देश-विदेश
एकता दिवस पर गणतंत्र दिवस जैसी परेड, कई राज्यों की झांकियाँ
नई दिल्ली। एकता दिवस समारोह 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर एकता की शपथ दिलाई। यह राष्ट्रीय एकता दिवस है जो सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और भारत की एकता और अखंडता की अटूट भावना को श्रद्धांजलि है।
राष्ट्रीय एकता दिवस, जिसे राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है, 31 अक्टूबर को पूरे भारत में वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है।
प्रथम केंद्रीय गृह मंत्री सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस (राष्ट्रीय एकता दिवस) का भव्य आयोजन किया गया।
एकता नगर में लौह पुरुष सरदार पटेल की गगनचुंबी प्रतिमा के सामने राष्ट्र की शक्ति और एकता का शानदार प्रदर्शन हुआ। इस वर्ष, गणतंत्र दिवस की तर्ज पर आयोजित 'राष्ट्रीय एकता परेड' के साथ एकता दिवस समारोह विशेष बन गया।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में 'विविधता में एकता' की थीम को दर्शाया गया, जिसमें गुजरात, जम्मू और कश्मीर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी सहित कई राज्यों की झाँकियाँ शामिल थीं।
एकता दिवस समारोह में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियाँ भी शामिल थीं। इस वर्ष के एकता दिवस समारोह की एक प्रमुख विशेषता बीएसएफ का श्वान दस्ता, रामपुर और मुधोल हाउंड जैसे भारतीय नस्ल के कुत्ते थे। इसने उनके संचालन कौशल का प्रदर्शन किया।
परेड में नक्सल विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके साहस के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ के शौर्य चक्र और वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनकी बहादुरी का भी सम्मान किया गया।
शुक्रवार सुबह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के भव्य समारोह का नेतृत्व किया। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने आसमान को तिरंगे रंग में रंग दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को भारत के एकीकरण की प्रेरक शक्ति और प्रेरणा का शाश्वत स्रोत बताया। X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "भारत सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता है। वे भारत के एकीकरण के पीछे प्रेरक शक्ति थे, जिन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों में राष्ट्र के भाग्य को आकार दिया। राष्ट्रीय अखंडता, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। हम एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके दृष्टिकोण को कायम रखने के अपने संकल्प की पुनः पुष्टि करते हैं।"
निर्मला सीतारमण के प्लेन की हुई इमरजेंसी लैंडिंग
सिलीगुड़ी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विमान की गुरुवार को भूटान जाते समय इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार दोपहर भूटान के लिए रवाना होने के बाद भारी बारिश और आसमान में कम दबाव के कारण उनके विमान की बागडोगरा हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग करानी पड़ी। बता दें कि वित्त मंत्री के यात्रा कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें आज ही भूटान पहुंचना था, लेकिन मौसम की खराबी के चलते ऐसा हो नहीं सका। अब वे फिलहाल रात भर सिलीगुड़ी में ही रुकेंगी।
शुक्रवार सुबह भूटान रवाना हो सकती हैं वित्त मंत्री
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि अगर मौसम सामान्य रहा, तो निर्मला सीतारमण शुक्रवार की सुबह फिर से भूटान के लिए रवाना होंगी। बता दें कि केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक भूटान की आधिकारिक यात्रा पर वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। उन्हें आज ऐतिहासिक सांगचेन चोखोर मठ दौरे के साथ अपनी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत करनी थी। इस मठ की स्थापना 1765 में हुई थी और यह आधुनिक बौद्ध अध्ययन में संलग्न 100 से अधिक भिक्षुओं का निवास स्थान है।
भूटान नरेश और पीएम से मिलने वाली थीं सीतारमण
बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री का भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के प्रधानमंत्री महामहिम दाशो शेरिंग तोबगे से मुलाकात का कार्यक्रम था। इसके अलावा वह भूटान के वित्त मंत्री श्री लेके दोरजी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करने वाली थीं, जिसमें भारत-भूटान आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होनी थी। सीतारमण भूटान में भारत सरकार के सहयोग से क्रियान्वित कई प्रमुख परियोजना स्थलों का दौरा भी करने वाली थीं। हालांकि प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद अब नए सिरे से कार्यक्रमों की रूपरेखा बनानी होगी। सीतारमण कुटीर एवं लघु उद्योग (CSI) बाजार का भी दौरा करने वाली थीं और UPI के इस्तेमाल से संपन्न लेनदेन की प्रक्रिया का जायजा लेने वाली थीं।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर हुआ डिलीवरी घोटाले का शिकार
कर्नाटक । ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ₹1.85 लाख के महंगे स्मार्टफोन की जगह पैकेज में टाइल का एक टुकड़ा मिला। पीड़ित ने इस "डिलीवरी घोटाले" के खिलाफ कुमारस्वामी लेआउट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
1.85 लाख के फोन की जगह मिला टाइल
वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ प्रेमानंद ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने दिवाली सेल के दौरान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon ऐप से ₹1,85,000 का सैमसंग गैलेक्सी ज़ेड फोल्ड मोबाइल फोन ऑर्डर किया था। उन्होंने क्रेडिट के माध्यम से पूरी कीमत का भुगतान कर दिया था।
जब तय तारीख पर उन्हें पार्सल डिलीवर हुआ और उन्होंने उसे खोला, तो वे यह देखकर चौंक गए कि बॉक्स के अंदर मोबाइल फोन की जगह टाइल का एक टुकड़ा रखा हुआ था।
बॉक्स खोलते हुए की रिकॉर्डिंग
प्रेमानंद ने शिकायत में बताया कि डिलीवरी लेते समय उन्हें कोई संदेह नहीं हुआ, क्योंकि आरोपी ने फोन के वजन के लगभग बराबर ही टाइल का टुकड़ा पैकेज में रखा था। हालांकि, प्रेमानंद ने समझदारी दिखाते हुए सीलबंद बॉक्स खोलते समय पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो रिकॉर्डिंग और खरीद से संबंधित सभी दस्तावेज अब पुलिस जांच में उनके पक्ष में एक मजबूत सबूत बन गए हैं।
कंपनी ने लौटाए पैसे, पुलिस जांच में जुटी
प्रेमानंद ने तुरंत डिलीवरी बॉय से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई और 19 अक्टूबर को अमेज़न कस्टमर केयर में भी शिकायत की। कंपनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही कार्रवाई की और प्रेमानंद के पूरे पैसे वापस लौटा दिए।
बांग्लादेश से सैन्य गठजोड़ मजबूत कर रहा पाकिस्तान
नई दिल्ली । बांग्लादेश आईएसआई के लिए नया अड्डा बन गया है। बीते कुछ समय में पाकिस्तान और उसके पाले हुए आतंकी संगठन की गतिविधियां बांग्लादेश में बढ़ गई हैं। मुहम्मद यूनुस के कार्यभार संभालने के बाद से पाकिस्तानी अधिकारी लगातार बांग्लादेश की यात्रा कर रहे हैं। भारत की पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेएससी) के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा की चार दिवसीय बांग्लादेश यात्रा पर कड़ी नजर रही। अपनी यात्रा के दौरान, साहिर शमशाद मिर्जा ने मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने देश के सैन्य नेतृत्व के साथ भी बैठकें कीं। इन बैठकों से ये तो साफ हो गया है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग गहरा होता जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बैठक में आईएसआई का कमांडर भी शामिल रहा।
अधिकारियों का कहना है कि आईएसआई अधिकारियों को इसलिए आमंत्रित किया गया था, ताकि दोनों देश डीजीएफआई के साथ खुफिया जानकारी साझा कर सकें। डीजीएफआई और आईएसआई मिलकर काम करेंगे और ऐसा करने के लिए एक संयुक्त खुफिया तंत्र स्थापित किया गया। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस घटनाक्रम के कारण भारत को हाईअलर्ट पर रहना होगा। आईएसआई और डीजीएफआई का यह संयुक्त तंत्र बंगाल की खाड़ी की निगरानी पर केंद्रित होगा। यह भारत के पूर्वी तट के हवाई क्षेत्र पर भी कड़ी नजर रखेगा।
एक और बड़ी घटना ढाका स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के अंदर एक विशेष आईएसआई सेल की स्थापना है। यह सेल आईएसआई, डीजीएफआई और बांग्लादेश की राष्ट्रीय सुरक्षा खुफिया एजेंसी के बीच सहयोग सुनिश्चित करेगा। एक खुफिया ब्यूरो अधिकारी ने कहा कि इस सेल का उद्देश्य केवल दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना नहीं है। दोनों का भारत में एक साझा दुश्मन है और उनकी एजेंसियां हमारे हितों के विरुद्ध काम करेंगी।
बता दें, शेख हसीना के सत्ता में रहते हुए आईएसआई की उपस्थिति बहुत कम थी। यूनुस के शासनकाल में उसकी उपस्थिति बढ़ी है, लेकिन चिंता की बात यह है कि अब यह आधिकारिक हो गई है। इसका मतलब है कि उनकी गतिविधियां बिना किसी जांच के चलती रहेंगी। एक अन्य अधिकारी ने बांग्लादेश की स्थिति की तुलना करते हुए श्रीलंका का उदाहरण दिया। श्रीलंका स्थित उच्चायोग में आईएसआई के अधिकारी मौजूद हैं। उन्होंने दक्षिण भारत में लोगों की घुसपैठ कराने की एक बड़ी साजिश रची थी। हालांकि, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस साजिश का भंडाफोड़ किया, जिसमें न केवल दक्षिण भारत में मॉड्यूल स्थापित करना शामिल था, बल्कि कई हमलों को अंजाम देना भी शामिल था।
बांग्लादेश में भी इसी तरह की गतिविधियां होंगी, लेकिन मुख्य रूप से पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पाकिस्तान ने बांग्लादेश को तकनीकी और सैन्य मोर्चे पर सहायता की पेशकश की है। इसमें पैदल सेना, तोपखाने प्रणालियों की आपूर्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संयुक्त नौसेना और वायु सेना अभ्यास शामिल होंगे।
एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि हसीना सरकार के पतन के बाद से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच यह नजदीकी सौ गुना बढ़ गई है। यह निस्संदेह नई दिल्ली के लिए चिंता का एक बड़ा कारण है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारत और उसके सशस्त्र बल इस नए संबंध के कारण किसी भी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं, फिर भी यह चिंता का विषय बना रहेगा, क्योंकि अधिकारी अपनी सतर्कता में ढील नहीं दे सकते।
हरिद्वार के हरकी पौड़ी में तीन महिलाओं के बीच जमकर चले लात-घूंसे
हरिद्वार । हरिद्वार के हरकी पौड़ी में तीन महिलाएं भिड़ गईं। जानकारी के अनुसार, बुधवार को यात्रियों को टीका लगाने को लेकर तीन महिलाओं में विवाद हो गया और बात इतनी बढ़ी की मारपीट करने लगी। तीनों में जमकर हाथापाई। हंगामा कर रही महिलाओं को पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार कर लियाष इस दौरान महिलाएं माफी मांगते नजर आईं।
श्रद्धालुओं को टीका लगाने को लेकर हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि मारपीट करने वाली महिलाएं घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को टीका लगाकर पैसे मांगने का काम करती हैं। पहले टीका लगाने को लेकर तीनों में विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ी की तीनों के बीच लात घूंसे चलने लगे। वहां पर मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
महिलाओं के बीच चले लात-घूंसे
वीडियो में दिख रहा है कि एक महिला जमीन पर गिरी है और से दो महिलाएं पीट रही हैं। महिलाएं बाल पकड़कर नीचे गिरी हुई महिला को मार रही है। इस बीच बहुत से लोग तमाशा देख रहे थे। मारपीट होते देख एक महिला और कुछ पुरुष आकर तीनों को अलग करते दिख रहे हैं।
हमास ने तोड़ा संघर्ष विराम तो इस्राइल ने गाजा पर किया हवाई हमला, 60 की मौत...
येरुशलम/नई दिल्ली । गाजा में फिर से लड़ाई छिड़ गई है और बीती रात इस्राइल ने गाजा पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 60 लोगों के मारे जाने की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ये दावा किया है। इस्राइल का ये हमला ऐसे समय हुआ हैं, जब इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास पर जोरदार हमले करने का आदेश दिया था। नेतन्याहू ने ये आदेश हमास द्वारा कथित तौर पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के बाद दिया गया।
मरने वालों में कई बच्चे और महिलाएं
गाजा के दीर ए बलाह स्थित अक्सा अस्पताल के एक बयान में बताया कि बीती रात कम से कम 10 शव अस्पताल पहुंचे, जिनमें तीन महिलाएं और छह बच्चों के शव थे। दक्षिणी गाजा के खान यूनिस स्थित नासर अस्पताल ने बताया कि इलाके में पांच इस्राइली हवाई हमलों के बाद 20 शवों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से 13 शव बच्चों और दो महिलाओं के थे। मध्य गाजा स्थित अल-अवदा अस्पताल ने बताया कि उनके यहां 30 शव पहुंचे, जिनमें से 14 बच्चों के शव थे।
इस्राइल ने हमास पर लगाया संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप
गाजा पर हवाई हमला ऐसे समय हुआ, जब इस्राइल द्वारा हमास पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जा रहा है। एक इस्राइली अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी गाजा में उनकी सेना पर गोलीबारी की गई थी, जिसमें इस्राइली सैनिक मारे गए थे। इसके बाद नेतन्याहू ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के लिए हमास को कड़ा जवाब देने की बात कही थी। हमास ने सोमवार को कुछ अवशेष सौंपे थे, जिनके बारे में इस्राइल ने दावा किया कि जो बंधक पहले ही इस्राइल लौट चुका है, उसके अवशेष बताकर ये सौंपे गए थे। इसे लेकर भी इस्राइल में नाराजगी है। हालांकि गाजा में संघर्ष विराम कराने वाले अमेरिका ने इस हिंसा को कम करके आंकने की कोशिश की। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छोटी-मोटी झड़पें जल्दी ही खत्म हो जाएंगी।
कनाडा में भारतीय मूल के उद्योगपति की हत्या, इस गैंग ने ली जिम्मेदारी...
ओटावा/नई दिल्ली । कनाडा में भारतीय मूल के एक बड़े उद्योगपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। जानकारी के अनुसार भारतीय मूल के उद्योगपति दर्शन सिंह साहसी की कनाडा के एबट्सफोर्ड इलाके में उस वक्त हत्या कर दी गई, जब वे कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे।
हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
दर्शन सिंह साहसी की हत्या का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दर्शन सिंह अपनी कार में सवार होते दिख रहे हैं, तभी एक हमलावर उनके पास आता है और दर्शन सिंह पर गोलियां चला देता है। हमलावर अकेला था और मौके से एक टोयोटा कोरोला कार में सवार होकर फरार हो गया। गोलीबारी की सूचना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दर्शन सिंह गंभीर हालत में घायल थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कनाडा पुलिस ने बताया कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और जल्द ही इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी
वहीं कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर दर्शन सिंह साहसी की हत्या की जिम्मेदारी ली है। गोल्डी ढिल्लन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। गोल्डी ढिल्लन ने पोस्ट में दावा किया कि पीड़ित ड्रग तस्करी में शामिल थे और गैंग द्वारा पैसे की डिमांड को नजरअंदाज किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है और दर्शन सिंह की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित संलिप्तता की जांच करने की बात कही है।
कैरेबियाई देश जमैका से टकराया कैटेगरी-5 तूफान ‘मेलिसा’
अब तक 7 लोगों की मौत; संयुक्त राष्ट्र ने बताया “सदी का सबसे खतरनाक तूफान”
किंग्सटन/नई दिल्ली । कैरेबियाई देश जमैका मंगलवार को कैटेगरी-5 के तूफान ‘मेलिसा’ की चपेट में आ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे इस सदी का सबसे ताकतवर और विनाशकारी तूफान बताया है।
तूफान के दौरान हवाओं की गति 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई, जिससे सैकड़ों घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए। सरकार ने लगभग छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
अब तक सात लोगों की मौत
तूफान से अब तक जमैका में तीन, हैती में तीन और डोमिनिकन रिपब्लिक में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कई लोग लापता हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। तूफान के असर से बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।
भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बढ़ा
‘मेलिसा’ के कारण जमैका में लगातार भारी बारिश जारी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तटीय क्षेत्रों में भारी बाढ़ की आशंका जताई गई है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल घोषित कर दिया है और लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
राहत और बचाव कार्य तेज
संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। WFP के अनुसार, हजारों लोगों को खाद्य पैकेट और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री पहुंचाई जा रही है। यूएन का कहना है कि बीते साल जुलाई में आए बेरिल तूफान के बाद मेलिसा अटलांटिक महासागर में आया सबसे शक्तिशाली तूफान है।
कैटेगरी-5 तूफान कितना खतरनाक होता है
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कैटेगरी-5 तूफान हवाओं की गति 250 किमी/घं. से अधिक होने पर घोषित किया जाता है। ऐसे तूफान पूरे शहरों को तबाह करने की क्षमता रखते हैं और इन्हें “टोटल डेस्ट्रक्शन लेवल” पर वर्गीकृत किया जाता है।
इलाज के लिए आसाराम बापू को मिली जमानत
जोधपुर। जोधपुर हाईकोर्ट से आसाराम बापू को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके उपचार के लिए दायर की गई नियमित जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। यह राहत स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई है।
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसाराम को इलाज के लिए जमानत देने का फैसला सुनाया।
देवदत्त और यशपाल ने रखा था कोर्ट के सामने पक्ष
यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट से मिली छह माह की अंतरिम जमानत के बाद अब आसाराम को छह माह जेल में नहीं रहना पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, अधिवक्ता यशपा लसिंह राजपुरोहित ने आसाराम का पक्ष कोर्ट के समक्ष रखा था। उन्होंने अपनी दलील में कहा था कि उपचार के लिए आसाराम को जेल से बाहर रहना जरूरी है। ऐसे में बिना कस्टडी के जमानत मिलने से आसाराम के उपचार में राहत मिलेगी। कोर्ट ने आसाराम की बीमारी अवस्था व पिछले 12 साल से जेल में होने पर ये राहत प्रदान की है।
समर्थकों में खुशी की लहर
सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट का विस्तृत आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आसाराम लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते नियमित जमानत की मांग की थी। हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आसाराम को राहत मिलने से समर्थकों में खुशी की लहर है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान, कहा- अविस्मरणीय अनुभव
नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला वायुसेना स्टेशन से फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। वह फ्लाइट सूट पहनकर राफेल में बैठीं और टेक ऑफ से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, उसे चलाने के तरीके और सुरक्षा से जुड़ी बातें समझीं। बता दें कि राष्ट्रपति ने हमेशा से सेना से जुड़े कामों में दिलचस्पी दिखाई है।
राफेल उड़ान मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव: राष्ट्रपति मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रचा। उन्होंने इसे 'अविस्मरणीय अनुभव' करार देते हुए कहा कि इस उड़ान ने देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति उनके मन में गर्व की नई भावना जगाई है। मुर्मू भारत की पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी है। इससे पहले 2023 में उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान का अनुभव लिया था।
अंबाला वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक आसमान में समय बिताया और करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ा और इस दौरान इसकी गति 700 किलोमीटर प्रति घंटे रही। उड़ान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने संचालित किया।भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू को राफेल की परिचालन क्षमताओं और वायु सेना की तैयारियों के बारे में विस्तृत ब्रिफिंग भी दी गई।
अंबाला स्टेशन वह पहला एयरबेस है, जहां फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी से राफेल विमान पहुंचे थे।उड़ान के बाद आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने लिखा, "राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक8 अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना जगाई है। मैं इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए भारतीय वायु सेना और अंबाला वायु सेना स्टेशन की पूरी टीम को बधाई देती हूं।
भारत ने फ्रांस से खरीदे थे राफेल लड़ाकू विमान
भारत ने राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से खरीदे हैं। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी, जिसमें 5 राफेल विमान शामिल थे। ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। उन्होंने फ्रांस के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी, संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा एयरबेस पर रुके और फिर भारत पहुंचे।
10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में एक औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की गई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन, "गोल्डन एरोज" में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी राफेल में उड़ान भर चुके हैं।
दक्षिण कोरिया पहुंचे ट्रंप, व्यापार मुद्दों पर अलग-अलग बैठकों में ली और जिनपिंग के साथ करेंगे वार्ता
सोल । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे। दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति एपीईसी समिट में राष्ट्रपति ली जे म्युंग और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल की पहली एशिया यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे हैं। ट्रंप की इस यात्रा का मकसद टैरिफ के बीच व्यापार और निवेश में डील पर केंद्रित है। इससे पहले दिन में एयरफोर्स वन फ्लाइट से अमेरिकी राष्ट्रपति टोक्यो से रवाना हुए और बुधवार को बुसान के गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ली जे म्योंग लगभग दो महीनों में अपनी दूसरी शिखर वार्ता के लिए बुधवार को ग्योंगजू में मिलेंगे। इस मुलाकात में दोनों पक्षों के बीच एक व्यापार समझौते पर मुहर लगने की संभावना है, जिसकी रूपरेखा जुलाई में तय हुई थी।
दोनों पक्षों के बीच व्यापार समझौता एक अहम मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि सोल और वाशिंगटन ने अपनी वार्ता की स्थिति के बारे में अलग-अलग आकलन प्रस्तुत किए हैं।
जिस व्यापार समझौते पर आज मुहर लग सकती है, उसमें दक्षिण कोरिया को अमेरिका में 350 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की बात कही गई थी। इसके बदले में वाशिंगटन टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर देगा। हालांकि, निवेश पैकेज के डिटेल्स में खामियां होने के कारण यह डील अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है।
गुरुवार को शी जिनपिंग के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता होने जा रही है। यह 2019 के बाद से ट्रंप और जिनपिंग की पहली मुलाकात है। बढ़ते अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के बीच इसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
RBI ने बीते 6 महीनों में विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना भारत लाया वापस
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक देश की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस वर्ष मार्च से सितंबर तक की अवधि में केंद्रीय बैंक ने विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना वापस मंगवा लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर के देश भू-राजनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर फाइनेंशियल बैन और एसेट फ्रीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वर्ष सितंबर अंत के आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई के पास 880.8 टन सोना है। इसमें से 575.8 टन का एक बड़ा हिस्सा भारत में सुरक्षित रखा गया है।
भीषण चक्रवात 'मोंथा' आंध्र तट से टकराया, ओडिशा में हुई भारी बारिश से तबाही
नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रक्रिया मंगलवार शाम शुरू हो गई है और यह अगले तीन से चार घंटों तक जारी रहेगी। थाई भाषा में 'मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार शाम 7:23 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
आईएमडी के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले कुछ घंटों में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आस-पास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगी। इस दौरान अधिकतम 90 से 100 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलेगी, जिसकी गति 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित
वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा में चक्रवात 'मोंथा' की वजह से मंगलवार को भारी बारिश हुई, जिससे तटीय और दक्षिणी जिलों में भूस्खलन, घरों को नुकसान और कई जगह पेड़ उखड़ गए। कानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजम, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर सहित दक्षिणी ओडिशा के कुल 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
गजपति जिले के अनाका ग्राम पंचायत में पास की पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से पांच गांवों की सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगढ़ जिले के गुनुपुर, गुदारी और रामनागुड़ा इलाकों में भी पेड़ उखड़ने की सूचना है। गजपति जिले की पोतारा पंचायत में चक्रवात आश्रय स्थल के प्रबंधन में लगे एक आपूर्ति सहायक सुरेंद्र गमांग की सोमवार रात अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारण की पुष्टि नहीं की है।
छठ पूजा सिर्फ सूर्य उपासना नहीं, बल्कि यह ऊर्जा, श्रद्धा और जीवन संतुलन का पर्व : आचार्य पुनीत गुरु जी
लखनऊ। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य पुनीत गुरु जी (Astro Puneet Guru Ji) ने बताया कि छठ पूजा सिर्फ सूर्य उपासना नहीं, बल्कि यह ऊर्जा, श्रद्धा और जीवन संतुलन का पर्व है।
ट्रंप ने विज्ञापन विवाद को लेकर कनाडा पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने कनाडा पर आरोप लगाया है कि उसने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के भाषण को लेकर एक भ्रामक विज्ञापन” चलाया है।ट्रंप ने शनिवार देर रात अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, उन्हें यह विज्ञापन तुरंत हटा लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसे वर्ल्ड सीरीज के दौरान प्रसारित किया, जबकि वे जानते थे कि यह झूठा है। तथ्यों को गलत दिखाने और शत्रुतापूर्ण रवैये के कारण, मैं कनाडा पर पहले से लगाए गए टैरिफ में 10 प्रतिशत की और वृद्धि कर रहा हूं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा, अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट इस समय ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों से जुड़े कानूनी मामलों की सुनवाई कर रहा है।
ट्रंप ने लिखा, यह पूरा झूठ इसलिए फैलाया गया ताकि कनाडा को उम्मीद रहे कि अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट उन्हें टैरिफ मामले में बचा लेगा, जबकि उन्होंने लंबे समय से इन शुल्कों का इस्तेमाल अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के लिए किया है। गुरुवार को ट्रंप के विरोध के बाद, ओंटारियो के प्रधानमंत्री डग फोर्ड ने कहा कि वह सोमवार से टैरिफ-विरोधी विज्ञापन का प्रसारण रोक देंगे ताकि व्यापार वार्ता फिर से शुरू हो सके।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को अचानक समाप्त करने की घोषणा की थी। कार्नी ने कहा, हम महीनों से यह बात दोहरा रहे हैं कि हमें यह समझना चाहिए कि कौन-सी चीजें हमारे नियंत्रण में हैं और कौन-सी नहीं। हम अमेरिका की व्यापार नीति को नियंत्रित नहीं कर सकते। हम जानते हैं कि यह नीति 1980, 1990 और 2000 के दशक से बिल्कुल बदल चुकी है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा के वार्ताकार अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बातचीत में "काफी प्रगति" कर रहे हैं, खासकर स्टील, एल्युमीनियम और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में। उन्होंने कहा, हम अपने अमेरिकी साथियों के साथ रचनात्मक चर्चा कर रहे थे। जब भी अमेरिका फिर से बातचीत के लिए तैयार होगा, हम उस प्रगति को आगे बढ़ाने को तैयार हैं।
ट्रंप ने गुरुवार देर रात घोषणा की थी कि वह कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं खत्म कर रहे हैं। यह घोषणा उस वीडियो विज्ञापन के बाद आई, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का एक पुराना भाषण दिखाया गया था। इस विज्ञापन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा टैरिफ की आलोचना करते हुए पुराने फुटेज दिखाए गए थे, जिसे ट्रंप ने "फर्जी" बताया था।
उन्होंने लिखा, टैरिफ अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हैं। कनाडा के गलत व्यवहार को देखते हुए, कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं तुरंत समाप्त की जाती हैं। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने कहा, राष्ट्रपति कनाडा से बहुत निराश हैं, और यह जायज भी है। कनाडा के साथ बातचीत करना काफी मुश्किल रहा है।
यह नया विवाद अमेरिका और कनाडा के बीच दुनिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में से एक में नई अनिश्चितता जोड़ रहा है। ट्रंप पहले ही कनाडा के कुछ निर्यातों पर 35 प्रतिशत शुल्क लगा चुके हैं और कई बार यह भी कह चुके हैं कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना देना चाहिए।
क्या पीएम मोदी की हत्या की साजिश नाकाम हुई? ढाका में CIA अधिकारी की मौत से उठे कई सवाल...
नई दिल्ली । भारत के पड़ोसी बांग्लादेश की राजधानी ढाका में अमेरिकी स्पेशल फोर्स अधिकारी टेरेंस अर्वेल जैक्सन की रहस्यमय मौत ने पूरे दक्षिण एशिया में खुफिया हलचल मचा दी है। आर्गेनाइजर में छपी रिपोर्ट के अनुसार दावा किया जा रहा है कि यह मौत महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश नाकाम होने का नतीजा हो सकती है। हालांकि इन दावों की किसी भी सरकारी एजेंसी ने अब तक पुष्टि नहीं की है।
31 अगस्त की रात क्या हुआ था?
31 अगस्त को टेरेंस अर्वेल जैक्सन का शव ढाका के एक होटल रूम में मिला। बताया गया कि वह अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े थे और “सुरक्षा प्रशिक्षण मिशन” पर बांग्लादेश में तैनात थे। लेकिन रिपोर्टों का कहना है कि उनका असली मिशन कुछ और था, दक्षिण एशिया में भारत को निशाना बनाना।
CIA की सक्रियता पर बढ़े सवाल
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण एशिया में CIA की गतिविधियां तेज़ हुई हैं। पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के हालिया घटनाक्रमों के पीछे अमेरिकी दखल की संभावना पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। अब जैक्सन की मौत ने इन शक़ों को और गहरा कर दिया है।
क्या भारत था निशाने पर?
रिपोर्ट के अनुसार, जैक्सन को सतही तौर पर बांग्लादेश में सेंट मार्टिन द्वीप पर सेना प्रशिक्षण के लिए तैनात दिखाया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उसका असली मिशन भारत के भीतर और खासकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ गुप्त कार्रवाई करना था। जैक्सन की मौत उसी दिन हुई जब पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में चीन के तियानजिन में थे। सम्मेलन के बाद, मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कार में 45 मिनट तक गुप्त बातचीत की। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान हाई-प्रोफाइल एजेंडा और दक्षिण एशिया में चल रही खुफिया गतिविधियों पर चर्चा हुई।
मोदी-पुतिन की गुप्त बातचीत से जुड़ी कड़ी
मौत वाले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल थे। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उन्होंने करीब 45 मिनट तक कार में अकेले बातचीत की थी।
रिपोर्ट्स का दावा है कि उसी दौरान दोनों नेताओं ने एक गुप्त सुरक्षा खतरे पर चर्चा की, जिसे रूस और भारत की खुफिया एजेंसियों ने मिलकर नाकाम किया। उसी शाम जैक्सन ढाका में मृत पाए गए।
क्या ढाका था ऑपरेशन का केंद्र?
खुफिया सूत्रों का कहना है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA पिछले कुछ समय से बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। कई विश्लेषक मानते हैं कि भारत के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने या मोदी सरकार को दबाव में लाने के लिए यह नेटवर्क तैयार किया गया था। ढाका में अमेरिकी अधिकारी की मौत ने इन अटकलों को और तेज़ कर दिया है।
मोदी के बयान ने बढ़ाई चर्चा
2 सितंबर को दिल्ली लौटने के बाद पीएम मोदी ने सेमीकॉन सम्मेलन में कहा था: “क्या आप इसलिए ताली बजा रहे हैं क्योंकि मैं चीन गया था या इसलिए कि मैं वापस आया हूं?” विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री का यह वाक्य किसी गहरे संकेत से भरा हुआ था।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर छाया शक
इन आरोपों के बाद भारत-अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्तों में तनाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अमेरिकी दूतावास ने अब तक इस मामले पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, वहीं भारत की ओर से भी आधिकारिक बयान का इंतज़ार है।
विजन न्यूज़ सर्विस इस रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। यह रिपोर्ट विभिन्न विदेशी मीडिया स्रोतों और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है।
देश के कई राज्यों में आ रहा चक्रवाती तूफान
नई दिल्ली । महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश हुई है। मौसम विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को भी गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, गुजरात , मध्य प्रदेश, विदर्भ, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
30 अक्टूबर तक यहां बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि 28-30 तारीख के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम में गरज के साथ बारिश हो सकती है। 29 और 30 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
चक्रवाती तूफान से देश के इन इलाकों में होगी भारी बारिश
दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की उम्मीद है। यह प्रणाली 27 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।
इसके प्रभाव से सोमवार से तीन दिन तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने शनिवार और रविवार को 21 जिलों में और सोमवार को पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।