नवीन व्यवहार न्यायालय भवन के लिए 10 करोड रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति ग्राम सारधा मे बनेगा नया भवन,
वर्तमान में जनपद के पुराने भवन में न्यायालय हो रहा है संचालित
लोरमी/ छत्तीसगढ़ शासन विधि एवं विधायी कार्य विभाग मंत्रालय द्वारा लोरमी में नवीन व्यवहार न्यायालय भवन के लिए 10 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, स्थानीय विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विशेष प्रयास से स्वीकृत इस राशि से सर्वसुविधा युक्त नए भवन का निर्माण किया जाएगा, विभाग द्वारा नवीन व्यवहार न्यायालय भवन के लिए स्थल चयन भी कर लिया गया है, ग्राम सारधा में नर्सरी के सामने 5 एकड़ भूमि पर उक्त भवन का निर्माण किया जाएगा, शासन ने भवन निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है अब आने वाले महज कुछ महीने में ही निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और प्राथमिकता से इस भवन का निर्माण किया जाएगा, शासन के स्वीकृति आदेश के अनुसार उक्त राशि से चार कोर्ट रूम का निर्माण किया जाएगा, यह आने वाले 25 से 30 वर्ष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कार्य योजना बनाई गई है, गौरतलब है की लोरमी में 12 जनवरी 2009 से व्यवहार न्यायालय का संचालन शुरू हुआ है, वर्तमान में जनपद पंचायत के पुराने कार्यालय भवन में व्यवहार न्यायालय संचालित हो रहा है, व्यवहार न्यायालय के लिए इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति न्याय की दिशा में बहुत ही उल्लेखनीय कदम है, लोरमी में 1984 में तहसील कार्यालय की स्थापना हुई और 1986 में अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय बना, दोनों कार्यालय खुलने के बाद भवन भी बना है उसके बाद न्याय की दिशा में पिछले 40 साल से कोई भवन का निर्माण नहीं किया गया है, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने सभी अधिवक्ताओं, मुअक्कीलो और क्षेत्रवासियों की ओर से उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की सबकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवीन न्यायालय भवन की स्वीकृति दी गई है इस निर्माण के बाद हो सकता है लोरमी के लोगों को मुंगेली तक न जाना पड़े भविष्य में यह निश्चित है यदि सरकार लोरमी में चार कोर्ट रूम बना रही है तो आने वाले समय में यहां पर क्लास वन और अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय की स्थापना निश्चित होगी, उसके पहले से ही न्याय विभाग व्यवस्था कर रही है यह न्याय की दिशा मे बहुत बड़ा कदम है, इसके लिए हम उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं उनके सार्थक प्रयास से इतनी जल्दी स्वीकृति मिली है। वरिष्ठ अधिवक्ता रवि शर्मा ने उक्त स्वीकृति के लिए डिप्टी सीएम श्री साव और विधि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
2018 में खुला अतिरिक्त कलेक्टर का लिंक कोर्ट, लेकिन कोई लाभ नहीं
छत्तीसगढ़ शासन ने लोगो की मांग पर वर्ष 2018 में न्याय की दिशा में पहल जरूर की थी लेकिन उसका कोई लाभ आज तक क्षेत्रवासियों को मिलता नहीं दिख रहा है, 8 साल पहले शासन ने लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लोरमी में अतिरिक्त कलेक्टर का लिंक कोर्ट खोला, लेकिन खुलने के बाद आज तक इसका नियमित रूप से संचालन नहीं हुआ है, अतिरिक्त कलेक्टर यहां आते ही नहीं है, लोगों को काम होने पर मुंगेली जाना पड़ता है, लिंक कोर्ट खुलने के बाद यदि किसी भी तरह उसके लिए अलग से भवन निर्माण हो जाता तो यह निश्चित था कि कार्यालय का संचालन होता लेकिन इस दिशा में किसी ने ध्यान नहीं दिया, इसे प्रशासनिक उदासीनता ही समझा जाए की शासन के पहल के बाद भी लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है।