देश-विदेश
अब चेक बाउंस होने पर नहीं जाना पड़ेगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद शिकायतकर्ता के साथ समझौता कर लेता है, तो वह जेल की सजा से बच सकता है। कोर्ट ने अहम फैसले में कहा, एक बार पार्टियों के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषसिद्धि को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस का अपराध मुख्य रूप से दिवानी प्रकृति का है और इसे विशेष रूप से आपराधिक बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक निजी विवाद है, जिसे निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आपराधिक क्षेत्र में लाया गया है।
अयोध्या पहुंचे भूटान के प्रधानमंत्री, रामलला के किए दर्शन
अयोध्या । राम मंदिर से पांच सितंबर को इतिहास का नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद पहले विदेशी प्रधानमंत्री के रूप में भूटान के पीएम दासो शेरिंग टोबगे ने अपनी धर्मपत्नी के साथ रामलला के दर्शन किए। भूटान के प्रधानमंत्री शुक्रवार को सुबह 9:30 बजे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से बिहार के गया से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि के रूप में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत विदेश मंत्रालय, शासन, प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सीधे राम मंदिर के लिए रवाना हुए। इस दौरान थोड़ी देर के लिए हाईवे पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया।
भूटान के पीएम सुबह 10:00 बजे राम मंदिर पहुंचे। करीब एक घंटे 40 मिनट के राम मंदिर प्रवास में उन्होंने रामलला और राम दरबार के दर्शन किए। इसके साथ ही कुबेर टीला, जटायु और सप्त मंडपम के मंदिरों में भी दर्शन पूजन किया। उन्होंने लोअर प्लिंथ के चारों ओर लगने वाले म्यूरल के साथ परकोटा की दीवार पर लगने वाले ब्रांज के म्यूरल को भी निहारा।
इस दौरान अपने मोबाइल से रामजन्मभूमि परिसर की तस्वीरें कैद करते रहे। राम मंदिर की नक्काशी उनको बहुत अच्छी लगी। राम मंदिर में दर्शन और भ्रमण के दौरान वह काफी प्रसन्न थे। रामलला के दरबार में उन्होंने तीन बार साष्टांग प्रणाम किया। रामलला की आरती उतारी और पुष्प अर्पित किया। इसके बाद चरणामृत प्रसाद ग्रहण किया। राम मंदिर से प्रधानमंत्री होटल रामायणा पहुंचे। यहां पर भूटान की पारंपरिक शैली में सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से उनका स्वागत किया गया। प्रदेश सरकार की पहल पर जिला प्रशासन की ओर से उनके सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया गया। दोपहर भोज में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री अयोध्या एयरपोर्ट आए और यहां से भारतीय वायुसेना के विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना देगी युवा शक्ति के सपनों को नई उड़ान
'2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा'
दिल्ली में मुख्यमंत्री साय की अमित शाह से मुलाकात, नक्सल उन्मूलन पर चर्चा
रायपुर, 3 सितंबर 2025 ,
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 453 माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं, 1616 गिरफ्तार किए गए हैं और 1666 ने आत्मसमर्पण किया है।
इस अवधि में 65 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में आई बाढ़ और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाना और उनका पुनर्वास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन के साथ ही विकास और शांति की स्थापना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सूडान में भीषण भूस्खलन, 1000 से अधिक लोगों की मौत
दारफ़ुर । पश्चिमी सूडान में लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद मर्रा पर्वत क्षेत्र में आए भीषण भूस्खलन से कम से कम 1000 लोगों की मौत हो गई है। सूडान लिबरेशन मूवमेंट आर्मी ने इस आपदा की पुष्टि करते हुए बताया कि तारासिन गांव का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया और केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया।
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, क्षेत्रीय संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तत्काल मानवीय सहायता भेजने की अपील की है। भूस्खलन से प्रभावित इलाका दुर्गम और सुदूर है, जिससे राहत कार्य बेहद मुश्किल हो रहा है। यह इलाका वर्तमान में सूडान लिबरेशन मूवमेंट आर्मी के नियंत्रण में है, जो सूडानी सेना के साथ मिलकर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ के खिलाफ लड़ रही है। गृहयुद्ध के चलते पहले से ही हजारों लोग विस्थापित होकर मर्रा पर्वत की शरण ले चुके थे। अब इस प्राकृतिक आपदा ने हालात और बदतर बना दिए हैं।
भारत का आर्थिक मंथन और विकास का अमृत
अफगानिस्तान में भीषण भूकंप : 500 से अधिक लोगों की मौत
काबुल। अफगानिस्तान में रविवार देर रात एक भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक यह भूकंप 6.0 तीव्रता का था और इसका केंद्र पाकिस्तान सीमा से सटे नंगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास 8 किमी गहराई में था।
नंगरहार प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दरवेश ने बताया कि 509 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में भारी तबाही और घरों के मलबे तले दबे लोगों को निकालने का अभियान जारी है।
भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके भारत के दिल्ली-एनसीआर और पाकिस्तान के कई हिस्सों तक महसूस किए गए। वहीं, करीब 20 मिनट बाद 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप उसी इलाके में आया, जिसकी गहराई 10 किमी थी।
यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले 7 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप ने 4,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। उस समय संयुक्त राष्ट्र ने मृतकों की संख्या 1,500 बताई थी। वह हाल के वर्षों में देश की सबसे घातक प्राकृतिक आपदा साबित हुई थी।
बडगाम में 35 साल बाद खुले शारदा भवानी मंदिर के कपाट
मुस्लिम समुदाय ने भी लिया हिस्सा
श्रीनगर। कश्मीर घाटी से तीन दशक पहले पलायन कर चुके कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बडगाम जिले के इचकूट गांव स्थित शारदा भवानी मंदिर के कपाट करीब 35 साल बाद पूजा-अर्चना के लिए खोले गए। इस अवसर पर न केवल पंडित समुदाय के लोग उपस्थित रहे, बल्कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
मंदिर परिसर में ‘मुहूर्त’ और ‘प्राण प्रतिष्ठा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसे पंडित परिवारों के अपनी जड़ों और पैतृक स्थान पर लौटने के प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
“शारदा माता मंदिर की शाखा” – शारदा स्थापना समुदाय
शारदा स्थापना समुदाय के अध्यक्ष सुनील कुमार भट्ट ने कहा, “हम कह सकते हैं कि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित शारदा माता मंदिर की एक शाखा है। हम लंबे समय से इसे पुनः खोलना चाहते थे। स्थानीय मुसलमान भी यही चाहते थे और वे हमसे नियमित रूप से आकर आग्रह करते थे।”
भट्ट ने बताया कि पंडित समुदाय ने 35 साल बाद इस मंदिर के कपाट खोले हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन हर साल होगा और माता रानी से प्रार्थना की कि जल्द ही कश्मीरी पंडित पूरी तरह घाटी में लौट सकें।
नए मंदिर के निर्माण की मांग
भट्ट ने आगे कहा कि मौजूदा मंदिर खंडहर में तब्दील हो चुका है, इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन से नए मंदिर के निर्माण का अनुरोध किया है। यह पुनः स्थापना उन पंडित परिवारों द्वारा की गई है जो प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी में कार्यरत हैं।
“पंडितों का स्वागत है” – स्थानीय मुस्लिम बुजुर्ग
एक बुजुर्ग स्थानीय मुस्लिम ने कहा, “पंडित समुदाय का अपनी जड़ों की ओर लौटने पर स्वागत है। कश्मीर घाटी उनकी जन्मभूमि है और यहां दोनों समुदायों के लोग हमेशा एक साथ पले-बढ़े हैं।”
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 51.50 रुपए घटी
नई दिल्ली । तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर कटौती की है। अब 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर दिल्ली में 1,580 रुपए में उपलब्ध होगा। इससे पहले 1 जुलाई को कंपनियों ने 58.50 रुपए की कटौती की थी और अगस्त की शुरुआत में 33.50 रुपए घटाए थे। यानी पिछले कुछ महीनों में लगातार दाम कम किए जा रहे हैं।
जून में यह कीमत 1723.50 रुपए थी, जबकि अप्रैल में यह 1762 रुपए थी। फरवरी में 7 रुपए की मामूली राहत मिली थी, लेकिन मार्च में फिर 6 रुपए की वृद्धि हो गई थी। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनियों ने स्पष्ट किया कि केवल कमर्शियल सिलेंडर की दरों में ही संशोधन हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से होटल, ढाबा और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ होगा, जो रोजाना खाना बनाने के लिए बड़े सिलेंडर का उपयोग करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और बाजार की अन्य स्थितियों को देखते हुए हर महीने गैस की कीमतों की समीक्षा की जाती है।
इसी बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक और बड़ा निर्णय लिया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपए प्रति सिलेंडर (14.2 किलो) की सब्सिडी देने की मंजूरी दी गई है।
यह सब्सिडी साल 2025-26 के लिए होगी और अधिकतम 9 बार (रीफिल) के लिए मिलेगी। 5 किलो सिलेंडर लेने वालों के लिए यह सब्सिडी अनुपातिक रूप से लागू होगी।
इस फैसले पर सरकार कुल 12,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। उज्ज्वला योजना मई 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देना था। 1 जुलाई 2025 तक देशभर में करीब 10.33 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
भारत दुनिया के श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में खड़ा हो रहा : दत्तात्रेय होसबाले
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत करवट ले रहा है और दुनिया के श्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में खड़ा हो रहा है। वह राष्ट्र निर्माण में दरभंगा राज के अध्यात्मिक और सांस्कृतिक योगदान पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 'राज दरभंगा - धर्म संरक्षण से लेकर लोक कल्याण तक' पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
श्री होसबाले ने कहा कि विदेश के इतिहासकारों ने इस मिथ को स्थापित किया कि राजा मौज-मस्ती और विलासिता में डूबा रहता है, लेकिन हमारे देश में राजा को लोक कल्याण के कार्यों के साथ उच्च मानक स्थापित करने वाले के तौर पर देखा गया। उन्होंने कहा कि भारत में राजा को देवता माना गया जो प्रजा के लिए समान भाव के साथ मर्यादा का पालन करते थे। हमारे देश में प्रभु श्रीराम, राजा दशरथ, राजा हरिश्चंद्र, राजा भगीरथ ने लोक कल्याण और मर्यादा के प्रतिमान स्थापित किए।
श्री होसबाले ने मिथिला के स्वर्णिम इतिहास और परंपरा पर चर्चा करते हुए कहा कि सांस्कृतिक, साहित्य, परंपरा और लोक कल्याण के क्षेत्र में लंबी फेहरिस्त है। उन्होंने इस अवसर पर दरंभगा राजघराने के कुमार अरिहंत को 18वें जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि दरभंगा के राजा ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए देश में विभिन्न स्थानों पर सम्मेलन का भी आयोजन किया था और विश्व हिंदू परिषद की स्थापना में भी आगे बढ़कर मदद की थी। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में कई आधुनिक संस्थानों की स्थापना के साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में शुरूआती पांच लाख की राशि दी थी। उन्होंने मदन मोहन मालवीय जी के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के लिए एक करोड़ से अधिक की धनराशि का प्रबंध कराया था।
इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि जब मैं पहली बार 2014-2015 में दरभंगा पहुंचा तो वहां के स्थापत्य, कला और साहित्य से अभिभूत हो गया। उन्होंने मिथिला की धरती और दरभंगा राजघराने को इतिहास की बेमिसाल धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि मिथिला की धरती राजा जनक और माता सीता के साथ गार्गी और याज्ञवल्क्य संवाद की भी साक्षी रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मिथिला की धरती मधुबनी पेटिंग, ध्रुपद परंपरा को पुष्पित और पल्लवित किया है। उन्होंने भारतीय मूल तत्वों को सामाजिक और आधुनिकता के साथ जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि मिथिला सांस्कृतिक परंपरा में ऐसे तत्व विद्यमान हैं जिस पर भारत को गर्व है।
इस अवसर पर गुजरात से आए नौतन स्वामी और दरभंगा राजघराने की तरफ से श्री कपिलेश्वर सिंह और श्रीमति कविता सिंह भी मौजूद थीं।
एजुकेट गर्ल्स बनी 2025 रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड पाने वाली पहली भारतीय संस्था
एशिया का सबसे बड़ा सम्मान, दो करोड़ से ज़्यादा बच्चियों को स्कूल लौटाने वाली सामुदायिक पहल को मिला अंतरराष्ट्रीय गौरव
चीन में बहुपक्षीय कूटनीतिक मंच पर दिखेंगे उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन
सियोल । उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन वैश्विक राजनीति में दखल देने की तैयारी कर रहे हैं। किम इस सप्ताह चीन में बहुपक्षीय कूटनीतिक मंच पर पहला कदम रखने के लिए तैयार हैं। बीजिंग में सैन्य परेड में भाग लेने के लिए उनकी यात्रा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का मंच तैयार कर रही है।
2011 के अंत में सत्ता संभालने वाले किम के लिए यह पहली बार होगा जब वे किसी बहुपक्षीय राजनयिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके दादा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल-सुंग 1959 में बीजिंग में एक सैन्य परेड में शामिल हुए थे।
किम का चीन में द्वितीय विश्व युद्ध के अंत की 80वीं वर्षगांठ के सैन्य परेड में पुतिन और शी के साथ भाग लेने का फैसला, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वाशिंगटन में अपनी उच्च-स्तरीय शिखर वार्ता में उत्तर कोरिया के साथ कूटनीति फिर से शुरू करने की उत्सुकता व्यक्त करने के कुछ दिनों बाद घोषित किया गया।
किम का इस सप्ताह बीजिंग में पुतिन और शी जिनपिंग के साथ सैन्य परेड में शामिल होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तर कोरियाई नेता की दक्षिण कोरिया या संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कूटनीति में कोई रुचि नहीं है।
किम और पुतिन ने सैन्य संबंधों को गहरा किया है। प्योंगयांग ने यूक्रेन के खिलाफ मास्को के युद्ध में मदद के लिए अपने सैनिक और हथियार भेजे हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के मुताबिक किम ने पिछले साल 28 अगस्त को अपने सैन्य तैनाती के फैसले को अंतिम रूप दिया था।
रूसी मीडिया के अनुसार, किम, पुतिन और शी 3 सितंबर को बीजिंग के तियानमेन चौक पर होने वाली सैन्य परेड में शामिल होंगे। क्रेमलिन के एक अधिकारी के हवाले से, रूसी रिपोर्ट में कहा गया है कि किम शी के बाईं ओर बैठेंगे, जबकि पुतिन शी के दाईं ओर बैठेंगे।
ट्रंप का टैरिफ बम: मोदी सरकार लाएगी कोविड-स्टाइल राहत पैकेज...
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लागू करने के फैसले से भारतीय निर्यातकों और लाखों कामगारों पर संकट मंडरा सकता है। इस कदम से न केवल निर्यात महंगा होगा बल्कि नौकरियों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभी डाक सेवाएं निलंबित कीं
नई दिल्ली। डाक विभाग ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 100 डॉलर तक मूल्य के सभी प्रकार के डाक सामान, जिनमें पत्र, दस्तावेज और उपहार शामिल हैं, भेजने पर रोक लगा दी है। अपनी पूर्व अधिसूचना में डाक विभाग ने 100 डॉलर तक के मूल्य वाले पत्रों, दस्तावेजों और गिफ्ट को छोड़कर सभी प्रकार की डाक वस्तुओं की बुकिंग को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया था।
विभाग ने कहा, अमेरिका जाने वाले डाक के परिवहन में वाहकों की असमर्थता और अनिर्धारित नियामक तंत्र को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने अमेरिका जाने वाले सभी प्रकार के डाक को पूरी तरह से निलंबित करने का निर्णय लिया है, जिसमें 100 डॉलर तक के मूल्य के पत्र/दस्तावेज और उपहार भी शामिल हैं। डाक विभाग ने अमेरिकी प्रशासन की ओर से 30 जुलाई को जारी किए गए कार्यकारी आदेश पर ध्यान दिया है। इस आदेश के तहत, 29 अगस्त, 2025 से 800 डॉलर तक के सामान पर मिलने वाली 'शुल्क-मुक्त न्यूनतम छूट' छूट को खत्म कर दिया गया है।
इसका मतलब है कि अब अमेरिका जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय डाक पर, चाहे उसकी कीमत कुछ भी हो, उस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी। यह शुल्क 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट' के तहत लिया जाएगा। भारत से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या सीधे उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले मुख्य उत्पादों में कपड़े, छोटे आकार के कालीन, रत्न और आभूषण, वेलनेस उत्पाद, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स और जूते शामिल हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईआरओ) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, डी मिनिमिस छूट के खत्म होने के कारण मुझे लगभग एक महीने तक कारोबार में दिक्कत की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ई-कॉमर्स कंपनियां लागत की समीक्षा कर रही हैं और इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि अमेरिकी उपभोक्ता कितनी अतिरिक्त लागत वहन कर सकते हैं।
अमेरिकी नियम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय डाक नेटवर्क के माध्यम से सामान भेजने वाली परिवहन कंपनियों या अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा मंजूर "योग्य पक्षों" को डाक खेप पर शुल्क (टैक्स) इकट्ठा करके जमा करना होगा। सीबीपी ने 15 अगस्त 2025 को कुछ दिशानिर्देश जारी किए, लेकिन "योग्य पक्षों" को चुनने और शुल्क इकट्ठा करने व जमा करने की प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु अभी स्पष्ट नहीं हैं।
इसी वजह से अमेरिका जाने वाली हवाई परिवहन कंपनियों ने 25 अगस्त 2025 के बाद डाक स्वीकार करने में असमर्थता जताई है, क्योंकि उनके पास इसके लिए तकनीकी और परिचालन तैयारी नहीं है।
7 साल बाद एक मंच पर मिले मोदी और शी जिनपिंग
तियानजिन । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद एक मंच पर मिले। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई। द्विपक्षीय वार्ता में कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीमा समझौते और दोनों देशों के बेहतर होते रिश्ते पर बातचीत हुई। दोनों देशों के व्यावसायिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर खुशी हुई।
जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के लिए यह सही है कि ऐसे साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में सहायक हों। ड्रैगन और हाथी एक साथ आएं। चीन और भारत दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम विश्व के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं। हम ग्लोबल साउथ के भी अहम सदस्य हैं। हम दोनों अपने लोगों की भलाई के लिए जरूरी सुधार लाने और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं।
इससे पहले पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले वर्ष कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई थी। हमारे संबंधों को एक सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है। सीमा मुद्दे पर हमारे विशेष प्रतिनिधियों ने समझौता किया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच डायरेक्ट फ्लाइट भी फिर से शुरू की जा रही है।
वहीं, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 बिलियन लोगों के हित जुड़े हुए हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। परस्पर विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सड़क हादसे में घायल हुईं भाजपा विधायक दीप्ति माहेश्वरी, गनमैन-ड्राइवर भी गंभीर
देलवाड़ा। राजस्थान के देलवाड़ा में शनिवार सुबह उदयपुर-राजसमंद हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय जनता पार्टी की नेता और राजसमंद से विधायक दीप्ति माहेश्वरी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा देलवाड़ा थाना क्षेत्र में सुरंग के पास हुआ, जब विधायक अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को पूरा कर उदयपुर लौट रही थीं।
दुर्घटना में उनके साथ मौजूद गनमैन और ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विधायक दीप्ति माहेश्वरी के कंधे में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि अन्य घायलों की हालत भी नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने बताया कि हादसा सुबह उस समय हुआ, जब गाड़ी हाईवे पर सुरंग पार कर रही थी। प्राथमिक अनुमान है कि चालक की लापरवाही या सड़क पर अचानक आई बाधा के कारण यह दुर्घटना हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है।
हादसे की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन और पुलिस ने राहत व बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किया। हादसे के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी, जिसे बाद में नियंत्रित किया गया।
बता दें कि दीप्ति माहेश्वरी, पूर्व विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी हैं। उन्होंने 2021 के उपचुनाव में राजसमंद सीट से जीत दर्ज की थी। वे बीबीए और व्यवसाय प्रबंधन में डिप्लोमा धारक हैं और वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।