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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन पहुंचे, शी जिनपिंग से की मुलाकात

 बीजिंग । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन दौरे पर हैं। उन्होंने चीन की राजधानी बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक की। इस साल पुतिन की ये पहली विदेश यात्रा है। पुतिन का ये दौरा काफी छोटा लेकिन अहम होगा। वे एक चीनी इंजीनियर से मुलाकात करेंगे, जिससे वे बचपन में मिले थे। इसके बाद वे चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मिलेंगे। अंत में वे जिनपिंग के साथ चाय पर चर्चा करेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार चर्चा का केंद्र होगा। रूस पर सालों से लगे पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच, दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और गहरे हुए हैं, जिसका अहम पहलू रूस के तेल और गैस हैं। 'पावर ऑफ साइबेरिया 2' पाइपलाइन को लेकर बात होगी, जो चीन को सालाना 50 अरब क्यूबिक मीटर रूसी गैस पहुंचाएगी।

रूस यूक्रेन में अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के लिए चीन की दोहरे इस्तेमाल वाली चीजों और ड्रोन पुर्जों पर निर्भर है। शी और पुतिन के बीच 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में बैठक अपने तय समय से 20 मिनट पहले ही शुरू हो गई। इसे 'सीमित दायरे वाली बैठक' बताया गया है। दोनों के बीच करीब 15 मिनट तक बैठक हुई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा कि रूस-चीन संबंध इस समय एक अभूतपूर्व स्तर पर हैं। इसके बाद दोनों नेता अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक बड़ी बैठक में शामिल हुए।

चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, शी ने पुतिन से कहा कि दोनों देशों को विकास और पुनरुद्धार में एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति जटिल और अस्थिर है, जिसमें एकतरफा वर्चस्व बेरोकटोक हावी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और महत्वपूर्ण विश्व शक्तियों के तौर पर, चीन और रूस को दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और अधिक न्यायसंगत और निष्पक्ष वैश्विक शासन प्रणाली बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए। पुतिन ने पहले की तरह ही शी को 'प्रिय मित्र' कहकर संबोधित किया।

पुतिन ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग के बीच संबंध 'बेमिसाल ऊंचाई' पर पहुंच गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 25 सालों में रूस और चीन के बीच व्यापार 30 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। पुतिन ने शी को अगले साल रूस आने का न्योता भी दिया है।

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