाल किले से सेंट्रल दिल्ली की ओर जाते हुए देखी गई थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हमले का लक्ष्य किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाना था।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहीं हैं, एक-एक करके खुलासे होते जाएंगे...
भक्ति की पताका संग गूँज उठा तिलकेश्वर तीर्थ; ध्वजा महोत्सव में उमड़े हज़ारों श्रद्धालु
तिलकेश्वर दादा के पावन सानिध्य में धूमधाम से मना ध्वजा महोत्सव
लखनऊ में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार को गोमतीनगर के उजरियाव गांव (विजय खंड-1) में एक मकान पर छापेमारी की। इस छापेमारी की बदौलत एसटीएफ ने जहरीले नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने और तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। एसटीएफ ने सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मकान मालिक फरार है।
बरामद माल की कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है।एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह ने बताया कि महीनों से इस मकान में चीन से मंगवाए गए पाउडर को फिनायल, यूरिया, नमक, विनेगर और रंग मिलाकर जहरीले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार किए जा रहे थे। ये इंजेक्शन लखनऊ, आसपास के जनपदों के अलावा बिहार, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में सप्लाई किए जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपी बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के मलकपुर गांव निवासी कयूम अली (बसंतकुंज PM आवास में रहता था) और मदेयगंज कदम रसूल वार्ड निवासी मोहम्मद इब्राहिम हैं। मकान मालिक गौसुल हसन की तलाश जारी है।
डिप्टी एसपी दीपक सिंह ने खुलासा किया कि कयूम चीन से कुरियर के जरिए इंजेक्शन बनाने का पाउडर मंगवाता था, जो पहले गाजियाबाद के लोनी कटरा पहुंचता था। वहां से गैंग के सदस्य इसे लखनऊ लाते थे। तैयार इंजेक्शन डेयरी मालिकों, सब्जी विक्रेताओं और किसानों तक एजेंटों के माध्यम से पहुंचाए जाते थे। ये इंजेक्शन गाय-भैंस को दूध बढ़ाने के लिए, सब्जियों की चमक बढ़ाने और फसल में तेजी लाने के लिए इस्तेमाल होते थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे जहरीले इंजेक्शन से निकला दूध पीने और इंजेक्शन लगी सब्जियां खाने से लोगों में कैंसर, हार्मोन असंतुलन, प्रजनन क्षमता में कमी और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर इसका असर और खतरनाक है।
एसटीएफ को सूचना मिली कि उजरियाव गांव में अवैध इंजेक्शन फैक्ट्री चल रही है। दरोगा हरीश चौहान की टीम ने मकान को ट्रेस किया और रविवार दोपहर छापा मारा। मौके से दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए। बरामद किए गए सामान में, 1018 शीशियां (180 एमएल) तैयार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन,
70 लीटर ऑक्सीटोसिन (5 लीटर के 14 गैलन), 55 लीटर फिनायल, 27 लीटर विनेगर, 16,500 खाली शीशियां (180 एमएल), 9 कैप सीलर मशीन, 3000 नीले और 3000 लाल एल्यूमिनियम कैप, 2500 रबर कैप, 19 किग्रा नमक, 1 फोन पे स्कैनर, 3 मोबाइल फोन और 790 रुपए नकद बरामद किए।
सभी बरामद नमूने लैब परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। पूछताछ में कयूम ने कबूल किया कि वह लंबे समय से इस धंधे में लगा है और मुनाफा लाखों में होता था। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लायर्स और खरीदारों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने एनकाउंटर में 50,000 रुपए का इनामी अपराधी को किया ढेर
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के कपूरपुर इलाके में पुलिस मुठभेड़ में 50,000 रुपए का इनामी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हसीन मारा गया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस ने इलाके में आपराधिक गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद रविवार देर रात चेकिंग अभियान के दौरान उसे रोका। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी कथित तौर पर गोकशी की योजना बना रहा था, तभी पुलिस टीम ने उसकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। आत्मसमर्पण करने के बजाय, हसीन ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी गोलीबारी में आरोपी को गोली लग गई और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्तौल और एक कार बरामद की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, रविवार रात लगभग 12.30 बजे, हमें थाना कपूरपुर क्षेत्र में संदिग्धों के एक समूह की गतिविधि के बारे में सूचना मिली। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, कपूरपुर थाने के प्रभारी अपनी टीम के साथ बताए गए स्थान की ओर बढ़े। जांच के दौरान, उन्हें एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार दिखाई दी और उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की। कार सवारों ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, और पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।"
उन्होंने बताया, मुठभेड़ में, एक हमलावर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे धुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में रामा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संभल जिले के अशमोली थाने के मनोटा गांव निवासी हसीन के रूप में हुई है।
सिंह ने बताया कि उसके खिलाफ लगभग 25-26 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा, वह एक वांछित अपराधी था जिस पर पुलिस ने 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया था। मौके से एक पिस्तौल, कारतूस और एक कार बरामद की गई है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
ऑपरेशन फरीदाबाद : IED सामग्री व हथियार बरामद, डॉक्टर व इमाम सहित कई गिरफ्तार
हरियाणा-जेके की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता, अमोनियम नाइट्रेट सहित हथियार और उपकरण जब्त
फरीदाबाद। हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में फरीदाबाद से भारी मात्रा में IED बनाने की सामग्रियाँ, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इस कार्रवाई में एक डॉक्टर और एक मुस्लिम धर्मगुरु (इमाम) समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ़्तारियों और छापों की जांच अभी जारी है और मामले का कनेक्शन कई राज्यों तक फैलने की संभावना का अंदेशा है।
बरामद सामग्रियों का विवरण (पुलिस जानकारी के अनुसार):
लगभग 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट (पुलिस ने स्पष्ट किया—RDX नहीं)।
एक असॉल्ट राइफल (AK-47 जैसी मगर थोड़ी छोटी), तीन मैगजीन और 83 जिंदा कारतूस।
एक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस व दो खाली मैगजीन।
8 बड़े और 4 छोटे सूटकेस, एक बाल्टी, 20 टाइमर बैटरियाँ, 24 रिमोट, लगभग 5 किलो भारी धातु, वॉकी-टॉकी सेट, इलेक्ट्रिक तार व अन्य संदिग्ध सामग्री।
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह गिरफ्तारी जम्मू-कश्मीर पुलिस की पूछताछ के क्रम में हुई। गिरफ्तार व्यक्तियों में से एक डॉ. मुज्जमिल को फरीदाबाद से पकड़ा गया। गिरफ्तार इमाम की पत्नी ने कहा कि उनका पति पिछले 20 वर्षों से मस्जिद में सेवा दे रहे थे और उन्हें नहीं पता कि उन्हें क्यों ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि डॉ. मुज्जमिल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े थे।
सीएम योगी का ऐलान: सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित गायन अनिवार्य
गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।"
सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा।
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं..."
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसों पर लिया स्वतः संज्ञान, NHAI और राज्यों से मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली । राजस्थान के फलौदी में हुए भीषण सड़क हादसे, जिसमें 15 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे, पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लिया है। अदालत ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
आंध्र प्रदेश के हादसे पर भी संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में हाल ही में हुए सड़क हादसे का भी संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि दोनों राज्यों के मामलों को देखते हुए अब राष्ट्रीय स्तर पर एक समन्वित नीति और दृष्टिकोण तैयार करना जरूरी है। इस पर अदालत ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा और सड़क किनारे ढांचों के नियमन के लिए ठोस नीति बनाई जा सके।
ढाबों और सड़क किनारे संरचनाओं पर मांगा ब्योरा
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय विश्नोई की पीठ ने कहा कि हादसों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर अब सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अदालत ने NHAI से राजस्थान के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित ढाबों, दुकानों और अन्य स्थापनाओं की पूरी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही सड़क की स्थिति और रखरखाव (road conditions) से जुड़ी रिपोर्ट भी दो सप्ताह में दाखिल करने को कहा गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता नाडकर्णी बने न्याय मित्र
अदालत ने मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एस. नाडकर्णी को न्याय मित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया है। साथ ही, राजस्थान के मुख्य सचिव को पक्षकार बनाते हुए निर्देश दिया गया कि वे भी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें। राजस्थान सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मामले में पूर्ण सहयोग करेगी और सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर न्यायालय की हर संभव सहायता करेगी।
राजमार्ग सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद अब यह मामला देशभर के राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा का मार्ग खोल सकता है। अदालत ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोपरि है और यदि राजमार्गों पर अनधिकृत ढांचे या खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने की घोषणा की
वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इस साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाली जी-20 बैठक में अमेरिकी सरकार का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होगा। उन्होंने मेजबान देश पर अपने अल्पसंख्यक श्वेत किसानों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जी-20 सम्मेलन का दक्षिण अफ्रीका में होना “शर्मनाक” है। उनका कहना है कि वहां कई अफ्रीकी लोगों के साथ हिंसा की जा रही है, जो डच, फ्रांसीसी और जर्मन मूल से जुड़े हैं। उनकी जमीन और खेत जबरन छीने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि जब तक यह स्थिति बनी रहेगी, तब तक अमेरिका का कोई अधिकारी जी-20 में नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वर्ष 2026 का जी-20 सम्मेलन मियामी, फ्लोरिडा में कराने की उम्मीद करते हैं।
ट्रंप इससे पहले भी कह चुके थे कि वह स्वयं इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, जहां दुनिया की बड़ी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक साथ आते हैं। अमेरिका का यह फैसला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच का शायद ही कभी होने वाला बहिष्कार माना जा रहा है। इससे यह भी साफ होता है कि ट्रंप प्रशासन का दक्षिण अफ्रीका के प्रति रुख कड़ा होता जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने भेदभाव के अमेरिकी आरोपों को बार-बार खारिज किया है। उनका कहना है कि श्वेत आबादी का जीवन स्तर आज भी देश की अश्वेत बहुसंख्यक आबादी से ऊँचा है, और किसानों पर अत्याचार की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती हैं। राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी पहले कह चुके हैं कि श्वेत किसानों के खिलाफ व्यापक उत्पीड़न की बातें पूरी तरह झूठ हैं।
कुछ दिन पहले ट्रंप ने मियामी में एक बयान में कहा था कि दक्षिण अफ्रीका को “जी-20 से बाहर निकाल देना चाहिए", क्योंकि वहां की स्थिति ठीक नहीं है।
कुछ महीने पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक का बहिष्कार किया था। उनका कहना था कि सम्मेलन में ज़रूरत से ज़्यादा विविधता, समानता और जलवायु जैसे मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है।
इस समय जी-20 की अध्यक्षता दक्षिण अफ्रीका के पास है और अगले वर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका यह पदभार ग्रहण करेगा। सम्मेलन 22 से 23 नवंबर तक जोहानिसबर्ग में होने वाला है। अमेरिका की अनुपस्थिति के बावजूद, बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगी, और इसमें विश्व आर्थिक स्थिति, ऊर्जा परिवर्तन और विकास सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
समाज केवल कानून से नहीं, बल्कि संवेदना से भी चलता है : मोहन भागवत
बेंगलुरु । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को बेंगलुरु में हुए नेले फाउंडेशन के रजत जयंती समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा काम 25-50 साल चलाना कठिन होता है, क्योंकि अच्छा काम करते हैं तो रास्ता हमेशा थकाने वाला और कठिन होता है, लेकिन इतने लंबे समय तक अच्छा काम करते रहना हम सबके लिए आनंद का विषय है। मोहन भागवत ने कहा कि समाज केवल कानून से नहीं चलता है, बल्कि संवेदना से भी चलता है। एक अपनापन होता है। हम सभी को उस अपनेपन की संवेदना, उत्कृष्टता से अपने हृदय में अभिभूत करके उसे जागरूक रखने का काम करना चाहिए। तब हमारा समाज, भारतवर्ष, खड़ा होगा और हम विश्वगुरु बनेंगे।
यह जो अपनापन है, वही हम सभी लोगों का मूल स्वरूप है। सभी लोगों में एक ही अस्तित्व है; उसी को हमारी परंपरा में ब्रह्म या ईश्वर कहते हैं जिसे आज विज्ञान भी मानता है। मोहन भागवत ने कहा कि जब हम खाना खाने बैठते हैं और अगर कोई भूखा व्यक्ति हमारे पास आता है, ऐसे में हम या तो उसको खाना खिलाएंगे या फिर उसको भगा देंगे। अगर वो हमारे भगाने से नहीं जाता तो उसकी तरफ पीठ करके खाना खाएंगे, क्योंकि हम उसके सामने भोजन रखकर नहीं खा सकते। इसको संवेदना कहते हैं। इंसान के मन में संवेदना होती है। हालांकि, जानवरों में भी संवेदना होती है, लेकिन इंसान की संवेदना सबके लिए होती है। जानवरों की संवेदना केवल अपने तक होती है। उनको केवल खाना है और जीना है। जब तक जीना है, तब तक खाना है, इसलिए जानवर आत्महत्या नहीं करते। लेकिन, इंसान को दूसरे की संवेदना का अहसास होता है, जो दूसरे के दुख-तकलीफ को समझता है। इसे करुणा कहते हैं, मानव हृदय में एक भावना है।
उन्होंने कहा कि 50-60 साल पहले जो देहातों से शहर में पढ़ने जाते थे तो वो बताते थे कि मेरी ठहरने और खाने की व्यवस्था नहीं है। वो किसी के घर में रहते थे। पहले घरों में खाने का एक हिस्सा निकालकर रखा जाता था कि कोई आएगा तो उसको खिलाया जाएगा। पहले समाज संवेदनाओं से चलता था, लेकिन अब हम धीरे-धीरे जड़वादी चिंतन की जद में हो गए हैं।
मोहन भागवत कहते हैं कि आज समाज की वर्तमान स्थिति ऐसी है कि इन कार्यों को औपचारिक रूप से करना ही होगा। यह अच्छी बात है कि लोग ये कर रहे हैं। वे 25 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। ये सकारात्मक पहल है। हालांकि, इन कार्यों को करने वालों का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। इसे देखकर लोगों में करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता विकसित होनी चाहिए। समाज के मूल्यों को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। जो लोग यह कार्य कर रहे हैं, उनसे दूसरों को प्रेरणा मिलनी चाहिए और समाज को प्रगति करनी चाहिए।
बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं, इंजीनियर और डॉक्टर बनेगा: मोदी
सीतामढ़ी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार के सीतामढ़ी में होने वाली चुनावी सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, पहले चरण के मतदान में बिहार ने कमाल कर दिया है, पहले चरण में जंगलराज वालों को 65 बोल्ट का झटका लगा है। चारों तरफ चर्चा है कि बिहार के नौजवानों ने विकास, NDA को चुना है। बिहार की बहनों, बेटियों ने भी NDA की रिकॉर्ड विजय पक्की कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, राजद बिहार के बच्चों के लिए क्या करना चाहती है, यह उनके नेताओं के चुनाव प्रचार में साफ़ दिखाई देता है।
राजद के मंचों पर मासूम बच्चों से कहलवाया जा रहा है; वो बच्चे कह रहे हैं कि वे रंगदार बनना चाहते हैं। बिहार का बच्चा अब रंगदार नहीं बन सकता; हमारा बच्चा इंजीनियर बनेगा, डॉक्टर बनेगा, वकील बनेगा, जज बनेगा नरेंद्र मोदी ने कहा, जंगलराज का मतलब है कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार और भ्रष्टाचार। ये कुसंस्कार से भरे लोग हैं, ये कुशासन चाहते हैं। भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेताओं ने बिहार को सामाजिक न्याय दिया, लेकिन जंगलराज आते ही बिहार में बर्बादी का दौर शुरू हो गया। राजद ने बिहार में विकास के पूरे माहौल को नष्ट कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ये राजद और कांग्रेस वाले सिर्फ़ उद्योगों पर ताला लगाना जानते हैं। इनके 15 साल के जंगलराज में बिहार में एक भी बड़ा कारखाना नहीं लगा। मिथिला की मिलें भी बंद हो गईं। 15 साल के जंगलराज में बिहार में कोई बड़ा अस्पताल या मेडिकल कॉलेज नहीं बना, इसलिए जंगलराज वालों के मुंह से विकास की बातें सफेद झूठ हैं।