प वन मंडल पंडरिया में बैगीन महिला वन कर्मचारी के साथ शोषण
कबीरधाम |
2025-07-18 17:53:25
उप वन मंडल पंडरिया में बैगीन महिला वन कर्मचारी के साथ शोषण
प्रभार पाने 4 साल से भटक रही बैंगिन महिला वन कर्मी
वेतन नही मिलने से बच्चों का एडमिशन नहीं हुआ
बच्चे खेत में काम करने मजबूर
कवर्धा :- कहने के लिए बैगा जनजाति राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाते हैं किंतु जिले के वन मंडल कवर्धा अंतर्गत पूर्व वन परिक्षेत्र पंडरिया में कार्यरत बैगिन वन कर्मचारी विभागीय अधिकारी कर्मचारियों सहित लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से परेशान एवम शोषण के शिकार हैं उन्हें एक बैगिन होने का सजा दिया जा रहा है। विगत दो से तीन महीने का वेतन नही मिलने से वह अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला नही करा सकी है। इस महिला वन कर्मी को डिप्टी रेंजर,रेंजर, एस.डी.ओ. डी.एफ.ओ.बाबू सभी परेशान कर रहे हैं। आपको बता दें ये बैगिन महिला कर्मी खुद ही दो स्टार रेंज कर्मी (उप वन क्षेत्रपाल) हैं उन्हें अपने कर्तव्य का पालन नही करने के आरोप लगा कर चार साल से कोई भी प्रभार से सर्किल प्रभार नही दिया जा रहा है। वन स्टार रेंज कर्मी के अंदर काम करने को मजबूर है। हमारे संवाददाता के साथ अपनी दर्द साझा करते हुए बताई कि मैं एक बैगिन महिला कर्मी हूं इसलिए सभी मुझे प्रताणित कर रहे हैं। मैं शोषण के शिकार हूं । बैगा जनजाति एक संरक्षित प्रजाति वर्ग कहने को आता है। मैं एक कर्मचारी होकर भी सुरक्षित नहीं हूं ।यह बात केवल कहने और बोलने के लिए है । मुझे चार साल से कोई सर्किल रेंज के अंदर दी गई है।अपने अधीनस्थ कर्मी के नीचे काम करने को कहा जाता है।
इस बात को लिखित में अपने अधिकारियों को दी हूं ।फिर भी कोई सुनवाई नही हुई है। मुझे बैगिन जाति होने का सजा दिया जा रहा है। तीन महीने से झूठा आरोप लगाकर वेतन नही दिया गया है। मेरे चार बच्चे हैं पढ़ाई के लिए एडमिशन नहीं करा सकी हूं। बैंक में मेरे नाम का लोन है किस्त अदा नही करने के कारण बैंक कर्मी लोन संबंधित शिकायत करने घर पहुंचे थे। मेरे बच्चों के ऊपर भी मानसिक दबाव है। सभी कहानी सुनकर घबराए हुए हैं। घर जा कर हमने सच्चाई जाना चाहा तो तीन बच्चे रहमानकांपा निवास पर अपने खेत में धान का रोपा लगाते मिले हैं। उनसे पूछा गया तो बताएं कि एक पी.जी. कालेज कवर्धा में पढ़ाई करती है मम्मी की वेतन नही मिलने के कारण एडमिशन नही होने के कारण खेत में काम कर रहे हैं।
दूसरा ने बताया मै सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय कुकदूर में पढ़ाई करती हूं एडमिशन नही हुआ है इसलिए खेत में काम कर रही हूं, तीसरा लड़का भी 8 वी क्लास में पंडरिया स्कूल में पढ़ाई करता है खेत में काम करते मिला है। जिस प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने का दंभ भरा जा रहा है उसके बाद भी आदिवासी विशेष पिछड़ी जनजाति बैगिन महिला वन कर्मी प्रताड़ित है ।जो बड़ी चिंता जनक बात होने के साथ ही एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। वैसे भी इन जातियों को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के नाम से जानते हैं और सभी उसे प्रताडित कर शोषण कर रहे हैं मानवी संवेदना वन विभाग के कर्मचारियों में नहीं है जो बैगिन महिला कर्मी को सता रहे हैं। ये कैसी विडंबना है कि एक महिला कर्मी को अपने अधिकार नहीं मिल रहा है उल्टे उनके बच्चों को भी सजा मिल रही है। इस गंभीर विषय पर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्यवाही किया जाना न्यायोचित होगा।