देश-विदेश
नेपाल में भूकंप से तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 136 हुई....
काठमांडू । नेपाल में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 136 हो गई है, बचाव अभियान जारी है। सरकारी अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता कुबेर कदायत ने बताया, शुक्रवार की रात आए भूकंप में140 अन्य घायल भी हुए। उन्होंने कहा कि बचाव दल के लिए कुछ स्थानों तक पहुंचना मुश्किल है, क्योंकि पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं और भूकंप के कारण हुए भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के लोक बिजय अधिकारी के अनुसार, भूकंप की गहराई 10 से 15 किमी के बीच है, और शनिवार सुबह तक 4.0 तीव्रता से ऊपर के चार अतिरिक्त झटके दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, झटके जारी हैं। नेपाल सरकार भूकंप के बाद बचाव और घायलों के इलाज पर ध्यान दे रही है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने बताया, घायलों का बचाव और उपचार पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल शनिवार सुबह स्वास्थ्य कर्मियों के साथ प्रभावित क्षेत्र में गए और बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों को लगाया जा रहा है। भट्टाराई ने कहा, हमने अभी तक क्षतिग्रस्त घरों और अन्य बुनियादी ढांचे के बारे में विवरण नहीं लिया है, क्योंकि हमारा ध्यान बचाव पर है। अभी तक अन्य जिलों से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
अक्टूबर में, मध्य नेपाल के धाडिंग जिले में 4.0 तीव्रता से अधिक के तीन भूकंप आए, इनमें से एक की तीव्रता 6.1 थी। 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप में लगभग 9,000 लोग मारे गए और हिमालयी देश में पांच लाख से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए।
नासा की चेतावनी से मची खलबली, धरती पर गिर सकता है 4 लाख किलो वाला स्पेस स्टेशन?
अमेरिका । अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन धरती पर गिर सकता है। इसे धरती पर गिराने में जरा सी भी लापरवाही बरती गई तो धरती पर तबाही मच सकती है। नासा के एयरो स्पेस सेफ्टी एडवाइजरी पैनल ने इस स्पेस स्टेशन को धरती पर वापस लाने की बात कही है। दरअसल, रूस, कनाडा और जापान समेत दुनिया के 20 देशों ने मिलकर 1958 में अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन को भेजा था। इसे 15 सालों के लिए भेजा गया था। ये अब तक काम कर रहा है। अब इसे धरती पर वापस लाने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन दरअसल एक कृत्रिम संरचना है जो धरती की निचली कक्षा में इसकी मदद से वहां भेजे जाने वाले एस्ट्रोनॉट कई प्रयोग करते हैं और नई-नई जानकारियां सामने लाते हैं। अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर है। 109 मीटर लंबे स्पेस स्टेशन का वजन 4 लाख 50 हजार किलो है। ये एक फुटबॉल के मैदान के बराबर है। 15 करोड़ डॉलर की लागत से तैयार हुए स्पेस स्टेशन को अंतरिक्ष की दुनिया की सबसे महंगी चीजों में गिना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मेंटनेंस के बाद ये स्पेस स्टेशन अभी भी अंतरिक्ष में काम कर रहा है तो इसे नासा धरती पर लाने की कोशिश में क्यों जुचटा हुआ है। दरअसल, नासा चाहता है कि इसे कुछ सालों तक और अंतरिक्ष में रखा जाए। लेकिन ऐसा करने में मेंटनेंस की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही खतरे भी बढ़ सकते हैं। इसमें हजारों करोड़ रुपए का खर्च आएगा। अमेरिका ने हाल ही में अपने स्पेस बजट में कटौती की है। इसलिए अब इसे धरती पर उतारने की तैयारी की जा रही है।
नासा का कहना है कि अब इसको धारती पर लाने की तैयारी की जा रहीं है। कहा कि इसकी लैंडिग आसान है लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान यदि कोई भी लापरवाही हुई तो पृथ्वी पर बड़ा नुकसान भी हो सकता है। साइंटिस्ट्स के लिए प्वाइंट नेमो पर स्पेस स्टेशन की लैंडिंग बड़ी चुनौती होगी, ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
कांग्रेस को पुरी (ओडिशा) में झटका, प्रत्याशी का चुनाव लड़ने से इनकार
ओडिशा,। लोकसभा चुनाव-2024 के लिए अभी तक दो ही चरणों का मतदान हुआ है, लेकिन विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस को लगातार झटका लग रहा है. सूरत और इंदौर के बाद अब ओडिशा की हॉट सीट मानी जा रही पुरी से भी कांग्रेस के उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. कांग्रेस ने पुरी लोकसभा सीट से सुचारिता मोहंती को टिकट दिया था. सुचारिता ने टिकट लौटाते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है. यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. बता दें कि इस सीट से भाजपा के दिग्गज नेता संबित पात्रा भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं. सुचारिता द्वारा नाम वापस लेने से संबित पात्रा की राह आसान हो सकती है.।
सूरत और इंदौर के बाद ओडिशा की हॉट सीट पुरी में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पैसों की कमी का हवाला देते हुए ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुचारिता मोहंती ने मतदान से पहले ही मैदान छोड़ दिया है. उन्होंने कांग्रेस को टिकट लौटा दिया है. इससे पहले गुजरात की सूरत और मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नाम वापस लेते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. सूरत में तो भाजपा प्रत्याशी को विजयी भी घोषित कर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर में घूमने की 10 सबसे खूबसूरत और सुंदर जगहें: Jammu and Kashmir Tourism
जम्मू-कश्मीर में 10 सबसे खूबसूरत और सुंदर जगहें ज़रूर घूमें
हिमालय पर्वत श्रृंखला में होने के कारण इसमें आपको बर्फ से ढकी ख़ूबसूरत चोटियाँ, घास के बड़े बड़े मैदान और सुंदर घाटियाँ देखने को मिलती हैं।
Jammu and Kashmir Tourism: देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की जब भी बात होती है जम्मू और कश्मीर का नाम आता ही आता है। यह एक ऐसा राज्य है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और विविधतापूर्ण संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। हिमालय पर्वत श्रृंखला में होने के कारण इसमें आपको बर्फ से ढकी ख़ूबसूरत चोटियाँ, घास के बड़े बड़े मैदान और सुंदर घाटियाँ देखने को मिलती हैं। साथ ही साथ इस जगह पर कई सारे प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं।इस जगह की ख़ूबसूरती की वजह से ही हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं।
जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। राजतरंगिणी तथा नीलम पुराण नामक दो ग्रंथों में इस बात का जिक्र किया गया है कि कश्मीर घाटी कभी बहुत बड़ी झील हुआ करती थी। इस कथा के मुताबिक कश्यप ऋषि ने इस जगह से पानी को निकालकर इसे मनोरम प्राकृतिक स्थल में बदल दिया। किंतु भूगोल के जानकारों का कहना है कि यह धरती के अंदर हुए परिवर्तनों के कारण खदियानयार, बारामुला में पहाड़ धंस गए थे और उनके धंसने से झील का पानी बहकर निकल गया। इस तरह ‘पृथ्वी का स्वर्ग’ कहलाने वाली कश्मीर की घाटी अस्तित्व में आई। इस जगह का पर्यटन भी काफी अच्छा और लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करने वाला है। जम्मू-कश्मीर में घूमने और जगहों को देखने के आलवा आप यहाँ ट्रेकिंग, कैम्पिंग, राफ्टिंग, हाइकिंग और माउंटेन बाइकिंग जैसे साहसिक खेलों का भी अनुभव कर सकते हैं।
हमारे देश में जम्मू-कश्मीर की संस्कृति को सबसे अलहदा माना जाता है। जिसमें यहाँ का खानपान, रहन सहन और जीवन शामिल है। संगीत की बात करें तो यहाँ इसे सूफियाना कलाम कहा जाता है। कहा जाता है कि भारत में इस्लाम के आगमन के बाद कश्मीरी संगीत प्रभावित हुआ। कश्मीर में इस्तेमाल होने वाले वाद्ययंत्र का आविष्कार ईरान में हुआ था। जिसमें नागरा, डुकरा और सितार शामिल है। इस जगह पर आपको सूफियाना संगीत, चकरी और रूफ़ जैसे कश्मीरी संगीत के कई रूप देखने को मिलेंगे। इस जगह का सबसे लोकप्रिय संगीत रबाब और नृत्य रूफ है। इस जगह पर तरह तरह के मेले और त्यौहार मनाये जाते हैं।
1. श्रीनगर (Srinagar)
2. गुलमर्ग (Gulmarg)
3. सोनमर्ग (Sonamarg)
4. बेताब घाटी (Betaab Valley)
5. पहलगाम (Pahalgam)
6. डल झील (Dal Lake)
7. अमरनाथ (Amarnath)
8. दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam)
9. पुलवामा (Pulwama)
10. वैष्णो माता मंदिर (Vaishno Mata Temple)
अंगुली पर वोट डालने का निशान दिखाने पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउण्ट
ग्वालियर,। लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी बढ़ाने में सहयोग के लिए शहर के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान भी आगे आ रहे हैं। इस कड़ी में शहर के प्रतिष्ठित “गहना ज्वैलर्स” ने मतदाताओं को गहनों की खरीदी में आकर्षक छूट देने की घोषणा की है। जो मतदाता अपनी अंगुली पर लगे वोट डालने के निशान को दिखायेंगे उन्हें गहना ज्वैलर्स द्वारा 7 से 9 मई तक सोने की ज्वैलरी निर्माण के खर्च में 10 प्रतिशत डिस्काउण्ट दिया जायेगा। साथ ही डायमण्ड ज्वैलरी की खरीदी में भी गहना ज्वैलर्स इतनी ही छूट देगा।
इसी तरह शहर के विभिन्न मिष्ठान भण्डारों ने मतदान करके आए लोगों को डिस्काउण्ट देने का निर्णय लिया है। माधौगंज स्थित श्रीराम दावेली सेंटर पर मतदान करने के बाद जो लोग दाबेली खरीदने आयेंगे उन्हें 15 प्रतिशत डिस्काउण्ट मिलेगा। इसी तरह बहादुरा स्वीट्स, उदयपुर वाला स्वीट्स, बंशीवाला मिष्ठान, भोलाराम मिष्ठान, श्रीराम मिष्ठान भण्डार, चौरसिया पोहा सेंटर, एसएस कचौड़ी वाला, अग्रवाल मिष्ठान भण्डार, बालाजी मिष्ठान भण्डार व बंगाली भाई की दुकान पर वोट डालकर आए मतदाताओं को 10 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके अलावा सागर जनरल स्टोर, ओबेरॉय जनरल स्टोर, ओम टेरीन सेंटर, भगत जी की साड़ी, संजय जनरल स्टोर व किशोर जनरल स्टोर ने भी अंगुली पर वोट डालने का निशान दिखाने वालों को 10 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है।
अंगुली पर वोट डालने का निशान दिखाने पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउण्ट
ग्वालियर,। लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी बढ़ाने में सहयोग के लिए शहर के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान भी आगे आ रहे हैं। इस कड़ी में शहर के प्रतिष्ठित “गहना ज्वैलर्स” ने मतदाताओं को गहनों की खरीदी में आकर्षक छूट देने की घोषणा की है। जो मतदाता अपनी अंगुली पर लगे वोट डालने के निशान को दिखायेंगे उन्हें गहना ज्वैलर्स द्वारा 7 से 9 मई तक सोने की ज्वैलरी निर्माण के खर्च में 10 प्रतिशत डिस्काउण्ट दिया जायेगा। साथ ही डायमण्ड ज्वैलरी की खरीदी में भी गहना ज्वैलर्स इतनी ही छूट देगा।
इसी तरह शहर के विभिन्न मिष्ठान भण्डारों ने मतदान करके आए लोगों को डिस्काउण्ट देने का निर्णय लिया है। माधौगंज स्थित श्रीराम दावेली सेंटर पर मतदान करने के बाद जो लोग दाबेली खरीदने आयेंगे उन्हें 15 प्रतिशत डिस्काउण्ट मिलेगा। इसी तरह बहादुरा स्वीट्स, उदयपुर वाला स्वीट्स, बंशीवाला मिष्ठान, भोलाराम मिष्ठान, श्रीराम मिष्ठान भण्डार, चौरसिया पोहा सेंटर, एसएस कचौड़ी वाला, अग्रवाल मिष्ठान भण्डार, बालाजी मिष्ठान भण्डार व बंगाली भाई की दुकान पर वोट डालकर आए मतदाताओं को 10 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके अलावा सागर जनरल स्टोर, ओबेरॉय जनरल स्टोर, ओम टेरीन सेंटर, भगत जी की साड़ी, संजय जनरल स्टोर व किशोर जनरल स्टोर ने भी अंगुली पर वोट डालने का निशान दिखाने वालों को 10 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है।
नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय की सख्त मॉनिटरिंग जरूरी
जयपुर,। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने कहा कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिये कि नशीले पदार्थों और नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय की सख्त मॉनिटरिंग के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के समीप स्थित पान और चाय की दुकानों का औचक निरीक्षण भी नियमित रूप से किया जाए।
शासन सचिवालय में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), राजस्थान की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को ड्रग्स के परिवहन मार्ग और H श्रेणी में आने वाली दवाइयों की अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा इनके स्टॉक एवं खपत की प्रभावी ट्रैकिंग के लिए उचित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी सम्बंधित विभागों को परस्पर समन्वय से कार्य कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में समय- समय पर नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा दिलवाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में डोडा-पोस्त चूरी नष्टीकरण का संयुक्त अभियान चलाने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही प्रदेश में बार की तरह ही कैफे, होटल्स एवं रेस्टोरेंट आदि के परिसर में भी ड्रग्स के विरुद्ध चेतावनी लगाने के लिए कहा। बैठक में अधिकारियों द्वारा प्रदेश में अफीम और गांजे की खेती पर नियंत्रण के लिए प्रभावी मुखबिर तंत्र स्थापित करने के सम्बन्ध में भी विचार विमर्श किया गया।
श्री कुमार ने अधिकारियों से पूर्व में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना के सम्बन्ध में भी जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री घनेन्द्रभान चतुर्वेदी ने बताया कि नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर तंत्र (NCORD) की बैठक में दिए गए निर्देश की पालना में जयपुर में जल्द ही आदर्श नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही राज्य के युवाओं में नशा मुक्ति की राह को प्रशस्त करने के लिए BUDDY कार्यक्रम को और भी सशक्त तरीके से लागू किया जाएगा।
नहीं रहे Shane Warne, 52 साल की उम्र में थाईलैंड के विला में हुआ निधन
दुनिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न अब दुनिया में नहीं रहे. गुरुवार शाम यह दुखद खबर सामने आई. जानकारी के मुताबिक शेन, थाईलैंड में अपने विला में मौजूद थे, जहां उनका निधन हो गया.
शेन वॉर्न के मैनेजमेंट द्वारा जारी इस बयान में कहा गया कि उनकी मृत्यु थाईलैंड के कोह सामुई में हुई. बयान में कहा गया, 'शेन अपने विला में अचेत अवस्था में पाए गए और चिकित्सा कर्मचारियों के बेस्ट प्रयासों के बावजूद, उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका.'
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न के मैनेजमेंट ने अपने जारी किए बयान में कहा, 'परिवार इस समय गोपनीयता का अनुरोध करता है और उचित समय में और विवरण प्रदान करेगा.' गुरुवार को ही शेन वॉर्न ने अपने थाईलैंड में स्थित विला की एक तस्वीर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थी.
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती ने हार स्वीकार की
श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव में अपनी-अपनी हार स्वीकार कर ली। एक बड़े उलटफेर में इंजीनियर राशिद ने दो लाख से ज़्यादा वोटों की बढ़त हासिल कर ली है। उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा: मुझे लगता है कि यह अपरिहार्य को स्वीकार करने का समय है। उत्तरी कश्मीर में जीत के लिए इंजीनियर राशिद को बधाई। मुझे नहीं लगता कि उनकी जीत से उन्हें जेल से जल्दी रिहाई मिलेगी और न ही उत्तरी कश्मीर के लोगों को वह प्रतिनिधित्व मिलेगा जिसका उन्हें अधिकार है, लेकिन मतदाताओं ने अपनी बात कह दी है और लोकतंत्र में यही सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
महबूबा मुफ़्ती ने अपने एक्स-पोस्ट में लिखा, लोगों के फ़ैसले का सम्मान करते हुए मैं अपने पीडीपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को तमाम मुश्किलों के बावजूद उनकी कड़ी मेहनत और समर्थन के लिए धन्यवाद देती हूं। मुझे वोट देने वाले लोगों के प्रति मेरी हार्दिक कृतज्ञता। हारना-जीतना खेल का हिस्सा है और यह हमें हमारे रास्ते से नहीं हटा सकता।
श्रीनगर लोकसभा सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सैयद रूहुल्लाह मेहदी अपने पीडीपी प्रतिद्वंद्वी वहीद पारा से बड़े अंतर से आगे चल रहे हैं। मेहदी 1,58,610 वोटों से आगे चल रहे हैं। जम्मू लोकसभा सीट पर भाजपा के जुगल किशोर शर्मा कांग्रेस के रमन भल्ला से आगे चल रहे हैं। उधमपुर लोकसभा सीट पर भाजपा के डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह पर अजेय बढ़त बना ली है।
चंद्रबाबू नायडू 9 जून को ले सकते हैं सीएम पद की शपथ
अमरावती। तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू 9 जून को आंध्र प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को जारी मतगणना के रुझानों में 175 विधानसभा सीटों में से 157 पर टीडीपी के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है जबकि राजमुंदरी ग्रामीण सीट वह जीत चुकी है।
पार्टी प्रमुख नायडू एक बार फिर आंध्र प्रदेश में सत्ता की बागडोर संभालने के लिए तैयार हैं। 74 वर्षीय नायडू चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वह 1995 से 2004 तक संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे। वह 2014 में विभाजन के बाद शेष आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी बने, लेकिन 2019 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के हाथों टीडीपी को अपमानजनक हार झेलनी पड़ी।
पांच साल बाद सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर पार्टी ने वापसी की है। अभिनेता-राजनेता पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (जेएसपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ उनके गठबंधन ने राज्य की राजनीति में पासा पलट दिया।
टीडीपी ने 131 क्षेत्रों में स्पष्ट बढ़त के साथ अपने दम पर भारी बहुमत हासिल किया है। नायडू खुद कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र से आगे चल रहे हैं जिसका वह 1989 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नायडू के बेटे और टीडीपी महासचिव नारा लोकेश भी मंगलगिरी निर्वाचन क्षेत्र से आगे चल रहे हैं। पिछले चुनावों में लोकेश को इसी क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा था। नायडू के नेतृत्व वाली पार्टी 25 लोकसभा क्षेत्रों में से भी 16 पर आगे चल रही है। त्रिपक्षीय गठबंधन 21 सीटों पर आगे है। टीडीपी 2019 में सिर्फ 23 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटें जीती थीं।
रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह ने मानी हार
रायबरेली । कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली रायबरेली सीट पर चल रही मतगणना के बीच भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह ने हथियार डाल दिए हैं। रुझानों के बाद उन्होंने अपनी हार मान ली है। योगी सरकार में मंत्री और भाजपा के उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर लिखा, कर्तव्य पथ जो मिला, मैने रायबरेली की देवतुल्य जनता की विनम्रता के साथ खूब परिश्रम कर सेवा की, फिर भी मुझसे अपनी सेवाओं के दौरान मन वचन कर्म से कोई त्रुटि रह गई हो या किसी को पीड़ा पहुंची हो तो हम रायबरेली वासियों से क्षमा प्रार्थी हैं।
अपने उन तमाम शुभ चिंतकों, पार्टी जनों का हृदय से धन्यवाद देता हूं जिन्होंने अथक परिश्रम किया। चुनाव खूब अच्छा लड़ा, लेकिन निर्णय हमारे आपके हाथ में नहीं था। जनता भगवान का स्वरूप होती है। उसका जो भी आदेश होगा, सदैव सिर माथे पर रहेगा। रायबरेली वासियों, फिर भी भरोसा रखो, यह रायबरेली का आपके परिवार का भाई सदैव तुम्हारे हर सुख दुख में साथ ही रहेगा।
रायबरेली सीट पर वोटों की काउंटिंग जारी है। यहां राहुल गांधी ने करीब डेढ़ लाख वोटों से बढ़त बना ली है। इस बीच भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप ने अपनी हार मान ली। 2019 लोकसभा चुनाव में यहां से सोनिया गांधी जीती थी। इस बार उन्होंने अपनी जगह राहुल गांधी को मैदान में उतारा था। यहां सोनिया गांधी लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुकी हैं। गांधी परिवार के कई सदस्य यहां से राजनीति का दांव-पेंच आजमा चुके हैं।
Lok Sabha Election Result 2024 Live: BJP रटती रही 400 पार पर अटक गई रफ्तार, क्या अब भी बनेगी मोदी सरकार
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है. हालांकि, भाजपा बहुमत से काफी दूर दिख रही है. नतीजों में अभी इंडिया गठबंधन कड़ी टक्कर दे रहा है. अभी तक के नतीजों से लग रहा है कि भाजपा की अगुवाई में एनडीए जीत की हैट्रिक लगाएगा और पीएम मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे. मगर खिचड़ी सरकार के भी संकेत दिख रहे हैं. जब तक सभी नतीजे नहीं आ जाते, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है. कई सीटों पर वोटों की गिनती जारी है और कई सीटों पर हार-जीत के नतीजे आ गए हैं. आज सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती जारी है. आज शाम तक देश की 542 लोकसभा सीटों के नतीजे स्पष्ट हो जाएंगे
जम्मू-कश्मीर के बारामूला लोकसभा सीट से उमर अब्दुल्ला की हार हुई है. वहीं, राजस्थान के नागौर से हनुमान बेनीवाल ने भी जीत हासिल की है. उन्होंने बीजेपी की ज्योति मिर्धा को चुनाव हराया है. इसके अलावा, भाजपा कैंडिडेट मंजू शर्मा भी जयपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत गई हैं
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बीच सियासी हलचल भी तेज हो गई है. एक ओर जहां पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू से बात की है. वहीं अब राहुल गांधी शाम 5 बजे मीडिया से मुखातिब हो सकते हैं. उससे पहले एनसीपी (शरद गुट) के प्रमुख शरद पवार दोपहर 3 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे.
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है. लोकसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है, मगर भाजपा अपने अकेले दम पर बहुमत से दूर है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत की है. सूत्रों ने यह दावा किया है. माना जा रहा है कि संभावित नतीजों को लेकर ही दोनों के बीच बातचीत हुई है. यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब कांग्रेस ने कहा था कि वह टीडीपी और जदयू से संपर्क साधेगी और बात करेगी.
शहबाज चीन की पहली आधिकारिक यात्रा पर रवाना
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज मंगलवार को अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा पर रवाना हो गये। श्री शहबाज चीन में अपने पांच दिवसीय प्रवास के दौरान द्विपक्षीय संबंधों, आपसी हित के मुद्दों और सहयोग बढ़ाने की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रधानमंत्री ली कियांग और देश के शीर्ष नेता झाओ लेजी से मुलाकात करेंगे।
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को मिला अंतर्राज्यीय व्यापार का लाइसेंस
भोपाल।विद्युत नियामक आयोग ने मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को राज्य में विद्युत व्यापार के लिए श्रेणी-ई के अंतर्गत अंतर्राज्यीय व्यापार लाइसेंस देने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा ट्रेडिंग लाइसेंस के अनुदान के लिए पात्रता मानदंड, ट्रेडिंग लाइसेंसधारी के कर्त्तव्य, नियम व शर्तें विनियम 2004 में निर्दिष्ट सभी तकनीकी और वित्तीय मानदंडों को पूरा किया है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को ट्रेडिंग लाइसेंस मिलना मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को अंतर्राज्यीय व्यापार लाइसेंस मिलने से थर्मल पॉवर स्टेशन की ऊर्जा प्रभार दर (परिवर्तनीय लागत) को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी। इस कमी के कारण एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की बिजली खरीद लागत को कम करेगी।
जल संरक्षण अभियान को जन अभियान का स्वरूप दिया जाएगा : कलेक्टर
उमरिया । जल संरक्षण अभियान शासकीय अभियान नही है। इस अभियान को जन अभियान का स्व रूप दिया जाए। अभियान के संचालन में समाज के सभी वर्गाे जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवकों, समाज सेवी संस्थाओं , एन आर एल एम , जन अभियान परिषद, सामाजिक , धार्मिक संगठनों, मीडिया कर्मियों , एन सी सी, एन एस एस तथा स्काउट के विद्यार्थियों का भी सहयोग लिया जाय। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने समय सीमा की साप्तााहिक बैठक में जल संरक्षण अभियान के संचालन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन व्दारा अभियान को गति प्रदान करने हेतु जल संरचनाओ का वितरण कर विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपा गया है। संबंधित अधिकारी अपने विभागीय अमले का सहयोग लेकर समय सीमा में इन कार्याे को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। उन्होने कहा कि आयुक्त शहडोल संभाग बी एस जामोद तथा जिला प्रशासन व्दारा जनपद पंचायतवार एवं नगरीय निकायवार मानीटरिंग अधिकारी नियुक्त किए गए है । इन अधिकारियों का दायित्व होगा कि दैनिक रूप से किए जाने वाले कार्याे की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संबंधित नोडल अधिकारी को भेजे। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, नगरीय निकायों के लिए परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है । संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि कार्य प्रारंभ करने के पूर्व के फोटो एवं वीडियो , कार्य के मध्य के फोटो एवं वीडियो तथा कार्य समाप्त होने के पश्चात फोटो एवं वीडियो अनिवार्य रूप से तैयार कराएं। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर शिव गोविंद सिंह मरकाम, एसडीएम बांधवगढ रीता डेहरिया, एसडीएम मानपुर कमलेश नीरज, डिप्टी कलेक्टर मीनांक्षी इंगले, हरनीत कौर, अंबिकेश प्रताप सिंह सहित जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
नमामि गंगे अभियान के तहत जल संरचनाओं का किया जायेगा संरक्षण एवं संवर्धन
सभी विभाग तत्परता से इस अभियान में सहभागिता करें - कलेक्टर डॉ. सिंह
गुना । शासन के निर्देशानुसार जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 05 जून से 16 जून तक नमामि गंगे अभियान संपूर्ण जिले में चलाया जायेगा। कलेक्टर डॉ. सिंह द्वारा आज कलेक्ट्रेट सभागार में अभियान के संबंध में सभी जिला अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रथम कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने नमामि गंगे अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि नमामि गंगे अभियान के तहत जिले की समस्त पंचायतों में जल स्त्रोतों तथा नदी, तालाबों, कुआँ, बावड़ी तथा अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं पुर्नजीवन हेतु 5 जून से 16 जून तक विशेष अभियान के संचालन किया जायेगा। शासन द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में सभी विभाग उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को तत्परता से पूर्णं करें।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रथम कौशिक ने सभी विभागों को अभियान की रूपरेखा के संबंध में जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुराने कुंए, बावड़ी को चिन्हित करें। अनुविभागीय अधिकारी जल संरचनाओं के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कार्य योजना तैयार करें। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विकास के लिए स्थान चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही करें। ऐसी निजी सामाजिक संस्थाएं जो कि जल संरक्षण संवर्धन के लिए कार्य करती है, उन्हें सम्मानित किया जाये। शासकीय एवं निजी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रारंभ कराया जाये। अभियान अंतर्गत किये जाने वाले कार्य अभियान अंतर्गत नदी के घाटों एवं सार्वजनिक मंदिरों की साफ-सफाई तथा पुताई का कार्य जनसहभागिता से किया जायेगा। इसके अतिरिक्त दिनांक 06 जून को प्रत्येक स्थानीय निकाय में विशेष जल सम्मेलन बुलाना, दिनांक 08 जून को प्रात: 07 से 09 बजे तक स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय से वार्ड/ ग्रामवार कुंए/ बावड़ी/ जल संरचना की साफ-सफाई, दिनांक 09 जून को सामाजिक/धार्मिक महत्व की जल संरचना के समीप कलश यात्रा, जल संरक्षण विषय पर निबंध/ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, 10 से 16 जून तक जल संरचनाओं/ कुंए/ बावडि़यों की जनसहयोग से साफ-सफाई, 15 एवं 16 जून को गंगा दशमी के अवसर पर प्रमुख जल स्त्रोत नदी, तालाब, बावडि़यों के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिला/खण्ड/ नगरीय निकाय स्तर पर भ्रमण दल का गठन आदि कार्य किये जायेंगे।
बदल रहा है प्रदेश का सियासी नक्शा, भाजपा को सबसे बड़ा झटका देने की तैयारी में सपा
नोएडा। सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटों वाली यूपी में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए सियासी दल पूरी जोर आजमाइश करते हैं। 2014 में जब यूपी समेत पूरे देश में मोदी लहर थी, तब भाजपा ने यूपी में 71 सीटें जीती थीं। मतों में उसकी हिस्सेदारी 42.3 फीसदी रही।
2019 में भगवा खेमे का वोट शेयर बढ़कर 49.6 फीसदी तो हुआ, पर 9 सीटों का उसे नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन 2024 के प्रारंभिक आंकड़े चौंका रहे हैं। समाजवादी पार्टी और गठबंधन इस बार भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहा है और उत्तर प्रदेश की लगभग आधी सीटों पर शुरूआती रुझानों में बढ़त बनाए हुए है। इस बार इस बार एनडीए का मुकाबला कांग्रेस नीत गठबंधन इंडिया से रहा। इसमें सपा के साथ ही ऐसे दल भी शामिल हैं, जो सियासी तौर पर जातीय समीकरणों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने में कामयाब नजर आ रहे हैं।
इस बार के चुनाव में विपक्षी गठबंधन के सामने भाजपा को कई सीटों पर कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। जिस तरह से बसपा के कोर वोटर में बिखराव हुआ, गठबंधनों की असल ताकत का आकलन कर पाना सियासी पंडितों के लिए भी बड़ा पेचीदा हो गया है।
40 सांसदों को मिले थे 50 फीसदी वोट
भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में मिला वोट शेयर पार्टी के चुनावी सफर में अब तक का सबसे अधिक रहा है। इसी वजह से भाजपा के 62 सांसद चुनाव जीतने में सफल रहे और इनमें 40 सांसद ऐसे रहे, जिन्होंने 50 फीसदी तक वोट हासिल किए थे। जबकि 2014 के चुनाव में भाजपा ने भले ही 42.3 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर 71 सीटें जीती थीं, लेकिन तब 17 सांसद ही 50 प्रतिशत वोट शेयर हासिल कर पाए थे। हालांकि इन दोनों चुनावों के अलावा 1991, 1996 व 1998 में भाजपा यूपी की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार पार्टी को वोट प्रतिशत में भी अप्रत्याशित गिरावट देखने को मिल रही है।
यूपी इसलिए भी जरूरी
उत्तर प्रदेश से मिलीं ज्यादा से ज्यादा सीटें स्कोर कार्ड को बड़ा बनाती हैं और अगर यहां पर भाजपा को नुकसान होता है तो साफ है कि पार्टी जितनी बड़ी जीत का दावा कर रही थी वह हासिल नहीं कर पाएगी। भाजपा को शायद इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि प्रचंड लहर के बावजूद 2014 में यूपी की 71 और 2019 में 62 सीटों के बिना भाजपा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 272 को पार नहीं कर पाती।