देश-विदेश
महावतार नरसिम्हा को मिला U/A सर्टिफिकेट
दर्शकों के लिए आ रहा है अलौकिक सिनेमाई अनुभव
मुंबई । महावतार नरसिम्हा अब फिल्मों की कहानी कहने के अंदाज को अपने भव्य सीन, दमदार कहानी और बड़े पैमाने के साथ बिल्कुल नया रंग देने जा रही है। महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स के बड़े ऐलान के बाद इस सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्म का ट्रेलर भी आखिरकार सामने आ गया, जिसने लोगों को चौंका दिया है। ट्रेलर में जहां दिल दहला देने वाले सीन और जबरदस्त एक्शन नजर आया है, वहीं भगवान विष्णु के अलग-अलग रूपों की झलक ने भी ऐसा अनुभव देने का वादा कर दिया है, जो अब तक कभी नहीं देखा गया है।
जहां इस फिल्म ने लोगों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है, वहीं अब इसे सेंसर बोर्ड से यू/ए सर्टिफिकेट भी मिल गया है। इसका मतलब है, ये फिल्म सभी के लिए है, लेकिन 12 साल से कम उम्र के बच्चों को माता-पिता की देखरेख में ही देखने की सलाह दी गई है।
मेकर्स ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर ये खुशखबरी शेयर की है कि महावतार नरसिम्हा को यू/ए सर्टिफिकेट मिल गया है। साथ ही उन्होंने पोस्ट में लिखा है—
#MahavatarNarsimha को मिला U/A सर्टिफिकेट।
25 जुलाई को नजदीकी सिनेमाघरों में सुनिए दिव्यता की गर्जना
https://x.com/hombalefilms/status/1946862942827463042?t=wxD6NXj3DYsqfXuqdfQ5IQ&s=19
होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शन्स ने मिलकर इस ग्रैंड एनिमेटेड फ्रैंचाइज़ी की आधिकारिक लाइनअप जारी कर दी है, जो अगले एक दशक तक भगवान विष्णु के दस दिव्य अवतारों की गाथा बताएगी। इस यूनिवर्स की शुरुआत होगी महावतार नरसिम्हा (2025) से, इसके बाद आएंगे महावतार परशुराम (2027), महावतार रघुनंदन (2029), महावतार द्वारकाधीश (2031), महावतार गोकुलानंद (2033), महावतार कल्कि पार्ट 1 (2035) और महावतार कल्कि पार्ट 2 (2037)। ये यूनिवर्स भारतीय माइथोलॉजी को नई तकनीक और भव्यता के साथ दर्शकों के सामने पेश करेगा।
महावतार नरसिम्हा का डायरेक्शन अश्विन कुमार ने किया है, और इसे शिल्पा धवन, कुशल देसाई, और चैतन्य देसाई ने क्लीम प्रोडक्शंस के तहत प्रोड्यूस किया है। होम्बले फिल्म्स के साथ मिलकर, जो अपनी आकर्षक कंटेंट के लिए जानी जाती है, यह पार्टनरशिप अलग अलग एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक सिनेमाई मास्टरपीस पेश करने का लक्ष्य रखती है। इस फिल्म को शानदार विजुअल्स, सांस्कृतिक विविधता, बेहतरीन फिल्म तकनीक, और मजबूत कहानी के साथ, 3ड और पांच भारतीय भाषाओं में 25 जुलाई को रिलीज़ किया जाएगा।
अश्विन कुमार ने विराट-अनुष्का को बताया नई पीढ़ी का चेहरा, फिल्म दिखाने की जताई इच्छा
मुंबई । महावतार नरसिम्हा की आने वाली आध्यात्मिक फिल्म को भक्ति से जुड़े लोगों और बॉलीवुड से अच्छी दिलचस्पी मिल रही है। इसके निर्देशक अश्विन कुमार, जो अपनी भक्ति भरी कहानियों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा है कि वह चाहते हैं विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ये फिल्म जरूर देखें। उन्होंने दोनों को “नए समय के प्रेरक” और आज के युवाओं के लिए मिसाल बताया है।
कुमार ने कहा, “महावतार नरसिम्हा की टीम की तरफ से मैं सच में चाहूंगा कि हमारे विराट और अनुष्का भी ये फिल्म देखें। क्योंकि वे आज के समय के बड़े असरदार लोग हैं और अब भक्ति की राह से भी जुड़े हैं। उन्हें अब ईश्वरीय शक्ति की अहमियत का भी एहसास है, इसलिए वे आज के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन सकते हैं।”
कुमार ने कहा कि इस फिल्म का मकसद सिर्फ फिल्म बनाना नहीं है, बल्कि इसे ऐसा काम बनाना है जो युवाओं के दिल में भक्ति और समझ जगाए। उन्होंने यह भी बताया कि वह इसे पूज्य श्री प्रेमानंद महाराज जी को दिखाना चाहते हैं, जिनकी बातों से उन्हें इस फिल्म को बनाने का बड़ा हौसला मिला।
कुमार ने कहा, “अगर हम उन्हें यह फिल्म दिखा सकें और उन्हें बुला सकें, तो वह हमारे लिए बहुत बड़ी कृपा होगी। क्योंकि वह सच में युवाओं और दुनिया के लोगों की भलाई के बारे में सोचते हैं। उनकी बातें हमारे लिए अनमोल हैं। जब वह समझेंगे कि हम उन्हीं की सीख को आगे बढ़ा रहे हैं, तो यकीन है वह खुश होंगे और हमारे इस काम से दुनिया को आशीर्वाद देंगे।”
होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शन्स ने मिलकर इस ग्रैंड एनिमेटेड फ्रैंचाइज़ी की आधिकारिक लाइनअप जारी कर दी है, जो अगले एक दशक तक भगवान विष्णु के दस दिव्य अवतारों की गाथा बताएगी। इस यूनिवर्स की शुरुआत होगी महावतार नरसिम्हा (2025) से, इसके बाद आएंगे महावतार परशुराम (2027), महावतार रघुनंदन (2029), महावतार द्वारकाधीश (2031), महावतार गोकुलानंद (2033), महावतार कल्कि पार्ट 1 (2035) और महावतार कल्कि पार्ट 2 (2037)। ये यूनिवर्स भारतीय माइथोलॉजी को नई तकनीक और भव्यता के साथ दर्शकों के सामने पेश करेगा।
महावतार नरसिम्हा का डायरेक्शन अश्विन कुमार ने किया है, और इसे शिल्पा धवन, कुशल देसाई, और चैतन्य देसाई ने कलीम प्रोडक्शंस के तहत प्रोड्यूस किया है। होम्बले फिल्म्स के साथ मिलकर, जो अपनी आकर्षक कंटेंट के लिए जानी जाती है, यह पार्टनरशिप अलग अलग एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक सिनेमाई मास्टरपीस पेश करने का लक्ष्य रखती है। इस फिल्म को शानदार विजुअल्स, सांस्कृतिक विविधता, बेहतरीन फिल्म तकनीक, और मजबूत कहानी के साथ, 3ड और पांच भारतीय भाषाओं में 25 जुलाई को रिलीज़ किया जाएगा।
आपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति को देखा : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सेना ने आतंकियो के आकाओं के घर में जाकर जिस प्रकार का सफल अभियान चलाया उससे पूरी दुनिया ने देश की सैन्य शक्ति और सैन्य सामर्थ्य को देखा है।
श्री मोदी ने मानसून सत्र शुरू होने से पहले आज संसद परिसर में कहा कि यह सत्र एक विजयोत्सव है। पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति और सैन्य के सामर्थ्य का रूप देखा है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सेना ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उसे सौ फीसदी हासिल किया।
आतंकियों के आकाओं के घर में जाकर 22 मिनट के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसको जमींदोज कर दिया गया। मैंने बिहार के कार्यक्रम में इसकी घोषणा की थी कि हमारी सैन्य शक्ति ने बहुत ही कम समय में सिद्ध करके दिखा दिया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान मेड इन इंडिया सैन्य शक्ति के ये नये स्वरूप पर दुनिया आकर्षित हुई है।
सऊदी अरब के स्लीपिंग प्रिंस का निधन, 20 साल से कोमा में थे
रियाद । सऊदी अरब के 'स्लीपिंग प्रिंस' के नाम से मशहूर प्रिंस अल-वलीद बिन खालिद बिन तलाल अल सऊद का 36 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह करीब दो दशक कोमा में थे। प्रिंस अल-वलीद के परिवार ने रविवार को उनके निधन की पुष्टि की है। प्रिंस अल-वलीद के पिता प्रिंस खालिद बिन तलाल बिन अब्दुल अजीज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, अल्लाह के हुक्म, नियति में पूर्ण विश्वास और गहरे दुःख के साथ, हम अपने प्यारे बेटे प्रिंस अल-वलीद बिन खालिद बिन तलाल बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। अल्लाह उन पर रहम करे।
परिवार ने घोषणा की है कि रविवार को रियाद स्थित इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला मस्जिद में असर की नमाज बाद अंतिम संस्कार की नमाज अदा की जाएगी। साल 2005 में कार एक्सीडेंट के बाद प्रिंस अल-वलीद कोमा में चले गए थे। हादसे के वक्त वह महज 15 साल के थे। प्रिंस अल-वलीद को ब्रेन हेमरेज हुआ, जिसके बाद उन्हें सऊदी अरब वापस लाया गया। यहां उन्हें रियाद के किंग अब्दुल अजीज मेडिकल सिटी में भर्ती कराया गया।
अमेरिका और स्पेन के विशेषज्ञों से इलाज सहित व्यापक चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद, प्रिंस पूरी तरह से होश में नहीं आ सके। प्रिंस अल-वलीद करीब 20 वर्षों तक वह वेजिटेटिव स्टेट में रहे। इस दौरान वह वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट पर निर्भर थे।
पिता प्रिंस खालिद बिन तलाल, बेटे को जीवित रखने के फैसले पर अड़े रहे। उन्होंने लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने के सुझाव को अस्वीकार कर दिया। वर्षों तक अपने बेटे के बिस्तर के पास पिता की मौजूदगी ने लोगों के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया। अप्रैल 1990 में जन्मे प्रिंस अल-वलीद, सऊदी शाही परिवार के एक प्रमुख सदस्य, प्रिंस खालिद बिन तलाल के सबसे बड़े बेटे थे।
देवघर में 1.90 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
देवघर । श्रावणी मेला 2025 के नौवें दिन बाबानगरी देवघर में 1.90 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शनिवार को बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाया. बासुकिनाथ में शाम चार बजे तक करीब 91 हजार कांवरियों ने जल चढ़ाया. देवघर में आज भी श्रद्धालुओं की कतार बीएड कॉलेज तक पहुंच गयी. सुबह 4:19 बजे से ही मंदिर में जलार्पण शुरू हो गया. भीड़ को देखते हुए बाह्य अर्घा और आंतरिक अर्घा के साथ-साथ शीघ्र दर्शनम कूपन से भी श्रद्धालु जलार्पण कर रहे हैं. रात नौ बजे तक सुल्तानगंज से 2,85,860 कांवरिया गंगाजल लेकर बाबाधाम रवाना हुए.
4:19 बजे शुरू हुआ बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण
बाबाधाम में आज सुबह 4:19 बजे से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण शुरू हुआ. दिन में 1,90,161 श्रद्धालुओं ने बाबा को जल चढ़ाया. बाह्य अर्घा से 48,965 कांवरिया ने जल चढ़ाया. आंतरिक अर्घा से 1,29,756 लोगों ने जलार्पण किया. शीघ्रदर्शनम कूपन से जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 11,440 रही.
बासुकिनाथ मंदिर में शाम 4 बजे तक 90,956 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकिनाथ पर जलार्पण किया. सामान्य रूट लाइन से 73,476 लोगों ने, शीघ्रदर्शनम कूपन से 4,687 लोगों ने और जलार्पण काउंटर से 12,793 श्रद्धालुओं ने बासुकिनाथ का जलाभिषेक किया. शीघ्रदर्शनम से 14,06,100 रुपए, दानपेटी से 3,64,560 रुपए, गोलक से 65,740 रुपए और अन्य स्रोत से 6,793 रुपए प्राप्त हुए.
पीएम मोदी ने की टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन से मुलाकात
नई दिल्ली। टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को 'रण उत्सव 2025' कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रधानमंत्री ने रविवार सुबह इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर री-पोस्ट किया। उन्होंने कच्छ की खूबसूरती को दर्शाने के लिए वेणु श्रीनिवासन के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर री-पोस्ट करते हुए लिखा, मुझे वेणु श्रीनिवासन और सुदर्शन वेणु से मिलकर बहुत खुशी हुई। मैं कच्छ की खूबसूरती को दर्शाने और मोटरसाइकिल सवारों को वहां जाने के लिए प्रोत्साहित करने के उनके प्रयास की सराहना करता हूं। दरअसल, शनिवार को वेणु श्रीनिवासन और सुदर्शन वेणु ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बारे में टीवीएस मोटर कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी थी।
उन्होंने टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन के बयान के हवाले से एक्स पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना मेरे लिए सम्मान की बात थी। उन्हें टीवीएसएम एक्स 'रण उत्सव 2025' कॉफी टेबल बुक भेंट की। टीवीएस मोटर कंपनी ने गुजरात पर्यटन के साथ रण उत्सव को लेकर साझेदारी की। फरवरी 2025 में इसका आयोजन किया है। इसमें टूरिस्ट्स ने शानदार मोटरसाइकिल सवारी का आनंद उठाया, जिसमें कच्छ की संस्कृति, परिदृश्य और विरासत को प्रदर्शित किया गया। ये पीएम मोदी की कच्छ को युवाओं के बीच पर्यटन स्थल के रूप में लोकप्रिय बनाने की सोच से प्रेरित था।
उन्होंने आगे कहा, यह कॉफी टेबल बुक कच्छ की समृद्ध विरासत और मनमोहक स्थलों को दर्शाती है। 'सारी मुजाफिरी' थीम पर आधारित इस बुक में रण ऑफ कच्छ क्षेत्र के प्रमुख स्थलों और स्थलों को सुबह से शाम तक दर्शाया गया है, जो देखने में बेहद खूबसूरत हैं। हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि कच्छ मोटरसाइकिल सवारों के लिए एक बेहतरीन जगह है। आइए, वहां बाइक चलाएं, आप जीवन भर के लिए मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
भारत तेल आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ा रहा कदम : हरदीप सिंह पुरी
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि भारत तेल आत्मनिर्भरता की ओर लगातार और आत्मविश्वास से कदम बढ़ा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपने ऊर्जा भविष्य को कदम दर कदम सुरक्षित कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि 10 लाख वर्ग किलोमीटर अपतटीय क्षेत्र अब तेल क्षेत्र अन्वेषण के लिए खुला है, जबकि 99 प्रतिशत 'नो-गो' क्षेत्रों में मंजूरी दे दी गई है। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम (ओएएलपी) के तहत पेश किए जा रहे तेल और गैस ब्लॉकों ने पहले ही वैश्विक और घरेलू ऊर्जा कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया है और बोली के दसवें दौर में भागीदारी और निवेश के लिए नए मानक स्थापित होने की उम्मीद है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस महीने तेल और गैस क्षेत्र में तेजी लाने की योजना के तहत तैयार किए गए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियमों, मॉडल राजस्व साझाकरण अनुबंध (एमआरएससी) और पेट्रोलियम पट्टे के नए नियमों के ड्राफ्ट पर फीडबैक और सुझाव आमंत्रित किए। ये तेल और गैस क्षेत्र में अन्वेषण और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लागू किए जा रहे अग्रणी नीतिगत सुधारों की एक सीरीज है।
तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) अधिनियम, 1948 में मार्च 2025 में संशोधन किया गया था और नए पीएनजी नियम ओएएलपी राउंड दसवें से पहले तीन महीने के भीतर आ गए हैं, जो इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के तहत वैश्विक स्तर पर इस तरह का सबसे बड़ा अन्वेषण और उत्पादन बोली दौर है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, उद्यमियों और उद्योग जगत के लीडर्स के लिए भारत में तेल और गैस की खोज पर विचार करने का यह एक बेहतरीन समय है। भारत के ऊर्जा भविष्य में निवेश करना पहले कभी इतना आसान, तेज या लाभदायक नहीं रहा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन लगभग 100 प्रतिशत भौगोलिक और जनसंख्या कवरेज के साथ प्रत्येक भारतीय के दैनिक जीवन का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा, यह 2014 में 55 शहरों से बढ़कर 300 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक, 25 लाख रसोई से बढ़कर अब 1.5 करोड़ घरों तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के शहरी गैस वितरण नेटवर्क ने एक क्रांति ला दी है।
दुनिया में कोई भी शक्ति भारत को निर्देश नहीं दे सकती है : उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली । उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को वाइस प्रेसिडेंट एन्क्लेव में भारतीय रक्षा संपदा सेवा (आईडीईएस) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी विमर्शों से प्रभावित न हों। इस देश में एक संप्रभु राष्ट्र में सभी निर्णय इसके नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। दुनिया में कोई भी शक्ति भारत को यह निर्देश नहीं दे सकती कि उसे अपने मामलों को कैसे संचालित करना है?
उन्होंने कहा कि हम एक राष्ट्र हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का हिस्सा हैं। हम एकजुटता के साथ काम करते हैं, समन्वय के साथ। हमारे बीच आपसी सम्मान है, कूटनीतिक संवाद हैं। हम संप्रभु हैं और अपने निर्णय स्वयं लेते हैं।
उन्होंने कहा, क्या हर बॉल खेलनी जरूरी है? क्या हर विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया देना आवश्यक है? जो खिलाड़ी अच्छा स्कोर करता है, वह खराब गेंदों को छोड़ देता है। वे लुभावनी होती हैं, पर खेली नहीं जातीं। और जो खेलते हैं, उनके लिए विकेटकीपर और गली में खड़े खिलाड़ी तैयार रहते हैं।
जगदीप धनखड़ ने कहा, “चुनौतियां होंगी और उनका उद्देश्य होगा समाज में फूट डालना। आपने दो वैश्विक युद्ध देखे हैं। वे अब तक अनिश्चित हैं। देखिए उस तबाही को, संपत्ति की, मानव जीवन की और उस पीड़ा को। देखिए हमारा संतुलन, हमने एक पाठ पढ़ाया और अच्छी तरह से पढ़ाया। हमने बहावलपुर और मुरिदके को चुना और फिर उसे अस्थायी रूप से समाप्त किया।
'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है, यह जारी है। कुछ लोग पूछते हैं, इसे क्यों रोका गया? हम शांति, अहिंसा, बुद्ध, महावीर और गांधी की धरती हैं। जो जीवों को भी कष्ट नहीं देना चाहते, वे इंसानों को कैसे निशाना बना सकते हैं? उद्देश्य था, मानवता और विवेक को जगाना।
उन्होंने कहा कि हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश पूरी दुनिया के लिए ईर्ष्या का विषय है। हमारी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। भारत की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि चीन और अमेरिका की 38-39 और जापान की 48 है। आप चुने हुए लोग हैं। आपको भारत की सेवा का अवसर मिला है, उस भारत की, जो मानवता का छठा हिस्सा है और आपका कार्यक्षेत्र देखिए, अगर आप पूरी निष्ठा से हमारे सभ्यतागत मूल्यों को ध्यान में रखते हुए कार्य करें तो आप संपत्ति प्रबंधन, पारिस्थितिकी, पर्यावरण, हर्बल गार्डन, सतत विकास और आधुनिक तकनीक के प्रयोग में देश के लिए उदाहरण बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक बात जो मुझे चिंतित करती है, जब आपके क्षेत्र में विकास कार्य होते हैं तो उसकी अनुमति आपसे ली जाती है। यह अनुमति कई बार विवेकाधीन बन जाती है और देरी का शिकार होती है। मैं आग्रह करता हूं कि एक ऐसी प्रणाली विकसित करें, जिससे लोगों को पहले से ही जानकारी हो कि किसी क्षेत्र में भवन की अधिकतम ऊंचाई क्या हो सकती है। यह सब एक प्लेटफॉर्म पर क्यों नहीं हो सकता? तकनीक के इस युग में यह संभव है। इससे जनता को राहत मिलेगी, खर्च बचेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
उन्होंने कोचिंग सेंटरों के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि कोचिंग कौशल के लिए होनी चाहिए। कोचिंग आत्मनिर्भर बनाने के लिए होनी चाहिए, लेकिन कुछ सीमित सीटों के लिए देशभर में कोचिंग सेंटर अखबारों में विज्ञापन के लिए होड़ कर रहे हैं, एक, दो, तीन, चार पृष्ठ तक। और, क्या दृश्य है, बच्चों की तस्वीरें रैंक के साथ प्रकाशित की जाती हैं। नहीं, यह भारत नहीं है। यह बाजारीकरण और व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए।
हमें गुरुकुल प्रणाली में विश्वास रखना चाहिए। युवाओं को अपने संकीर्ण दायरों से बाहर निकलना होगा। अवसर और भी हैं और वे राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन शिक्षा का कोचिंग से यह जुड़ाव क्यों? तीन दशकों बाद जब हमें लाखों लोगों के परामर्श से एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है तो फिर कोचिंग क्यों? कोच को कौशल सुधारना चाहिए। हम रटंत विद्या से आगे बढ़कर चिंतनशील मस्तिष्क चाहते हैं।
जसोदाबेन की आँखों में अब सपना है और हाथों में हुनर
जसोदाबेन की आँखों में अब सपना है और हाथों में हुनर
ED ने ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में गूगल और मेटा को दिया नोटिस, 21 जुलाई को पूछताछ
नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप में टेक दिग्गज गूगल और मेटा को नोटिस भेजा है। इन कंपनियों को 21 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने सट्टेबाजी ऐप्स को विज्ञापन के प्रमुख स्थान दिए और उनकी वेबसाइट्स को अपनी सेवाओं का जरिया बनाया, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिला। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन जैसे गंभीर वित्तीय अपराधों से जुड़ी है।
ई़डी ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के एक बड़े नेटवर्क की जांच कर रहा है। कई ऐप्स खुद को 'स्किल बेस्ड गेम्स' बताकर अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे हवाला चैनलों के माध्यम से छिपाया गया ताकि जांच से बचा जा सके। ईडी ने इन ऐप्स के विज्ञापनों को गूगल और मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुखता से प्रदर्शित होने का आरोप लगाया है, जिससे इनके यूजर्स बढ़े।
पिछले हफ्ते, ईडी ने तेलुगु राज्यों में 29 मशहूर हस्तियों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें अभिनेता विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, निधि अग्रवाल, प्रणिता सुभाष, मंचू लक्ष्मी और अनन्या नगेला शामिल हैं। इसके अलावा, टीवी कलाकार, होस्ट और सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्तियों जैसे श्रीमुखी, श्यामला, वर्षिणी सौंदर्यराजन, वसंती कृष्णन, शोभा शेट्टी, अमृता चौधरी, नयनी पावनी, नेहा पठान, पांडु, पद्मावती, हर्षा साय और बय्या सनी यादव के नाम भी जांच में हैं। इन पर जंगली रम्मी, ए23, जीतविन, परिमैच और लोटस365 जैसे प्लेटफॉर्म्स के प्रचार का आरोप है, जो मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं।
यह जांच पब्लिक गैम्बलिंग एक्ट, 1867 और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हो रही है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दर्ज पांच एफआईआर के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई शुरू की। मार्च में, साइबराबाद पुलिस ने भी विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती और प्रकाश राज सहित कई हस्तियों के खिलाफ अवैध सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार का मामला दर्ज किया था।
हालांकि, इन हस्तियों ने सफाई दी कि वे किसी अवैध ऐप का प्रचार नहीं कर रहे थे। ईडी अब इन सभी मामलों की गहन जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।
हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
अफगानिस्तान में भूकंप के दो झटकों से दहशत का माहौल
अफगानिस्तान । शनिवार को भूकंप दो जबरदस्त झटके महसूस किए गए। इाके अलावा म्यांमार में भी भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के एक बयान में कहा गया है कि शनिवार को अफगानिस्तान में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए।
ताजा भूकंप रिक्टर पैमाने पर 4.0 तीव्रता का था। देर रात 2.11 बजे आए भूकंप का केंद्र जमीन से 125 किमी गहराई में था। इससे पहले अफगानिस्तान में रिक्टर पैमाने पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। राम 01.26 बजे आए भूकंप का केंद्र जमीन से 190 किमी गहराई में था।
इससे पहले राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के एक बयान में कहा गया था कि शुक्रवार देर रात अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। 17 जुलाई को भी रिक्टर पैमाने पर 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंपों का इतिहास रहा है। रेड क्रॉस के अनुसार, हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला एक भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
म्यांमार में 3.7 तीव्रता का भूकंप
एनसीएस के मुताबिक, शनिवार को म्यांमार में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 105 किलोमीटर की गहराई में आया। सुबह 03.26 बजे भूकंप के बाद लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए। इससे पहले शुक्रवार को म्यांमार में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। 17 जुलाई को भी 80 किमी की गहराई में भूकंप आया था।
यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के बीच टकराव की वजह से म्यांमार एक उच्च भूकंपीय खतरे वाला क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से संक्षेपित भूकंप मापदंडों के अनुसार, 1990 से 2019 तक म्यांमार और उसके आसपास के क्षेत्रों में हर साल 3.0 से अधिक या उसके बराबर तीव्रता वाली लगभग 140 घटनाएं घटी हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली करेंगे भारत का दौरा
काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत दौरे पर आने वाले हैं। ओली ने कहा है कि वह भारत का दौरा करेंगे और इस यात्रा को लेकर दोनों पक्षों के बीच तैयारी चल रही है।
हालांकि उन्होंने यात्रा की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। मगर कहा कि वह उचित समय पर भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी बताया कि पीएम मोदी को उन्होंने नेपाल आने का न्यौता दिया है, वह नवंबर तक काठमांडू दौरे पर आ सकते हैं।
ओली की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब स्थानीय मीडिया में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें भारत की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है, जिससे यह संकेत मिल रहा था कि भारत के साथ उनके संबंधों में खटास आ गई है। ओली ने गुरुवार देर रात नेपाल के यूट्यूब चैनल ‘दिशानिर्देश टीवी’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "मैं शायद भारत की यात्रा पर जाऊंगा। मेरी यात्रा तभी होगी जब दोनों पक्ष इसकी पूरी तैयारी कर लेंगे।"
ओली ने भारत से पहले किया था चीन दौरा
गौरतलब है कि जुलाई 2023 में ओली ने चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री का पद संभाला था, जब वे नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे।
पद संभालने के बाद उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में चीन का दौरा चुना, जो परंपरा से हटकर था। क्योंकि अब तक अधिकांश नेपाली प्रधानमंत्री पहली विदेश यात्रा भारत की करते रहे हैं।
पीएम मोदी को दिया नेपाल आने का न्यौता
ओली ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेपाल आने का निमंत्रण भेजा है। "प्रधानमंत्री मोदी शायद नवंबर के आसपास नेपाल आएंगे। मैंने उन्हें पहले ही आमंत्रण भेज दिया है। इस दौरान उन्होंने दोहराया"मेरी भारत यात्रा उचित समय पर होगी।" प्रधानमंत्री मोदी और ओली की मुलाकात आखिरी बार 4 अप्रैल को बैंकॉक में 6वें बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान हुई थी।
भारत ने मेरे खिलाफ कुछ गलत नहीं किया
ओली ने यह भी कहा कि भारत को लेकर उनके खिलाफ फैलाई गईं अफवाहें झूठी हैं। न्होंने स्पष्ट किया,"जब मैं प्रधानमंत्री बना, तब भारत ने मेरे खिलाफ कुछ भी गलत नहीं किया। एक अन्य संदर्भ में, ओली ने कहा, "हमारे भारत और चीन दोनों के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत और चीन दोनों तेजी से उभरती आर्थिक शक्तियाँ हैं, और यह अच्छा है कि हमारे पड़ोसी विकास के मार्ग पर हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल को उनके विकास के ‘spill-over’ प्रभाव से लाभ हो सकता है।
भारत-चीन में नहीं हो कटुता
ओली ने सुझाव दिया, "भारत और चीन को आपसी प्रतिस्पर्धा में कटुता नहीं लानी चाहिए। प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए। उन्हें सौहार्दपूर्ण संबंधों की राह अपनानी चाहिए...ना कि ऐसा मार्ग जो तनाव पैदा करे।" जब उनसे पूछा गया कि यदि भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका नेपाल पर क्या असर होगा, तो ओली ने कहा, "यदि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध होते हैं, तो नेपाल को भी लाभ होगा। हम उनसे सहयोग और साझेदारी के जरिए और उनके बड़े बाजार से भी लाभ उठा सकते हैं।
डॉक्टर से लोन दिलाने के नाम पर 21 लाख ठगे
मुंबई । नवी मुंबई के एक डॉक्टर से तीन करोड़ का लोन दिलाने का वादा करके एक फाइनेंस कंपनी के मालिक ने 21 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस ने कहा कि फाइनेंस कंपनी के मालिक चेतन पांचाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर एक बड़ा ऋण लेना चाहते थे, तभी उनकी मुलाकात पांचाल से हुई।
पांचाल ने दावा किया कि वह कई बैंकों से उनके लिए 3 करोड़ रुपये का ऋण दिला सकते हैं। डॉक्टर ने सेवा के लिए कमीशन देने पर सहमति जताई और आरोपी को 21 लाख रुपये दिए।
आरोपी ने एक प्रतिष्ठित बैंक का ऋण स्वीकृति पत्र साझा किया। सत्यापन के बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि दस्तावेज जाली था।
जब तक डॉक्टर को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तब तक पंचाल ने कमीशन के रूप में 21 लाख रुपये एकत्र कर लिए थे। जांच जारी है और आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पुणे में बैंक मैनेजर ने की आत्महत्या
महाराष्ट्र। पुणे जिले के बारामती में एक राष्ट्रीयकृत बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मौके से एक नोट बरामद हुआ है, जिसमें काम के दबाव का हवाला दिया गया है। बारामती पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 40 वर्षीय शिवशंकर मित्रा ने गुरुवार देर रात बैंक परिसर में फांसी लगा ली।
उन्होंने बताया कि शिवशंकर मित्रा 11 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों और कार्यभार का हवाला देते हुए बैंक के मुख्य प्रबंधक पद से इस्तीफा देने के बाद नोटिस अवधि पूरी कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'बैंकिंग समय खत्म होने के बाद मित्रा ने सभी कर्मचारियों को यह कहते हुए जाने को कहा कि वह शाखा बंद कर देंगे। चौकीदार रात करीब 9:30 बजे चला गया। मित्रा ने पहले एक सहकर्मी से रस्सी लाने को कहा था। रात करीब 10 बजे उन्होंने इसी रस्सी से फांसी लगा ली। यह घटना बैंक के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।'
काम के दबाव को कारण बताया
अधिकारी ने आगे कहा, 'जब मित्रा घर नहीं लौटे और न ही उन्होंने किसी कॉल का जवाब दिया, तो उनकी पत्नी आधी रात के आसपास बैंक पहुंचीं। उन्होंने लाइट जलती हुई पाईं। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने बैंक कर्मचारियों को सूचित किया। जब शाखा खोली गई तो मित्रा छत से लटके हुए पाए गए। घटनास्थल से बरामद एक नोट में मित्रा ने काम के दबाव को अपने इस कदम का कारण बताया है।'
नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनका इलाज भी चल रहा था। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
स्वर्ण मंदिर बम धमकी, श्री दरबार साहब को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार
अमृतसर। अमृतसर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल स्वर्ण मंदिर को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की पांच धमकियों के सिलसिले में हरियाणा के फरीदाबाद के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया। आरोपी शुभम दुबे (24) को 14 जुलाई को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को भेजे गए पहले धमकी भरे ई-मेल के संबंध में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दुबे का लैपटॉप और फ़ोन ज़ब्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दुबे के पास बी.टेक की डिग्री है और वह कई कंपनियों में काम कर चुका है। कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि दुबे का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। भुल्लर के अनुसार, दुबे को पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट और केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की मदद से पकड़ा गया। हालाँकि, उसे औपचारिक रूप से गिरफ़्तार नहीं किया गया है। भुल्लर ने इस गिरफ्तारी को आंशिक सफलता बताते हुए कहा कि जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और प्रगति की उम्मीद है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को जनता से अफवाहों का शिकार न होने की अपील की और राज्य की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद, उन्होंने चंडीगढ़ में पुलिस महानिदेशक गौरव यादव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने खुलासा किया कि सर्वोच्च गुरुद्वारा संस्था को 14 जुलाई से स्वर्ण मंदिर पर हमले की चेतावनी वाले पाँच धमकी भरे ईमेल मिले हैं। धामी ने सवाल उठाया कि क्या ये धमकियाँ किसी विक्षिप्त व्यक्ति का काम हैं या किसी व्यापक साज़िश का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि ऐसी धमकियाँ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भय फैलाने के लिए हो सकती हैं।
नीतीश कुमार ने बिहार का बार-बार दौरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया
बिहार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगभग हर महीने राज्य का दौरा करने के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख कुमार ने यह टिप्पणी मोतिहारी शहर में की, जहां उन्होंने मोदी के साथ मंच साझा किया।
पूर्वी चंपारण जिले का मोदी का दौरा इस साल राज्य का छठा दौरा है। कुमार ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए उठाए गए कदमों की सराहना भी की।
उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, मैं लगभग हर महीने राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा करने के लिए प्रधानमंत्री को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। यह बहुत बड़ी बात है। उनके लिए तालियां बजाएं। यहां मौजूद सभी लोग कृपया खड़े हो जाएं। रैली में पांच लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
राजद-कांग्रेस गठबंधन का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने कहा, बिहार में ईमानदारी से शासन तभी शुरू हुआ जब हम सत्ता में आए। इससे पहले जो लोग सत्ता में थे, वे धन को सही ढंग से खर्च भी नहीं कर पा रहे थे।