देश-विदेश
उत्तरकाशी में बादल फटने से मची तबाही: नौ मजदूर लापता, राहत कार्य जारी
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार देर रात यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास बादल फटने से भारी तबाही हुई। घटना में एक निर्माणाधीन होटल पूरी तरह तबाह हो गया, जहां काम कर रहे कई मजदूर लापता हो गए हैं। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सात अन्य की तलाश जारी है।
घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि अब तक 10 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें उनके घर भेजा जा चुका है। लापता मजदूरों में पांच नेपाली, तीन देहरादून और एक उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है।
एसआई विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि दो मजदूरों के शव 18 किलोमीटर दूर यमुना नदी तट पर तिलाड़ी शहीद स्मारक के पास से मिले हैं। शवों की शिनाख्त के लिए साथी मजदूरों को बुलाया गया है।
सीएम धामी की निगरानी में राहत कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से तत्काल राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और पूरी तत्परता से काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि घटनास्थल तक मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं, ऐसे में टीमें ही मलबा हटाकर लापता लोगों को खोजने में लगी हैं।
यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बंद, नदी में बनी झील
बादल फटने से यमुनोत्री हाईवे कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। ओजरी के पास सड़क पूरी तरह से बह गई है, और खेतों में मलबा भर गया है। स्याना चट्टी के पास कुपड़ा कुनसाला पुल के ऊपर भारी बोल्डर और मलबा आने से यमुना नदी का बहाव रुक गया है, जिससे झील बनने लगी है।
प्रदेश के सात जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, खासकर रात के समय नदी-नालों के पास न जाने की चेतावनी जारी की गई है।
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़, तीन की मौत
नई दिल्ली । ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा के दौरान भगदड़ में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 10 लोग घायल भी हुए हैं। यह हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियों को ले जा रहे तीन रथ जगन्नाथ मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर के पास थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गुंडिचा मंदिर के पास भारी भीड़ दर्शन के लिए जुटी थी। भीड़ बढ़ने पर कुछ लोग गिर गए, जिससे भगदड़ शुरू हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं- प्रभाती दास और बसंती साहू शामिल हैं। इसके अलावा, 70 वर्षीय प्रेमकांत मोहंती की भी मौत हुई है। ये तीनों खुरदा जिले के रहने वाले थे और रथ यात्रा के लिए पुरी आए थे। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रथों को शुक्रवार शाम तक गुंडिचा मंदिर पहुंचना था, लेकिन भगवान बलभद्र के तलध्वज रथ के एक मोड़ पर अटकने के कारण रथों को ग्रांड रोड पर रोकना पड़ा। इससे अन्य दो रथ भी आगे नहीं बढ़ सके। हालांकि, पहांदी जैसे अधिकांश अनुष्ठान जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के निर्धारित समय पर पूरे हुए, लेकिन रथ खींचने में काफी देरी हुई, जिससे भक्तों में नाराजगी देखी गई।
भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ (तलध्वज और दर्पदलन) बीच रास्ते में रुक गए, जबकि भगवान जगन्नाथ का रथ (नंदीघोष) सिंहद्वार से थोड़ा आगे बढ़कर रुक गया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शुक्रवार को कहा कि सभी अनुष्ठान समय पर पूरे होने के बाद दोपहर 4 बजे रथ खींचना शुरू हुआ था, लेकिन बदा दांडा (ग्रांड रोड) के प्रमुख मोड़ों पर समस्याओं और पिछले वर्षों की तुलना में 1.5 गुना अधिक भक्तों की भीड़ के कारण व्यवधान हुआ।
उन्होंने कहा, इस साल अनुकूल मौसम के कारण भक्तों की संख्या अधिक थी, जिससे भीड़ को नियंत्रित करना और चुनौतीपूर्ण हो गया। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्तियों वाले तीन भव्य रथों को भारी भीड़ द्वारा खींचा जाता है। ये रथ गुंडिचा मंदिर तक ले जाए जाते हैं, जहां तीनों देवता एक सप्ताह तक रहते हैं और फिर जगन्नाथ मंदिर लौटते हैं।
हमने गाजा में कोई अमानवीय कार्य नहीं किया : बेंजामिन नेतन्याहू
तेल अवीव । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) ने गाजा में निहत्थे और मानवीय सहायता का इंतजार कर रहे लोगों पर गोली नहीं चलाई।
इजरायल के अखबार हारेत्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ ने गाजा में न सिर्फ घृणित रक्त-अपराध किए बल्कि मानवीय सहायता के इंतजार में खड़े लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया। अखबार में प्रकाशित इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आईडीएफ के सैनिकों को निर्दोष लोगों को नुकसान न पहुंचाने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं और वे इसका पालन करते हैं।
दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण झूठ है जो विश्व की सबसे नैतिक सेना आईडीएफ को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया है। आईडीएफ आतंकवादी दुश्मनों के खिलाफ कठिन परिस्थितियों में काम करता है। इजरायल सभी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देशों से आह्वान करता है कि वह हमास आतंकवादी संगठन के खिलाफ न्यायपूर्ण और नैतिक लड़ाई में उसके साथ खड़े हों।
ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में एक भीषण युद्ध समाप्त हुआ है। लेकिन इजरायल और हमास के बीच गाजा में लंबे समय से युद्ध चल रहा है। इस युद्ध में गाजा में मानवीय और आर्थिक भारी नुकसान हुआ है। इजरायली मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत में गाजा में संघर्ष विराम पर सहमति बनी है। रिपोर्ट की मानें तो गाजा में चल रहा संघर्ष अगले दो सप्ताह में समाप्त हो सकता है।
पाकिस्तान में आत्मघाती हमला: 13 सैनिकों की मौत, दर्जनों घायल...
इस्लामाबाद/नई दिल्ली । उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में एक सैन्य काफिले को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती बम विस्फोट में 13 सैनिक मारे गए। हमले में दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि, हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है। सूत्रों के मुताबिक, उत्तरी वजीरिस्तान जिले के खड्डी इलाके में शनिवार सुबह एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को बम निरोधक इकाई के माइन-रेसिस्टेंट एम्बुश प्रोटेक्टेड (एमआरएपी) वाहन से भिड़ा दिया।
विस्फोटकों से लदे वाहन की सैन्य काफिले से टक्कर
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन की सैन्य काफिले से टक्कर करवा दी। विस्फोट में 13 सैनिक मारे गए। इसके अलावा 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो गए। यह क्षेत्र तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के निशाने पर रहता है।
सैन्य गतिविधियों के कारण कर्फ्यू लगा था
सूत्रों के मुताबिक, हमले के समय इलाके में चल रही सैन्य गतिविधियों के कारण कर्फ्यू लगा दिया गया था। विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया। आतंकवादी समूह उसुद अल-हरब के एक उप-गुट हाफिज गुल बहादुर समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। घटना को हाल के महीनों में उत्तरी वजीरिस्तान में हुई सबसे घातक घटनाओं में से एक बताया जा रहा है। इससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
R-AW के नए चीफ बने पराग जैन, 'ऑपरेशन सिंदूर' में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
नई दिल्ली। केंद्र ने पंजाब कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी पराग जैन को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R-AW) का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वे रवि सिन्हा की जगह लेंगे। रवि सिन्हा का मौजूदा कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। पराग जैन का कार्यकाल दो साल होगा। वे 1 जुलाई 2025 तक के निश्चित कार्यकाल के लिए यह पदभार ग्रहण करेंगे।
पराग जैन वर्तमान में एविएशन रिसर्च सेंटर का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और आतंकी शिविरों के ठिकानों के बारे में खुफिया जानकारी एकत्र करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खुफिया हलकों में 'सुपर जासूस' के तौर पर जाने जाने वाले पराग जैन मानव खुफिया (HUMINT) को तकनीकी खुफिया (TECHINT) के साथ प्रभावी ढंग से संयोजित करने के लिए जाने जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह खासियत कई अहम ऑपरेशनों में अहम रही है।
कौन हैं पराग जैन?
पंजाब में जब आतंकवादियों ने दहशत मचा रखी थी, पराग जैन ने तब भटिंडा, मानसा, होशियारपुर में ऑपरेशनल भूमिका निभाई। इससे पहले वे चंडीगढ़ के एसएसपी और लुधियाना के डीआईजी रह चुके हैं। उन्होंने रॉ में पाकिस्तान डेस्क संभाली है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने और ऑपरेशन बालाकोट के दौरान जम्मू-कश्मीर में भी काम किया है। पराग जैन काफी विनम्र अधिकारी कहे जाते हैं। उन्होंने कनाडा और श्रीलंका में भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर काम किया है। कनाडा में पोस्टिंग के दौरान कथित तौर पर उन्होंने वहां खालिस्तान समर्थकों को चुनौती दी थी और नई दिल्ली को बार-बार चेतावनी दी थी कि यह खतरनाक होता जा रहा है।
भ्रष्ट लोकसेवकों की सजा पर रोक उचित नहीं: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए गए लोकसेवकों की सजा पर रोक लगाने के चलन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में सजा पर रोक लगाने से बचना चाहिए। कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा, “भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों में दोषसिद्ध लोकसेवकों की सजा पर रोक लगाना न्याय की प्रक्रिया के खिलाफ है। इससे सार्वजनिक विश्वास को ठेस पहुंचती है।” कोर्ट ने दोहराया कि पहले भी शीर्ष अदालत ने इस विषय में सख्त रुख अपनाया है।
क्या था मामला?
मामला एक लोकसेवक से जुड़ा है जिसे PC Act की धाराओं 7, 12, 13(1)(D) और 13(2) के तहत दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने उसे दो मामलों में कुल 5 साल की कठोर सजा और जुर्माना सुनाया था। इसके खिलाफ लोकसेवक ने गुजरात हाई कोर्ट में अपील की, जहां कोर्ट ने सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया, लेकिन दोषसिद्धी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और उसका नतीजा:
लोकसेवक ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है और यह पूरी तरह वैध है।
क्या है कानूनी संदेश?
इस फैसले से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी लोकसेवकों के लिए अदालतों से राहत पाना आसान नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रणाली को यह संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में नरमी न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगी।
बिहार पुलिस के 21,391 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति-पत्र
पटना । बिहार पुलिस के 21,391 चयनित अभ्यर्थियों को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र बांटे गए। इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी मौजूद रहे। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में 21,391 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिहार पुलिस के 21,391 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र का वितरण किया। हमें उम्मीद है कि आप सभी बिहार और समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। चयनित सभी अभ्यर्थियों एवं उनके परिजनों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं। एक दिन में 21,391 युवाओं के हाथों पक्की नौकरी का पत्र मिलने से इनके परिवारों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाएगा। एनडीए सरकार का प्रयास है कि हर घर और हर हाथ में रोजगार हो। एनडीए सरकार ने ही नौकरियां दी हैं। एनडीए सरकार ही आज भी नौकरियां दे रही। एनडीए सरकार ही कल भी नौकरी देगी। हम जो कहते हैं वो करते हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिहार में लगातार पुलिसकर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। 24 नवंबर 2005 को नई सरकार बनने के समय बिहार पुलिस में कार्यरत बल की संख्या मात्र 42,481 थी। वर्ष 2006 से कानून व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए पुलिस बल की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की गई।
सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाना है और इसके लिए कुल 2 लाख 29 हजार से भी अधिक पदों का सृजन कर तेजी से पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रही है। स्वीकृत बल के अनुरूप सभी पदों को इस साल के अंत तक भर दिया जाएगा। इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी और आम नागरिकों की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
डोनाल्ड ट्रंप का दावा, गाजा में अगले हफ्ते तक हो सकता है सीजफायर
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-ईरान युद्ध विराम के बाद बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि एक हफ्ते के अंदर अब गाजा पट्टी में भी युद्ध विराम हो जाएगा। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने युद्धविराम विराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौते को सुरक्षित करने की कोशिश में शामिल कुछ लोगों से बात की है। हालांकि, ट्रंप ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
'व्हाइट हाउस' में ट्रंप कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा के विदेश मंत्रियों की मेजबानी कर रहे थे। इस दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, गाजा में स्थिति भयावह है, और इसे देखते हुए हम उस क्षेत्र में बहुत सारा पैसा और बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, सैद्धांतिक रूप से हम इसमें शामिल नहीं हैं, लेकिन हम इसमें शामिल भी हैं, क्योंकि लोग मर रहे हैं। मैं उन लोगों की भीड़ को देखता हूं, जिनके पास न तो भोजन है, न ही कुछ और।
इसके साथ ही ट्रंप ने अफसोस जताते हुए कहा कि कुछ सहायता को 'बुरे लोग' चुरा रहे हैं, लेकिन नई गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) प्रणाली 'काफी अच्छी' है। ट्रंप ने कहा कि अन्य देशों को मदद के लिए आगे आना चाहिए। अमेरिका के अलावा, अन्य देश गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) से दूर रहे हैं। इसकी विवादास्पद प्रणाली के कारण गाजा के लोगों को भोजन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है; उन्हें आईडीएफ रेखा को पार करना पड़ता है।
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये बयान अहम है क्योंकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के शीर्ष सहयोगी और स्ट्रैटेजिक अफेयर्स मिनिस्टर रॉन डर्मर अगले हफ्ते वॉशिंगटन जाने वाले हैं।
बता दें, 7 अक्टूबर 2023 में इजरायल के नोवा फेस्टिवल में हमास के अचानक किए गए हमले के बाद इलाके में तनाव बढ़ा। हमास के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बना लिया गया था। हमले के बाद ही इजरायल ने गाजा पर हवाई हमले शुरू कर दिए थे।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने घटाई जिला न्यायाधीशों की ताकत, ट्रंप बोले- ये बड़ी जीत
वाशिंगटन । अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जिला न्यायाधीशों के पास ट्रंप प्रशासन के उस कार्यकारी आदेश के खिलाफ देशव्यापी स्थगन (नेशनवाइड इंजेक्शन) जारी करने का अधिकार नहीं है, जिसका उद्देश्य जन्म आधारित नागरिकता को प्रभावी रूप से समाप्त करना है। इस तरह कोर्ट ने जिला न्यायाधीशों की ताकत को घटा दिया है जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बड़ी जीत' बताया है। 'सिन्हुआ समाचार एजेंसी' के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने वैचारिक आधार पर हुए 6-3 के मत विभाजन में, ट्रंप प्रशासन के उस अनुरोध को मंजूरी दे दी, जिसमें जिला न्यायाधीशों के लगाए गए देशव्यापी स्थगनों के दायरे को सीमित करने की बात कही गई थी।
न्यायमूर्ति एमी कोनी बैरेट ने बहुमत के लिए लिखा, फेडरल कोर्ट कार्यकारी शाखा की सामान्य निगरानी नहीं करती। जब कोई अदालत यह निष्कर्ष निकालती है कि कार्यकारी शाखा ने अवैध रूप से कार्य किया है, तो इसका समाधान यह नहीं है कि अदालत भी अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़ जाए। हालांकि, तीन उदारवादी न्यायाधीशों ने इस फैसले पर असहमति जताई है।
जस्टिस सोनिया सोटोमोर ने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्मे और इसके कानूनों के अधीन रहने वाले बच्चे संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक हैं। यह स्थापना के समय से ही कानूनी नियम रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया, इस अनुरोध में रणनीति स्पष्ट रूप से झलक रही है और सरकार इसे छिपाने का कोई प्रयास नहीं कर रही है। बहुमत यह पूरी तरह नजरअंदाज कर देता है कि राष्ट्रपति का कार्यकारी आदेश संवैधानिक है या नहीं, और इसके बजाय केवल इस बात पर ध्यान देता है कि क्या फेडरल कोर्ट्स के पास सार्वभौमिक स्थगन जारी करने का न्यायिक अधिकार है।
ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ' पर इस फैसले को 'बड़ी जीत' बताया। उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा कि यह फैसला संविधान के लिए एक बड़ी जीत है।
हमने गाजा में कोई अमानवीय कार्य नहीं किया : बेंजामिन नेतन्याहू
तेल अवीव । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) ने गाजा में निहत्थे और मानवीय सहायता का इंतजार कर रहे लोगों पर गोली नहीं चलाई।
इजरायल के अखबार हारेत्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ ने गाजा में न सिर्फ घृणित रक्त-अपराध किए बल्कि मानवीय सहायता के इंतजार में खड़े लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया। अखबार में प्रकाशित इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आईडीएफ के सैनिकों को निर्दोष लोगों को नुकसान न पहुंचाने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं और वे इसका पालन करते हैं।
दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण झूठ है जो विश्व की सबसे नैतिक सेना आईडीएफ को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया है। आईडीएफ आतंकवादी दुश्मनों के खिलाफ कठिन परिस्थितियों में काम करता है। इजरायल सभी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देशों से आह्वान करता है कि वह हमास आतंकवादी संगठन के खिलाफ न्यायपूर्ण और नैतिक लड़ाई में उसके साथ खड़े हों।
ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में एक भीषण युद्ध समाप्त हुआ है। लेकिन इजरायल और हमास के बीच गाजा में लंबे समय से युद्ध चल रहा है। इस युद्ध में गाजा में मानवीय और आर्थिक भारी नुकसान हुआ है। इजरायली मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत में गाजा में संघर्ष विराम पर सहमति बनी है। रिपोर्ट की मानें तो गाजा में चल रहा संघर्ष अगले दो सप्ताह में समाप्त हो सकता है।
बारिश में आक्रामक हो जाते हैं स्ट्रीट डॉग, उसने दूरी बनाकर चलें... भोपाल नगर निगम ने जारी की एडवाइजरी
भोपाल। भोपाल शहर में आवारा कुत्ते हिंसक हो गए हैं। किसी अनजान व्यक्ति को देखते ही हमला कर सकते हैं, क्योंकि यह उनकी ब्रीडिंग का समय है। बरसात में कुत्तों में आक्रामकता बढ़ जाती है। साथ ही बरसात में भीगने से उन्हें तनाव, किलनी-पिस्सू और खुजली होती है। ऐसे में आवारा कुत्ते किसी भी व्यक्ति को काट सकते हैं।
इसको देखते हुए निगम ने एडवाइजरी जारी की है। नगर निगम के अपर आयुक्त हर्षित तिवारी ने बताया कि बरसात में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ती हैं। इसको देखते हुए शहरवासियों से यह अपील की जा रही है कि घर के बच्चों को समझाइश दें कि वह आवारा कु्त्तों से दूरी बनाकर चलें। साथ ही उनके साथ छेड़छाड़ न करें।बरसात में ही ब्रीडिंग का समय रहता है, इसलिए आवारा कुत्ते झुंड में रहते हैं। यदि डॉग शेड, वाहन के नीचे बैठा है तो उसे भगाएं नहीं। कॉलोनी के रहवासियों से अपील की जा रही है कि अगर आप आवारा कु्त्तों को भोजन देते हैं, तो ऐसी जगह निर्धारित करें, जहां अधिक भीड़भाड़ न हो। पशु प्रेमियों से अपील की गई है कि वह पेट एडाप्शन मुहिम चलाकर निगम में रजिस्ट्रेशन करवाएं, ताकि पेट्स की सही देखभाल हो सके।
कु्त्तों का आतंक है तो यहां करें शिकायत
शहर के किसी इलाके में अगर आवारा कु्त्तों का आतंक है तो तुरंत इसकी सूचना नगर निगम के कॉल सेंटर 155304 से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाएं। अगर किसी व्यक्ति के साथ डॉग बाइट की घटना होती है, तो तुरंत पानी से धोकर उसे कार्बनिक साबुन से धोएं। उसके बाद कोई भी एंटीसेप्टिक मरहम लगाएं। समय पर नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज टीका लगवाएं। भोपाल के जेपी और हमीदिया अस्पताल में एंटी रेबीज की निश्शुल्क व्यवस्था है।
मेक्सिको में स्ट्रीट फेस्टिवल के दौरान गोलीबारी, 12 की मौत, 20 घायल
मेक्सिको सिटी । मेक्सिको के गुआनाजुआतो राज्य में स्थित इरापुआटो में सेंट जॉन द बैपटिस्ट के सम्मान में आयोजित एक उत्सव के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा 20 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है।
यह वारदात बुधवार रात को हुई। उस समय लोग कम्युनिटी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में डांस करने और शराब पीने के लिए एकत्र हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वारदात से ठीक पहले लाइव बैंड की धुन पर लोग नाचते नजर आ रहे हैं।
इरापुआटो के एक स्थानीय अधिकारी रोडोल्फो गोमेज सर्वेंट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की है कि 12 लोग इस घटना में मारे गए हैं, जबकि 20 घायलों का इलाज चल रहा है। मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने इस घटना की निंदा करते हुए जल्द से जल्द न्याय का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, "जो हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की जांच चल रही है। फेडरल एंड स्टेट सिक्योरिटी फोर्सेज हमलावरों की पहचान में जुटी है।
मेक्सिको सिटी के उत्तर-पश्चिम में स्थित गुआनाजुआटो राज्य हाल के वर्षों में मेक्सिको के सबसे हिंसक इलाकों में से एक बन गया है। अपराधी गिरोह ड्रग्स, वसूली नेटवर्क और अन्य अवैध कारोबारों पर कंट्रोल हासिल करने के लिए जानलेवा गैंगवार जारी है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में इस साल जनवरी से मई के बीच 1,435 हत्याओं के मामले दर्ज किए गए है। यह किसी भी अन्य मेक्सिकन राज्य में हुई ऐसी वारदातों से दोगुनी से भी अधिक है।
स्टेट अटॉर्नी जनरल ऑफिस के अनुसार, इरापुआटो की यह घटना गुआनाजुआटो में अलग-अलग हिंसक घटनाओं में पांच लोगों की हत्या के ठीक एक दिन बाद हुई है। पिछले महीने भी कुछ इसी तरह की घटना हुई थी। उस समय सैन बार्टोलो डे बेरियोस शहर में एक कैथोलिक चर्च के कार्यक्रम में बंदूकधारियों ने हमला किया था। उस घटना में सात लोग मारे गए थे।
अधिकारियों ने अभी तक संदिग्धों का नाम नहीं बताया है। यह पुष्टि भी नहीं की गई है कि इरापुआटो में हाल ही में हुई हिंसा के पीछे कौन सा आपराधिक संगठन हो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे मुकदमे को खत्म करने की उठाई मांग
वाशिंगटन। ईरान-इजरायल के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार बयान दे रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमे को खत्म करने की मांग की है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, मुझे यह जानकर झटका लगा कि इजरायल, जिसने हाल ही में अपने इतिहास के सबसे महान क्षणों में से एक देखा और जिसका नेतृत्व बिबी नेतन्याहू मजबूती से कर रहे हैं, अपने युद्धकालीन महान प्रधानमंत्री के खिलाफ 'विच हंट' जारी रखे हुए है। बिबी और मैंने एक साथ नरक जैसी स्थिति का सामना किया है, वो भी इजरायल के पुराने दुश्मन ईरान से लड़ते हुए, और अविश्वसनीय पवित्र भूमि के लिए बीबी का प्यार इससे बेहतर, तेज या मजबूत नहीं हो सकता था।
उन्होंने कहा, कोई और होता तो हार, शर्मिंदगी और अराजकता का सामना करता। बिबी नेतन्याहू एक योद्धा थे। शायद इजरायल के इतिहास में कोई और योद्धा ऐसा नहीं था, और परिणाम कुछ ऐसा था जिसे कोई संभव नहीं मानता था: दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली परमाणु हथियारों में से एक का पूर्ण उन्मूलन, जो जल्द ही होने वाला था। हम इजरायल के अस्तित्व के लिए लड़ रहे थे, और इजरायल के इतिहास में बिबी नेतन्याहू से अधिक मेहनत और कुशलता से किसी ने नहीं लड़ा। इसके बावजूद मुझे पता चला कि बिबी को सोमवार को कोर्ट में बुलाया गया है।
ट्रंप ने कहा, इस लंबे समय से चल रहे (मई 2020 से यह "हॉरर शो" चल रहा है—अभूतपूर्व!) राजनीति से प्रेरित मामले के लिए, ताकि उन्हें नुकसान पहुंचाया जाए। इतना कुछ देने वाले व्यक्ति के लिए ऐसा शिकार मेरे लिए अकल्पनीय है। वे इससे कहीं बेहतर के हकदार हैं और इजरायल भी। बिबी नेतन्याहू का मुकदमा तुरंत रद्द होना चाहिए या एक महान नायक को माफी दी जानी चाहिए, जिसने देश के लिए इतना कुछ किया।
शायद मेरे जानने वालों में कोई और नहीं है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर मुझसे बेहतर तालमेल में काम कर सकता था, जितना बिबी नेतन्याहू ने किया। यह अमेरिका ही था, जिसने इजरायल को बचाया और अब यह अमेरिका ही होगा, जो बिबी नेतन्याहू को बचाएगा। इस न्याय के अन्याय को अनुमति नहीं दी जा सकती। बता दें, नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के तीन मामलों में (इजरायल में) मुकदमा चल रहा है। उन पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वतखोरी का आरोप है।
आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं, हम उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे: राजनाथ सिंह
किंगदाओ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन के किंगदाओ में शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। गुरुवार को राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमलों के बाद शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ देश सीमा पार आतंकवादियों को पनाह देते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में कहा, आतंकवाद के प्रति भारत का 'जीरो टॉलरेंस' आज जग जाहिर है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने का हमारा अधिकार भी शामिल है। हमने दिखाया कि आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं। हम उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, हमें अपने युवाओं में कट्टरपंथ के प्रसार को रोकने के लिए भी सक्रिय कदम उठाने चाहिए। एससीओ के 'आरएटीएस तंत्र' ने इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत की अध्यक्षता के दौरान जारी एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के संयुक्त वक्तव्य 'आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को बढ़ावा देने वाले कट्टरपंथ का मुकाबला' पर हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने कहा, कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
राजनाथ सिंह ने क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि शांति और समृद्धि आतंकवाद के साथ नहीं रह सकती।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, मेरा मानना है कि हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से संबंधित हैं। इन समस्याओं का मूल कारण कट्टरपंथ, उग्रवाद और आतंकवाद में वृद्धि है। उन्होंने कहा, शांति और समृद्धि उन परिस्थितियों में संभव नहीं, जहां आतंकवाद और सामूहिक विनाश के हथियार गैर-राज्य तत्वों और आतंकवादी संगठनों के हाथों में हों। इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है। हमें इन बुराइयों के खिलाफ अपनी सामूहिक सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी के 63वें जन्मदिवस पर राजस्थान में हुआ 750 से ज्यादा यूनिट रक्तदान
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प्लास्टिक फैक्टरी में लगी आग, 4 शव बरामद
नई दिल्ली । दिल्ली के रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास एक फैक्टरी में आग लग गई। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की करीब 16 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाना शुरू किया। घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं, तीन लोग आग में झुलस गए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास मंगलवार रात एक पॉलिथीन बनाने की एक तीन मंजिला फैक्टरी में आग लग गई। प्लास्टिक का सामान होने की वजह से कुछ ही देर में आग पूरी इमारत में फैल गई। फैक्टरी में मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही दमकल की 16 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। आग में झुलसकर चार लोगों की मौत हो गई है। उनके शव बरामद कर लिये गए हैं। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि मंगलवार रात करीब 7.25 बजे रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास एक फैक्टरी में आग लगने की जानकारी मिली। वहां पहुंचे दमकल अधिकारियों को पता चला कि तीन मंजिला फैक्टरी में पॉलिथीन बनाने का काम होता था। फैक्टरी में काफी मात्रा में प्लास्टिक का सामान होने की वजह से आग तेजी से फैली।
गुजरात-महाराष्ट्र में ईडी का छापा, साइबर अपराध से जुड़ा है मामला...
नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को गुजरात और महाराष्ट्र में जालसाजों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छापेमारी की। मामला कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध और 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विदेश में स्थानांतरित करने से जुड़ा हुआ है। गुजरात के सूरत-अहमदाबाद में और मुंबई में संघीय जांच एजेंसी के सूरत उप-क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत छापेमारी की गई।
क्या है मामला?
सूत्रों ने बताया कि धन शोधन का मामला गुजरात पुलिस की ओर से मकबूल डॉक्टर, काशिफ डॉक्टर, बासम डॉक्टर, महेश मफतलाल देसाई, माज अब्दुल रहीम नाडा और कुछ अन्य के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर से उपजा है।
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आम जनता को ठगने का आरोप
उन्होंने बताया कि आरोपियों पर फर्जी यूएसडीटी ट्रेडिंग (क्रिप्टो करेंसी), डिजिटल अरेस्ट, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के फर्जी नोटिस भेजकर निर्दोष व्यक्तियों को धमकाने जैसे विभिन्न साइबर धोखाधड़ी के जरिए आम जनता को ठगने का आरोप है।
100 करोड़ से अधिक की धनराशि विदेश भेजने का संदेह
इस साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से भोले-भाले व्यक्तियों से प्राप्त धन को फर्जी व्यक्तियों के केवाईसी का उपयोग करके या केवाईसी दस्तावेजों को जाली बनाकर खोले गए बैंक खातों में एकत्र किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अवैध धन को विभिन्न 'अंगड़िया' या हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में बदला गया। उन पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विदेश भेजने का संदेह है।