देश-विदेश
भूस्खलन का कहर, 8 मकान हुए ध्वस्त, एक की मौत
केरल । इडुक्की जिले में आदिमाली के मन्नामकंदम में हुए एक भीषण भूस्खलन में कम से कम आठ मकान ध्वस्त हो गए, जिससे 48 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दुखद घटना शनिवार रात को हुई। मृतक की पहचान लक्ष्मवीदु उन्नाथी निवासी बीजू के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि जिस आवासीय कॉलोनी में यह घटना हुई वहां लगभग 22 मकान थे और भूस्खलन के खतरे के कारण निवासियों को शनिवार को राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया था। आदिमाली ब्लॉक पंचायत सदस्य कृष्णमूर्ति ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-85 के चौड़ीकरण के तहत पहाड़ी क्षेत्र से मिट्टी हटाई जा रही थी। उन्होंने कहा, "आवासीय कॉलोनी राजमार्ग के नीचे पहाड़ी की ढलान पर स्थित थी। पंचायत अधिकारियों ने भूस्खलन की आशंका के कारण एक नोटिस जारी किया था और 22 परिवारों को शनिवार शाम को आदिमाली स्थानांतरित कर दिया गया था।"
उन्होंने बताया कि बीजू और उनकी पत्नी संध्या खाना बनाने के लिए देर रात घर लौट आए थे। उन्होंने कहा, "जब वे अपने घर के अंदर थे, तभी रात करीब 10:30 बजे पहाड़ी से मिट्टी ढहकर घरों पर गिर गई। बीजू और संध्या अंदर फंस गए। भूस्खलन में करीब आठ मकान जमींदोज हो गए।" स्थानीय निवासियों ने पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं को सूचित किया, जिन्होंने बचाव अभियान शुरू किया।
कृष्णमूर्ति ने कहा, "दोनों मलबे में फंस गए थे। 5 घंटे चले अभियान के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन बीजू की मौत हो गई। संध्या को पहले आदिमाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे बाद में अलुवा के एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया।" उन्होंने बताया कि संध्या की हालत अब स्थिर है। निवासियों ने आरोप लगाया कि इस त्रासदी के लिए अवैज्ञानिक तरीके से सड़क का चौड़ीकरण किया जाना जिम्मेदार है।
सुरक्षा कदम उठाए बिना हटाई जा रही मिट्टी
एक निवासी सुल्फी ने कहा, "राजमार्ग निर्माण कार्य करने के लिए कोई सुरक्षा कदम उठाए बिना मिट्टी हटाई जा रही है। वे भूस्खलन के खतरे पर विचार किए बिना पहाड़ी ढलानों को साफ कर रहे हैं।" स्थानीय निवासी अनस का घर भूस्खलन के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गया। उसने कहा कि निवासियों ने पहाड़ी में बड़ी दरारें देखी थीं और पंचायत अधिकारियों को सूचित किया था। उसने कहा, "अधिकारियों ने शनिवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया था और भूस्खलन के खतरे के कारण हमें मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। हमें आदिमाली सरकारी विद्यालय शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया था लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग का काम जारी रहा।"
उसने कहा कि इस इलाके में रहना अब खतरनाक हो गया है, क्योंकि भूस्खलन की आशंका अब भी है। उसने कहा, "हमारे पास और कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां हम जा सकें। हमें नहीं पता कि हमें शिविर में कब तक रहना होगा। सरकार को हमारे पुनर्वास के लिए कदम उठाने चाहिए।" मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि बीजू के बेटे की पिछले साल मौत हो गई थी और उनकी बेटी कोट्टायम में नर्सिंग की छात्रा है। आदिमाली पुलिस ने बीजू की मौत के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
30 अक्टूबर से पाकिस्तान बॉर्डर पर युद्धाभ्यास करेंगी तीनों सेनाएं
नई दिल्ली। भारत 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक पाकिस्तान बॉर्डर पर तीनों सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास 'एक्स त्रिशूल' करने जा रहा है, जिसके लिए NOTAM जारी किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को प्रदर्शित करेगा। इस युद्धाभ्यास में आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति पर जोर दिया जाएगा और दक्षिणी कमान के सैनिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक पाकिस्तान बॉर्डर पर होने वाले तीनों सेनाओं के सैन्य अभ्यास "एक्स त्रिशूल" के लिए एयरमेन को नोटिस (NOTAM) जारी किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना क्लोज कॉर्डिनेशन के साथ काम करेंगी।सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने एक्स पर भारत की पश्चिमी सीमा पर NOTAM के दृश्य साझा किए और क्षेत्र और अभियानों के पैमाने को असामान्य बताया। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अभ्यास के लिए रिजर्व एयर स्पेस 28,000 फीट तक फैला हुआ है, जो हाल के सालों में सबसे बड़े ज्वाइंट ऑपरेशनल ड्रिल में से एक है।युद्धाभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार का प्रदर्शन
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को प्रदर्शित करेगा, जो सशस्त्र बलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जय' (Jointness, Aatmanirbharta, Innovation) दृष्टिकोण के तीन स्तंभ हैं।
दक्षिणी कमान के सैनिक चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों का संचालन करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनमें खाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में आक्रामक युद्धाभ्यास, सौराष्ट्र तट पर जल-थलचर अभियान और खुफिया, निगरानी और टोही , इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और साइबर क्षमताओं से जुड़े बहु-क्षेत्रीय अभ्यास शामिल हैं।भविष्य के युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति पर जोर
पीआईबी की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस अभ्यास में स्वदेशी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग, परिचालन प्रथाओं में आत्मनिर्भरता के अनुप्रयोग का प्रदर्शन, और उभरते खतरों और आधुनिक एवं भविष्य के युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।यह अभ्यास स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के प्रभावी उपयोग और उभरते खतरों और आधुनिक युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं के परिशोधन पर भी केंद्रित है।पीआईबी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ दिन पहले जब देश दीवाली और उससे जुड़े उत्सव मना रहा था, उसी दौरान दक्षिणी कमान के सैनिकों को ऑपरेशनल एरिया में तैनात किया गया था, जहां वे आगामी त्रि-सेवा अभ्यास, 'एक्स त्रिशूल' की तैयारी के लिए कठोर प्रशिक्षण ले रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया टीम की दो महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार
इंदौर । शहर के होलकर स्टेडियम में चल रहे महिला विश्व कप मैचों के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया टीम की दो महिला क्रिकेटरों के साथ बाइक सवार युवक द्वारा छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी रेडिसन होटल से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एक कैफे तक पैदल जा रही थीं। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक ने पीछे से आकर उन्हें गलत तरीके से छुआ और भाग निकला। सहमी खिलाड़ियों ने तुरंत अपने सुरक्षा अधिकारी को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और आसपास के छह थानों को अलर्ट किया गया।
राहगीर ने नोट किया बाइक नंबर, आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना के दौरान एक राहगीर ने आरोपी की बाइक का नंबर नोट कर लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में आरोपी की पहचान हुई और दोनों महिला क्रिकेटरों ने भी उसकी पुष्टि की।
आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी अकील के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
सुरक्षा में बड़ी चूक, बढ़ाई गई तैनाती
घटना के बाद होटल और स्टेडियम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने माना कि यह इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था की चूक थी, क्योंकि विदेशी खिलाड़ियों के ठहराव वाले इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा मौजूद नहीं थी। इस मामले की जानकारी क्रिकेट बोर्ड और प्रशासन को भी दे दी गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
यह दशक मोदी का है, नीतीश कुमार के लिए करूंगा प्रचार', चंद्रबाबू नायडू
चंद्रबाबू नायडू ने वर्तमान दशक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दशक बताते हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राजग की जीत का विश्वास व्यक्त किया।
नई दिल्ली।चंद्रबाबू नायडू ने वर्तमान दशक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दशक बताते हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राजग की जीत का विश्वास व्यक्त किया। नायडू ने पुष्टि की कि वह नीतीश कुमार के लिए बिहार में प्रचार करेंगे, केंद्र सरकार को "प्रगतिशील" और आम आदमी के हित में सुधार लाने वाली बताया।
अगर कभी राजनीतिक जिम्नास्टिक का कोई पुरस्कार होता, तो निःसंदेह नीतीश कुमार स्वर्ण पदक की दौड़ में होते और चंद्रबाबू नायडू पोडियम फिनिश के लिए प्रतिस्पर्धा करते। नरेंद्र मोदी के कट्टर विरोधियों से लेकर उनके वफादार सहयोगियों तक, दोनों मुख्यमंत्रियों का रूपांतरण लगभग पूरा हो चुका है। जिस तरह से जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में खड़ी हुईं, वह इस बात का और सबूत है कि पिछले दस महीनों में पासा कितनी तेज़ी से पलटा है। जून 2024 में त्रिशंकु संसद के फैसले के बाद फैसले लेने की स्थिति में होने से, नीतीश और नायडू दोनों ने अब चुपचाप भाजपा की प्रमुख स्थिति को स्वीकार कर लिया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू मौजूदा दशक को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दशक बताते हुए कहा कि उन्हें आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत पर पूरा विश्वास है। नायडू ने यह भी कहा कि वह बिहार में राजग उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार के दौरान नायडू ने केंद्र की राजग सरकार को “प्रगतिशील” बताया और कहा कि यह आम आदमी के हित के लिए कई सुधार ला रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने एक वर्ष के अंदर ही “सुपर सिक्स” चुनावी वादों को सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है।
नायडू ने कहा कि आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील के प्रस्तावित 7.3 मिलियन टन प्रति वर्ष (प्रारंभिक क्षमता) वाले इस्पात संयंत्र की आधारशिला अगले महीने आंध्र प्रदेश में रखी जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत में बहुत ही दिलचस्प चीजें हो रही हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री सालों से राजनीति में हैं। वह हमेशा चुनाव जीतते रहे हैं। पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 2014 से अब तक, यानी 11 वर्षों से वह प्रधानमंत्री हैं। अब और चार वर्ष तक वह रहेंगे।”
नायडू ने कहा, “यह दशक नरेन्द्र मोदी का है। और जब यह दशक नरेंद्र मोदी जी का है, तो स्वाभाविक रूप से यह भारतीयों का भी है।” नायडू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सत्तारूढ़ राजग अगले महीने होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए प्रचार करेंगे, तो उन्होंने उत्तर दिया, “हां। जब भी राजग मुझे बुलाएगा, मैं जाने और उनके साथ काम करने के लिए तैयार हूं।”
हाल ही में जीएसटी दरों में युक्तिसंगत बनाए जाने को “सभी के लिए लाभदायक” बताते हुए नायडू ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं की “काफी बचत” हो रही है और एमएसएमई क्षेत्र तथा अन्य व्यापारी भी खुश हैं। उन्होंने कहा, “यह सभी के लिए फायदेमंद है। कम कर, अधिक लाभ। राजग सरकार हमेशा एक प्रगतिशील सरकार है। वह आम आदमी के लाभ के लिए कई सुधार ला रही है। आम आदमी को सशक्त बनाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।”तेदेपा प्रमुख ने कहा कि किसी भी देश की प्रति व्यक्ति आय में उस देश में बसे भारतीयों का बड़ा योगदान होता है।
इंडियन आइडल में सुहैल ने रैपगिनी से अपने दादा के संगीत के सफर को किया सम्मानित
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मशहूर अभिनेता सतीश शाह का निधन, 74 साल की उम्र में ली आखिरी सांस
मुंबई । फिल्म और टीवी जगत के दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने 25 अक्टूबर की दोपहर 2.30 बजे अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। उनके मैनेजर ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। अभिनेता का अंतिम संस्कार 26 अक्टूबर को किया जाएगा। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर अस्पताल में रखा गया है।
टीवी और सिनेमा दोनों में छोड़ी अमिट छाप
सतीश शाह ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘भगवान परशुराम’ से की थी। इसके बाद वे ‘उमराव जान’, ‘शक्ति’, ‘जाने भी दो यारों’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘फना’, ‘रा वन’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए। लेकिन उन्हें घर-घर में पहचान टीवी शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में निभाए गए इंद्रवदन साराभाई (इंदु) के किरदार से मिली। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय शैली ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
टीवी के हर किरदार में ढाला खुद को
1984 में प्रसारित ‘ये जो है जिंदगी’ में सतीश शाह ने 55 एपिसोड में 55 अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया था। इसके बाद ‘फिल्मी चक्कर’ और ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ में अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह के साथ उनकी जोड़ी को खूब सराहा गया।
गुजरात से बॉलीवुड तक का सफर
सतीश शाह का जन्म गुजरात के मांडवी में हुआ था। उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी शादी डिजाइनर मधु शाह से 1972 में हुई थी।
कॉमेडी के अपने अनोखे अंदाज़ से लाखों चेहरों पर मुस्कान लाने वाले सतीश शाह के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
पश्चिमी दिल्ली में पुलिस मुठभेड़ में तीन व्यक्ति घायल
नई दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार तड़के पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन व्यक्ति घायल हो गए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कितीनों दो दिन पहले पुलिस के एक दल के साथ हुई एक अन्य मुठभेड़ के बाद फरार हो गए थे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस दल ने उन्हें नांगलोई इलाके में रोका। जब उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने पुलिस दल पर गोली चला दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।’’
अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी के दौरान तीनों घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए एक अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि उनकी पहचान की जा रही है और आगे की जांच जारी है।
भारत दुबई के माध्यम से वैश्विक समुदाय को खाद्यान्न की आपूर्ति करेगा : चंद्रबाबू नायडू
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि भारत दुबई के माध्यम से वैश्विक समुदाय को खाद्यान्न की आपूर्ति करेगा।
उन्होंने कहा कि देश व्यापार करने में आसानी से ‘व्यापार करने में गति’ की ओर बढ़ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी यात्रा के दौरान नायडू ने पीटीआई- से कहा कि दुबई सभी बाजारों का केंद्र है।
नायडू ने कहा, ‘‘भारत दुबई को एक केंद्र के रूप में अपनाकर वैश्विक समुदाय को खाद्यान्न की आपूर्ति करेगा।’’
बार करने में गति’ की ओर बढ़ रहे हैं, सभी चीजों को एक ही पोर्टल पर ला रहे हैं और अनुमति देने से जुड़ी एकीकृत व्यवस्था बना रहे हैं। यूएई की अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए नायडू ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्रांति के कारण भारतीय बहुत अच्छा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ आज आप किसी भी देश में जाएं, वहां भारतीय जरूर होंगे। साथ ही, प्रति व्यक्ति आय में सबसे ज़्यादा कमाने वाले लोग भी भारतीय ही हैं। यह सब एक फैसले की वजह से हुआ है, जो सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहा है, जो ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत होंगे अगले मुख्य न्यायाधीश, केंद्र ने प्रक्रिया शुरू की
नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की आगामी 23 नवंबर पर सेवानिवृत्ति को देखते हुए केंद्र सरकार ने अगले मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कानून और न्याय मंत्रालय ने न्यायमूर्ति गवई को पत्र लिखकर उनके उत्तराधिकारी के नाम की अनुशंसा करने का अनुरोध किया है। स्थापित परंपरा और नियुक्ति की कार्यविधि के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में अनुशंसित किया जाता है। वर्तमान में न्यायमूर्ति गवई के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हैं।
कार्बाइड गनों की ऑनलाइन बिक्री पर अब सख्ती
भोपाल । 150 से अधिक बच्चों की आखों की रोशनी जाने के बाद अब कार्बाइड गनों की अवैध बिक्री और उपयोग पर सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
भोपाल पुलिस ने अब ई-कामर्स कंपनियों को पत्र लिखने की तैयारी की है, जिसमें इन खतरनाक पटाखा गनों की आनलाइन बिक्री पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खतरनाक इस गन की बिक्री पर रोक लगी है और अलग-अलग थानों में केस दर्ज भी किए जा चुके हैं, लेकिन इन्हीं प्रतिबंधित गनों की ऑनलाइन बिक्री भी धड़ल्ले से चल रही है, जिस पर लगाम लगाने के लिए पत्र लिखेंगे।
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र ने कहा कि प्रमुख ई-कामर्स वेबसाइटों को पत्र लिखकर सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार से भोपाल में यह गन लोगों तक न पहुंचे।
अलग-अलग इलाकों में हुई कार्रवाई
बता दें भोपाल में अब तक कार्बाइड गन बेचने और रखने के पांच मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में 74 कार्बाइड गन और करीब 11.5 किलो विस्फोटक जब्त किया गया है। वहीं, दो आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई शहर के पांच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई, जहां आरोपित ये गन बेचने की फिराक में थे।
दरअसल, कार्बाइड गन एक तरह की पटाखा गन होती है, जो कैल्शियम कार्बाइड और पानी के रासायनिक मिश्रण से तेज धमाका करती है। यह दिखने में खिलौना जैसी लगती है, लेकिन इसका विस्फोटक प्रभाव खतरनाक होता है।
बच्चों द्वारा उपयोग करने पर भोपाल में 150 से अधिक हादसे हो गए हैं, जिसमें बच्चों ने अपनी आंखों की रोशनी गंवाई है।
निशातपुरा पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज करते हुए एहसान नगर, न्यू जेल रोड निवासी 27 वर्षीय मोहम्मद ताहा अहमद को गिरफ्तार किया है। साथ ही उसके कब्जे से 10 किलो विस्फोटक भी बरामद किया है।
बागसेवनिया पुलिस ने कोलार निवासी 25 वर्षीय भय्यू चौहान के विरूद्ध विस्फोटक अधिनियम का केस दर्ज किया है। आरोपित बागसेवनिया क्षेत्र में गन और विस्फोटक बेच रहा था। पुलिस ने उसके पास से 42 कार्बाइड गन, 29 लाइटर और 1.15 किलो विस्फोटक जब्त किया है।
एमपीनगर पुलिस ने कोलार निवासी भवानी पवार को अवैध कार्बाइड गन बेचते हुए पकड़ा है। आरोपित के पास से 12 गन जब्त की हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में नजीराबाद पुलिस ने कार्बाईड गन बेचने वाले सोनू सेन पर बीएनएस की धारा 288 के तहद केस दर्ज किया। उसके पास से पुलिस को 19 कार्बाइड गन मिली थीं।
जंबूरी मैदान में कार्बाइड गन बेचने की सूचना पर पिपलानी पुलिस ने दबिश दी थी। पुलिस को देखकर आरोपित फरार हो गया, पुलिस ने उसके ठेले से पांच गन जब्त कीं। साथ ही अज्ञात पर केस दर्ज किया है।
गोयल जर्मनी की आर्थिक मामलों की मंत्री कैथरीना से मिले, सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की
नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्याेग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बर्लिन में जर्मनी की आर्थिक और ऊर्जा मामलों की मंत्री कैथरीना रीख से द्विपक्षीय व्यापारिक और आर्थिक संबंधों पर चर्चा की । दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता वार्ताओं में प्रगति की समीक्षा भी की। जर्मनी यूरोपीय संघ के प्रमुख सदस्यों में है। श्री गोयल ने जर्मनी की कुछ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की।
श्री गोयल ने सुश्री कैथरीना के साथ मुलाकात के बारे में सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ' हमारी चर्चा व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भारत-जर्मनी संबंधों को और मज़बूत करने, हरित ऊर्जा, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों और रक्षा के क्षेत्र में संयुक्त औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी पर केंद्रित रही। बातचीत में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए जर्मनी की प्रतिबद्धता पर भी चर्चा हुई।'
श्री गोयल ने कहा कि उन्होंने जर्मनी की मंत्री के साथ बातचीत में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि भारत में बड़ी संख्या में प्रतिभावान मानव संसाधन की उपलब्धता और व्यापार सुगमता बढ़ाने के देश के प्रयास किस तरह जर्मन कंपनियों के लिए भारत में अपने निवेश में विविधता लाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के आकर्षक अवसर प्रदान करते हैं।
श्री गोयल ने जर्मन मिटेलस्टैंड (छोटी मझोली ) कंपनियों और भारतीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक गोलमेज चर्चा में भी हिस्सा लिया। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया पर एक अलग पोस्ट में कहा कि इस बैठक में नवाचार और स्वस्थ विनिर्माण के क्षेत्र में भारत में उपलब्ध प्रमुख अवसरों पर प्रकाश डाला गया। बैठक में भारतीय एवं जर्मन कंपनियों के बीच सहयोग करने, व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने, और आपसी विकास के लिए मज़बूत औद्योगिक साझेदारी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक एकनाथ वसंत चिटनिस का निधन
नई दिल्ली। प्रख्यात भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक एकनाथ वसंत चिटनिस का बुधवार को पुणे स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 100 वर्ष के थे। भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में मशहूर चिटनिस ने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (आईएनसीओएसपीएआर) की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, जो बाद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रूप में विकसित हुई।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर श्री चिटनिस को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें, 'हमारे अंतरिक्ष अभियान के प्रतीक पुरुषों में से एक' बताया है। श्री रमेश ने 10 फरवरी, 1962 की उस ऐतिहासिक मुलाकात को याद किया, जब श्री चिटनिस, इसरो के जनक विक्रम साराभाई के साथ अहमदाबाद स्थित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिलने गए थे और उस क्षण ने भारत के अंतरिक्ष सपनों को आकार देने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
श्री चिटनिस की विरासत समृद्ध और बहुआयामी है। उन्होंने भारत के पहले रॉकेट के प्रक्षेपण स्थल के रूप में केरल के थुम्बा को चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह निर्णय देश की अंतरिक्ष यात्रा को गति देने में निर्णायक साबित हुआ। श्री चिटनिस ने सन् 1981 से 1985 तक अहमदाबाद स्थित इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एसएसी) के निदेशक के रूप में सुदूर संवेदन, उपग्रह संचार और ऐतिहासिक भारतीय अंतरिक्ष यात्रा (आईएनएसएटी) कार्यक्रम में महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया।
उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में सैटेलाइट इंस्ट्रक्शनल टेलीविजन एक्सपेरिमेंट (एसआईटीई) का नेतृत्व करना शामिल था, जो एक अभिनव परियोजना थी जिसने ग्रामीण भारत में शैक्षिक कार्यक्रम प्रदान करने के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग किया। एसआईटीई ने दिखाया कि कैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी बाधाओं को तोड़ सकती है। शिक्षा को बढ़ावा दे सकती है और वंचितों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुंच में सुधार कर सकती है।
श्री चिटनिस के सुपुत्र चेतन चिटनिस एक प्रतिष्ठित आणविक जीवविज्ञानी और पद्मश्री पुरस्कार विजेता हैं। उनकी पुत्रवधू और पोतियां भी हैं। उनका निधन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक अध्याय के अंत का संकेत है। उनकी दूरदर्शिता और प्रेरणा भावी पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।
भारत अपने इस प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक के निधन पर शोक मना रहा है। उनका योगदान ऐसा है जिसने कभी उनके और पूरे राष्ट्र के सपनों का मार्गदर्शन किया था।
बंद हुए बाबा केदार व मां यमुनोत्री धाम के कपाट
देहरादून। हिमालय पर्वत की श्रृंखलाओं में बसे देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत, मां यमुनोत्री मंदिर और जनपद रुद्रप्रयाग में भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए गुरुवार को बन्द हो गए।
हिन्दू पंचांग गणना के अनुरूप भैया दूज, कार्तिक शुक्ल सप्तमी, अनुराधा नक्षत्र के पावन अवसर पर, वैदिक मंत्रोच्चारण और सेना के वाद्य यंत्रों की भक्तिपूर्ण मधुर धुनों के बीच इन दोनों पवित्र धामों के कपाट बंदी की प्रक्रिया संपन्न हुई।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवसर पर यमुनोत्री धाम से सम्बद्ध पंडा पुरोहितों, के अलावा, कुल 132 भक्त कपाट बन्द होने की प्रक्रिया के साक्षी रहे। यहां इस यात्रा वर्ष में कुल 6 लाख, 44 हजार 637 श्रद्धालुओं ने माता यमुना जी के दर्शन किए हैं। जबकि भगवान श्री केदार नाथ मंदिर में आज कुल 11,415 पंजीकृत श्रद्धालु कपाट क्रिया के दौरान उपस्थित रहे। अभी तक सम्पूर्ण यात्रा काल में यहां कुल 17 लाख 68 हजार 795 पंजीकृत भक्त कपाट खुलने के बाद से दर्शन कर चुके हैं। अब इन दोनों के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली और ओंकारेश्वर मंदिरों में हो सकेंगे। यहां भी उनके दर्शनों की मान्यता ग्रीष्मकालीन दर्शनों की भांति ही है।
यमुनोत्री धाम के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य शीतकाल के लिए बन्द कर हो गये। कपाट बंदी प्रक्रिया अपराह्न 12 बजकर 30 मिनट पर सम्पूर्ण हुई। कपाट बंद होने की परंपरा के अनुसार, खरसाली गाँव से समेश्वर देवता (शनिदेव) की डोली मां यमुना को लेने धाम पहुंची। कपाट बंद होने के बाद शनिदेव की अगुवाई में मां यमुना की भोग मूर्ति और उत्सव डोली, ढोल नगाड़ों और शंखनाद के बीच शीतकालीन प्रवास खरसाली गद्दीस्थल मंदिर के लिए रवाना की गयी।
कुरनूल बस हादसे में आग से जिंदा जले 20 यात्री
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के चिन्नातेकुर के निकट एक निजी बस में दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई, जिससे इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में बाइक सवार एक व्यक्ति भी शामिल है। हादसे पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक जताया है।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार, बंगलूरू से हैदराबाद जा रही बस में हादसे के दौरान करीब 41 लोग सवार थे। इसमें कहा गया है कि टक्कर के बाद मोटरसाइकिल बस के नीचे आ गयी और इसके ईंधन टैंक का ढक्कन खुल गया जिससे आग लग गई।
कुरनूल के जिला कलेक्टर डॉ ए सिरी ने बताया, यह दुर्घटना सुबह 3 से 3:10 बजे के बीच हुई जब बस एक बाइक से टकरा गई, जिससे ईंधन रिसाव हुआ और आग लग गई। 41 यात्रियों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। बाकी 20 में से 11 के शवों की अब तक पहचान हो पाई है। बाकी की पहचान के प्रयास जारी हैं।
पाकिस्तान बॉर्डर के पास भारतीय सेना की बड़ी बैठक
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय थलसेना की यह पहली आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस कल जैसलमेर में आयोजित की जा रही है। यह कॉन्फ्रेंस रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसका आयोजन Jaisalmer में किया जा रहा हैं जो की अंतरराष्ट्रीय सीमा (India-Pakistan Border) के बेहद करीब है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हिस्सा लेंगे और सेना के आर्मी कमांडर्स को संबोधित करेंगे। इस दौरान आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित सभी सातों कमांड्स के आर्मी कमांडर्स मौजूद रहेंगे।
क्यों हो रही है बैठक?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद की तैयारियों पर फोकस,इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य एजेंडा ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना की ऑपरेशनल रेडीनेस, आधुनिकीकरण, और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित रहेगा। इसमें दो मोर्चों (Two-Front War) पर एक साथ कार्रवाई की क्षमता, नई बटालियनों जैसे भैरो और अश्नी बटालियन, तथा ड्रोन, मिसाइल और इन्फैंट्री मॉडर्नाइजेशन पर भी चर्चा होगी।
सीमा के नजदीक सम्मेलन का खास महत्व
जैसलमेर में इस बार का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारतीय सेना अपनी ग्राउंड ऑपरेशनल तैयारी और बॉर्डर सुरक्षा तंत्र को लेकर कितनी सतर्क और तत्पर है। सीमा के नजदीक यह कॉन्फ्रेंस सेना के स्थलीय (ground) अनुभव और सामरिक योजनाओं को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का अवसर भी देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने संबोधन में सेना की अब तक की उपलब्धियों की सराहना करेंगे और भविष्य के लक्ष्यों की दिशा तय करने पर बल देंगे। उम्मीद है कि वे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा निर्माण, आधुनिकीकरण और तकनीकी नवाचार पर भी प्रकाश डालेंगे।
भारतीय सेना हर परिस्थिति में तैयार
जैसलमेर की यह आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक सोच और भविष्य की सैन्य दिशा को तय करने वाला मंच साबित होगी। यह सम्मेलन स्पष्ट संदेश देता है कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में तैयार है, चाहे वह सीमाओं की रक्षा हो या देश की गरिमा की सुरक्षा।
एडगुरु पीयूष पांडे का निधन, भारतीय विज्ञापन जगत ने खोया अपना रचनात्मक नायक
नई दिल्ली । विज्ञापन जगत के दिग्गज और ‘एडगुरु’ के नाम से मशहूर पीयूष पांडे का शुक्रवार को निधन हो गया। 70 वर्षीय पांडे ने भारतीय विज्ञापन जगत को नई पहचान दी थी। उन्होंने फेविकोल, कैडबरी, एशियन पेंट्स, लूना मोपेड और फॉर्च्यून ऑयल जैसे कई प्रतिष्ठित ब्रांडों के लिए यादगार विज्ञापन बनाए। 90 के दशक में राष्ट्रीय एकता पर आधारित मशहूर गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ के भी वे ही रचयिता थे।
चार दशकों का रचनात्मक सफर
पीयूष पांडे लगभग 40 वर्षों से अधिक समय तक विज्ञापन उद्योग से जुड़े रहे। वे ओगिल्वी (Ogilvy) के विश्वव्यापी मुख्य रचनात्मक अधिकारी और भारत में कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। पांडे ने 1982 में ओगिल्वी से करियर की शुरुआत की थी और सनलाइट डिटर्जेंट के लिए अपना पहला विज्ञापन लिखा था। छह साल बाद वे कंपनी के क्रिएटिव विभाग में शामिल हुए और अपनी अद्भुत कल्पनाशक्ति से भारतीय विज्ञापन को आम लोगों की भाषा और भावनाओं से जोड़ दिया। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया ने लगातार 12 वर्षों तक देश की नंबर-1 एजेंसी का स्थान हासिल किया।
पुरस्कार और सम्मान
अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए पीयूष पांडे को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। साल 2016 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। विज्ञापन जगत में उन्हें “भारतीय उपभोक्ता की नब्ज समझने वाला रचनाकार” कहा जाता था।
अभिनय और सिनेमा से भी जुड़ाव
विज्ञापन की दुनिया में इतिहास रचने के बाद पीयूष पांडे ने अभिनय में भी कदम रखा। उन्होंने 2013 में जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म ‘मद्रास कैफे’ में अभिनय किया था। इसके अलावा उन्होंने ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ जैसे कालजयी गीत की रचना की, जो 90 के दशक में राष्ट्रीय एकता और विविधता का प्रतीक बना। पांडे ने चर्चित फिल्म ‘भोपाल एक्सप्रेस’ की पटकथा भी लिखी थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जताया शोक
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा: “भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज थे पीयूष पांडे। उन्होंने रोजमर्रा की भाषा, हास्य और गर्मजोशी को जोड़कर संचार को एक नई दिशा दी। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
उद्योग जगत में शोक की लहर
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने उन्हें याद करते हुए कहा: “पीयूष पांडे का हमें छोड़कर चले जाना बेहद दुखद है। उन्होंने 2003 में कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत एक ऐसे अभियान से की थी, जिसने बैंकिंग को ‘सामान्य ज्ञान’ बताया था। वे अलग सोच वाले, विनम्र और भारतीयता से जुड़े व्यक्ति थे।”
लेखक और स्तंभकार सुहेल सेठ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा: “भारत ने न सिर्फ एक महान विज्ञापन मस्तिष्क खोया है, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और जेंटलमैन को भी। अब स्वर्ग भी ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर नाचेगा।”
भारतीय विज्ञापन का चेहरा
पीयूष पांडे को भारतीय विज्ञापन का वह चेहरा माना जाता है, जिन्होंने विज्ञापन को ‘जनता की भाषा’ और ‘भावनाओं का माध्यम’ बनाया। उनकी बनाई टैगलाइनें और विज्ञापन न केवल उत्पादों को लोकप्रिय बनाते थे, बल्कि लोगों के दिलों में उतर जाते थे।
दिल्ली में 2 आतंकी गिरफ्तार, 'फिदायीन' हमलों की ले रहे थे ट्रेनिंग
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक दिल्ली का निवासी है और दूसरा मध्य प्रदेश का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दोनों कथित तौर पर 'फिदायीन' हमलों की ट्रेनिंग ले रहे थे।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध आतंकी राजधानी में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना के आधार पर, स्पेशल सेल की टीमों ने जाल बिछाया और दो संदिग्धों को धर दबोचा। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये दोनों आईएसआईएस के मॉड्यूल से जुड़े थे और फिदायीन हमलों के लिए विशेष प्रशिक्षण ले रहे थे। इनकी गिरफ्तारी से एक बड़े आतंकी हमले को टालने में सफलता मिली है।
फिदायीन हमलों की ले रहे थे स्पेशल ट्रेनिंग
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आतंकी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। वे न केवल आत्मघाती हमलों की योजना बना रहे थे। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल अपनी सक्रियता और सटीक खुफिया जानकारी के दम पर ऐसे कई अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुकी है। इन गिरफ्तारियों से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकी संगठन लगातार अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं और युवाओं को बहकाकर अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।